30 Dec विकसित भारत के लिए मानव पूंजी (Human Capital for a Developed India)
विकसित भारत के लिए मानव पूंजी (Human Capital for a Developed India)
पाठ्यक्रम : जीएस – पेपर-2 शासन एवं पेपर-3 ( भारतीय अर्थव्यवस्था )
परिचय :
विकसित भारत (Viksit Bharat) का लक्ष्य वर्ष 2047 तक प्राप्त करने के लिए मानव पूंजी (Human Capital) एक महत्वपूर्ण कारक है। हाल ही में मुख्य सचिवों के सम्मेलन में ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ विषय पर केंद्रित चर्चा हुई, जो उत्पादकता, नवाचार एवं आर्थिक संवृद्धि में इसकी भूमिका को रेखांकित करती है। आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) के अनुसार, मानव पूंजी व्यक्तियों में निहित ज्ञान, कौशल एवं विशेषताओं का भंडार है, जो उन्हें उत्पादक बनाता है।
- भारत की युवा जनसंख्या (60% कार्यशील आयु वर्ग में) एक जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) प्रदान करती है, जो 2030 तक 68.9% तक बढ़ सकती है। जहां मानव पूंजी को विकास की कुंजी के रूप में देखा जाता है।
- प्रमुख चुनौतियों में खराब बुनियादी साक्षरता (कक्षा 5 में गणित में 46% दक्षता) और उच्च ड्रॉपआउट दर (माध्यमिक स्तर पर 10.9%) शामिल हैं, जिसके लिए मजबूत बुनियादी शिक्षा और कौशल एकीकरण की आवश्यकता है।
- मुख्य सचिवों के सम्मेलन में “विकसित भारत के लिए मानव पूंजी” विषय पर ध्यान केंद्रित किया गया।
आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के अनुसार, मानव पूंजी “लोगों में निहित ज्ञान, कौशल और अन्य व्यक्तिगत विशेषताओं का भंडार है, जो उन्हें उत्पादक बनने में मदद करती है।”
विकसित राष्ट्र बनने के लिए मानव पूंजी का महत्त्व :
जनसांख्यिकीय लाभांश का फायदा उठाना: वर्तमान में लगभग 60% जनसंख्या कार्यशील आयु वर्ग (15-59 वर्ष) में है। इसके 2030 तक बढ़कर 68.9% के उच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान है।
आर्थिक विकास के साथ सह-संबंध: ‘मानव पूंजी सिद्धांत’ के अनुसार शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य कार्यबल की दक्षता में सुधार करते हैं।
नवोन्मेषी अर्थव्यवस्था: यह अनुसंधान, उद्यमिता और प्रौद्योगिकी को अपनाने में सक्षम बनाती है। साथ ही, यह स्टार्ट-अप्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्टर (आधार, UPI आदि) तथा AI एवं हरित ऊर्जा जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में भारत की प्रगति का समर्थन करती है।
मानव पूंजी विकास के समक्ष प्रमुख चुनौतियां
निम्नस्तरीय बुनियादी साक्षरता और संख्या कौशल: उदाहरण के लिए- परख {समग्र विकास के लिए प्रदर्शन आकलन, समीक्षा और ज्ञान का विश्लेषण (Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development: PARAKH)} 2024 के अनुसार कक्षा 5 के छात्रों में गणित में केवल 46% दक्षता है।
स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ने (ड्रॉपआउट) की उच्च दर: माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर 10.9% है।
स्कूली शिक्षा के कम अनुमानित वर्ष (EYS): भारत में यह 13.3 वर्ष है, जबकि विकसित देशों का मानक 18 वर्ष है।
भारत में मानव पूंजी विकास की प्रमुख चुनौतियाँ
| चुनौती | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| बुनियादी साक्षरता व गणनात्मक कौशल की कमी | PARAKH-2024: कक्षा 5 के बच्चों में गणित में केवल 46% दक्षता |
| उच्च ड्रॉपआउट दर | माध्यमिक स्तर पर 10.9% छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं |
| स्कूली शिक्षा के कम अनुमानित वर्ष (EYS) | भारत – 13.3 वर्ष; विकसित देश – ~18 वर्ष |
| कौशल एवं रोजगार में असंतुलन | कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं का प्रतिशत कम |
| स्वास्थ्य एवं पोषण का अभाव | कुपोषण और एनीमिया अभी भी व्यापक |
| क्षेत्रीय व सामाजिक असमानताएँ | शहरी-ग्रामीण अंतर तथा लैंगिक अंतर स्पष्ट |
सरकारी योजना :
निपुण भारत: बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक क्षमता को मजबूत करना
NEP 2020: कौशल एकीकरण, बहु-विषयक शिक्षा, लचीला शिक्षण
NSQF: व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाना
अटल टिंकरिंग लैब्स: नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा
PM POSHAN: पोषण सुरक्षा और सीखने के परिणामों में सुधार
स्किल इंडिया और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: रोजगार योग्य कौशल पर फोकस
आगे की राह :
बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना: सीखने की मजबूत नींव के लिए ‘निपुण भारत’ (NIPUN Bharat), बालवाटिकाओं और प्रारंभिक बाल्यावस्था की शिक्षा का विस्तार करना चाहिए।
कौशल एकीकरण और रोजगार क्षमता: शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप बनाना चाहिए, राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा और ‘अटल टिंकरिंग लैब’ को बढ़ावा देना चाहिए आदि।
निपुण/ NIPUN से आशय है: “बेहतर समझ और संख्यात्मक ज्ञान के साथ पढ़ाई में प्रवीणता हेतु राष्ट्रीय पहल (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमेरेसी)।
स्वास्थ्य और पोषण सहायता: पीएम पोषण (PM POSHAN) योजना के साथ समन्वय को मजबूत करना चाहिए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त हो सकें।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q. निम्नलिखित में से कौन-सा/से मानव पूंजी के अंतर्गत शामिल है/हैं?
1.शिक्षा
2.स्वास्थ्य
3.प्राकृतिक संसाधन
4.कौशल एवं प्रशिक्षण
कूट चुनिए:
A. केवल 1 और 2
B. केवल 1, 2 और 4
C. 2 और 3
D. 1, 2, 3 और 4
उत्तर: B
मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q. “विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में मानव पूंजी के सुदृढ़ीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। साथ ही, भारत में मानव पूंजी विकास की मौजूदा चुनौतियों और समाधान पर चर्चा कीजिए।” (250 शब्द)
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