08 Jan भारतीय कृषि में संतुलित उर्वरीकरण को बढ़ावा: रबी 2025–26 हेतु एनबीएस दरों का महत्व
भारतीय कृषि में संतुलित उर्वरीकरण को बढ़ावा: रबी 2025–26 हेतु एनबीएस दरों का महत्व
पाठ्यक्रम : सामान्य अध्ययन-III : भारतीय अर्थव्यवस्था और रोज़गार,
प्रस्तावना :
भारतीय कृषि की उत्पादकता और स्थायित्व को बनाए रखने में संतुलित उर्वरीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मृदा स्वास्थ्य में गिरावट, पोषक तत्वों की कमी और फसल उत्पादकता में कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत सरकार ने 1 अप्रैल 2010 से पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy – NBS) योजना लागू की। यह योजना फॉस्फेटिक एवं पोटाशिक (P&K) उर्वरकों पर सब्सिडी को उर्वरक के प्रकार के बजाय उसके पोषक तत्वों (नाइट्रोजन-N, फॉस्फोरस-P, पोटाश-K तथा सल्फर-S) की मात्रा के आधार पर निर्धारित करती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को वहनीय मूल्यों पर उर्वरक उपलब्ध कराना, संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा मृदा स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है।
हाल ही में सरकार ने रबी मौसम 2025-26 (1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक) के लिए एनबीएस दरों को मंजूरी दी है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों एवं कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर निर्धारित की गई हैं। यह निर्णय किसानों की इनपुट लागत को नियंत्रित रखते हुए कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

एनबीएस योजना की मुख्य विशेषताएँ :
सब्सिडी का आधार: सब्सिडी पोषक तत्वों की प्रति किलोग्राम मात्रा पर निर्धारित होती है, जिससे किसान अपनी मृदा एवं फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक चुन सकते हैं।
कवरेज: वर्तमान में 28 ग्रेड के P&K उर्वरक (डीएपी, एमओपी, एसएसपी, विभिन्न एनपीके ग्रेड आदि) सब्सिडीयुक्त दरों पर उपलब्ध हैं। खरीफ 2024 से तीन नए फोर्टिफाइड ग्रेड जोड़े गए हैं।
मॉनिटरिंग: इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (iFMS) के माध्यम से उत्पादन, आयात, वितरण एवं स्टॉक की रीयल-टाइम ट्रैकिंग।
लाभार्थी: सीधे किसानों को वहनीय मूल्य पर उर्वरक उपलब्धता, जबकि कंपनियों को सब्सिडी प्रदान की जाती है।
अतिरिक्त प्रावधान: बोरॉन (B) एवं जिंक (Zn) से फोर्टिफाइड उर्वरकों पर अतिरिक्त सब्सिडी (बोरॉन: ₹300/एमटी, जिंक: ₹500/एमटी)। रबी 2025-26 से अमोनियम सल्फेट (घरेलू एवं आयातित दोनों) को भी शामिल किया गया।
रबी 2025-26 के लिए एनबीएस दरें :
रबी 2025–26 के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों में वृद्धि से उर्वरकों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सरकार पर बजटीय भार बढ़ेगा, परंतु इससे किसानों को रियायती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे, उत्पादन लागत घटेगी, संतुलित उर्वरीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा तथा रबी फसलों की उत्पादकता और कृषि आय में स्थिरता सुनिश्चित होगी।
रबी 2025-26 के लिए अनुमानित बजटीय आवश्यकता: ₹37,952.29 करोड़ (खरीफ 2025 से ₹736 करोड़ अधिक)।
2022-23 से 2024-25 तक एनबीएस पर कुल आवंटन : ₹2.04 लाख करोड़ से अधिक।
घरेलू उत्पादन में वृद्धि : 2014 में 112.19 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2025 (30 दिसंबर तक) में 168.55 लाख मीट्रिक टन (50% से अधिक वृद्धि)।
कृषि उत्पादकता पर प्रभाव : खाद्यान्न उपज 2010-11 के 1,930 किग्रा/हेक्टेयर से बढ़कर 2024-25 में 2,578 किग्रा/हेक्टेयर।
लाभ एवं चुनौतियाँ
लाभ:
संतुलित उर्वरीकरण से मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं दीर्घकालिक स्थायित्व।
किसानों की लागत नियंत्रण एवं उत्पादकता वृद्धि।
घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन, आयात निर्भरता में कमी।
नवोन्मेषी एवं फोर्टिफाइड उर्वरकों का उपयोग बढ़ावा।
चुनौतियाँ:
अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव से राजकोषीय बोझ।
क्षेत्रीय असमानता एवं वितरण में देरी की संभावना।
किसानों में जागरूकता की कमी से असंतुलित उपयोग।
निष्कर्ष :
एनबीएस योजना भारतीय उर्वरक नीति का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है, जो संतुलित उर्वरीकरण, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं कृषि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे रही है। रबी 2025-26 के लिए बढ़ी हुई सब्सिडी दरें वैश्विक चुनौतियों के बावजूद किसानों को राहत प्रदान करेंगी तथा खाद्यान्न सुरक्षा को मजबूत बनाएंगी। सरकार की यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ एवं ‘डबलिंग फार्मर्स इनकम’ के लक्ष्यों की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी। भविष्य में डिजिटल ट्रैकिंग एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों पर अधिक फोकस से योजना और प्रभावी हो सकती है।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q.पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy–NBS) योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1.एनबीएस योजना के अंतर्गत सब्सिडी उर्वरक के ग्रेड के बजाय उसमें उपस्थित पोषक तत्वों की मात्रा के आधार पर दी जाती है।
2.वर्तमान में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और सल्फर — चारों पोषक तत्व एनबीएस के अंतर्गत शामिल हैं।
3.एनबीएस योजना केवल यूरिया पर लागू होती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q.“पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) योजना भारतीय कृषि में संतुलित उर्वरीकरण और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण का एक महत्वपूर्ण उपकरण बन चुकी है।” रबी 2025–26 के लिए घोषित एनबीएस दरों के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिए तथा योजना से जुड़े लाभों और चुनौतियों पर प्रकाश डालिए। ( शब्द सीमा – 250, अंक – 15 )
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