20 Jul कौशल भारत मिशन: युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने की सरकार की पहल
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था, कौशल विकास
- Prelims: कौशल भारत मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS), शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS), PM विश्वकर्मा योजना, स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH), राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD)
- Essay: भारत की युवा शक्ति का सदुपयोग: कौशल विकास की भूमिका, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में कौशल और उद्यमिता का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: कौशल भारत मिशन भारत सरकार का एक व्यापक कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य देश के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल से लैस कर उन्हें रोजगार योग्य बनाना और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने हाल ही में कौशल भारत मिशन (Skill India Mission – SIM) के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS) और राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) के माध्यम से देश भर में प्रदान किए जा रहे कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण पर विस्तृत जानकारी जारी की है। इस जानकारी में इन योजनाओं के तहत प्रशिक्षित उम्मीदवारों की संख्या, प्लेसमेंट दर और भविष्य की रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया है, जो भारत के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल से लैस करने के सरकार के प्रयासों को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
- भारत एक युवा आबादी वाला देश है, जहाँ कार्यबल में शामिल होने वाले युवाओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है।
- इस युवा कार्यबल को रोजगार योग्य बनाने और उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए कौशल विकास एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
- पारंपरिक शिक्षा प्रणाली अक्सर उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने में अपर्याप्त रही है।
- कौशल विकास से न केवल व्यक्तिगत आय में वृद्धि होती है, बल्कि यह देश की आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) और प्रतिस्पर्धात्मकता को भी बढ़ाता है।
- कौशल भारत मिशन का शुभारंभ 2015 में किया गया था, जिसका उद्देश्य भारत को दुनिया की ‘कौशल राजधानी’ बनाना है।
- यह मिशन विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कौशल विकास प्रयासों को एक साथ लाने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करता है।
कौशल भारत मिशन (Skill India Mission – SIM) क्या है?
- कौशल भारत मिशन भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे 2015 में देश के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
- इसका मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक कौशल केंद्र बनाना और रोजगार तथा उद्यमिता के अवसरों को बढ़ावा देना है।
- यह मिशन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है और इसमें विभिन्न योजनाएँ शामिल हैं जो कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन (Upskilling) प्रशिक्षण प्रदान करती हैं।
- मिशन के तहत प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS) शामिल हैं।
- PMKVY 4.0 का मुख्य ध्यान ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) सहित उद्योग-प्रासंगिक कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित उम्मीदवारों को सशक्त बनाना है।
- मिशन उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) और भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE) के माध्यम से उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम (EAP) और उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम (EDP) भी संचालित करता है।
- सितंबर 2023 में शुरू की गई PM विश्वकर्मा योजना, 18 पारंपरिक व्यवसायों में कारीगरों को समग्र सहायता प्रदान करती है, जिसमें कौशलोन्नयन, टूलकिट और संपार्श्विक रहित ऋण (Collateral-free loans) शामिल हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| व्यापक प्रशिक्षण नेटवर्क | प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) के माध्यम से देशव्यापी पहुंच सुनिश्चित करता है। |
| युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करना | उद्योग से संबंधित कौशलों से लैस करके रोजगार क्षमता और आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा देना। |
| प्लेसमेंट पर ध्यान | PMKVY के पिछले संस्करणों में 42.8% की प्लेसमेंट दर, PMKVY 4.0 में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) पर विशेष जोर। |
| उद्यमिता को बढ़ावा | राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD) और भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE) द्वारा उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम (EAP) और उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) का संचालन। |
| उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी, मेकाट्रॉनिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण। |
| डिजिटल अवसंरचना | स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पाठ्यक्रम खोज, नामांकन और प्रमाणन के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान करता है। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- कौशल विकास से श्रम उत्पादकता बढ़ती है, जिससे आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा मिलता है।
- बेरोजगारी दर में कमी आती है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होते हैं, जिससे प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है।
- उद्यमिता को बढ़ावा देने से नए व्यवसाय और स्टार्टअप स्थापित होते हैं, जो अर्थव्यवस्था में नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हैं।
सामाजिक महत्व
- समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित समूहों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को बढ़ावा मिलता है।
- महिलाओं और कारीगरों जैसे विशिष्ट समूहों के लिए विशेष कार्यक्रम उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सशक्तिकरण में सहायक होते हैं।
- कौशल विकास से व्यक्तियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें बेहतर जीवन स्तर प्राप्त करने में मदद मिलती है।
रणनीतिक महत्व
- उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल विकास भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाता है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है।
- उद्योग-अकादमिक साझेदारी और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ सहयोग से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होता है और उद्योग की मांगों के अनुरूप कौशल प्रदान किए जाते हैं।
- कौशल विकास से जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होता है, जिससे भारत की युवा आबादी एक संपत्ति बन जाती है।
चुनौतियाँ
1. कौशल अंतराल
- उद्योग की बदलती मांगों और उपलब्ध कौशल के बीच एक महत्वपूर्ण अंतराल मौजूद है।
- प्रशिक्षण कार्यक्रमों का पाठ्यक्रम अक्सर उद्योग की नवीनतम आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं होता।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास तथा रोजगार।
2. गुणवत्ता और प्रासंगिकता
- प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों की योग्यता एक चुनौती बनी हुई है।
- कई बार प्रशिक्षित उम्मीदवारों को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पाता, जिससे प्रशिक्षण की प्रासंगिकता पर सवाल उठते हैं।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: मानव संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य।
3. प्लेसमेंट और उद्यमिता
- PMKVY के तहत प्लेसमेंट दर अभी भी 100% से काफी कम है, और स्वरोजगार के लिए पर्याप्त सहायता का अभाव है।
- उद्यमिता विकास कार्यक्रमों की पहुंच और प्रभावशीलता को बढ़ाने की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: भारतीय अर्थव्यवस्था, रोजगार।
4. जागरूकता और पहुंच
- विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता की कमी है।
- डिजिटल अवसंरचना की पहुंच और उपयोग में असमानता एक बाधा है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों का उत्थान।
5. निगरानी और मूल्यांकन
- कौशल कार्यक्रमों के प्रभाव का नियमित और कठोर मूल्यांकन आवश्यक है ताकि उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
- डेटा संग्रह और विश्लेषण में सुधार की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही।
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| उद्योग-कौशल बेमेल | उद्योग की बदलती आवश्यकताओं और उपलब्ध कौशल के बीच अंतर। |
| प्रशिक्षण गुणवत्ता | प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों की दक्षता में भिन्नता। |
| रोजगार के अवसर | प्रशिक्षित उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त और प्रासंगिक रोजगार के अवसरों की कमी। |
| ग्रामीण पहुंच | ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रमों की सीमित पहुंच। |
| डिजिटल साक्षरता | डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के लिए आवश्यक डिजिटल साक्षरता का अभाव। |
| दीर्घकालिक प्रभाव | कौशल कार्यक्रमों के दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का अपर्याप्त मूल्यांकन। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
- जन शिक्षण संस्थान (JSS)
- राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS)
- शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS)
- पीएम विश्वकर्मा योजना
- स्वावलंबिनी कार्यक्रम
आगे की राह
- उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना ताकि प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उद्योग की वर्तमान और भविष्य की मांगों के अनुरूप हों।
- प्रशिक्षकों के लिए नियमित प्रशिक्षण और प्रमाणन कार्यक्रम शुरू करना ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
- ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) और शिक्षुता (Apprenticeship) कार्यक्रमों को बढ़ावा देना ताकि व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
- उद्यमिता विकास कार्यक्रमों को मजबूत करना और स्वरोजगार के लिए वित्तीय तथा परामर्श सहायता प्रदान करना।
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कौशल विकास कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल और भौतिक अवसंरचना का विस्तार करना।
- उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे AI, रोबोटिक्स में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना ताकि भविष्य के लिए तैयार कार्यबल तैयार हो सके।
- कौशल विकास कार्यक्रमों के प्रभाव का नियमित और स्वतंत्र मूल्यांकन सुनिश्चित करना ताकि उनकी प्रभावशीलता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
- स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) जैसे प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कौशल भारत मिशन · प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना · जन शिक्षण संस्थान · राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना · औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान · कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय · उद्यमिता विकास कार्यक्रम · पीएम विश्वकर्मा योजना
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(a)’, ‘note’: ‘आजीविका के पर्याप्त साधन का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘काम पाने, शिक्षा पाने का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘श्रमिकों के लिए निर्वाह मजदूरी’}
अवधारणा प्रवाह
कौशल अंतराल की पहचान → कौशल भारत मिशन के तहत प्रशिक्षण → उद्योग-प्रासंगिक कौशल का अधिग्रहण → रोजगार/स्वरोजगार के अवसर → आर्थिक संवृद्धि और सामाजिक सशक्तिकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. कौशल भारत मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित होता है।
2. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के सभी संस्करणों में प्लेसमेंट रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से रखे जाते हैं।
3. स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो पाठ्यक्रम खोज, नामांकन और प्रमाणन की सुविधा प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। कौशल भारत मिशन कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित होता है। कथन 2 गलत है। PMKVY के केवल पहले तीन संस्करणों (1.0, 2.0 और 3.0) के तहत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड रखा गया था। कथन 3 सही है। स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्लेटफॉर्म है जो पाठ्यक्रम खोज, नामांकन और प्रमाणन की सुविधा प्रदान करता है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सी योजनाएँ कौशल भारत मिशन के अंतर्गत आती हैं?
1. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
2. जन शिक्षण संस्थान (JSS)
3. राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS)
4. शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (CTS)
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — दिए गए सभी विकल्प (प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, जन शिक्षण संस्थान, राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना और शिल्पकार प्रशिक्षण योजना) कौशल भारत मिशन के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य देश भर में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ कौशल भारत मिशन भारत के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है? इस मिशन के तहत प्रमुख पहलों और उनकी प्रभावशीलता का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में कौशल भारत मिशन की भूमिका और उसके उद्देश्यों को समझाना है। दूसरे भाग में मिशन के तहत संचालित प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY), जन शिक्षण संस्थान (JSS), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (NAPS) और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) की चर्चा करनी है। इसके साथ ही, PM विश्वकर्मा योजना और स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) जैसी नई पहलों का भी उल्लेख करें। अंत में, इन पहलों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करें, जिसमें प्लेसमेंट दर, उद्यमिता को बढ़ावा और उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास जैसे सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ चुनौतियों का भी संक्षिप्त उल्लेख किया जा सकता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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