31 Jul सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज को आरटीआई के दायरे में लाने के आदेश पर रोक लगाई
✎ राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज को आरटीआई के दायरे में लाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण है, जिससे पारदर्शिता और निवेशकों के हितों पर प्रभाव पड़ेगा।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज को सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाने के आदेश पर रोक लगा दी**
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे में लाने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। यह मामला आरटीआई कार्यकर्ता सुधीर भारद्वाज द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने एनएसई को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित करने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में एनएसई को आरटीआई के तहत लाने का आदेश दिया था, जिसे अब सर्वोच्च न्यायालय ने अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया है। इस फैसले का मुख्य आधार एनएसई की निजी संस्था के रूप में स्थापित प्रकृति और उसके नियामक ढांचे को लेकर उठे विवाद हैं।
इस मामले की प्रासंगिकता यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आरटीआई अधिनियम की व्यापकता और सीमाओं से जुड़ा हुआ है। आरटीआई अधिनियम सार्वजनिक प्राधिकरणों तक सीमित है, लेकिन क्या निजी संस्थाएं, जो सार्वजनिक हित से जुड़ी हैं, भी इसके दायरे में आ सकती हैं? यह सवाल संवैधानिक और प्रशासनिक कानून के दृष्टिकोण से बेहद प्रासंगिक है। इसके अलावा, एनएसई जैसे विनियमित बाजार नियामकों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी यह फैसला गहरा प्रभाव डाल सकता है, जो वित्तीय सुशासन और नियामक ढांचे के लिए आवश्यक है।
राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए यह मामला प्रशासनिक सुधारों और नियामक निकायों की जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। राज्य स्तर पर भी कई सार्वजनिक उपक्रम और विनियमित संस्थाएं हैं, जिनके खिलाफ पारदर्शिता की मांग उठती रहती है। इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका किस प्रकार आरटीआई के दायरे को परिभाषित करने का प्रयास कर रही है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में कानूनी दृष्टिकोण तय होगा। इसके अतिरिक्त, यह मामला वित्तीय क्षेत्र के विनियम
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत लाने के संबंध में किस उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है?
- मुंबई उच्च न्यायालय
- दिल्ली उच्च न्यायालय
- मद्रास उच्च न्यायालय
- कलकत्ता उच्च न्यायालय
उत्तर
दिल्ली उच्च न्यायालय — सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत लाने का निर्देश दिया गया था।
Q2. सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के अंतर्गत कौन-कौन सी संस्थाएं शामिल हैं?
- केवल सरकारी संस्थाएं
- केवल सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
- सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार की संस्थाएं, यदि वे सरकारी धन से चलती हैं
- केवल न्यायपालिका
उत्तर
सरकारी और गैर-सरकारी दोनों प्रकार की संस्थाएं, यदि वे सरकारी धन से चलती हैं — RTI अधिनियम, 2005 के अनुसार, ऐसी संस्थाएं जो सरकारी धन से चलती हैं या सरकार द्वारा नियंत्रित होती हैं, वे भी इस अधिनियम के अंतर्गत आती हैं। राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (NSE) एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, इसलिए इस पर RTI लागू हो सकता है।
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