राज्यसभा ने खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकार सीमित करने वाला विधेयक पारित किया

Rajya Sabha Passes Bill To Curb States' Tax Powers On Minerals — concept mind map

राज्यसभा ने खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकार सीमित करने वाला विधेयक पारित किया

खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारवर्तमान व्यवस्थानया विधेयकराज्यों का अधिकारराज्यों को खनिजों पर कर लगाने का पूर्णकेंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमा तक कराधान का आधारराज्य अपने विवेक से कर दर निर्धारित करकेंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम और अधिउद्देश्यराज्यों को राजस्व सृजन में स्वायत्तताखनिज संसाधनों का राष्ट्रीय स्तर पर बेहप्रभावराज्यों के लिए अधिक राजस्वकेंद्र द्वारा नियंत्रित राजस्व वितरण
खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकार

✎ खनिज कर शक्तियों पर नियंत्रण से खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity

**राज्यसभा ने खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकार सीमित करने वाला विधेयक पारित किया**

राज्यसभा ने हाल ही में खनिज संसाधनों पर राज्यों के कराधान अधिकार को सीमित करने वाले एक महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कर दिया है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच कराधान संबंधी विवादों का समाधान होगा। यह विधेयक, जिसे ‘खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023’ के नाम से जाना जा रहा है, का उद्देश्य खनिजों के दोहन और राजस्व वितरण में पारदर्शिता लाना है। वर्तमान में, राज्य सरकारें खनिजों पर रॉयल्टी, लाइसेंस शुल्क और अन्य कर लगा सकती हैं, लेकिन इस विधेयक के माध्यम से केंद्र सरकार ने इन करों की सीमा तय करने का प्रयास किया है, जिससे खनिज संसाधनों के प्रबंधन में एकरूपता आएगी।

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य खनिजों के अनियंत्रित दोहन को रोकना और राज्यों के बीच कराधान संबंधी असमानताओं को दूर करना है। वर्तमान व्यवस्था में, विभिन्न राज्यों द्वारा खनिजों पर लगाए जाने वाले करों में काफी अंतर है, जिससे कुछ राज्यों को अधिक राजस्व मिलता है जबकि अन्य पीछे रह जाते हैं। इस विधेयक के माध्यम से केंद्र सरकार ने राज्यों को खनिजों पर कर लगाने के अधिकार को नियंत्रित करने का प्रयास किया है, जिससे खनिज संसाधनों का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, इस विधेयक में खनिजों के निर्यात और आयात पर भी नियंत्रण लगाने का प्रस्ताव है, जिससे देश के खनिज संसाधनों का संरक्षण हो सके।

इस विधेयक का महत्व यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केंद्र-राज्य संबंधों, कराधान प्रणाली और खनिज संसाधनों के प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रकाश डालता है। यूपीएससी परीक्षा में इस प्रकार के मुद्दों पर प्रश्न पूछे जाने की संभावना रहती है, जहां अभ्यर्थियों को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच शक्ति संतुलन, संवैधानिक प्रावधानों और नीति निर्माण प्रक्रिया की गहरी समझ होनी चाहिए। राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी इस विषय पर प्रश्न आ सकते हैं,

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. राज्यसभा ने खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारों को नियंत्रित करने के लिए कौन सा विधेयक पारित किया है?

  1. खनिज कानून (संशोधन) विधेयक, 2023
  2. खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023
  3. राज्य कराधान नियंत्रण विधेयक, 2023
  4. खनिज राजस्व वितरण विधेयक, 2023
उत्तर

खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 — राज्यसभा ने ‘खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023’ पारित किया है, जिसका उद्देश्य खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारों को नियंत्रित करना है।

Q2. खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. राज्यों को खनिजों पर पूर्ण स्वायत्तता प्रदान करना
  2. खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारों को सीमित करना
  3. खनिजों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना
  4. निजी कंपनियों को खनिज अन्वेषण में पूर्ण नियंत्रण देना
उत्तर

खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारों को सीमित करना — इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य खनिजों पर राज्यों के कराधान अधिकारों को नियंत्रित करना और उन्हें सीमित करना है, ताकि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।


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