बेंगलुरु में क्वांटम फाउंड्री खोली, कर्नाटक में क्वांटम कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

Bengaluru firm opens quantum foundry to accelerate quantum computing in Karnataka — labelled illustration

बेंगलुरु में क्वांटम फाउंड्री खोली, कर्नाटक में क्वांटम कंप्यूटिंग को मिलेगा बढ़ावा

3D cutaway: Bengaluru firm opens quantum foundry to accelerate quantum computing in Karnataka
3D cutaway: Bengaluru firm opens quantum foundry to accelerate quantum computing in Karnataka

✎ क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके जटिल समस्याओं को हल करने वाली एक उभरती हुई तकनीक है, जिसमें क्यूबिट्स और क्वांटम फाउंड्री जैसे घटक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
  • Prelims: क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम फाउंड्री, क्यूबिट्स, सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स, क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट (QPU), राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, डीप-टेक
  • Essay: भारत में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति का महत्व, उभरती प्रौद्योगिकियों का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: क्वांटम कंप्यूटिंग क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके जटिल समस्याओं को हल करने वाली एक उभरती हुई तकनीक है, जिसमें क्यूबिट्स और क्वांटम फाउंड्री जैसे घटक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह खबर चर्चा में क्यों?

बेंगलुरु स्थित डीप-टेक फर्म QpiAI ने क्वांटम प्रोसेसर के निर्माण और क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से एक क्वांटम फाउंड्री (Quantum Foundry) का उद्घाटन किया है। यह सुविधा कर्नाटक में क्वांटम कंप्यूटिंग क्षमताओं को मजबूत करने और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे राज्य के डीप-टेक इकोसिस्टम को बल मिलेगा।

पृष्ठभूमि

  • क्वांटम कंप्यूटिंग एक उभरती हुई तकनीक है जो जटिल समस्याओं को हल करने के लिए क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करती है, जिन्हें पारंपरिक कंप्यूटरों के लिए हल करना मुश्किल या असंभव होता है।
  • भारत सरकार ने देश में क्वांटम प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) शुरू किया है, जिसका उद्देश्य क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम संवेदन और क्वांटम मेट्रोलॉजी में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है।
  • क्वांटम फाउंड्री क्वांटम प्रोसेसर और संबंधित घटकों के निर्माण के लिए एक विशेष सुविधा है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग हार्डवेयर के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • क्यूबिट्स (Qubits) क्वांटम कंप्यूटर की मूलभूत इकाइयाँ हैं, जो पारंपरिक कंप्यूटरों के बिट्स के विपरीत, 0, 1 या दोनों के सुपरपोजिशन में मौजूद हो सकती हैं।
  • QpiAI की क्वांटम फाउंड्री 8-इंच वेफर्स पर फ्लिप-चिप-आधारित सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स का निर्माण करने में सक्षम है, जिसमें वर्तमान में 128 क्यूबिट्स तक की क्षमता है और अगले चरण में इसे 10,000 भौतिक क्यूबिट्स तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग के अनुप्रयोगों में दवा खोज, सामग्री विज्ञान, वित्तीय मॉडलिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्रिप्टोग्राफी शामिल हैं।

क्वांटम कंप्यूटिंग क्या है?

  • क्वांटम कंप्यूटिंग एक नई प्रकार की गणना है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों, जैसे सुपरपोजिशन (Superposition) और एंटैंगलमेंट (Entanglement) का उपयोग करती है।
  • पारंपरिक कंप्यूटर बिट्स (0 या 1) का उपयोग करते हैं, जबकि क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट्स का उपयोग करते हैं, जो 0, 1 या दोनों के संयोजन में एक साथ मौजूद हो सकते हैं।
  • सुपरपोजिशन क्यूबिट्स को एक साथ कई अवस्थाओं में मौजूद रहने की अनुमति देता है, जिससे क्वांटम कंप्यूटर एक साथ कई गणनाएँ कर सकते हैं।
  • एंटैंगलमेंट वह घटना है जहाँ दो या दो से अधिक क्यूबिट्स इस तरह से जुड़े होते हैं कि एक क्यूबिट की अवस्था दूसरे की अवस्था को तुरंत प्रभावित करती है, भले ही वे कितनी भी दूर क्यों न हों।
  • क्वांटम कंप्यूटर जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता रखते हैं जो पारंपरिक कंप्यूटरों के लिए बहुत मुश्किल या असंभव हैं, जैसे कि बड़े डेटासेट का विश्लेषण करना, नए अणुओं का अनुकरण करना और जटिल अनुकूलन समस्याओं को हल करना।
  • क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट (QPU) क्वांटम कंप्यूटर का केंद्रीय प्रोसेसर है, जो क्वांटम गणनाओं को निष्पादित करता है।
  • क्वांटम फाउंड्री वेफर फैब्रिकेशन सुविधाएँ हैं जो क्वांटम चिप्स और क्यूबिट्स का उत्पादन करती हैं, जो क्वांटम कंप्यूटर के हार्डवेयर के लिए आवश्यक हैं।
  • भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग का विकास देश को तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक लाभ प्रदान करने की क्षमता रखता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
क्वांटम फाउंड्री का उद्घाटन बेंगलुरु में क्वांटम प्रोसेसर विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करना और क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों के विकास में तेजी लाना।
8-इंच क्वांटम फाउंड्री QpiAI को 128 क्यूबिट्स तक के फ्लिप-चिप-आधारित सुपरकंडक्टिंग क्यूबिट्स का निर्माण करने में सक्षम बनाता है।
चरण 3 का लक्ष्य अगले साल तक एक ही क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट (QPU) पर 10,000 भौतिक क्यूबिट्स तक निर्माण क्षमता का विस्तार करना।
परिधीय चिप्स और सेंसर का निर्माण क्वांटम कंप्यूटर में उपयोग होने वाले सहायक घटकों के निर्माण की क्षमता प्रदान करना।
विकसित QPUs 8-क्यूबिट Qvidya, 25-क्यूबिट Indus, 64-क्यूबिट Kaveri (ट्रांसमॉन-आधारित) और 9-क्यूबिट Yukti (फ्लक्सोनियम-आधारित, त्रुटि-सुधारित लॉजिकल क्यूबिट्स में आशाजनक)।
क्वांटम सुप्रीमेसी सेंटर (QSC) रोडमैप त्रुटि-सुधारित QPUs और AI प्रोसेसर के क्लस्टर्स को एकीकृत करके हाइब्रिड क्वांटम-AI डेटा सेंटर बनाना, क्वांटम व्यावसायीकरण का लक्ष्य।

महत्व

आर्थिक एवं रणनीतिक महत्व

  • यह फाउंड्री भारत को क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
  • क्वांटम प्रौद्योगिकी में प्रगति से रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य सेवा और रसद जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं, जिससे भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
  • यह सुविधा उच्च-कुशल नौकरियों का सृजन करेगी और अनुसंधान एवं विकास में निवेश को आकर्षित करेगी, जिससे देश की ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

तकनीकी संप्रभुता और नवाचार

  • क्वांटम प्रोसेसर के स्वदेशी निर्माण से भारत को महत्वपूर्ण तकनीकी संप्रभुता प्राप्त होगी, जिससे संवेदनशील डेटा और रणनीतिक अनुप्रयोगों पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
  • यह फाउंड्री क्वांटम अनुसंधान और विकास के लिए एक मंच प्रदान करती है, जिससे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को नई क्वांटम एल्गोरिदम और अनुप्रयोगों का पता लगाने में मदद मिलती है।
  • त्रुटि-सुधारित लॉजिकल क्यूबिट्स पर ध्यान केंद्रित करने से क्वांटम कंप्यूटरों की विश्वसनीयता और व्यावहारिकता में सुधार होगा, जो उनके व्यापक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है।

राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थ

  • क्वांटम कंप्यूटिंग क्रिप्टोग्राफी और साइबर सुरक्षा में महत्वपूर्ण प्रगति ला सकती है, जिससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा क्षमताओं में वृद्धि होगी।
  • यह सुविधा उन्नत सिमुलेशन और मॉडलिंग के लिए क्षमताएं प्रदान कर सकती है, जो रक्षा अनुसंधान और विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • क्वांटम प्रौद्योगिकी में नेतृत्व भारत को भू-राजनीतिक परिदृश्य में एक रणनीतिक लाभ प्रदान करेगा।

चुनौतियाँ

1. कुशल मानव संसाधन की कमी

  • क्वांटम कंप्यूटिंग एक अत्यधिक विशिष्ट क्षेत्र है जिसके लिए भौतिकी, इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में उन्नत विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
  • भारत में क्वांटम प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित पेशेवरों की कमी है, जिससे अनुसंधान, विकास और विनिर्माण प्रयासों में बाधा आ सकती है।

2. उच्च अनुसंधान एवं विकास लागत

  • क्वांटम फाउंड्री की स्थापना और संचालन में भारी निवेश की आवश्यकता होती है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण और बुनियादी ढांचा शामिल है।
  • लंबे समय तक चलने वाले अनुसंधान और विकास चक्रों के लिए निरंतर और पर्याप्त धन की आवश्यकता होती है, जो सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए एक चुनौती हो सकती है।

3. तकनीकी जटिलताएँ और त्रुटि सुधार

  • क्वांटम कंप्यूटरों को डीकोहेरेंस (decoherence) और त्रुटियों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के कारण बनाना और संचालित करना बेहद जटिल है।
  • त्रुटि-सुधारित लॉजिकल क्यूबिट्स को प्राप्त करना एक बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती है, जिसके लिए उन्नत एल्गोरिदम और हार्डवेयर की आवश्यकता होती है।

4. अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा

  • कई विकसित देश क्वांटम कंप्यूटिंग में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में तीव्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा है।
  • भारत को इस दौड़ में आगे रहने के लिए निरंतर नवाचार और निवेश की आवश्यकता होगी।

5. अनुप्रयोगों का व्यावसायीकरण

  • क्वांटम कंप्यूटिंग के सैद्धांतिक लाभों को वास्तविक दुनिया के, व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य अनुप्रयोगों में बदलना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
  • उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना और क्वांटम प्रौद्योगिकी के लिए बाजार बनाना आवश्यक है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
कौशल अंतराल क्वांटम प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता वाले वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कमी।
वित्तीय बाधाएँ अनुसंधान, विकास और फाउंड्री के संचालन के लिए भारी पूंजी निवेश की आवश्यकता।
तकनीकी परिपक्वता क्वांटम कंप्यूटरों की स्थिरता, विश्वसनीयता और त्रुटि सुधार सुनिश्चित करना।
वैश्विक दौड़ अन्य देशों की तुलना में क्वांटम प्रौद्योगिकी विकास में पीछे रहने का जोखिम।
बाजार एकीकरण क्वांटम समाधानों को मौजूदा उद्योग प्रक्रियाओं में एकीकृत करने की चुनौती।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission)

आगे की राह

  • क्वांटम प्रौद्योगिकी में विशेषज्ञता वाले शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम और कौशल विकास पहल शुरू करना।
  • क्वांटम अनुसंधान और विकास के लिए सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ाना, जिसमें फाउंड्री के बुनियादी ढांचे और प्रोटोटाइप विकास के लिए धन शामिल है।
  • क्वांटम प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योग, शिक्षाविदों और सरकारी प्रयोगशालाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए एक मजबूत नियामक और नीतिगत ढांचा विकसित करना, जिसमें डेटा सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल हैं।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग के संभावित अनुप्रयोगों की पहचान करने और उन्हें विकसित करने के लिए पायलट परियोजनाओं और हैकाथॉन को प्रोत्साहित करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देना ताकि ज्ञान साझा किया जा सके और क्वांटम प्रौद्योगिकी विकास में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जा सके।
  • क्वांटम सुप्रीमेसी सेंटर (QSC) जैसे हाइब्रिड क्वांटम-AI डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना और उसे क्रियान्वित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

क्वांटम कंप्यूटिंग · क्वांटम फाउंड्री · राष्ट्रीय क्वांटम मिशन · डीप-टेक पारिस्थितिकी तंत्र · क्वांटम प्रोसेसर · क्यूबिट्स · क्वांटम सर्वोच्चता केंद्र · कृत्रिम बुद्धिमत्ता · वैज्ञानिक अनुसंधान · प्रौद्योगिकी विकास · आर्थिक संवृद्धि · भारत में नवाचार

अवधारणा प्रवाह

क्वांटम फाउंड्री की स्थापना  →  क्वांटम प्रोसेसर विनिर्माण क्षमता में वृद्धि  →  क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों का त्वरण  →  वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों का विकास  →  आर्थिक संवृद्धि और तकनीकी संप्रभुता

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक कंप्यूटिंग की तुलना में समस्याओं को हल करने के लिए क्वांटम-मैकेनिकल घटनाओं जैसे सुपरपोजिशन और उलझाव का उपयोग करती है।
2. क्यूबिट्स क्वांटम कंप्यूटरों की मूल इकाई हैं, जो एक ही समय में 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में मौजूद हो सकते हैं।
3. राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) का उद्देश्य भारत को क्वांटम प्रौद्योगिकी में एक अग्रणी राष्ट्र बनाना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि क्वांटम कंप्यूटिंग सुपरपोजिशन और उलझाव जैसी क्वांटम घटनाओं का लाभ उठाती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि क्यूबिट्स क्वांटम सूचना की मूल इकाइयाँ हैं और वे 0 और 1 दोनों अवस्थाओं में एक साथ मौजूद हो सकते हैं। कथन 3 सही है, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन का उद्देश्य क्वांटम प्रौद्योगिकी के विकास और अनुप्रयोगों में भारत को वैश्विक नेता बनाना है।

Q2. क्वांटम फाउंड्री के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: क्वांटम फाउंड्री क्वांटम प्रोसेसर और संबंधित घटकों के निर्माण के लिए विशेष सुविधाएँ हैं।
कथन II: ये फाउंड्री क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।
  2. कथन I और कथन II दोनों सही हैं, लेकिन कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं करता है।
  3. कथन I सही है, लेकिन कथन II गलत है।
  4. कथन I गलत है, लेकिन कथन II सही है।

उत्तर: कथन I और कथन II दोनों सही हैं और कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है। — कथन I सही है क्योंकि क्वांटम फाउंड्री विशेष रूप से क्वांटम प्रोसेसर (जैसे क्यूबिट्स) और अन्य आवश्यक घटकों के निर्माण के लिए डिज़ाइन की गई हैं। कथन II भी सही है क्योंकि इन फाउंड्री में निर्मित घटकों के बिना क्वांटम कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकियों का अनुसंधान और विकास संभव नहीं है, इसलिए कथन II, कथन I की सही व्याख्या करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास में क्वांटम फाउंड्री की भूमिका का परीक्षण कीजिए। राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में यह किस प्रकार सहायक हो सकती है? (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम फाउंड्री का संक्षिप्त परिचय दें। बताएं कि क्वांटम फाउंड्री क्वांटम प्रोसेसर के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं।
2. **क्वांटम फाउंड्री की भूमिका:**
* **विनिर्माण क्षमता:** क्वांटम प्रोसेसर (क्यूबिट्स) और सहायक चिप्स के निर्माण में Foundries की केंद्रीय भूमिका। उदाहरण के लिए, 128 क्यूबिट्स से 10,000 भौतिक क्यूबिट्स तक के पैमाने की क्षमता।
* **अनुसंधान और विकास:** नई क्वांटम प्रौद्योगिकियों के नवाचार और परीक्षण के लिए आधार प्रदान करना।
* **डीप-टेक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना:** स्थानीय स्तर पर उन्नत विनिर्माण क्षमताओं का विकास, जो समग्र तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देता है।
* **वास्तविक-विश्व अनुप्रयोग:** क्वांटम क्षमताओं को व्यावहारिक उपयोगों में बदलने में मदद करना (जैसे हाइब्रिड क्वांटम-AI डेटा सेंटर)।
* **आत्मनिर्भरता:** क्वांटम घटकों के लिए विदेशी निर्भरता कम करना।
3. **राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) से संबंध:**
* **NQM के उद्देश्य:** मिशन के प्रमुख उद्देश्यों का उल्लेख करें, जैसे क्वांटम प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान, विकास और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना।
* **सहायता:** क्वांटम फाउंड्री कैसे NQM के इन उद्देश्यों को सीधे समर्थन देती है, इस पर चर्चा करें (जैसे स्वदेशी विनिर्माण, प्रतिभा विकास, औद्योगिक सहभागिता)।
* **वाणिज्यीकरण:** क्वांटम फाउंड्री द्वारा क्वांटम समाधानों के वाणिज्यीकरण को सक्षम करना, जो NQM के आर्थिक संवृद्धि के लक्ष्य के अनुरूप है।
4. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** इस क्षेत्र में आने वाली संभावित चुनौतियों (जैसे उच्च लागत, विशेषज्ञता की कमी) और उन्हें दूर करने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र के सहयोग की आवश्यकता पर संक्षिप्त टिप्पणी।
5. **निष्कर्ष:** भारत के तकनीकी भविष्य और वैश्विक नेतृत्व के लिए क्वांटम फाउंड्री के महत्व को रेखांकित करें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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