11 Oct उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल में युवा संगम चरण VII के दौरान राज्यपाल से मुलाकात की
✎ युवा संगम कार्यक्रम 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper I — भारतीय संस्कृति और विरासत | GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय और अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- Prelims: युवा संगम, एक भारत श्रेष्ठ भारत, शिक्षा मंत्रालय, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, राष्ट्रीय एकता, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, आईआईटी खड़गपुर
- Essay: विविधता में एकता: भारत की सांस्कृतिक विरासत और युवा सशक्तिकरण, राष्ट्रीय निर्माण में युवाओं की भूमिका: सांस्कृतिक आदान-प्रदान और समावेशी विकास
त्वरित पुनरावृत्ति: युवा संगम कार्यक्रम ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य युवाओं के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ के सातवें चरण के दौरान उत्तराखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि से मुलाकात की और शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर सार्थक चर्चा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और उन्हें भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों तथा विकासात्मक पहलों से जोड़ना है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत ‘युवा संगम’ का संचालन किया जा रहा है।
- इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता (National Unity) की भावना को सुदृढ़ करना और विभिन्न राज्यों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करना है।
- यह कार्यक्रम 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) के प्रतिभागियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शैक्षणिक प्रणालियों और नवाचारों से परिचित कराता है।
- युवा संगम के सातवें चरण में उत्तराखंड का एक प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल की यात्रा पर था, जिसकी मेजबानी आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) द्वारा की गई।
- प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत, जीवंत परंपराओं और शैक्षणिक परिदृश्य का अन्वेषण किया, जिसमें प्रिंसेप घाट और सुंदरवन जैसे स्थलों का दौरा भी शामिल था।
- यह पहल युवाओं को नए स्थानों का पता लगाने, विभिन्न समुदायों के साथ बातचीत करने और भौगोलिक सीमाओं से परे स्थायी मित्रता बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम क्या है?
- इसका मुख्य लक्ष्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
- कार्यक्रम के तहत, विभिन्न राज्यों को एक-दूसरे के साथ जोड़ा जाता है ताकि वे एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, भाषाओं और व्यंजनों को जान सकें और उनका अनुभव कर सकें।
- यह कार्यक्रम लोगों से लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connect) को बढ़ावा देता है, जिससे भारत की विविधता में एकता की भावना मजबूत होती है।
- युवा संगम इसी ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो विशेष रूप से युवाओं पर केंद्रित है।
- यह युवाओं को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार प्रणालियों और विकासात्मक पहलों से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
- कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की समृद्ध विविधता और राष्ट्रीय एकता के प्रति गहरी समझ विकसित करने में मदद करना है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| राष्ट्रीय एकता का संवर्धन | यह कार्यक्रम देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता (National Unity) और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित है, जिससे विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा मिलता है। |
| सांस्कृतिक आदान-प्रदान | युवाओं को भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों और विकासात्मक पहलों से जुड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें विभिन्न राज्यों की विशिष्ट पहचान समझने में मदद मिलती है। |
| अनुभवात्मक अधिगम | प्रतिभागी नए स्थानों का अन्वेषण करते हैं, विभिन्न समुदायों के साथ बातचीत करते हैं और भौगोलिक सीमाओं से परे स्थायी मित्रता बनाते हैं, जो अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) को बढ़ावा देता है। |
| शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका | आईआईटी खड़गपुर जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान मेजबान के रूप में कार्य करते हैं, जो प्रतिभागियों को राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत का पता लगाने के अवसर प्रदान करते हैं। |
| राज्यपाल से मुलाकात | प्रतिनिधिमंडल की राज्यपाल से मुलाकात शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान करती है। |
महत्व
सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व
- यह कार्यक्रम युवाओं को विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधता, परंपराओं और जीवन शैली से परिचित कराकर सामाजिक सद्भाव और आपसी समझ को बढ़ावा देता है।
- यह राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करता है, जिससे युवाओं में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा के प्रति सम्मान और अपनत्व की भावना विकसित होती है।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान से रूढ़िवादिता और पूर्वाग्रहों को कम करने में मदद मिलती है, जिससे एक अधिक समावेशी समाज का निर्माण होता है।
शैक्षणिक महत्व
- युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और नवाचार प्रणालियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है।
- यह कार्यक्रम अनुभवात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करता है, जिससे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और सांस्कृतिक समझ भी विकसित होती है।
- यह युवाओं को विभिन्न राज्यों की शिक्षा प्रणालियों और विकासात्मक पहलों से परिचित कराकर उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाता है।
शासन और नीतिगत महत्व
- यह भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसका लक्ष्य देश की विविधता का उत्सव मनाना है।
- राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों के साथ संवाद युवाओं को शासन के महत्व और विभिन्न स्तरों पर नीति निर्माण की प्रक्रिया को समझने का अवसर प्रदान करता है।
- यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे संघीय ढांचे को मजबूती मिलती है।
चुनौतियाँ
1. भौगोलिक और भाषाई विविधता
- भारत की विशाल भौगोलिक और भाषाई विविधता के कारण सभी प्रतिभागियों के लिए एक समान अनुभव सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- विभिन्न भाषाओं और बोलियों के कारण संचार में बाधाएँ आ सकती हैं, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान की गहराई प्रभावित हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, विविधता
2. कार्यक्रम की पहुंच और समावेशिता
- यह सुनिश्चित करना कि कार्यक्रम देश के सभी क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के युवाओं तक समान रूप से पहुंचे, एक चुनौती है।
- दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित समुदायों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: विकास प्रक्रियाएँ और विकास उद्योग
3. संसाधनों का प्रभावी उपयोग
- कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- संसाधनों का प्रभावी और कुशल उपयोग सुनिश्चित करना ताकि अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके, एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन: सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन
4. अनुभव की गुणवत्ता और प्रभाव
- यह सुनिश्चित करना कि प्रतिभागियों को केवल पर्यटन के बजाय वास्तविक सांस्कृतिक और अनुभवात्मक अधिगम का अवसर मिले, महत्वपूर्ण है।
- कार्यक्रम के दीर्घकालिक प्रभावों का मूल्यांकन करना और यह सुनिश्चित करना कि यह राष्ट्रीय एकता के लक्ष्यों को प्राप्त कर रहा है, एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन: शिक्षा, मानव संसाधन विकास
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| सांस्कृतिक संवेदनशीलता | विभिन्न संस्कृतियों के प्रति सम्मान और समझ सुनिश्चित करना, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या सांस्कृतिक टकराव से बचा जा सके। |
| सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स | विभिन्न राज्यों में यात्रा करने वाले युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा, आवास तथा अन्य लॉजिस्टिक्स का सुचारु प्रबंधन करना। |
| कार्यक्रम का मूल्यांकन | कार्यक्रम की प्रभावशीलता का नियमित मूल्यांकन करना और आवश्यक सुधारों को लागू करना ताकि इसके उद्देश्यों को बेहतर ढंग से प्राप्त किया जा सके। |
| स्थानीय भागीदारी | स्थानीय समुदायों और संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना ताकि कार्यक्रम को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाया जा सके। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- एक भारत श्रेष्ठ भारत
आगे की राह
- कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों और वंचित पृष्ठभूमि के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रोत्साहन और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और अधिक गहरा करने के लिए स्थानीय कला रूपों, भाषाओं और परंपराओं में गहन कार्यशालाओं और इंटरैक्टिव सत्रों को शामिल किया जाना चाहिए।
- कार्यक्रम के दीर्घकालिक प्रभावों का मूल्यांकन करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए, जिसमें प्रतिभागियों के अनुभवों और राष्ट्रीय एकता पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन शामिल हो।
- विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि कार्यक्रम को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाया जा सके।
- युवाओं को अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करने और राष्ट्रीय एकता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
- कार्यक्रम में पर्यावरणीय संवेदनशीलता और सतत विकास के पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए, ताकि युवा भारत की प्राकृतिक विरासत के प्रति भी जागरूक हों।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
एक भारत श्रेष्ठ भारत · युवा संगम कार्यक्रम · सांस्कृतिक आदान-प्रदान · राष्ट्रीय एकता · विविधता में एकता · अनुभवात्मक शिक्षा · युवा सशक्तिकरण · अंतर-राज्यीय संबंध
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 19 (1)(d) – भारत के राज्यक्षेत्र में सर्वत्र अबाध संचरण का अधिकार
- अनुच्छेद 19 (1)(e) – भारत के राज्यक्षेत्र के किसी भाग में निवास करने और बस जाने का अधिकार
- अनुच्छेद 51A(e) – भारत के सभी लोगों में समरसता और समान भ्रातृत्व की भावना का निर्माण
अवधारणा प्रवाह
शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत ‘युवा संगम’ का संचालन → देश के युवाओं को विविध सांस्कृतिक परंपराओं और शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ना → उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल की पश्चिम बंगाल यात्रा और सांस्कृतिक अन्वेषण → राज्यपाल से मुलाकात और शिक्षा तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर चर्चा → राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और विविधता के प्रति सम्मान को बढ़ावा → एक जुड़े हुए, समावेशी और एकजुट भारत की परिकल्पना को सुदृढ़ करना
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच आपसी समझ को बढ़ावा देना है।
2. ‘युवा संगम’ कार्यक्रम इस पहल के तहत युवाओं पर केंद्रित एक विशिष्ट कार्यक्रम है।
3. यह कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर केंद्रित है और इसमें शैक्षणिक या नवाचार पहलू शामिल नहीं हैं।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को बढ़ावा देना है, और ‘युवा संगम’ इसका एक महत्वपूर्ण घटक है जो युवाओं पर केंद्रित है। कथन 3 गलत है क्योंकि ‘युवा संगम’ कार्यक्रम सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार प्रणालियों और विकासात्मक पहलों को भी शामिल करता है।
Q2. अभिकथन (A): ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का लक्ष्य देश के युवाओं में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है।
कारण (R): यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की सांस्कृतिक परंपराओं और विकासात्मक पहलों से परिचित कराता है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है, और यह उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृतियों और विकास से परिचित कराकर प्राप्त किया जाता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? ‘युवा संगम’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से यह पहल युवाओं के बीच विविधता में एकता की भावना को कैसे सुदृढ़ करती है, चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय और इसके उद्देश्यों का उल्लेख।
2. **राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा:**
* सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ।
* विभिन्न राज्यों की परंपराओं, खान-पान, कला और भाषाओं का परिचय।
* क्षेत्रीय भिन्नताओं के प्रति सम्मान और सहिष्णुता का विकास।
3. **’युवा संगम’ की भूमिका:**
* युवाओं को लक्षित करने का महत्व।
* अनुभवात्मक शिक्षा (Experiential Learning) के माध्यम से प्रत्यक्ष जुड़ाव।
* शैक्षणिक संस्थानों, नवाचार प्रणालियों और विकासात्मक पहलों का अन्वेषण।
* स्थायी मित्रता और संबंधों का निर्माण।
4. **विविधता में एकता:**
* भारत की बहुलवादी संस्कृति और समाज का सम्मान।
* विभिन्न पहचानों के बावजूद एक साझा भारतीय पहचान का निर्माण।
* राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक भावना को मजबूत करना।
5. **चुनौतियाँ और सुझाव (संक्षेप में):** कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संभावित चुनौतियाँ और आगे के रास्ते।
6. **निष्कर्ष:** राष्ट्रीय एकीकरण और सामाजिक समरसता में कार्यक्रम के दीर्घकालिक महत्व पर बल।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Uttarakhand PCS (UKPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल द्वारा पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि से मुलाकात किस युवा संगम कार्यक्रम के दौरान हुई?
- युवा संगम चरण VII
- युवा संगम चरण VI
- युवा संगम चरण VIII
- युवा संगम चरण IX
उत्तर: युवा संगम चरण VII — उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि से युवा संगम चरण VII की यात्रा के दौरान मुलाकात की।
Mains: उत्तराखंड सरकार द्वारा आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं इसके राज्य के युवाओं के विकास में योगदान पर प्रकाश डालते हुए, इसकी राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान में भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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