20 Jul ई-श्रम पोर्टल: असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का एकीकृत समाधान
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और हस्तक्षेप, सामाजिक न्याय | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार
- Prelims: ई-श्रम पोर्टल, असंगठित श्रमिक, सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN), सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, प्लेटफॉर्म श्रमिक, गिग श्रमिक, राष्ट्रीय डेटाबेस ऑफ अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स (NDUW), वन-स्टॉप-सोल्यूशन
- Essay: भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का सशक्तिकरण: चुनौतियाँ और समाधान, डिजिटल इंडिया पहल और सामाजिक सुरक्षा का भविष्य
त्वरित पुनरावृत्ति: ई-श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस है जो उन्हें एक सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) प्रदान करता है और ‘वन-स्टॉप-सोल्यूशन’ के रूप में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही मंच पर एकीकृत करता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से 31.78 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए माइक्रोसाइट्स का शुभारंभ किया गया है ताकि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ई-श्रम सेवाओं को अनुकूलित किया जा सके, जिससे श्रमिक पंजीकरण, डेटा अपडेट और सत्यापन को सरल बनाया जा सके।
पृष्ठभूमि
- भारत में असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अक्सर औपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों के समान सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त नहीं होते हैं।
- असंगठित श्रमिकों में निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, प्लेटफॉर्म श्रमिक (Platform Workers), गिग श्रमिक (Gig Workers), घरेलू कामगार और कृषि श्रमिक आदि शामिल हैं।
- इन श्रमिकों को अक्सर अनिश्चित रोजगार, कम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा जैसे पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और मातृत्व लाभों की कमी का सामना करना पड़ता है।
- कोविड-19 महामारी ने असंगठित श्रमिकों की भेद्यता को उजागर किया, जिससे उनके लिए एक व्यापक डेटाबेस और सामाजिक सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता महसूस हुई।
- इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26 अगस्त, 2021 को ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य असंगठित श्रमिकों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना था।
- बजट घोषणा 2024-25 में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एक ही स्थान पर लाभ दिलाने के लिए ‘ई-श्रम’ को ‘वन-स्टॉप-सोल्यूशन’ के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई थी।
ई-श्रम पोर्टल क्या है?
- ई-श्रम पोर्टल श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 26 अगस्त, 2021 को शुरू किया गया एक राष्ट्रीय डेटाबेस है, जिसका उद्देश्य असंगठित श्रमिकों की पहचान करना और उन्हें पंजीकृत करना है।
- यह पोर्टल प्लेटफॉर्म श्रमिक और प्रवासी श्रमिक सहित सभी असंगठित श्रमिकों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस ऑफ अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स (NDUW) तैयार करता है।
- पंजीकृत श्रमिकों को एक सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) के साथ एक ई-श्रम कार्ड जारी किया जाता है, जो पूरे देश में मान्य होता है।
- पोर्टल पर पंजीकरण स्व-घोषणा के आधार पर किया जाता है, जिससे प्रक्रिया सरल और सुलभ हो जाती है।
- 14 जुलाई 2026 तक, 31.78 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
- यह एकीकरण ई-श्रम कार्डधारकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) और एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC) जैसी 15 केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करता है।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए माइक्रोसाइट्स भी शुरू की गई हैं ताकि वे अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार ई-श्रम सेवाओं का प्रबंधन कर सकें, जिससे पंजीकरण और डेटा अपडेट की प्रक्रिया और अधिक कुशल हो सके।
- ई-श्रम पोर्टल राष्ट्रीय कैरियर सेवा (NCS), स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM) जैसी अन्य सरकारी पहलों से भी जुड़ा हुआ है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW) | असंगठित श्रमिकों की पहचान और उनके व्यापक कवरेज के लिए एक केंद्रीकृत मंच। |
| सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) | श्रमिकों को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करता है, जिससे विभिन्न योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान होती है। |
| माइक्रोसाइट्स का शुभारंभ | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ई-श्रम सेवाओं को अनुकूलित करने में सशक्त बनाता है। |
| वन-स्टॉप-सोल्यूशन | विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एकीकृत करता है, जिससे श्रमिकों के लिए लाभ प्राप्त करना सरल हो जाता है। |
| विभिन्न योजनाओं का एकीकरण | सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभों और पहुंच का विस्तार करता है, जिससे अधिक श्रमिक लाभान्वित होते हैं। |
| रोजगार और कौशल विकास से जुड़ाव | श्रमिकों को न केवल सामाजिक सुरक्षा, बल्कि रोजगार और कौशल उन्नयन के अवसर भी प्रदान करता है। |
महत्व
सामाजिक समावेशन
- ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाकर सामाजिक समावेशन (Social Inclusion) को बढ़ावा देता है।
- यह गिग श्रमिक (Gig Worker) और प्रवासी श्रमिक (Migrant Worker) जैसे कमजोर वर्गों को पहचान और सुरक्षा प्रदान करता है, जो अक्सर पारंपरिक श्रम कानूनों से बाहर रहते हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण
- सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच श्रमिकों को अनिश्चितताओं से बचाती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में स्थिरता आती है।
- कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जुड़ाव श्रमिकों की आय क्षमता को बढ़ाता है और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर प्रदान करता है।
शासन और नीति निर्माण
- असंगठित श्रमिकों का एक व्यापक डेटाबेस सरकार को लक्षित नीतियों और योजनाओं को डिजाइन करने में मदद करता है।
- पोर्टल के माध्यम से योजनाओं का एकीकरण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाता है और लाभार्थियों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है।
संघवाद को सुदृढ़ करना
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए माइक्रोसाइट्स का शुभारंभ सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत को मजबूत करता है, जिससे राज्य अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार सेवाओं को अनुकूलित कर सकते हैं।
चुनौतियाँ
1. पंजीकरण और पहुंच
- असंगठित श्रमिकों में डिजिटल साक्षरता की कमी और इंटरनेट तक सीमित पहुंच पंजीकरण प्रक्रिया में बाधा बन सकती है।
- दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों तक पोर्टल की पहुंच सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, शासन
2. डेटा की सटीकता और सत्यापन
- स्व-घोषणा के आधार पर डेटा संग्रह में त्रुटियों या गलत जानकारी की संभावना हो सकती है।
- पंजीकृत डेटा के नियमित सत्यापन और अद्यतन की आवश्यकता है ताकि योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
यूपीएससी लिंक: शासन, ई-गवर्नेंस
3. योजनाओं का प्रभावी एकीकरण
- विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की योजनाओं को एक मंच पर एकीकृत करना और उनके सुचारु संचालन को सुनिश्चित करना एक जटिल कार्य है।
- योजनाओं के लाभों के वितरण में देरी या तकनीकी खामियां श्रमिकों के विश्वास को कम कर सकती हैं।
यूपीएससी लिंक: शासन, सामाजिक क्षेत्र
4. जागरूकता और संवेदीकरण
- असंगठित श्रमिकों के बीच ई-श्रम पोर्टल और इससे जुड़ी योजनाओं के बारे में जागरूकता का अभाव एक बड़ी चुनौती है।
- लाभों के बारे में स्पष्ट जानकारी और उनके लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय, मानव संसाधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| डिजिटल डिवाइड | असंगठित श्रमिकों में डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट पहुंच की कमी पंजीकरण में बाधा। |
| डेटा की गुणवत्ता | स्व-घोषणा पर आधारित डेटा में त्रुटियों की संभावना और नियमित सत्यापन की आवश्यकता। |
| योजनाओं का समन्वय | विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के एकीकरण और सुचारु वितरण में चुनौतियाँ। |
| जागरूकता का अभाव | पोर्टल और योजनाओं के लाभों के बारे में श्रमिकों के बीच अपर्याप्त जानकारी। |
| शिकायत निवारण | पंजीकृत श्रमिकों की समस्याओं और शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए तंत्र की आवश्यकता। |
| स्थिरता और अद्यतन | श्रमिकों के बदलते डेटा (जैसे पता, कौशल) को नियमित रूप से अद्यतन करने की आवश्यकता। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PMSVANidhi)
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
- विकसित भारत-गारंटी (VB-G RAM JI) रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए
- प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G)
- आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)
- प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (PMAY-U)
- प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY)
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- एक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC)
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
- प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (PM-SYM)
आगे की राह
- डिजिटल साक्षरता और जागरूकता अभियानों को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाए।
- पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाए और स्थानीय भाषाओं में सहायता प्रदान की जाए।
- डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए नियमित सत्यापन तंत्र और आधार (Aadhaar) जैसे पहचान पत्रों के साथ लिंक करने पर जोर दिया जाए।
- शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत किया जाए ताकि श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान हो सके।
- राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय को और बढ़ाया जाए ताकि माइक्रोसाइट्स का अधिकतम उपयोग हो सके।
- ई-श्रम पोर्टल को अन्य सरकारी डेटाबेस (जैसे मनरेगा, जन धन) के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं का पता लगाया जाए।
- पोर्टल पर उपलब्ध योजनाओं की संख्या और विविधता को बढ़ाया जाए ताकि असंगठित श्रमिकों की सभी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
- गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष योजनाओं और सुरक्षा उपायों पर विचार किया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
ई-श्रम पोर्टल · असंगठित श्रमिक · सामाजिक सुरक्षा · सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) · वन-स्टॉप-सोल्यूशन · प्लेटफॉर्म श्रमिक · प्रवासी श्रमिक · राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 38’, ‘note’: ‘राज्य लोक कल्याण की अभिवृद्धि का प्रयास करेगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 39’, ‘note’: ‘राज्य कुछ नीति का विशेष रूप से अनुसरण करेगा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 41’, ‘note’: ‘काम, शिक्षा और लोक सहायता पाने का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 43’, ‘note’: ‘कर्मकारों के लिए निर्वाह मजदूरी आदि’}
अवधारणा प्रवाह
असंगठित श्रमिकों की पहचान और डेटाबेस निर्माण → ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण और UAN जारी करना → विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एकीकरण → वन-स्टॉप-सोल्यूशन के माध्यम से योजनाओं तक पहुंच → सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण में वृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. ई-श्रम पोर्टल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा 2021 में शुरू किया गया था।
2. इसका उद्देश्य असंगठित श्रमिकों का एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है।
3. इस पर पंजीकृत श्रमिकों को एक विशिष्ट सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) प्रदान की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — सभी कथन सही हैं। ई-श्रम पोर्टल 26 अगस्त, 2021 को श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस बनाने के लिए शुरू किया गया था, और पंजीकृत श्रमिकों को एक सार्वभौमिक खाता संख्या (UAN) मिलती है।
Q2. ई-श्रम पोर्टल के तहत ‘वन-स्टॉप-सोल्यूशन’ पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- केवल प्रवासी श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- असंगठित श्रमिकों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
- विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एकीकृत कर श्रमिकों को लाभ पहुंचाना।
- असंगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की निगरानी करना।
उत्तर: विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एकीकृत कर श्रमिकों को लाभ पहुंचाना। — ई-श्रम – ‘वन-स्टॉप-सोल्यूशन’ का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा/कल्याणकारी योजनाओं का एक ही स्थान पर लाभ दिलाना है, जिससे उनकी पहुंच और लाभों का विस्तार हो सके।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में ई-श्रम पोर्टल की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। इस पोर्टल द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों और उन्हें दूर करने के उपायों पर भी चर्चा कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में ई-श्रम पोर्टल की भूमिका का विस्तार से वर्णन करें, जिसमें राष्ट्रीय डेटाबेस, UAN, ‘वन-स्टॉप-सोल्यूशन’ और विभिन्न योजनाओं के एकीकरण जैसे पहलुओं को शामिल करें। दूसरे भाग में, पोर्टल के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों (जैसे जागरूकता की कमी, डिजिटल साक्षरता, डेटा सत्यापन) पर प्रकाश डालें। अंत में, इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रभावी उपायों (जैसे माइक्रोसाइट्स का उपयोग, व्यापक प्रचार, जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान) का सुझाव दें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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