नशा मुक्त भारत अभियान: 10 करोड़ लोगों से राष्ट्रीय प्रतिज्ञा, जानिए कैसे बनें भागीदार

नशा मुक्त भारत अभियान की छठी वर्षगांठ पर नशा मुक्ति की राष्ट्रीय प्रतिज्ञा; इस महीने के अंत में भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम — diagram

नशा मुक्त भारत अभियान: 10 करोड़ लोगों से राष्ट्रीय प्रतिज्ञा, जानिए कैसे बनें भागीदार

नशा मुक्ति अभियानप्रारंभ15 अगस्त 2020रणनीतिमांग में कमीप्रतिज्ञा10 करोड़+ नागरिकसामूहिकसंपूर्ण सरकार/समाजलक्ष्यनशामुक्त समाज
नशा मुक्ति अभियान

✎ नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य 'संपूर्ण सरकार' और 'संपूर्ण समाज' के दृष्टिकोण के साथ भारत को नशा मुक्त बनाना है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाएँ  |  GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा, स्वास्थ्य
  • Prelims: नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, मादक द्रव्यों का दुरुपयोग, नशा मुक्ति मित्र, हेल्पलाइन नंबर 14446, संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण, संपूर्ण समाज दृष्टिकोण
  • Essay: नशा मुक्त समाज: चुनौतियाँ और समाधान, युवाओं का सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक पहल है, जिसका उद्देश्य ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण के साथ भारत को नशा मुक्त बनाना है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) की छठी वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर, मंत्रालय का लक्ष्य व्यक्तिगत और ऑनलाइन माध्यमों से 10 करोड़ से अधिक नागरिकों को राष्ट्रीय सामूहिक मादक द्रव्यों के दुरुपयोग विरोधी प्रतिज्ञा लेने के लिए जुटाना है। हाल ही में आयोजित तीसरी उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में इस राष्ट्रव्यापी शपथ ग्रहण समारोह की योजना और व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई, जिसमें ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर जोर दिया गया।

पृष्ठभूमि

  • भारत में मादक द्रव्यों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य समस्या है, जो व्यक्तियों, परिवारों और समाज पर व्यापक नकारात्मक प्रभाव डालती है।
  • इस चुनौती से निपटने के लिए, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 15 अगस्त 2020 को नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की।
  • यह अभियान देश के सबसे अधिक प्रभावित जिलों में मादक पदार्थों की मांग को कम करने पर केंद्रित है।
  • अभियान का उद्देश्य रोकथाम, मूल्यांकन, उपचार, पुनर्वास, उपचार के बाद की देखभाल और जन सूचना प्रसार के माध्यम से एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना है।
  • यह अभियान विशेष रूप से युवाओं और उच्च शिक्षा संस्थानों पर ध्यान केंद्रित करता है, उन्हें नशा मुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
  • अभियान में विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा दिया जाता है।

नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) क्या है?

  • नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत को नशा मुक्त बनाना है।
  • यह अभियान 272 सबसे संवेदनशील जिलों में केंद्रित है, जहाँ मादक द्रव्यों के सेवन की समस्या अधिक गंभीर है।
  • NMBA का मुख्य उद्देश्य जागरूकता फैलाना, मादक द्रव्यों के दुरुपयोग के पीड़ितों तक पहुँचना, उपचार और पुनर्वास सेवाएँ प्रदान करना तथा समाज में नशा मुक्ति के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
  • यह अभियान ‘संपूर्ण सरकार’ (Whole of Government) और ‘संपूर्ण समाज’ (Whole of Society) के दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।
  • अभियान के तहत, नशा मुक्ति मित्र (Nasha Mukti Mitr) के रूप में स्वयंसेवकों को पंजीकृत करने और हेल्पलाइन नंबर 14446 के माध्यम से सहायता प्रदान करने पर भी जोर दिया जाता है।
  • NMBA ई-प्रतिज्ञा (e-Pledge) एक ऑनलाइन पहल है जो नागरिकों को नशा मुक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है।
  • यह युवाओं को नशामुक्त समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए सशक्त बनाने का भी प्रयास करता है।
  • अभियान का लक्ष्य लोगों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही हितधारकों को एक साझा लक्ष्य की ओर मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करना है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम, मूल्यांकन, उपचार, पुनर्वास और जन जागरूकता के लिए एक व्यापक पहल।
छठी वर्षगांठ अभियान की निरंतरता और प्रभावशीलता का प्रतीक, भविष्य की रणनीतियों के लिए आधार प्रदान करता है।
राष्ट्रीय प्रतिज्ञा नागरिकों को नशा मुक्ति के प्रति व्यक्तिगत और सामूहिक प्रतिबद्धता के लिए प्रेरित करता है।
10 करोड़ से अधिक नागरिकों की भागीदारी का लक्ष्य जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने और अभियान को राष्ट्रव्यापी बनाने का प्रयास।
संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज का दृष्टिकोण मादक पदार्थों के दुरुपयोग से निपटने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और नागरिक समाज के बीच समन्वय और सहयोग पर जोर।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह अभियान समाज में मादक पदार्थों के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों और चुनौतियों के बारे में आम लोगों में जागरूकता बढ़ाता है।
  • यह युवाओं को नशामुक्त समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए सशक्त बनाता है, जिससे एक स्वस्थ और उत्पादक पीढ़ी का निर्माण होता है।
  • यह व्यक्तियों में जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे सामाजिक ताने-बाने को मजबूती मिलती है।

शासनिक महत्व

  • यह ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है, जिसमें विभिन्न सरकारी मंत्रालय, विभाग और नागरिक समाज संगठन एक साझा लक्ष्य के लिए मिलकर काम करते हैं।
  • यह मादक पदार्थों की मांग को कम करने के लिए एक समन्वित और बहुआयामी रणनीति प्रदान करता है, जिसमें रोकथाम से लेकर पुनर्वास तक के पहलू शामिल हैं।
  • यह नीति निर्माण और कार्यान्वयन में जनभागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है, जिससे सरकारी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ती है।

नैतिक महत्व

  • यह अभियान मादक पदार्थों के दुरुपयोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति और समर्थन की भावना को बढ़ावा देता है।
  • यह समाज में नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवन शैली को प्रोत्साहित करता है, जिससे व्यक्तियों का समग्र कल्याण सुनिश्चित होता है।
  • यह नागरिकों को एक साझा लक्ष्य की ओर मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करके एकता और प्रतिबद्धता की भावना को बढ़ावा देता है।

चुनौतियाँ

1. व्यापक पहुंच और जागरूकता

  • देश के दूरदराज के क्षेत्रों और हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक अभियान के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाना एक चुनौती है।
  • विभिन्न आयु समूहों और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों के लिए उपयुक्त और आकर्षक जागरूकता सामग्री विकसित करना।

2. पुनर्वास और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता

  • मादक पदार्थों के आदी व्यक्तियों के लिए पर्याप्त और सुलभ उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों की कमी।
  • पुनर्वास के बाद सामाजिक एकीकरण और भेदभाव को कम करने की चुनौती।

3. अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति पर नियंत्रण

  • मादक पदार्थों की अवैध तस्करी और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करना एक निरंतर चुनौती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सीमा पार अपराधों से निपटना।

4. सामाजिक कलंक और भेदभाव

  • मादक पदार्थों के आदी व्यक्तियों और उनके परिवारों के प्रति सामाजिक कलंक और भेदभाव को दूर करना।
  • पुनर्वासित व्यक्तियों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
जनभागीदारी की निरंतरता शपथ ग्रहण के बाद भी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को बनाए रखना और उन्हें अभियान से जोड़े रखना।
डेटा संग्रह और मूल्यांकन अभियान के प्रभाव और पहुंच का सटीक डेटा एकत्र करना और उसका मूल्यांकन करना ताकि भविष्य की रणनीतियों को सूचित किया जा सके।
संसाधनों का आवंटन मादक पदार्थों की रोकथाम, उपचार और पुनर्वास के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना।
नीति समन्वय विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच नीतियों और कार्यक्रमों का प्रभावी समन्वय ताकि प्रयासों की पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
युवाओं पर विशेष ध्यान युवाओं को मादक पदार्थों के दुरुपयोग से बचाने के लिए विशेष रूप से लक्षित और प्रभावी कार्यक्रम विकसित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA)

आगे की राह

  • अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए, विशेषकर युवाओं को लक्षित करने के लिए।
  • मादक पदार्थों के दुरुपयोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए उपचार और पुनर्वास सुविधाओं की संख्या और गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए, साथ ही उनकी पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • स्कूलों और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खतरों और रोकथाम के उपायों को शामिल किया जाना चाहिए ताकि जागरूकता प्रारंभिक स्तर से ही बढ़ाई जा सके।
  • पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बाधित किया जा सके।
  • पुनर्वासित व्यक्तियों के सामाजिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।
  • समुदाय-आधारित संगठनों (CBOs) और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि उनकी जमीनी स्तर पर पहुंच और अनुभव महत्वपूर्ण हैं।
  • मादक पदार्थों के दुरुपयोग के पैटर्न और प्रभाव पर नियमित अनुसंधान और डेटा संग्रह किया जाना चाहिए ताकि साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाई जा सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

नशा मुक्त भारत अभियान · मादक द्रव्यों का दुरुपयोग · सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय · संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण · संपूर्ण समाज दृष्टिकोण · युवा सशक्तिकरण · जन जागरूकता · सामूहिक प्रतिज्ञा · नशामुक्ति हेल्पलाइन · स्वयंसेवी भागीदारी

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘राज्य का कर्तव्य: पोषाहार स्तर, जीवन स्तर को ऊँचा करना और लोक स्वास्थ्य का सुधार।’}

अवधारणा प्रवाह

मादक पदार्थों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक समस्या है।  →  नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) इस समस्या से निपटने के लिए शुरू किया गया।  →  अभियान जन जागरूकता और सामूहिक भागीदारी पर केंद्रित है।  →  राष्ट्रीय प्रतिज्ञा नागरिकों को नशा मुक्ति के प्रति प्रतिबद्ध करती है।  →  यह ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है।  →  लक्ष्य एक नशामुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा किया गया था।
2. इस अभियान का उद्देश्य मुख्य रूप से मादक द्रव्यों के उत्पादन को नियंत्रित करना है।
3. NMBA के तहत ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर बल दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल एक — कथन 1 गलत है। नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) का शुभारंभ केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया था। कथन 2 गलत है। इस अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की मांग को कम करना, जागरूकता बढ़ाना और नशामुक्ति के लिए सहायता प्रदान करना है, न कि मुख्य रूप से उत्पादन को नियंत्रित करना। कथन 3 सही है। NMBA के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण पर बल दिया जाता है।

Q2. नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह अभियान 15 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया था।
2. इस अभियान के तहत नशामुक्ति के लिए हेल्पलाइन नंबर 14446 संचालित किया जाता है।
3. ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में स्वयंसेवक पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है। नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) 15 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया था। कथन 2 सही है। नशामुक्ति को बढ़ावा देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 14446 संचालित किया जाता है। कथन 3 सही है। नागरिक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में स्वयंसेवक के तौर पर पंजीकरण कर सकते हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) के उद्देश्यों की विवेचना कीजिए और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने में ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण के महत्व का विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना: परिचय में नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) का संक्षिप्त परिचय (कब और किस मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया)। मुख्य भाग में NMBA के उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन (रोकथाम, मूल्यांकन, उपचार, पुनर्वास, जन जागरूकता, युवा सशक्तिकरण)। इसके बाद ‘संपूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण की व्याख्या (विभिन्न मंत्रालयों/विभागों की भूमिका – स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा, पुलिस, रेलवे, रक्षा आदि) और ‘संपूर्ण समाज’ दृष्टिकोण की व्याख्या (नागरिकों, स्वयंसेवकों, सामाजिक/स्वैच्छिक/आध्यात्मिक संगठनों, प्रभावशाली व्यक्तियों की भागीदारी)। इन दोनों दृष्टिकोणों के महत्व का विश्लेषण (समन्वित प्रयास, व्यापक पहुंच, संसाधनों का अधिकतम उपयोग, सामाजिक जिम्मेदारी का विकास)। निष्कर्ष में अभियान की सफलता के लिए इन दृष्टिकोणों की अनिवार्यता और भविष्य की दिशा पर प्रकाश।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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