27 Jul पीएम पोषण योजना: सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा बेहतर पोषण, जानें नए मानक


मानचित्र व माइंड-मैप: PM POSHAN Scheme Nutrition Standards
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सामाजिक न्याय: गरीबी और भूख से संबंधित विषय, स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। | GS Paper II — शासन: सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे।
- Prelims: पीएम पोषण योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013, समवर्ती सूची, बाल वाटिका, पोषण संबंधी मानक, फ्लेक्सी कंपोनेंट, स्कूल पोषण वाटिकाएँ (SNG), मोटे अनाज (मिलेट्स)
- Essay: भारत में बच्चों के पोषण और शिक्षा में सुधार की दिशा में सरकारी योजनाओं की भूमिका।, खाद्य सुरक्षा और पोषण: एक समावेशी विकास की कुंजी।
त्वरित पुनरावृत्ति: पीएम पोषण योजना बच्चों के पोषण स्तर और सीखने के परिणामों में सुधार के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में गर्म पका हुआ भोजन प्रदान करती है, जिसमें विशिष्ट पोषण और खाद्य मानक निर्धारित हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में पीएम पोषण योजना (PM POSHAN Scheme) के अंतर्गत निर्धारित पोषण संबंधी मानकों और इसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और उनके सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
पृष्ठभूमि
- शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, जिसका अर्थ है कि केंद्र और राज्य दोनों इस पर कानून बना सकते हैं।
- पीएम पोषण योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासनों के सहयोग से किया जाता है।
- यह योजना सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में बाल वाटिका (कक्षा 1 से ठीक पहले) तथा कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को गर्म एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराती है।
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (National Food Security Act, 2013) इस योजना के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है, जो खाद्य सुरक्षा को एक कानूनी अधिकार बनाता है।
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मेनू निर्धारित करने और मोटे अनाज, सब्जियां आदि जैसे स्थानीय रूप से उगाए जाने वाले खाद्य पदार्थों की खरीद को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
- नीति आयोग (NITI Aayog) ने 2025-26 में एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष एजेंसी के माध्यम से इस योजना का मूल्यांकन कराया, जिसने इसके सकारात्मक प्रभावों की पुष्टि की।
पीएम पोषण योजना क्या है?
- भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है।
- इसका उद्देश्य सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना, नामांकन बढ़ाना और उपस्थिति में वृद्धि करना है।
- योजना के तहत, स्कूल के सभी कार्य दिवसों पर पात्र बच्चों को एक समय का गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
- प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1-5) के लिए प्रतिदिन प्रति बच्चा 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन तथा उच्च प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 6-8) के लिए 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन निर्धारित है।
- खाद्य मानकों में प्राथमिक के लिए 100 ग्राम खाद्यान्न, 20 ग्राम दालें, 50 ग्राम सब्जियां और 5 ग्राम तेल व वसा शामिल हैं, जबकि उच्च प्राथमिक के लिए ये मात्राएँ क्रमशः 150 ग्राम, 30 ग्राम, 75 ग्राम और 7.5 ग्राम हैं।
- कुल आवर्ती बजट का 5% ‘फ्लेक्सी कंपोनेंट’ (Flexi Component) के रूप में निर्धारित है, जिसका उपयोग राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्कूल पोषण वाटिकाओं (School Nutrition Gardens – SNG) की स्थापना और पूरक पोषण संबंधी पहलों के लिए कर सकते हैं।
- कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेश स्थानीय खान-पान की आदतों और सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के आधार पर अतिरिक्त पूरक पोषण भी प्रदान करते हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| बाल वाटिका से कक्षा 8 तक कवरेज | प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च प्राथमिक स्तर तक बच्चों के पोषण और सीखने के परिणामों में सुधार। |
| गर्म एवं पौष्टिक भोजन | बच्चों को आवश्यक पोषण प्रदान कर कुपोषण से लड़ने में सहायक, विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने में भी योगदान। |
| राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी | योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अनुकूलन सुनिश्चित करता है। |
| स्थानीय खाद्य सामग्री को प्राथमिकता | स्थानीय कृषि को बढ़ावा देता है और बच्चों को ताज़ा, मौसमी तथा सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य भोजन उपलब्ध कराता है। |
| निर्धारित पोषण एवं खाद्य मानक | सुनिश्चित करता है कि बच्चों को पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन मिलें, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। |
| फ्लेक्सी कंपोनेंट (5% बजट) | राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूल पोषण वाटिका (SNG) और पूरक पोषण पहल के लिए लचीलापन प्रदान करता है। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- बच्चों में कुपोषण (Malnutrition) और अल्पपोषण (Under-nutrition) की समस्या को कम करने में सहायक, जिससे उनके स्वास्थ्य और विकास में सुधार होता है।
- शिक्षा के अधिकार (Right to Education) को सुदृढ़ करता है, क्योंकि बेहतर पोषण बच्चों को स्कूल में ध्यान केंद्रित करने और सीखने में मदद करता है।
- विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के बच्चों के लिए सामाजिक समानता और समावेशन को बढ़ावा देता है, क्योंकि उन्हें पौष्टिक भोजन तक पहुँच मिलती है।
शैक्षणिक महत्व
- स्कूल में बच्चों की उपस्थिति और नामांकन दर (Enrollment Rate) में वृद्धि करता है, क्योंकि गर्म भोजन एक अतिरिक्त प्रोत्साहन के रूप में कार्य करता है।
- बच्चों के सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) और संज्ञानात्मक क्षमताओं (Cognitive Abilities) में सुधार करता है, क्योंकि पोषण की कमी सीखने की क्षमता को प्रभावित करती है।
- ड्रॉपआउट दर (Dropout Rate) को कम करने में मदद करता है, जिससे अधिक बच्चे अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी कर पाते हैं।
आर्थिक महत्व
- स्थानीय किसानों और कृषि उत्पादों को बढ़ावा देता है, विशेषकर मोटे अनाज (Millets), सब्जियां आदि की खरीद को प्राथमिकता देकर।
- दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ और शिक्षित कार्यबल (Workforce) तैयार करने में योगदान देता है, जिससे देश की उत्पादकता और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) बढ़ती है।
- स्वास्थ्य देखभाल पर होने वाले खर्च को कम करने में सहायक, क्योंकि बेहतर पोषण बीमारियों की घटनाओं को कम करता है।
चुनौतियाँ
1. गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी
- भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मानकों का लगातार अनुपालन सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
- भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधन
2. वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों का आवंटन
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा योजना के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों का आवंटन और उनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
- फ्लेक्सी कंपोनेंट का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करना।
यूपीएससी लिंक: शासन: सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
3. खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और भंडारण
- खाद्यान्न, दालों, सब्जियों आदि की समय पर और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- भोजन सामग्री के सुरक्षित भंडारण और वितरण की व्यवस्था।
यूपीएससी लिंक: कृषि: खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित उद्योग
4. स्थानीय अनुकूलन और विविधता
- स्थानीय खान-पान की आदतों, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं और खाद्य सामग्री की उपलब्धता के अनुसार मेनू को अनुकूलित करना।
- अतिरिक्त पूरक पोषण प्रदान करने में राज्यों के बीच असमानता।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक मुद्दे: क्षेत्रीय असमानताएं
5. योजना का मूल्यांकन और प्रभाव आकलन
- योजना के वास्तविक प्रभाव का नियमित और स्वतंत्र मूल्यांकन सुनिश्चित करना।
- डेटा संग्रह और विश्लेषण में पारदर्शिता बनाए रखना।
यूपीएससी लिंक: शासन: सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता | खराब गुणवत्ता या दूषित भोजन से बच्चों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। |
| निगरानी तंत्र की कमी | योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और मानकों के अनुपालन की निगरानी में चुनौतियाँ। |
| वित्तीय अनियमितताएं | योजना के तहत आवंटित धन के दुरुपयोग या अक्षम उपयोग की संभावना। |
| स्थानीय आपूर्ति में बाधाएँ | प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से स्थानीय खाद्य सामग्री की आपूर्ति में व्यवधान। |
| कर्मचारियों का अपर्याप्त प्रशिक्षण | भोजन तैयार करने और परोसने वाले कर्मियों में स्वच्छता और पोषण संबंधी ज्ञान की कमी। |
| सामाजिक ऑडिट का अभाव | समुदाय की भागीदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने में कमी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- पीएम पोषण योजना (PM POSHAN Scheme)
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (National Food Security Act, 2013)
आगे की राह
- योजना के तहत भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र स्थापित करना।
- स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मोटे अनाज, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को मेनू में शामिल करने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करना।
- भोजन तैयार करने और परोसने वाले कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना, जिसमें स्वच्छता और पोषण संबंधी पहलुओं पर जोर दिया जाए।
- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाना।
- स्कूल पोषण वाटिकाओं (School Nutrition Gardens) की स्थापना को व्यापक रूप से बढ़ावा देना ताकि बच्चों को ताज़ी सब्जियां और फल मिल सकें।
- योजना के प्रभाव का नियमित और स्वतंत्र मूल्यांकन कराना तथा प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक सुधार करना।
- समुदाय की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना, विशेषकर माता-पिता और स्थानीय निकायों को योजना की निगरानी में शामिल करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
पीएम पोषण योजना · राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 · समवर्ती सूची · पोषण संबंधी मानक · खाद्य मानक · बाल वाटिका · कुपोषण · खाद्य सुरक्षा · फ्लेक्सी कंपोनेंट · स्कूल पोषण वाटिका
अवधारणा प्रवाह
कुपोषण और शिक्षा में बाधा → पीएम पोषण योजना का क्रियान्वयन → निर्धारित पोषण और खाद्य मानक → गर्म एवं पौष्टिक भोजन का प्रावधान → पोषण स्तर में सुधार और सीखने के परिणाम → बच्चों का समग्र विकास और सशक्तिकरण
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. पीएम पोषण योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना केवल कक्षा 1 से 5 तक के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कवर करती है।
2. योजना के तहत, सभी पात्र बच्चों को स्कूल के सभी कार्य दिवसों पर एक समय का गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
3. शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 गलत है क्योंकि पीएम पोषण योजना बाल वाटिका (कक्षा 1 से ठीक पहले) तथा कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को कवर करती है। कथन 2 सही है। कथन 3 सही है, शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है।
Q2. पीएम पोषण योजना के तहत प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए निर्धारित पोषण संबंधी मानकों के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?
1. कैलोरी: 450
2. प्रोटीन: 12 ग्राम
3. खाद्यान्न: 100 ग्राम
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए निर्धारित पोषण संबंधी मानक हैं: कैलोरी 450, प्रोटीन 12 ग्राम। खाद्यान्न की निर्धारित मात्रा 100 ग्राम है। अतः सभी युग्म सही सुमेलित हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ पीएम पोषण योजना के प्रमुख उद्देश्यों और इसके क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका का विस्तार से वर्णन कीजिए। यह योजना बच्चों के पोषण स्तर और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने में कैसे सहायक है? चर्चा कीजिए।
रूपरेखा: उत्तर की शुरुआत पीएम पोषण योजना के संक्षिप्त परिचय से करें, इसके बाद इसके प्रमुख उद्देश्यों जैसे कुपोषण से निपटना, स्कूल में नामांकन बढ़ाना और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार करना शामिल करें। योजना के क्रियान्वयन में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालें, जिसमें स्थानीय मेनू निर्धारण और स्थानीय खाद्य सामग्री की खरीद शामिल है। अंत में, नीति आयोग के मूल्यांकन का हवाला देते हुए बताएं कि कैसे यह योजना बच्चों के पोषण स्तर और सीखने के परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रही है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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