रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों के लिए नई नीति की घोषणा

रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों के लिए नई नीति की घोषणा

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मानचित्र व माइंड-मैप: Indian Coast Guard policy reforms

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, सामाजिक न्याय  |  GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
  • Prelims: भारतीय तटरक्षक बल (ICG), लैंगिक समानता, नारी शक्ति, शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA), परमानेंट अपॉइंटमेंट (PA), अनुग्रह राशि (Ex-gratia), समुद्री सुरक्षा
  • Essay: भारत में लैंगिक समानता की दिशा में बढ़ते कदम, समुद्री सुरक्षा और तटरक्षक बल की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: भारतीय तटरक्षक बल में नए नीतिगत सुधार लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं और कर्तव्य के दौरान लापता हुए कर्मियों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करते हैं।

यह खबर चर्चा में क्यों?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए दो प्रमुख नीतिगत सुधारों का अनावरण किया है। इन सुधारों का उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है, साथ ही कर्तव्य के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि (ex-gratia) प्रदान करने की प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है। ये कदम सरकार की ‘नारी शक्ति’ के प्रति प्रतिबद्धता और देश के समुद्री सुरक्षा तंत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) भारत की एक बहु-मिशन समुद्री कानून प्रवर्तन और खोज एवं बचाव एजेंसी है, जिसका समुद्री हितों की रक्षा करना और समुद्री कानून को लागू करना प्राथमिक कर्तव्य है।
  • यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और भारतीय नौसेना, मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग (सीमा शुल्क) और केंद्रीय तथा राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर काम करता है।
  • ICG की स्थापना 18 अगस्त 1978 को तटरक्षक अधिनियम, 1978 (Coast Guard Act, 1978) द्वारा की गई थी, ताकि भारत के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • ऐतिहासिक रूप से, रक्षा और सुरक्षा बलों में महिलाओं की भूमिका सीमित रही है, लेकिन हाल के वर्षों में सरकार ने सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं।
  • समुद्र में ड्यूटी के दौरान लापता होने वाले कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि और अन्य लाभ प्राप्त करने में अक्सर लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था, जिससे उनके मानसिक आघात के समय में और कठिनाई होती थी।

भारतीय तटरक्षक बल में नए नीतिगत सुधार क्या हैं?

  • पहला नीतिगत निर्देश अधिकारियों की भर्ती के लिए एक व्यापक, महिला-केंद्रित और लैंगिक-तटस्थ ढांचा स्थापित करता है।
  • इसके तहत महिला उम्मीदवारों को शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (Short Service Appointment – SSA) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (Permanent Appointment – PA) दोनों में पुरुष समकक्षों के बराबर शामिल किया जाएगा।
  • पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी SSA को खोल दिया गया है, जिससे सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होंगे।
  • यह नीति प्रारंभिक प्रशिक्षण चरण से ही करियर की प्रगति के लिए समान अवसर सुनिश्चित करती है।
  • मौजूदा PA महिला अधिकारियों को भी पात्रता शर्तों को पूरा करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए विचार किया जाएगा।
  • SSA पर सेवारत मौजूदा महिला अधिकारियों को भी निर्धारित शर्तों को पूरा करने पर अपनी सेवा को PA में बदलने का विकल्प प्रदान किया जाएगा।
  • दूसरा नीतिगत सुधार उन कर्मियों के परिजनों के लिए राहत और प्रशासनिक आसानी लाता है जो कर्तव्य के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं।
  • इस नीति के तहत, कर्तव्य के दौरान समुद्र में लापता हुए ICG कर्मियों को अनुग्रह राशि के उद्देश्य से ‘मृत मान लिया जाएगा’ (presumed dead) घोषित करने का अधिकार दिया गया है।
  • यह सुधार अनुग्रह राशि मुआवजे और अन्य टर्मिनल लाभों को परिजनों को प्रदान करने की प्रक्रिया को काफी आसान और तेज करता है, जिससे अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
अधिकारियों की भर्ती में लैंगिक समानता भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) में महिला अधिकारियों की स्थायी और शॉर्ट सर्विस नियुक्तियों में पुरुषों के समान अवसर, ‘नारी शक्ति’ को बढ़ावा।
शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) पुरुषों के लिए भी पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी SSA का विस्तार, अधिक अवसर और बल की क्षमता में वृद्धि।
करियर प्रगति में समान अवसर प्रारंभिक प्रशिक्षण से ही करियर के हर चरण में महिलाओं को पुरुषों के समान अवसर, मौजूदा महिला अधिकारियों के लिए उच्च पदों पर पदोन्नति का प्रावधान।
SSA से स्थायी नियुक्ति में परिवर्तन का विकल्प सेवारत महिला SSA अधिकारियों को निर्धारित शर्तों के अधीन स्थायी नियुक्ति (PA) में बदलने का विकल्प, करियर सुरक्षा और स्थिरता।
समुद्र में लापता कर्मियों के लिए अनुग्रह राशि प्रक्रिया का सरलीकरण ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता ICG कर्मियों को ‘मृत मानकर’ अनुग्रह राशि (ex-gratia) और अन्य लाभों के त्वरित भुगतान का प्रावधान।
प्रशासनिक प्रक्रिया में सुगमता लापता कर्मियों के परिजनों को मानसिक आघात के समय लंबी प्रशासनिक देरी से राहत, त्वरित वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह नीति ‘नारी शक्ति’ के सिद्धांत को सुदृढ़ करती है, जो महिलाओं को देश की समुद्री सुरक्षा में समान भागीदार बनने का अवसर प्रदान करती है।
  • महिलाओं के लिए करियर के समान अवसर सुनिश्चित करके लैंगिक समानता (Gender Parity) को बढ़ावा देती है, जिससे समाज में महिलाओं की भूमिका और सशक्त होती है।
  • लापता कर्मियों के परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है, जिससे उनके मानसिक आघात को कम करने में मदद मिलती है।

प्रशासनिक महत्व

  • अनुग्रह राशि और टर्मिनल लाभों के वितरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करती है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है।
  • प्रशासनिक बाधाओं को कम करके परिवारों को समय पर सहायता सुनिश्चित करती है, जिससे सरकारी तंत्र में विश्वास बढ़ता है।
  • भारतीय तटरक्षक बल के भीतर अधिकारियों की भर्ती और पदोन्नति के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी ढाँचा स्थापित करती है।

रणनीतिक महत्व

  • भारतीय तटरक्षक बल की परिचालन क्षमता और मनोबल को बढ़ाती है, जिससे यह एक आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार समुद्री बल बनता है।
  • लैंगिक समावेशिता से बल की विविधता बढ़ती है, जो विभिन्न दृष्टिकोणों और क्षमताओं को लाती है, जिससे समग्र प्रभावशीलता में सुधार होता है।
  • यह सुधार भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति को मजबूत करता है, विशेष रूप से 2027 में ICG के स्वर्ण जयंती वर्ष के करीब।

चुनौतियाँ

1. लैंगिक समानता का कार्यान्वयन

  • नई नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सांस्कृतिक और संस्थागत बाधाओं को दूर करना।
  • महिला अधिकारियों के लिए समान प्रशिक्षण, तैनाती और करियर प्रगति के अवसरों को सुनिश्चित करना।

2. प्रशासनिक चुनौतियाँ

  • अनुग्रह राशि के भुगतान की प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित करने के लिए आवश्यक संसाधनों और जनशक्ति का आवंटन।
  • लापता कर्मियों के मामलों में ‘मृत मानकर’ घोषणा के लिए एक स्पष्ट और संवेदनशील प्रोटोकॉल स्थापित करना।

3. मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण

  • लापता कर्मियों के परिवारों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ मानसिक और भावनात्मक समर्थन प्रदान करना।
  • बल के भीतर कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सहायता प्रणालियों को मजबूत करना।

4. परिचालन संबंधी प्रभाव

  • लैंगिक समावेशी नीतियों के साथ-साथ बल की परिचालन तैयारी और प्रभावशीलता को बनाए रखना।
  • महिला अधिकारियों के लिए विशेष आवश्यकताओं (जैसे सुरक्षा, आवास) को पूरा करते हुए उन्हें चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में एकीकृत करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
लैंगिक समावेशिता का पूर्ण कार्यान्वयन पुरानी मानसिकता और संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना ताकि महिला अधिकारियों को वास्तव में समान अवसर मिल सकें।
प्रशिक्षण और तैनाती में समानता यह सुनिश्चित करना कि महिला अधिकारियों को पुरुषों के समान चुनौतीपूर्ण और विविध भूमिकाओं में प्रशिक्षित और तैनात किया जाए।
लापता कर्मियों के परिवारों का भावनात्मक समर्थन अनुग्रह राशि के अतिरिक्त, परिवारों को परामर्श और दीर्घकालिक भावनात्मक सहायता प्रदान करने की आवश्यकता।
संसाधन आवंटन नई नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त बजट और मानव संसाधनों का आवंटन।
मौजूदा महिला अधिकारियों का रूपांतरण शॉर्ट सर्विस से स्थायी नियुक्ति में रूपांतरण की प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना।

आगे की राह

  • भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।
  • महिला अधिकारियों के लिए विशेष मेंटरशिप कार्यक्रम और करियर परामर्श सत्र आयोजित किए जाएं।
  • लापता कर्मियों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श और सामाजिक सहायता नेटवर्क स्थापित किए जाएं।
  • भर्ती और पदोन्नति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित ऑडिट किए जाएं।
  • महिला अधिकारियों के लिए अनुकूल कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु बुनियादी ढांचे और सुविधाओं में सुधार किया जाए।
  • नीतियों के कार्यान्वयन की प्रगति की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए, ताकि आवश्यकतानुसार सुधार किए जा सकें।
  • अन्य सुरक्षा बलों से सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया जाए ताकि लैंगिक समानता और कर्मियों के कल्याण को और बढ़ाया जा सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

भारतीय तटरक्षक बल · लैंगिक समानता · नारी शक्ति · सेवा शर्तें · शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट · स्थायी अपॉइंटमेंट · अनुग्रह राशि · समुद्री सुरक्षा · रक्षा नीति सुधार · कार्मिक कल्याण

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘Article’: ‘अनुच्छेद 14’, ‘note’: ‘कानून के समक्ष समानता और समान संरक्षण’}
  • {‘Article’: ‘अनुच्छेद 15’, ‘note’: ‘धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध’}
  • {‘Article’: ‘अनुच्छेद 16’, ‘note’: ‘लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता’}

अवधारणा प्रवाह

नीति सुधारों की घोषणा (लैंगिक समानता, अनुग्रह राशि)  →  भारतीय तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में सुधार  →  समुद्र में लापता कर्मियों के परिवारों को त्वरित वित्तीय सहायता  →  बल की परिचालन क्षमता और कर्मियों के मनोबल में वृद्धि  →  भारत की समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करना  →  राष्ट्र निर्माण में ‘नारी शक्ति’ का योगदान

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. हाल ही में भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) में किए गए नीतिगत सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इन सुधारों का उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
2. शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) अब केवल महिला उम्मीदवारों के लिए ही उपलब्ध है।
3. लापता कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि (ex-gratia) देने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 3 — कथन 1 सही है। नीतिगत सुधारों का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। कथन 2 गलत है। शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) अब पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी खोल दिया गया है, न कि केवल महिलाओं के लिए। कथन 3 सही है। लापता कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि और अन्य लाभों के भुगतान की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया गया है।

Q2. भारतीय तटरक्षक बल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
2. इसका मुख्य कार्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सुनिश्चित करना है।
3. ‘नारी शक्ति’ पहल के तहत, महिला अधिकारियों को अब स्थायी अपॉइंटमेंट (Permanent Appointment) के लिए भी विचार किया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है। भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। कथन 2 सही है। इसका प्राथमिक कार्य समुद्री खोज और बचाव, प्रदूषण नियंत्रण और भारत के समुद्री क्षेत्रों में कानून प्रवर्तन है। कथन 3 सही है। नई नीति के तहत, महिला उम्मीदवारों को शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (SSA) और स्थायी अपॉइंटमेंट (PA) दोनों में पुरुष समकक्षों के समान अवसर मिलेंगे, जो ‘नारी शक्ति’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारतीय तटरक्षक बल में हाल ही में किए गए नीतिगत सुधार लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और कार्मिक कल्याण सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक होंगे? इन सुधारों का बल की परिचालन दक्षता और मनोबल पर क्या प्रभाव पड़ सकता है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में, भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने वाले नीतिगत सुधारों (जैसे महिला अधिकारियों के लिए SSA और PA में समान अवसर, करियर प्रगति) का विस्तार से उल्लेख करें। दूसरे भाग में, लापता कर्मियों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कार्मिक कल्याण उपायों पर प्रकाश डालें। अंत में, इन सुधारों के बल की परिचालन दक्षता, मनोबल और ‘नारी शक्ति’ के व्यापक संदर्भ में पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का विश्लेषण करें।

स्रोत: Times of India


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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