12 Aug राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए फंडिंग बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया
✎ सहकारी क्षेत्र के लिए धन उपलब्धता बढ़ाने हेतु विधेयक राज्यसभा से पारित किया गया है।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने हेतु विधेयक पारित कर दिया है। यह विधेयक सहकारी समितियों को अधिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने तथा उनकी कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। विधेयक में सहकारी बैंकों और संस्थाओं को ऋण देने के लिए अधिक स्वायत्तता प्रदान करने तथा उनके विनियमन में पारदर्शिता लाने के प्रावधान शामिल हैं। इसके माध्यम से सहकारी क्षेत्र को संस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
इस विधेयक का महत्व भारतीय राजनीति और प्रशासन के लिए बहुआयामी है। संघीय ढांचे में सहकारी संस्थाएं राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विधेयक के माध्यम से सहकारी क्षेत्र को मिलने वाली वित्तीय सहायता में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा, जो सीधे तौर पर राज्य पीसीएस परीक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल ‘सहकारी संघवाद’ और ‘ग्रामीण विकास’ जैसे विषयों से जुड़ा है। इसके अतिरिक्त, विधेयक में प्रस्तावित विनियामक सुधार सहकारी संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक होंगे, जो यूपीएससी के ‘शासन व्यवस्था’ और ‘नैतिकता’ जैसे खंडों के लिए प्रासंगिक हैं।
विधेयक के पारित होने से सहकारी क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने के मार्ग भी प्रशस्त होंगे, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक समावेशन को बल मिलेगा। यह विधेयक उन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है जिनका सामना सहकारी संस्थाएं वित्तीय संसाधनों की कमी और नियामक बाधाओं के कारण करती रही हैं। राज्य पीसीएस परीक्षाओं में अक्सर सहकारी क्षेत्र से संबंधित नीतियों और उनके प्रभावों पर प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनके उत्तर देने में यह विधेयक एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु बन सकता है। इसके अलावा, विधेयक में प्रस्तावित सुधारों से सहकारी संस्थाओं की संस्थागत क्षमता में वृद्धि होगी, जो ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (एसडीजी) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप भी है।
विधेयक का पार
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. राज्यसभा द्वारा पारित सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- निजी क्षेत्र को सहकारी क्षेत्र में प्रवेश करने से रोकना
- सहकारी समितियों को ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करना
- सहकारी समितियों पर कर लगाना
- सहकारी समितियों का राष्ट्रीयकरण करना
उत्तर
सहकारी समितियों को ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करना — विधेयक का मुख्य उद्देश्य सहकारी समितियों को ऋण और वित्तीय सहायता प्रदान करके उनके विकास और विस्तार को बढ़ावा देना है।
Q2. सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक को राज्यसभा द्वारा कब पारित किया गया?
- जनवरी 2024
- मार्च 2024
- अगस्त 2023
- दिसंबर 2023
उत्तर
मार्च 2024 — विधेयक को राज्यसभा द्वारा मार्च 2024 में पारित किया गया था।
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