11 Aug अफगानिस्तान: तालिबान से सुरक्षा बलों की ज्यादतियों पर जवाब मांगता संयुक्त राष्ट्र
✎ संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने तालिबान से मानवाधिकार उल्लंघनों पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, जो अफगानिस्तान की स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के लिए महत्वपूर्ण है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS Paper II — शासन व्यवस्था | GS Paper II — सामाजिक न्याय
- Prelims: संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA), तालिबान शासन, शरिया कानून, मानवाधिकार, अंतर्राष्ट्रीय दायित्व, सुरक्षा परिषद
- Essay: मानवाधिकारों का संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका, संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में शासन और जवाबदेही
त्वरित पुनरावृत्ति: संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने तालिबान से मानवाधिकार उल्लंघनों पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, जो अफगानिस्तान की स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के लिए महत्वपूर्ण है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने तालिबान से अफगानिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों पर पारदर्शिता बरतने का आग्रह किया है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि तालिबान शासन के पांच साल बाद भी, अफगान नागरिकों को यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि सत्ता का दुरुपयोग करने वाले सैनिकों, पुलिस और नैतिकता अधिकारियों को कभी कोई परिणाम भुगतना पड़ता है या नहीं। यह गोपनीयता राज्य में विश्वास को कम कर रही है।
पृष्ठभूमि
- तालिबान ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर नियंत्रण कर लिया था, जिसके बाद देश में लोकतांत्रिक संविधान को निलंबित कर दिया गया और शरिया कानून (Sharia Law) की सख्त व्याख्या के आधार पर शासन स्थापित किया गया।
- संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) ने तालिबान के अधिग्रहण के बाद से अफगानिस्तान में शासन, कानून के शासन, सुरक्षा और मानवाधिकारों की स्थिति की लगातार निगरानी की है।
- UNAMA की रिपोर्टों में मानवाधिकार उल्लंघनों के अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए की गई जांच या कार्रवाई की स्थिति के बारे में सार्वजनिक जानकारी की महत्वपूर्ण कमी पर प्रकाश डाला गया है।
- तालिबान ने अनुशासन और निरीक्षण को बढ़ावा देने के लिए कुछ कदम उठाए हैं, लेकिन इन कदमों में निरीक्षण और जवाबदेही उपायों पर पर्याप्त पारदर्शिता का अभाव है, खासकर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) जैसी संस्थाओं के लिए।
- संयुक्त राष्ट्र महिला (UN Women) और सुरक्षा परिषद (Security Council) सहित संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और भागीदारों द्वारा महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन, हिरासत और भेदभाव जैसी गंभीर चिंताएं लगातार उठाई जाती रही हैं।
- रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतें दर्ज कराने से लोगों को हतोत्साहित करने वाले तत्वों में प्रतिशोध का डर, संस्थानों में विश्वास की कमी और विशेष रूप से महिलाओं के लिए बाधाएं शामिल हैं, जो अपने दैनिक जीवन में कई प्रतिबंधों के अधीन हैं।
UNAMA और मानवाधिकारों की जवाबदेही
- UNAMA संयुक्त राष्ट्र का एक विशेष राजनीतिक मिशन है जिसे अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है।
- इसका मुख्य कार्य मानवीय सहायता का समन्वय करना, मानवाधिकारों की निगरानी करना और शासन एवं कानून के शासन को मजबूत करने में सहायता करना है।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, तालिबान द्वारा संविधान को निलंबित करने के परिणामस्वरूप सभी पूर्व (मौजूदा) कानूनों का पूर्ण रूप से निरसन हो गया है।
- UNAMA की रिपोर्ट में सुरक्षा और निस्पंदन आयोग (Security and Filtration Commission) और सदाचार को बढ़ावा देने तथा बुराई को रोकने के मंत्रालय (Ministry of Propagation of Virtue and Prevention of Vice) जैसे निकायों की जांच की गई, जिन्हें शरिया कानून की तालिबान की सख्त व्याख्या के अनुसार स्थापित किया गया था।
- रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राप्त शिकायतों, की गई जांचों और संबंधित वास्तविक निकायों द्वारा की गई अनुशासनात्मक या न्यायिक कार्रवाइयों पर सार्वजनिक जानकारी की सीमित मात्रा विश्वास को कमजोर करती है और निवारण को कम करती है।
- UNAMA ने सिफारिश की है कि वास्तविक अधिकारी बल के उपयोग, गिरफ्तारी, हिरासत, तलाशी और भीड़ नियंत्रण को नियंत्रित करने वाले नियमों को स्पष्ट करके सभी सुरक्षा संस्थानों में जवाबदेही को मजबूत करें।
- जवाबदेही में सुधार वास्तविक अधिकारियों का एक कानूनी दायित्व है और शासन में सुधार तथा मानवाधिकारों के सम्मान की दिशा में एक आवश्यक कदम है, जो अफगानिस्तान की स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में देश के पुन: एकीकरण के आधार के रूप में इसके अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों के अनुपालन का समर्थन करता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| तालिबान शासन के पाँच वर्ष | अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति और शासन प्रणाली पर संयुक्त राष्ट्र (UN) की चिंता को दर्शाता है। |
| जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी | सुरक्षा बलों द्वारा किए गए दुर्व्यवहारों पर सार्वजनिक जानकारी का अभाव, जिससे राज्य में विश्वास कम हो रहा है। |
| UNAMA की रिपोर्ट | अफगानिस्तान में शासन, कानून के शासन, सुरक्षा और मानवाधिकारों की निगरानी करती है और जवाबदेही बढ़ाने की सिफारिशें करती है। |
| पूर्व कानूनों का निलंबन | संविधान के निलंबन से सभी मौजूदा कानूनों का व्यापक रूप से निरस्तीकरण हुआ है, जिससे कानूनी शून्यता की स्थिति बनी है। |
| महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव | संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों द्वारा लगातार उठाई जा रही गंभीर चिंता, जो मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक प्रमुख पहलू है। |
महत्व
अंतर्राष्ट्रीय संबंध
- अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र की चिंताएँ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण हैं, विशेषकर जब अफगानिस्तान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में फिर से शामिल होने का प्रयास कर रहा है।
- तालिबान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन न करना वैश्विक मंच पर उसकी स्वीकार्यता को प्रभावित करता है।
मानवाधिकार
- सुरक्षा बलों द्वारा दुर्व्यवहारों पर जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को जन्म देती है।
- महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव और प्रतिबंध मानवाधिकारों के सार्वभौमिक सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं।
शासन और कानून का शासन
- जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी से राज्य में नागरिकों का विश्वास कम होता है, जिससे शासन कमजोर होता है।
- पूर्व संविधान और कानूनों के निलंबन से कानूनी ढाँचा कमजोर हुआ है, जिससे कानून के शासन की स्थापना में बाधा आ रही है।
चुनौतियाँ
1. जवाबदेही और पारदर्शिता का अभाव
- सुरक्षा बलों द्वारा किए गए दुर्व्यवहारों की जाँच और उन पर की गई कार्रवाई के बारे में सार्वजनिक जानकारी की कमी।
- शिकायतों के समाधान में देरी और संस्थानों में विश्वास की कमी, जिससे लोग शिकायत दर्ज कराने से डरते हैं।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. मानवाधिकारों का उल्लंघन
- महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव और प्रतिबंध, जिससे उनके दैनिक जीवन में कई बाधाएँ आती हैं।
- बल प्रयोग, गिरफ्तारी, हिरासत और तलाशी के नियमों में स्पष्टता की कमी, जिससे दुर्व्यवहार की संभावना बढ़ती है।
यूपीएससी लिंक: मानवाधिकार, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
3. कानून के शासन का क्षरण
- पूर्व संविधान और सभी मौजूदा कानूनों का निलंबन, जिससे एक स्पष्ट कानूनी ढाँचे का अभाव है।
- न्यायपालिका और सुरक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही उपायों की कमी।
यूपीएससी लिंक: शासन, कानून का शासन
4. अंतर्राष्ट्रीय अलगाव
- मानवाधिकारों के उल्लंघन और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन न करने से अफगानिस्तान का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एकीकरण बाधित होता है।
- संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की सिफारिशों को लागू करने में तालिबान की अनिच्छा।
यूपीएससी लिंक: अंतर्राष्ट्रीय संबंध, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| सुरक्षा बलों द्वारा दुर्व्यवहार | शिकायतों पर सार्वजनिक जानकारी का अभाव और जवाबदेही की कमी, जिससे राज्य में विश्वास कम होता है। |
| महिलाओं और लड़कियों के अधिकार | भेदभाव और प्रतिबंध, जिससे उनके दैनिक जीवन में कई बाधाएँ आती हैं और मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। |
| कानूनी ढाँचे का अभाव | संविधान और पूर्व कानूनों का निलंबन, जिससे कानून के शासन की स्थापना में बाधा आती है। |
| अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन | तालिबान द्वारा मानवाधिकारों के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन न करना, जिससे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में उसकी स्वीकार्यता प्रभावित होती है। |
| संस्थागत पारदर्शिता | सुरक्षा और निस्पंदन आयोग (Security and Filtration Commission) और सद्गुणों के प्रचार और बुराइयों की रोकथाम मंत्रालय (Ministry of Propagation of Virtue and Prevention of Vice) जैसे निकायों के संचालन में पारदर्शिता की कमी। |
आगे की राह
- जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बल प्रयोग, गिरफ्तारी, हिरासत, तलाशी और भीड़ नियंत्रण के नियमों को स्पष्ट किया जाए।
- सुरक्षा संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र स्थापित किए जाएँ।
- मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की पारदर्शी और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाए।
- महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को समाप्त किया जाए तथा उनके अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
- शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं के लिए सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाया जाए।
- अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का पालन किया जाए ताकि अफगानिस्तान का अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में एकीकरण संभव हो सके।
- कानूनी ढाँचे को मजबूत किया जाए और एक ऐसे संविधान को स्थापित किया जाए जो मानवाधिकारों और कानून के शासन का सम्मान करता हो।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
मानवाधिकार उल्लंघन · जवाबदेही का अभाव · न्यायपालिका की स्वतंत्रता · अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून · शासन में पारदर्शिता · विधि का शासन · संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन अफगानिस्तान (UNAMA) · सुरक्षा बलों का दुर्व्यवहार · अंतर्राष्ट्रीय दायित्व · महिलाओं के अधिकार · आपराधिक न्याय प्रणाली · राज्य की विश्वसनीयता
अवधारणा प्रवाह
तालिबान शासन की स्थापना → सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों का उल्लंघन → जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी → राज्य में नागरिकों के विश्वास का क्षरण → अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताएँ और आलोचना
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन अफगानिस्तान (UNAMA) अफगानिस्तान में शासन, कानून के शासन और मानवाधिकारों की निगरानी करता है।
2. तालिबान शासन के तहत, अफगानिस्तान में पूर्व लोकतांत्रिक संविधान को शरिया कानून की सख्त व्याख्या से बदल दिया गया है।
3. UNAMA की रिपोर्टों में सुरक्षा बलों द्वारा किए गए मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच और जवाबदेही पर सार्वजनिक जानकारी की कमी पर प्रकाश डाला गया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि UNAMA अफगानिस्तान में शासन, कानून के शासन और मानवाधिकारों की स्थिति की निगरानी करता है। कथन 2 सही है क्योंकि तालिबान ने पूर्व लोकतांत्रिक संविधान को शरिया कानून पर आधारित व्यवस्था से बदल दिया है। कथन 3 भी सही है क्योंकि UNAMA की रिपोर्टों में जांच और जवाबदेही पर सार्वजनिक जानकारी के अभाव को उजागर किया गया है।
Q2. अभिकथन (A): संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान से सुरक्षा बलों द्वारा किए गए दुर्व्यवहारों पर पारदर्शिता बढ़ाने का आग्रह किया है।
कारण (R): पारदर्शिता की कमी राज्य में विश्वास को कम करती है और जवाबदेही को कमजोर करती है।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान से दुर्व्यवहारों पर पारदर्शिता बढ़ाने का आग्रह किया है। कारण (R) भी सही है क्योंकि पारदर्शिता की कमी से राज्य में विश्वास कम होता है और जवाबदेही कमजोर होती है। कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है क्योंकि पारदर्शिता की कमी ही संयुक्त राष्ट्र के आग्रह का मुख्य कारण है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के संदर्भ में, अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत मानवाधिकारों के उल्लंघन और जवाबदेही की कमी से उत्पन्न चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए इसके क्या निहितार्थ हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद मानवाधिकारों की स्थिति का संक्षिप्त उल्लेख और संयुक्त राष्ट्र की चिंताओं का संदर्भ।
2. मानवाधिकार उल्लंघन: महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर प्रतिबंध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दमन, मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत जैसे प्रमुख उल्लंघनों का वर्णन।
3. जवाबदेही की कमी: सुरक्षा बलों द्वारा दुर्व्यवहारों की जांच में पारदर्शिता का अभाव, न्यायपालिका की स्वतंत्रता का निलंबन, शिकायत निवारण तंत्र की अनुपस्थिति या अप्रभावीता। UNAMA की रिपोर्टों का उल्लेख।
4. अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन: अंतर्राष्ट्रीय नागरिक और राजनीतिक अधिकार करार (ICCPR), यातना के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (UNCAT), महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन पर अभिसमय (CEDAW) जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संधियों के प्रावधानों का उल्लेख और तालिबान शासन द्वारा उनके उल्लंघन का विश्लेषण।
5. अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए निहितार्थ: अफगानिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में पुनः एकीकरण में बाधा, मानवीय सहायता पर प्रभाव, क्षेत्रीय अस्थिरता की संभावना, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की भूमिका, और अन्य देशों पर शरणार्थी संकट का दबाव।
6. निष्कर्ष: मानवाधिकारों के सम्मान और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के निरंतर दबाव और संलग्नता की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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