दूरसंचार विभाग का ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान: UPSC-State PCS तैयारी के लिए महत्वपूर्ण

दूरसंचार विभाग का 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान: UPSC-State PCS तैयारी के लिए महत्वपूर्ण

दूरसंचार विभाग का ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान: UPSC-State PCS तैयारी के लिए महत्वपूर्ण

स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियानअभियान आरंभ17 सितंबर 2026जन-जागरूकताव्यापक अभियाननागरिक भागीदारीस्वच्छता लक्ष्यसफाई गतिविधियाँसभी स्तरों परअभियान समापन2 अक्टूबर 2026
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान

✎ स्वच्छता ही सेवा अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनभागीदारी और 'सम्पूर्ण समाज, सम्पूर्ण सरकार' के दृष्टिकोण के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देने वाला एक राष्ट्रव्यापी पहल है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, नागरिक चार्टर  |  GS Paper III — पर्यावरण और पारिस्थितिकी, आपदा प्रबंधन
  • Prelims: स्वच्छता ही सेवा अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, दूरसंचार विभाग, अपशिष्ट प्रबंधन, सफाई मित्र सुरक्षा, जनभागीदारी
  • Essay: स्वच्छता: एक राष्ट्रीय कर्तव्य और सतत विकास का आधार, जनभागीदारी से जन आंदोलन: भारत के विकास में नागरिक समाज की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: स्वच्छता ही सेवा अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत जनभागीदारी और ‘सम्पूर्ण समाज, सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण के माध्यम से स्वच्छता को बढ़ावा देने वाला एक राष्ट्रव्यापी पहल है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान 17 सितंबर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ है, जो स्वच्छता के लिए ‘सम्पूर्ण समाज’ और ‘सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को दर्शाती है। इस अभियान के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें देशभर में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • स्वच्छता ही सेवा (Swachhata Hi Seva – SHS) अभियान स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission – SBM) का एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाना है।
  • यह अभियान महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर) के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जो स्वच्छता के प्रति उनके आदर्शों को श्रद्धांजलि देता है।
  • स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी, जिसका लक्ष्य खुले में शौच मुक्त (Open Defecation Free – ODF) भारत का निर्माण करना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) में सुधार करना था।
  • SHS अभियान विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ कार्यालयों, क्षेत्रीय इकाइयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Public Sector Undertakings – PSUs) की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
  • यह अभियान न केवल भौतिक स्वच्छता पर केंद्रित है, बल्कि व्यवहार परिवर्तन और स्थायी स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने पर भी जोर देता है।
  • यह ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी पहलों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को भी बढ़ावा देता है, जो समग्र पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान क्या है?

  • स्वच्छता ही सेवा एक वार्षिक राष्ट्रव्यापी अभियान है जो स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए जनभागीदारी पर केंद्रित है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ की थीम के साथ ‘सम्पूर्ण समाज’ और ‘सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को साकार करना है।
  • अभियान के तहत स्वच्छता शपथ, निबंध लेखन, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएँ, अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता सत्र और सफाई मित्र सुरक्षा शिविर जैसी विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं।
  • यह अभियान सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और क्षेत्रीय इकाइयों में स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की सफाई पर विशेष ध्यान केंद्रित करता है।
  • इसका लक्ष्य नागरिकों, विशेषकर बच्चों और सफाई कर्मचारियों को स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
  • अभियान के दौरान प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन तकनीकों और व्यवहारिक उपायों पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए जाते हैं ताकि कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सके।
  • यह सफाई कर्मचारियों को कार्यस्थल पर होने वाले व्यावसायिक खतरों और जोखिमों के बारे में जागरूक करने के लिए ‘सफाई मित्र सुरक्षा शिविर’ भी आयोजित करता है, साथ ही उन्हें सुरक्षा उपकरण और प्राथमिक उपचार किट प्रदान करता है।
  • अभियान का समापन 2 अक्टूबर को ‘स्वच्छ भारत दिवस’ के अवसर पर होता है, जिसमें अक्सर वृक्षारोपण जैसी पर्यावरण-अनुकूल पहलें शामिल होती हैं।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
अभियान की अवधि 17 सितंबर 2026 से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित, जो गांधी जयंती के साथ समाप्त होता है, स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करता है।
थीम “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” – यह ‘सम्पूर्ण समाज’ और ‘सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
जन-जागरूकता और नागरिक भागीदारी अभियान का उद्देश्य व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करना है।
विशिष्ट गतिविधियाँ स्वच्छता शपथ, निबंध/पोस्टर प्रतियोगिताएँ, अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता सत्र, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर और वृक्षारोपण शामिल हैं।
विस्तृत भागीदारी दूरसंचार विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, संबद्ध कार्यालयों, अधीनस्थ कार्यालयों, क्षेत्रीय इकाइयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सक्रिय भागीदारी।
सफाई मित्र सुरक्षा सफाई कर्मचारियों को व्यावसायिक खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षा उपकरण व प्राथमिक उपचार किट प्रदान करना।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह अभियान जन-जागरूकता को बढ़ावा देता है और नागरिकों को स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है, जिससे एक स्वच्छ समाज का निर्माण होता है।
  • बच्चों के लिए निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवा पीढ़ी में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाती है।
  • सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता सत्र आयोजित करके उनके स्वास्थ्य और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है, जो सामाजिक न्याय का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

प्रशासनिक और शासन संबंधी महत्व

  • यह अभियान ‘सम्पूर्ण समाज’ और ‘सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न सरकारी विभाग और नागरिक मिलकर स्वच्छता लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
  • दूरसंचार विभाग के सभी स्तरों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सरकारी संस्थानों में स्वच्छता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करती है।
  • यह अभियान सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता मानकों को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे कार्यकुशलता और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार होता है।

पर्यावरण संबंधी महत्व

  • प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता सत्र आयोजित करके कचरे के उचित निपटान और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे पर्यावरणीय प्रदूषण कम होता है।
  • वृक्षारोपण जैसी गतिविधियाँ पर्यावरण संरक्षण में योगदान करती हैं और हरित आवरण को बढ़ाती हैं, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायक है।
  • स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की सफाई पर विशेष ध्यान देने से सार्वजनिक स्थानों और प्राकृतिक संसाधनों की स्वच्छता सुनिश्चित होती है।

चुनौतियाँ

1. व्यवहारिक कार्यान्वयन की चुनौतियाँ

  • अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी और सरकारी विभागों की निरंतर प्रतिबद्धता बनाए रखना एक चुनौती है।
  • दूरसंचार विभाग की क्षेत्रीय इकाइयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में गतिविधियों के समान और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना।

2. अपशिष्ट प्रबंधन की जटिलताएँ

  • विशेषज्ञ जागरूकता सत्रों के बावजूद, विभिन्न प्रकार के कचरे (ई-कचरा, प्लास्टिक कचरा) के प्रभावी पृथक्करण और निपटान के लिए पर्याप्त बुनियादी ढाँचे और संसाधनों की कमी।
  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं को मानकीकृत करना और उन्हें व्यवहार में लाना।

3. जन-जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन

  • केवल अभियानों के माध्यम से लोगों की आदतों और व्यवहार में स्थायी परिवर्तन लाना चुनौतीपूर्ण होता है, इसके लिए निरंतर शिक्षा और प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है।
  • स्वच्छता को एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के बजाय केवल सरकारी पहल के रूप में देखने की प्रवृत्ति।

4. संसाधनों का आवंटन और निगरानी

  • स्वच्छता गतिविधियों के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधनों का आवंटन सुनिश्चित करना, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में।
  • कार्यान्वित गतिविधियों की प्रभावशीलता और परिणामों की नियमित निगरानी तथा मूल्यांकन तंत्र का अभाव।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
स्थायी व्यवहार परिवर्तन अभियान के बाद स्वच्छता आदतों को बनाए रखने में जनभागीदारी की निरंतरता।
बुनियादी ढाँचा और संसाधन प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन के लिए पर्याप्त सुविधाओं और प्रशिक्षित कर्मियों की कमी।
निगरानी और मूल्यांकन स्वच्छता गतिविधियों के प्रभाव को मापने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तंत्र का अभाव।
समन्वय की कमी विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के बीच स्वच्छता प्रयासों में प्रभावी समन्वय की आवश्यकता।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा कार्यस्थल पर व्यावसायिक खतरों को पूरी तरह से समाप्त करने और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission)

आगे की राह

  • स्वच्छता अभियानों को केवल एक निश्चित अवधि तक सीमित न रखकर, उन्हें एक सतत प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जाए।
  • अपशिष्ट प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों और बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ाया जाए, जिसमें ई-कचरा और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • नागरिकों को स्वच्छता के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन के लिए प्रेरित करने हेतु शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों को मजबूत किया जाए।
  • सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि स्वच्छता प्रयासों में दोहराव से बचा जा सके और संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।
  • सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत उपायों को मजबूत किया जाए और उन्हें नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
  • स्वच्छता गतिविधियों के परिणामों की नियमित निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाए, जिसमें सार्वजनिक प्रतिक्रिया को भी शामिल किया जाए।
  • स्वच्छता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

स्वच्छ भारत अभियान · स्वच्छता ही सेवा · जनभागीदारी · अपशिष्ट प्रबंधन · नागरिक भागीदारी · सतत विकास लक्ष्य · सार्वजनिक स्वास्थ्य · पर्यावरण संरक्षण · स्वच्छता शपथ · सफाई मित्र सुरक्षा

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21’, ‘note’: ‘स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 48क’, ‘note’: ‘पर्यावरण का संरक्षण और सुधार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 51क (छ)’, ‘note’: ‘पर्यावरण की रक्षा और सुधार का कर्तव्य’}

अवधारणा प्रवाह

दूरसंचार विभाग द्वारा ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान का आयोजन।  →  जन-जागरूकता और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देना।  →  विभिन्न स्वच्छता गतिविधियों का संचालन (शपथ, प्रतियोगिताएँ, सत्र)।  →  स्वच्छता मानकों में सुधार और अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा।  →  सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना।  →  स्वच्छ भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में योगदान।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. स्वच्छ भारत अभियान (Swachh Bharat Abhiyan) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह अभियान 2 अक्टूबर, 2014 को महात्मा गांधी की जयंती पर शुरू किया गया था।
2. इसका मुख्य उद्देश्य 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्त (Open Defecation Free – ODF) बनाना था।
3. ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान स्वच्छ भारत अभियान का एक वार्षिक घटक है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 और 2 सही हैं। स्वच्छ भारत अभियान 2 अक्टूबर, 2014 को शुरू किया गया था और इसका लक्ष्य 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्त बनाना था। कथन 3 भी सही है, ‘स्वच्छता ही सेवा’ स्वच्छ भारत अभियान का एक महत्वपूर्ण वार्षिक घटक है जो जनभागीदारी को बढ़ावा देता है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्रालय ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के कार्यान्वयन से संबंधित है?
(A) आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
(B) जल शक्ति मंत्रालय
(C) संचार मंत्रालय
(D) उपरोक्त सभी

  1. A
  2. B
  3. C
  4. D

उत्तर: D — स्वच्छ भारत अभियान (ग्रामीण) जल शक्ति मंत्रालय द्वारा और स्वच्छ भारत अभियान (शहरी) आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जाता है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ एक व्यापक अभियान है जिसमें विभिन्न मंत्रालय और विभाग (जैसे दूरसंचार विभाग, जो संचार मंत्रालय के अधीन है) अपनी-अपनी इकाइयों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, इसलिए ‘उपरोक्त सभी’ सही उत्तर है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में स्वच्छता अभियानों में ‘सम्पूर्ण समाज’ और ‘सम्पूर्ण सरकार’ के दृष्टिकोण के महत्व का परीक्षण कीजिए। इन अभियानों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपनाए जा रहे विभिन्न उपायों पर भी प्रकाश डालिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर की रूपरेखा:
1. परिचय: स्वच्छ भारत अभियान और ‘स्वच्छता ही सेवा’ जैसे अभियानों का संक्षिप्त परिचय, उनके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए।
2. ‘सम्पूर्ण समाज’ दृष्टिकोण का महत्व: स्पष्ट करें कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग (नागरिक, निजी क्षेत्र, गैर-सरकारी संगठन, शैक्षणिक संस्थान) की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लाभों पर चर्चा करें, जैसे व्यापक कवरेज, व्यवहार परिवर्तन, स्वामित्व की भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व।
3. ‘सम्पूर्ण सरकार’ दृष्टिकोण का महत्व: समझाएं कि कैसे केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों के साथ-साथ विभिन्न मंत्रालयों और विभागों (जैसे दूरसंचार विभाग) का समन्वय और सक्रिय भागीदारी अभियानों को अधिक प्रभावी बनाती है। इसमें नीति निर्माण, धन आवंटन, निगरानी और कार्यान्वयन में समन्वय शामिल है।
4. जनभागीदारी सुनिश्चित करने के उपाय: उन विभिन्न गतिविधियों और रणनीतियों का उल्लेख करें जो जनभागीदारी को बढ़ावा देती हैं, जैसे:
* जागरूकता अभियान (निबंध, पोस्टर प्रतियोगिताएँ, सोशल मीडिया का उपयोग)।
* स्वच्छता शपथ।
* सामुदायिक लामबंदी और स्वयंसेवकों को शामिल करना।
* सफाई कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा (सफाई मित्र सुरक्षा शिविर, अपशिष्ट प्रबंधन पर सत्र)।
* सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और क्षेत्रीय इकाइयों की सक्रिय भागीदारी।
* ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी पहलें जो स्वच्छता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती हैं।
5. चुनौतियाँ और आगे की राह: जनभागीदारी को बनाए रखने और व्यवहार परिवर्तन को स्थायी बनाने में आने वाली चुनौतियों का संक्षिप्त उल्लेख करें और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दें।
6. निष्कर्ष: स्वच्छता को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) की प्राप्ति में इसके योगदान पर जोर देते हुए समापन।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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