02 Aug नीदरलैंड्स और डब्ल्यूएचओ ने जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर नई साझेदारी की शुरुआत की
✎ WHO और नीदरलैंड ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते स्वास्थ्य प्रभावों से निपटने और जलवायु-लचीली तथा कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी साझेदारी का नवीनीकरण किया है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध: अंतर्राष्ट्रीय संगठन (WHO), द्विपक्षीय संबंध (भारत और वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति पर प्रभाव) | GS Paper II — स्वास्थ्य: जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर प्रभाव, वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा, स्वास्थ्य प्रणालियों का लचीलापन | GS Paper III — पर्यावरण: जलवायु परिवर्तन, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, सतत विकास
- Prelims: WHO, नीदरलैंड, जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य, COP29, विश्व स्वास्थ्य सभा (WHA), जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियाँ, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली
- Essay: जलवायु परिवर्तन: एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट और समाधान की आवश्यकता, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति
त्वरित पुनरावृत्ति: WHO और नीदरलैंड ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते स्वास्थ्य प्रभावों से निपटने और जलवायु-लचीली तथा कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी साझेदारी का नवीनीकरण किया है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नीदरलैंड साम्राज्य ने जलवायु परिवर्तन के वैश्विक स्वास्थ्य पर बढ़ते प्रभावों को संबोधित करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी का नवीनीकरण किया है। नीदरलैंड ने 2024 के लिए WHO को 5 लाख यूरो का नया आवंटन प्रदान किया है, जो दुनिया भर में जलवायु लचीलेपन और सतत स्वास्थ्य प्रणालियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह योगदान WHO के जलवायु और स्वास्थ्य पर परिवर्तनकारी कार्रवाई के गठबंधन सचिवालय (Alliance for Transformative Action on Climate and Health Secretariat) को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के प्रयासों का समर्थन करता है।
पृष्ठभूमि
- यह साझेदारी 2023 में नीदरलैंड और WHO के बीच जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर सहयोग के लिए स्थापित की गई थी।
- इस साझेदारी ने अफ्रीकी, एशियाई और पूर्वी भूमध्यसागरीय देशों को एकीकृत जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाने में सहायता की है।
- इसने COP26 स्वास्थ्य प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य संबंधी जलवायु जोखिमों के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुसंगत बनाने में मदद की है।
- नीदरलैंड ने डच ग्लोबल हेल्थ स्ट्रैटेजी 2023-2030 के अनुरूप स्वास्थ्य में जलवायु कार्रवाई की वकालत में अग्रणी भूमिका निभाई है, जो जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर जोर देती है।
- नीदरलैंड ने पेरू के साथ मिलकर 2024 में विश्व स्वास्थ्य सभा 77 (World Health Assembly 77) के जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर प्रस्ताव को अपनाने का नेतृत्व किया।
जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर WHO की भूमिका
- WHO जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने और स्वास्थ्य प्रणालियों को जलवायु-लचीला बनाने के लिए सदस्य देशों और भागीदारों के साथ काम करता है।
- यह जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य जोखिमों की निगरानी और आकलन करता है, तथा साक्ष्य-आधारित नीतियां और हस्तक्षेप विकसित करता है।
- WHO जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के बीच संबंधों के बारे में जागरूकता बढ़ाता है और नीति निर्माताओं को कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- यह देशों को जलवायु-लचीली और कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियाँ विकसित करने में सहायता प्रदान करता है।
- WHO प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने और जलवायु-संबंधित स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारियों में सुधार पर ध्यान केंद्रित करता है।
- यह स्वास्थ्य को जलवायु वार्ताओं और कार्यों के केंद्र में रखने के लिए वकालत करता है, जैसे कि COP29 में होने वाली चर्चाएँ।
- WHO का अनुमान है कि अगले चार वर्षों में, सदस्य देशों और भागीदारों के साथ उसके काम से 75 लाख लोगों की जान बचाई जा सकेगी।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| साझेदारी का नवीनीकरण | जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर वैश्विक प्रयासों को सुदृढ़ करता है। |
| नीदरलैंड का वित्तीय योगदान | WHO को 2024 के लिए €500,000 का नया आवंटन, कुल समर्थन €1.1 मिलियन से अधिक। |
| एलायंस फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव एक्शन ऑन क्लाइमेट एंड हेल्थ सचिवालय | इस सचिवालय के प्रयासों को मजबूत करने में मदद करता है। |
| एकीकृत जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली | अफ्रीकी, एशियाई और पूर्वी भूमध्यसागरीय देशों में इनके कार्यान्वयन को बढ़ावा देता है। |
| COP26 स्वास्थ्य प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता बढ़ाना | सदस्य देशों को जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियाँ विकसित करने में सहायता करता है। |
| विश्व स्वास्थ्य सभा 77 संकल्प | नीदरलैंड और पेरू द्वारा 2024 में जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर संकल्प को अपनाने में नेतृत्व। |
महत्व
वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा
- जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों, जैसे कि संक्रामक रोगों का प्रसार, कुपोषण और चरम मौसम की घटनाओं से होने वाली चोटों से निपटने में मदद करता है।
- कमजोर क्षेत्रों में लचीलापन (Resilience) बनाने और देशों को सतत, कम कार्बन वाले स्वास्थ्य समाधानों को लागू करने के लिए सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है।
नीतिगत प्रभाव
- स्वास्थ्य को जलवायु वार्ताओं और कार्यों के केंद्र में रखने के लिए WHO और नीदरलैंड के प्रयासों को मजबूत करता है।
- विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly) के संकल्प के माध्यम से एक वैश्विक कार्य योजना और राष्ट्रीय प्रयासों में वृद्धि का आह्वान करता है।
क्षमता निर्माण
- सदस्य देशों को जलवायु-लचीली और कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियाँ विकसित करने में सहायता करता है।
- एकीकृत जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाता है।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
- जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर ठोस कार्रवाई में नागरिक समाज, बहुपक्षीय विकास बैंक (Multilateral Development Banks), संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और स्वास्थ्य पेशेवरों सहित प्रासंगिक भागीदारों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देता है।
चुनौतियाँ
1. जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभाव
- जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, वायु प्रदूषण, चरम मौसम की घटनाएँ और वेक्टर-जनित रोगों (Vector-borne diseases) का प्रसार वैश्विक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
- स्वास्थ्य प्रणालियों पर बढ़ता दबाव, विशेष रूप से विकासशील देशों में, जहाँ संसाधन सीमित हैं।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण और पारिस्थितिकी, स्वास्थ्य
2. वित्तीय और तकनीकी संसाधन
- जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण और कम कार्बन वाले समाधानों को लागू करने के लिए पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की आवश्यकता होती है।
- विकासशील देशों के लिए इन संसाधनों तक पहुँच सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: विकास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
3. नीतिगत समन्वय और कार्यान्वयन
- विभिन्न देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य नीतियों का प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना।
- घोषित प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर ठोस कार्यान्वयन में बदलना।
यूपीएससी लिंक: शासन, अंतर्राष्ट्रीय संबंध
4. डेटा और निगरानी
- जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों पर विश्वसनीय डेटा संग्रह और निगरानी प्रणालियों को मजबूत करना।
- प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को विकसित करना और उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करना।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| बढ़ते स्वास्थ्य जोखिम | जलवायु परिवर्तन से संक्रामक रोगों, कुपोषण और चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि। |
| कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियाँ | विकासशील देशों में स्वास्थ्य प्रणालियों पर अत्यधिक दबाव और सीमित क्षमता। |
| वित्तीय बाधाएँ | जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए पर्याप्त धन और संसाधनों की कमी। |
| नीतिगत एकीकरण का अभाव | जलवायु और स्वास्थ्य नीतियों के बीच समन्वय और एकीकृत दृष्टिकोण की कमी। |
| क्षमता अंतराल | जलवायु-संवेदनशील स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों और बुनियादी ढांचे की कमी। |
आगे की राह
- जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के बीच संबंधों पर जागरूकता बढ़ाना तथा इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नीतियों में मुख्यधारा में लाना।
- जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता में वृद्धि करना, विशेष रूप से कमजोर देशों के लिए।
- एकीकृत जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करना और उनका विस्तार करना।
- स्वास्थ्य पेशेवरों और समुदायों की क्षमता निर्माण करना ताकि वे जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों से निपट सकें।
- अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना ताकि जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों को समझने और उनसे निपटने के लिए नए समाधान विकसित किए जा सकें।
- बहु-क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, जिसमें सरकारें, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अंतर्राष्ट्रीय संगठन शामिल हों।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
जलवायु परिवर्तन · स्वास्थ्य पर प्रभाव · विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) · नीदरलैंड · रणनीतिक साझेदारी · जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियाँ · कम कार्बन स्वास्थ्य समाधान · वैश्विक स्वास्थ्य रणनीति · COP29 · जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी · प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली · सतत विकास लक्ष्य
अवधारणा प्रवाह
जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव → वैश्विक स्वास्थ्य पर बढ़ते नकारात्मक प्रभाव → WHO और नीदरलैंड की साझेदारी का नवीनीकरण → जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों का विकास → स्वास्थ्य परिणामों में सुधार और 7.5 मिलियन जीवन की बचत का अनुमान
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और नीदरलैंड ने जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर अपनी साझेदारी को नवीनीकृत किया है।
2. इस साझेदारी का उद्देश्य केवल अफ्रीकी देशों में जलवायु-लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है।
3. नीदरलैंड ने WHO को 2024 के लिए 500,000 यूरो का नया आवंटन प्रदान किया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि WHO और नीदरलैंड ने अपनी साझेदारी को नवीनीकृत किया है। कथन 2 गलत है क्योंकि साझेदारी का उद्देश्य अफ्रीकी, एशियाई और पूर्वी भूमध्यसागरीय देशों सहित वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना है। कथन 3 सही है क्योंकि नीदरलैंड ने WHO को 2024 के लिए 500,000 यूरो का नया आवंटन प्रदान किया है। अतः, केवल दो कथन सही हैं।
Q2. अभिकथन (A): जलवायु परिवर्तन का वैश्विक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
कारण (R): WHO और नीदरलैंड ने जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के बढ़ते प्रभावों को संबोधित करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को नवीनीकृत किया है।
- A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है, लेकिन R गलत है।
- A गलत है, लेकिन R सही है।
उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं। कारण (R) भी सही है क्योंकि WHO और नीदरलैंड ने इन प्रभावों से निपटने के लिए अपनी साझेदारी को नवीनीकृत किया है। कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है क्योंकि साझेदारी का नवीनीकरण जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों को संबोधित करने के लिए एक प्रतिक्रिया है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर बढ़ते प्रभावों को कम करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका का परीक्षण कीजिए। इस संदर्भ में, जलवायु-लचीली और कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण में WHO और नीदरलैंड जैसी साझेदारियों के महत्व पर प्रकाश डालिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर बढ़ते वैश्विक प्रभावों का संक्षिप्त उल्लेख।
2. **अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका:**
* ज्ञान और प्रौद्योगिकी साझाकरण।
* वित्तीय सहायता और संसाधन जुटाना।
* नीतिगत समन्वय और मानक निर्धारण (जैसे WHO संकल्प)।
* क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण।
* प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और निगरानी तंत्र का विकास।
3. **WHO और नीदरलैंड साझेदारी का महत्व:**
* **रणनीतिक साझेदारी:** 2023 से स्थापित और 2024 में नवीनीकृत।
* **वित्तीय योगदान:** नीदरलैंड द्वारा WHO को €500,000 (2024) और कुल €1.1 मिलियन से अधिक का समर्थन।
* **कार्यक्रमों का समर्थन:** जलवायु और स्वास्थ्य पर परिवर्तनकारी कार्रवाई के लिए गठबंधन सचिवालय (Alliance for Transformative Action on Climate and Health Secretariat) को मजबूत करना।
* **क्षेत्रीय सहायता:** अफ्रीकी, एशियाई और पूर्वी भूमध्यसागरीय देशों में एकीकृत जलवायु और स्वास्थ्य निगरानी तथा प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के कार्यान्वयन में सहायता।
* **COP26 स्वास्थ्य प्रतिबद्धताओं:** क्षमता निर्माण में वृद्धि।
* **नीदरलैंड की वैश्विक स्वास्थ्य रणनीति 2023-2030:** जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर जोर।
* **विश्व स्वास्थ्य सभा 77 संकल्प:** 2024 में जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर संकल्प को अपनाने में नीदरलैंड और पेरू की भूमिका।
* **लक्ष्य:** सदस्य देशों को जलवायु-लचीली और कम कार्बन वाली स्वास्थ्य प्रणालियाँ विकसित करने में सहायता करना।
4. **चुनौतियाँ और आगे की राह:** वैश्विक स्तर पर ऐसे और अधिक सहयोग की आवश्यकता।
5. **निष्कर्ष:** जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों से निपटने के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय साझेदारियों का महत्व।
स्रोत: who.int
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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