पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण ने आंध्र को दिए 4,597 करोड़ रुपये, जानिए क्यों है अहम

Pawan Kalyan thanks PM, FM for ₹4,597 crore tax devolution — concept mind map

पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण ने आंध्र को दिए 4,597 करोड़ रुपये, जानिए क्यों है अहम

Map of Andhra Pradesh highlighted on the map of India — कर हस्तांतरण 2026
मानचित्र व माइंड-मैप: Andhra Pradesh tax devolution

✎ कर हस्तांतरण केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को कर राजस्व का एक हिस्सा हस्तांतरित करने की प्रक्रिया है, जो राजकोषीय संघवाद और राज्यों के वित्तीय सशक्तिकरण का आधार है।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — भारतीय संविधान – संघ और राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघवाद  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास तथा रोजगार
  • Prelims: कर हस्तांतरण (Tax Devolution), वित्त आयोग (Finance Commission), अनुच्छेद 280, राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism), राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit), पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure), केंद्र-राज्य संबंध
  • Essay: भारत में सहकारी संघवाद की भूमिका और चुनौतियाँ, राजकोषीय संघवाद: आर्थिक विकास और समावेशी प्रगति का एक स्तंभ

त्वरित पुनरावृत्ति: कर हस्तांतरण केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को कर राजस्व का एक हिस्सा हस्तांतरित करने की प्रक्रिया है, जो राजकोषीय संघवाद और राज्यों के वित्तीय सशक्तिकरण का आधार है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के. पवन कल्याण ने राज्य को ₹4,597 करोड़ के कर हस्तांतरण के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अग्रिम किस्त जारी करने का निर्णय लिया है, जो राज्यों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराएगा और पूंजीगत व्यय को गति देगा। यह कदम राज्यों को बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने तथा प्रमुख विकास पहलों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय संविधान के तहत, केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों का वितरण एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसे राजकोषीय संघवाद (Fiscal Federalism) के रूप में जाना जाता है।
  • वित्त आयोग (Finance Commission) एक संवैधानिक निकाय है, जिसका गठन राष्ट्रपति द्वारा संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत हर पाँच साल में किया जाता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच तथा राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों के वितरण की सिफारिश करना है।
  • कर हस्तांतरण (Tax Devolution) का अर्थ केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए कर राजस्व का एक निश्चित हिस्सा राज्यों को हस्तांतरित करना है, ताकि वे अपने विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों को वित्तपोषित कर सकें।
  • यह हस्तांतरण राज्यों को अपने वित्तीय संसाधनों को बढ़ाने और केंद्र पर निर्भरता कम करने में मदद करता है, जिससे उन्हें अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार नीतियां बनाने की स्वायत्तता मिलती है।
  • राज्यों को समय पर और पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करना सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के सिद्धांत को मजबूत करता है, जहाँ केंद्र और राज्य मिलकर देश के समग्र विकास के लिए काम करते हैं।
  • अग्रिम कर हस्तांतरण का उद्देश्य राज्यों को तरलता प्रदान करना, पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देना और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देना है, विशेषकर ऐसे समय में जब राज्यों को विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए धन की आवश्यकता होती है।

कर हस्तांतरण क्या है?

  • कर हस्तांतरण (Tax Devolution) वह प्रक्रिया है जिसके तहत केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए कर राजस्व का एक हिस्सा राज्यों को वितरित किया जाता है।
  • यह भारतीय संविधान के तहत राजकोषीय संघवाद का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के बंटवारे को सुनिश्चित करता है।
  • संविधान का अनुच्छेद 280 वित्त आयोग के गठन का प्रावधान करता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों के वितरण के सिद्धांतों की सिफारिश करता है।
  • वित्त आयोग की सिफारिशें केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं होती हैं, लेकिन आमतौर पर उन्हें स्वीकार कर लिया जाता है।
  • यह हस्तांतरण राज्यों को अपने स्वयं के विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों को वित्तपोषित करने में सक्षम बनाता है, जिससे वे अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार नीतियां बना सकें।
  • कर हस्तांतरण का उद्देश्य राज्यों की राजकोषीय क्षमता (Fiscal Capacity) को बढ़ाना, क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना और देश के संतुलित विकास को बढ़ावा देना है।
  • यह राज्यों को बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • अग्रिम कर हस्तांतरण का निर्णय राज्यों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी तरलता स्थिति को सुधारता है और पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहित करता है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
कर हस्तांतरण (Tax Devolution) केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को केंद्रीय करों का एक हिस्सा हस्तांतरित करना।
अग्रिम किस्त सामान्य अनुसूची से पहले राज्यों को धनराशि जारी करना।
सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सिद्धांत।
राजकोषीय सुदृढीकरण राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना।
पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर खर्च।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • राज्यों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराकर पूंजीगत व्यय में तेजी लाना।
  • बुनियादी ढांचे के विकास, कृषि, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देना।
  • रोजगार सृजन और आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को बढ़ावा देना।

राजकोषीय महत्व

  • राज्यों की वित्तीय अनिश्चितता को कम करना और उन्हें अधिक वित्तीय निश्चितता प्रदान करना।
  • राज्यों को अपनी विकास पहलों को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त राजकोषीय शक्ति प्रदान करना।
  • राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को प्रबंधित करने में राज्यों की सहायता करना।

शासनिक महत्व

  • सहकारी संघवाद के सिद्धांत को मजबूत करना, जहां केंद्र और राज्य मिलकर काम करते हैं।
  • राज्यों को सशक्त बनाना ताकि वे अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दे सकें।
  • केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना।

चुनौतियाँ

1. राजकोषीय उत्तरदायित्व

  • राज्यों द्वारा प्राप्त धन का विवेकपूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना।
  • धन के दुरुपयोग या अक्षमता को रोकना।

2. राज्यों के बीच असमानता

  • कर हस्तांतरण के बावजूद राज्यों के बीच वित्तीय असमानताओं का बने रहना।
  • कमजोर राज्यों को अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता।

3. केंद्र-राज्य संबंध

  • कर हस्तांतरण के फार्मूले और शर्तों को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच संभावित विवाद।
  • राज्यों की स्वायत्तता और केंद्र के नियंत्रण के बीच संतुलन स्थापित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
धन का उपयोग क्या राज्य प्राप्त धन का सर्वोत्तम संभव तरीके से उपयोग करेंगे?
जवाबदेही राज्यों द्वारा धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित की जाए?
दीर्घकालिक स्थिरता क्या यह अग्रिम हस्तांतरण राज्यों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता में योगदान देगा?
राजकोषीय अनुशासन क्या राज्यों में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखा जाएगा?

आगे की राह

  • राज्यों द्वारा प्राप्त धन के प्रभावी और कुशल उपयोग के लिए मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
  • राज्यों को पूंजीगत व्यय पर ध्यान केंद्रित करने और अनुत्पादक खर्चों से बचने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • कर हस्तांतरण के फार्मूले की नियमित समीक्षा करना ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह राज्यों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप है।
  • राज्यों के बीच वित्तीय असमानताओं को कम करने के लिए विशेष प्रावधानों पर विचार करना।
  • केंद्र और राज्यों के बीच निरंतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना ताकि संघवाद की भावना मजबूत हो।
  • राज्यों को अपनी राजस्व सृजन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना ताकि वे केंद्र पर निर्भरता कम कर सकें।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

राजकोषीय संघवाद · कर हस्तांतरण · वित्त आयोग · अनुच्छेद 280 · राज्यों का वित्तीय सशक्तिकरण · पूंजीगत व्यय · सहकारी संघवाद · आर्थिक संवृद्धि · विक्सित भारत · राजकोषीय सुदृढीकरण

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 280’, ‘note’: ‘वित्त आयोग का गठन’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 270’, ‘note’: ‘करों का संघ और राज्यों के बीच वितरण’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 275’, ‘note’: ‘राज्यों को संघ से अनुदान’}

अवधारणा प्रवाह

केंद्र सरकार द्वारा कर एकत्र करना  →  वित्त आयोग की सिफारिशें  →  करों का राज्यों को हस्तांतरण  →  राज्यों द्वारा विकास परियोजनाओं में निवेश  →  आर्थिक संवृद्धि और जन कल्याण

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत वित्त आयोग का गठन किया जाता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगमों के वितरण की सिफारिश करता है।
2. कर हस्तांतरण (Tax Devolution) केवल राज्यों को केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए करों का एक निश्चित प्रतिशत हस्तांतरित करने तक सीमित है।
3. 15वें वित्त आयोग ने केंद्र के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41% बनाए रखने की सिफारिश की थी।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल तीन — कथन 1 सही है। अनुच्छेद 280 वित्त आयोग के गठन का प्रावधान करता है, जिसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों पर सिफारिशें देना है। कथन 2 गलत है। कर हस्तांतरण में केवल प्रतिशत हस्तांतरण ही नहीं, बल्कि अनुदान और अन्य वित्तीय सहायता भी शामिल हो सकती है, हालांकि मुख्य रूप से यह विभाज्य पूल से राज्यों की हिस्सेदारी है। कथन 3 सही है। 15वें वित्त आयोग ने केंद्र के विभाज्य पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41% बनाए रखने की सिफारिश की थी, जो जम्मू और कश्मीर के पुनर्गठन के बाद 14वें वित्त आयोग की 42% की सिफारिश से 1% कम थी।

Q2. अभिकथन (A): केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त जारी करना सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है।
कारण (R): यह राज्यों को समय पर वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराता है, जिससे वे अपनी विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को गति दे पाते हैं।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सही है, लेकिन R गलत है।
  4. A गलत है, लेकिन R सही है।

उत्तर: A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है। राज्यों को समय पर और अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना उन्हें अधिक वित्तीय स्वायत्तता और लचीलापन प्रदान करता है, जिससे वे अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार व्यय कर पाते हैं। यह केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देता है, जो सहकारी संघवाद का मूल सिद्धांत है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ राज्यों को कर हस्तांतरण (Tax Devolution) भारतीय राजकोषीय संघवाद का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इस संदर्भ में, राज्यों को अग्रिम कर हस्तांतरण के महत्व का विश्लेषण करें और चर्चा करें कि यह ‘विक्सित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में कैसे सहायक हो सकता है। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: राजकोषीय संघवाद और कर हस्तांतरण की अवधारणा को संक्षेप में समझाएं, जिसमें वित्त आयोग की भूमिका का उल्लेख हो। (अनुच्छेद 280)
2. कर हस्तांतरण का महत्व: राज्यों के लिए कर हस्तांतरण के सामान्य महत्व को बताएं (वित्तीय स्वायत्तता, विकास व्यय, कल्याणकारी योजनाएं)।
3. अग्रिम कर हस्तांतरण का महत्व: हालिया समाचार के संदर्भ में अग्रिम कर हस्तांतरण के विशिष्ट लाभों पर प्रकाश डालें:
a. समय पर वित्तीय संसाधन: राज्यों को अप्रत्याशित जरूरतों और परियोजनाओं के लिए त्वरित धन की उपलब्धता।
b. पूंजीगत व्यय में वृद्धि: बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना।
c. राजकोषीय सुदृढीकरण: राज्यों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना।
d. कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि आदि में निवेश।
e. रोजगार सृजन और निवेश प्रोत्साहन।
4. ‘विक्सित भारत’ के लक्ष्य में सहायक: बताएं कि कैसे यह पहल ‘विक्सित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान करती है:
a. सहकारी संघवाद को मजबूत करना।
b. संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना।
c. आर्थिक संवृद्धि को गति देना।
d. मानव विकास सूचकांकों में सुधार।
e. राज्यों को सशक्त बनाना ताकि वे राष्ट्रीय लक्ष्यों में सक्रिय भागीदार बन सकें।
5. निष्कर्ष: एक संतुलित निष्कर्ष प्रस्तुत करें जो इस बात पर जोर दे कि राज्यों का वित्तीय सशक्तिकरण राष्ट्रीय विकास के लिए अपरिहार्य है और अग्रिम कर हस्तांतरण इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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