12 Aug राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया
✎ सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए विधेयक पारित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को लाभ होगा।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने हेतु विधेयक पारित कर दिया है, जो देश के सहकारी आंदोलन को नई दिशा देने वाला कदम है। यह विधेयक सहकारी समितियों को बैंकों से ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से लाया गया है, जिससे उनके विकास और विस्तार को गति मिल सके। विधेयक में सहकारी समितियों को सरकारी गारंटी प्रदान करने का प्रावधान है, जिससे उन्हें आसानी से वित्तीय संसाधन उपलब्ध हो सकें। यह कदम देश के ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहाँ सहकारी समितियाँ किसानों और छोटे उत्पादकों के लिए जीवनरेखा का कार्य करती हैं।
इस विधेयक का संबंध संविधान के अनुच्छेद 243ZH से भी है, जो सहकारी समितियों के गठन और उनके संचालन को संवैधानिक मान्यता प्रदान करता है। विधेयक के माध्यम से सहकारी समितियों को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करने का प्रयास किया गया है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से अपने संसाधनों का प्रबंधन कर सकें। यह कदम सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाने में भी सहायक होगा। विधेयक के पारित होने से सहकारी समितियों को मिलने वाले ऋण की सीमा में वृद्धि होगी, जिससे वे अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे।
इस विधेयक का महत्व यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के लिए भी अत्यधिक है, क्योंकि यह भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंध को दर्शाता है। यूपीएससी परीक्षा में सहकारी क्षेत्र से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, विशेष रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था के खंड में। राज्य पीसीएस परीक्षाओं में भी सहकारी समितियों के गठन, उनके कार्यों और सरकारी नीतियों से संबंधित प्रश्नों की प्रधानता रहती है। विधेयक के माध्यम से सहकारी क्षेत्र को मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण और वित्तीय सहायता को समझना परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक है।
विधेयक के पारित होने से सहकारी क्षेत्र में सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह कदम देश
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. राज्य सभा द्वारा पारित सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- सहकारी समितियों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करना
- सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तीय संसाधनों को बढ़ावा देना
- सहकारी समितियों पर करों में छूट प्रदान करना
- सहकारी समितियों का राष्ट्रीयकरण करना
उत्तर
सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तीय संसाधनों को बढ़ावा देना — विधेयक का मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तीय संसाधनों को बढ़ावा देना है, ताकि इस क्षेत्र की विकास गति को तेज किया जा सके।
Q2. निम्नलिखित में से कौन सा विधेयक राज्य सभा द्वारा पारित किया गया है?
- सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विधेयक
- कृषि क्षेत्र सुधार विधेयक
- शिक्षा क्षेत्र सुधार विधेयक
- स्वास्थ्य क्षेत्र सुधार विधेयक
उत्तर
सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विधेयक — विधेयक का शीर्षक स्पष्ट रूप से ‘सहकारी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विधेयक’ है, जिसे राज्य सभा द्वारा पारित किया गया है।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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