12 Aug राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्त बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया
✎ सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने हेतु विधेयक पारित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक को पारित किया**
राज्यसभा ने हाल ही में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है, जो सहकारी समितियों को वित्तीय संसाधनों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करेगा। यह विधेयक, जिसे ‘सहकारी समिति (संशोधन) विधेयक, 2023’ के नाम से जाना जा रहा है, सहकारी बैंकों और संस्थाओं को ऋण प्रदान करने में सुधार लाने तथा उनके संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने पर केंद्रित है। विधेयक के माध्यम से सहकारी क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, ऋण वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा सदस्यों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही, विधेयक में सहकारी समितियों के प्रबंधन में सुधार लाने तथा उनके आर्थिक संकटों से निपटने के लिए नए प्रावधान भी शामिल किए गए हैं।
इस विधेयक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि सहकारी क्षेत्र भारत के ग्रामीण और कृषि अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ है। देश में लगभग 8.5 लाख सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जो किसानों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण जनता को वित्तीय सेवाएं प्रदान करती हैं। विधेयक के पारित होने से इन संस्थाओं को अधिक स्वायत्तता मिलेगी तथा उन्हें बैंकिंग प्रणाली से बेहतर जोड़ा जा सकेगा। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि सहकारी क्षेत्र में नौकरियों के सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों के माध्यम से सहकारी बैंकों को अधिक लचीला बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि वे बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिक सकें।
संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ग) के अंतर्गत सहकारी समितियों को गठित करने तथा संचालित करने का अधिकार दिया गया है, किंतु वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण इन संस्थाओं को अक्सर चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इस विधेयक के माध्यम से केंद्र सरकार ने सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधेयक में सहकारी समितियों के
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. राज्यसभा द्वारा पारित सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- सहकारी समितियों को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करना
- सहकारी क्षेत्र में ऋण प्रवाह और संसाधनों तक पहुंच बढ़ाना
- सहकारी समितियों को कर मुक्त करना
- सहकारी समितियों को राष्ट्रीयकृत बैंकों में विलय करना
उत्तर
सहकारी क्षेत्र में ऋण प्रवाह और संसाधनों तक पहुंच बढ़ाना — विधेयक का मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बढ़ाना और ऋण प्रवाह को सुगम बनाना है, ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
Q2. सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक को राज्यसभा में किसके द्वारा प्रस्तुत किया गया था?
- वित्त मंत्री
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
- सहकारिता मंत्री
- गृह मंत्री
उत्तर
सहकारिता मंत्री — विधेयक को सहकारिता मंत्री द्वारा राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया था, जो सहकारी क्षेत्र के विकास के लिए उत्तरदायी मंत्रालय है।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: बालिग बेटियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर रोक नहीं - August 12, 2026
- Allahabad HC: Adult Daughters’ Freedom Violation; ₹25L Compensation Order - August 12, 2026
- राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्त बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया - August 12, 2026

No Comments