28 Jul सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना: UPSC के लिए महत्वपूर्ण तथ्य


मानचित्र व माइंड-मैप: World’s largest grain storage scheme in cooperatives
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — सरकार की नीतियाँ और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप | GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधन जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय; कृषि
- Prelims: विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना, प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI), भारतीय खाद्य निगम (FCI), सहकारिता मंत्रालय
- Essay: भारत में कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण और किसानों की आय दोगुनी करने में सहकारी समितियों की भूमिका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भंडारण अवसंरचना का महत्व
त्वरित पुनरावृत्ति: यह योजना प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता का निर्माण करके भारत की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का एक अभिसरण मॉडल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
सहकारिता मंत्रालय ने लोकसभा में जानकारी दी है कि सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के अंतर्गत, देश भर में 1,015 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को गोदामों के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से 313 पैक्स में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता सृजित हुई है। यह योजना भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से पैक्स स्तर पर कृषि अवसंरचनाओं के सृजन पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना है।
पृष्ठभूमि
- भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ खाद्यान्न उत्पादन में निरंतर वृद्धि हुई है, लेकिन कटाई के बाद के नुकसान (post-harvest losses) एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
- अपर्याप्त भंडारण सुविधाओं के कारण किसानों को अपनी उपज कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है।
- सहकारी समितियाँ, विशेष रूप से प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), ग्रामीण स्तर पर किसानों के साथ सीधे जुड़ी हुई हैं और कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- सरकार ने कृषि अवसंरचना को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अभिसरण (convergence) की आवश्यकता महसूस की गई।
- भारतीय खाद्य निगम (FCI) देश में खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और वितरण के लिए जिम्मेदार प्रमुख सरकारी एजेंसी है, जिसे अपनी भंडारण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता की आवश्यकता है।
- इस योजना का लक्ष्य विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता का निर्माण करके खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, खाद्यान्न की बर्बादी को कम करना और किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सक्षम बनाना है।
विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना क्या है?
- यह योजना सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना है, जिसका उद्देश्य देश भर में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर विकेन्द्रीकृत भंडारण अवसंरचना का निर्माण करना है।
- योजना का मुख्य लक्ष्य गोदामों, कस्टम हायरिंग सेंटरों, प्रसंस्करण इकाइयों और उचित दर की दुकानों सहित विभिन्न कृषि अवसंरचनाओं का सृजन करना है।
- यह योजना भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI), कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन (SMAM) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अभिसरण (convergence) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।
- योजना के तहत, भारतीय खाद्य निगम (FCI) की भंडारण आवश्यकताओं को भी एकीकृत किया गया है, जिसके लिए FCI 9 वर्ष का एकसमान किराया आश्वासन प्रदान कर रहा है।
- कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत, ऋण गारंटी को 2+5 वर्षों से बढ़ाकर 2+8 वर्ष कर दिया गया है, जिससे परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ी है।
- कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI) में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जैसे मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% करना और निर्माण लागत तथा सब्सिडी दरों में वृद्धि करना।
- मैदानी क्षेत्रों के लिए निर्माण लागत ₹3000-3500/मीट्रिक टन से संशोधित करके ₹7000/मीट्रिक टन और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ₹4000/मीट्रिक टन से बढ़ाकर ₹8000/मीट्रिक टन कर दी गई है।
- PACS के लिए, आंतरिक सड़कों, तौल-पुलों, चाहरदीवारी आदि जैसी सहायक अवसंरचनाओं के लिए कुल स्वीकार्य सब्सिडी का एक-तिहाई अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना | सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण क्षमता को व्यापक रूप से बढ़ाएगी, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। |
| PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ) पर केंद्रित | जमीनी स्तर पर भंडारण अवसंरचना का निर्माण, किसानों तक सीधी पहुँच और उनकी आय में वृद्धि। |
| विभिन्न मौजूदा योजनाओं का अभिसरण | संसाधनों का इष्टतम उपयोग, योजनाओं के दोहराव से बचाव और एकीकृत विकास। |
| भारतीय खाद्य निगम (FCI) के साथ एकीकरण | भंडारण आवश्यकताओं की पूर्ति, खाद्यान्न वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना। |
| गोदामों के निर्माण के लिए 1,015 पैक्स चिह्नित | योजना का व्यापक कवरेज और कार्यान्वयन की गति। |
| AMIS (कृषि विपणन अवसंरचना योजना) में संशोधन | योजना की वित्तीय व्यवहार्यता में वृद्धि, अधिक सहकारी समितियों को आकर्षित करना। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- कृषि उपज के भंडारण से कटाई के बाद के नुकसान (post-harvest losses) में कमी आएगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि गोदामों, प्रसंस्करण इकाइयों और कस्टम हायरिंग सेंटरों के निर्माण से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी क्योंकि बेहतर भंडारण से बाजार में कृषि उत्पादों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सामाजिक महत्व
- खाद्य सुरक्षा (Food Security) सुनिश्चित होगी, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में, क्योंकि अनाज की उपलब्धता बढ़ेगी।
- किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और ग्रामीण गरीबी कम होगी।
- सहकारी समितियों को सशक्त बनाएगा, जिससे ग्रामीण समुदायों में आत्मनिर्भरता और सामूहिक भागीदारी की भावना बढ़ेगी।
शासनिक महत्व
- विभिन्न सरकारी योजनाओं के अभिसरण से संसाधनों का कुशल उपयोग होगा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
- भारतीय खाद्य निगम (FCI) की भंडारण आवश्यकताओं को पूरा करके सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) को मजबूत करेगा।
- जमीनी स्तर पर अवसंरचना विकास से सरकार की पहुँच और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
चुनौतियाँ
1. वित्तीय व्यवहार्यता और ऋण उपलब्धता
- छोटे और सीमांत किसानों के लिए पैक्स स्तर पर बड़े भंडारण ढाँचे के निर्माण हेतु पर्याप्त पूंजी जुटाना एक चुनौती हो सकती है।
- योजनाओं में संशोधन के बावजूद, सहकारी समितियों को ऋण प्राप्त करने में नौकरशाही बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: कृषि वित्त, ग्रामीण विकास
2. अवसंरचना का रखरखाव और प्रबंधन
- निर्मित गोदामों के उचित रखरखाव और कुशल प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित कर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी।
- भंडारण सुविधाओं में कीट नियंत्रण, नमी प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक सतत चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: कृषि अवसंरचना, ग्रामीण विकास
3. योजनाओं का प्रभावी अभिसरण
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना कि सभी योजनाएँ एक ही लक्ष्य की ओर प्रभावी ढंग से काम करें, एक जटिल कार्य है।
- जमीनी स्तर पर अभिसरण को लागू करने में नौकरशाही की शिथिलता या जानकारी की कमी एक बाधा बन सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन: सरकारी नीतियां और हस्तक्षेप
4. भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी
- गोदामों के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान और अधिग्रहण, विशेषकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में, एक चुनौती हो सकती है।
- पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और आवश्यक मंजूरियों को प्राप्त करने में समय लग सकता है।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण: पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, भूमि संसाधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| वित्तीय संसाधन | छोटे पैक्स के लिए पर्याप्त पूंजी जुटाने में कठिनाई। |
| प्रबंधन क्षमता | गोदामों के कुशल संचालन और रखरखाव के लिए विशेषज्ञता का अभाव। |
| अंतर-विभागीय समन्वय | विभिन्न योजनाओं के प्रभावी अभिसरण में संभावित बाधाएँ। |
| गुणवत्ता नियंत्रण | भंडारित अनाज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में चुनौतियाँ। |
| तकनीकी एकीकरण | आधुनिक भंडारण तकनीकों और डिजिटलीकरण को अपनाने में देरी। |
| बाजार पहुँच | किसानों को बेहतर बाजार पहुँच प्रदान करने में निरंतर चुनौतियाँ। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- कृषि अवसंरचना निधि (Agricultural Infrastructure Fund – AIF)
- कृषि विपणन अवसंरचना योजना (Agricultural Marketing Infrastructure Scheme – AMIS)
- कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन (Sub-Mission on Agricultural Mechanization – SMAM)
- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (Pradhan Mantri Formalisation of Micro Food Processing Enterprises Scheme – PMFME)
आगे की राह
- सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता और ऋण तक आसान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष विंडो या सब्सिडी तंत्र स्थापित किए जाएँ।
- गोदामों के प्रबंधन और रखरखाव के लिए पैक्स सदस्यों और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रदान किए जाएँ।
- विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच एक मजबूत समन्वय तंत्र स्थापित किया जाए ताकि योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित हो सके।
- भंडारण सुविधाओं में आधुनिक तकनीकों जैसे IoT आधारित निगरानी, स्वचालित तापमान नियंत्रण और कीट नियंत्रण प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाए।
- किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार पहुँच प्रदान करने हेतु ई-नाम (e-NAM) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ इन गोदामों को एकीकृत किया जाए।
- गुणवत्ता नियंत्रण और अनाज की बर्बादी को कम करने के लिए सख्त मानक और नियमित ऑडिट प्रणाली लागू की जाए।
- योजना के कार्यान्वयन की प्रगति की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए ताकि चुनौतियों की पहचान कर समय पर सुधारात्मक उपाय किए जा सकें।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
सहकारी क्षेत्र · अनाज भंडारण योजना · प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS) · कृषि अवसंरचना निधि (AIF) · कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना · खाद्य सुरक्षा · किसानों की आय · ग्रामीण अर्थव्यवस्था · अभिसरण मॉडल · भारतीय खाद्य निगम (FCI)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 19 (1) (ग)’, ‘note’: ‘सहकारी समितियाँ बनाने का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 43B’, ‘note’: ‘सहकारी समितियों को बढ़ावा देने का राज्य का कर्तव्य’}
अवधारणा प्रवाह
सरकार द्वारा विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की घोषणा। → PACS (प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ) को गोदाम निर्माण के लिए चिह्नित करना। → विभिन्न मौजूदा योजनाओं (AIF, AMIS, PMFME) का अभिसरण। → AMIS दिशानिर्देशों में संशोधन (सब्सिडी, मार्जिन मनी)। → गोदामों का निर्माण और भंडारण क्षमता में वृद्धि। → FCI की भंडारण आवश्यकताओं के साथ एकीकरण। → किसानों को बेहतर मूल्य, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह योजना केवल नए गोदामों के निर्माण पर केंद्रित है और इसमें मौजूदा अवसंरचना का उपयोग शामिल नहीं है।
2. इस योजना में भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का अभिसरण शामिल है।
3. भारतीय खाद्य निगम (FCI) इस योजना के तहत निर्मित गोदामों को एकसमान किराया आश्वासन प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है क्योंकि योजना में गोदामों के निर्माण के साथ-साथ अन्य कृषि अवसंरचनाओं का सृजन भी शामिल है, जो मौजूदा अवसंरचना के उपयोग को भी बढ़ावा दे सकता है। कथन 2 सही है क्योंकि योजना विभिन्न मौजूदा सरकारी योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से कार्य करती है। कथन 3 सही है क्योंकि भारतीय खाद्य निगम (FCI) निर्मित गोदामों को 9 वर्ष का एकसमान किराया आश्वासन प्रदान करता है।
Q2. कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना में हाल ही में किए गए संशोधनों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. योजना की वित्तीय व्यवहार्यता बढ़ाने के लिए मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
2. मैदानी क्षेत्रों के लिए निर्माण लागत को ₹3000–3500/मीट्रिक टन से संशोधित करके ₹7000/मीट्रिक टन कर दिया गया है।
3. पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सब्सिडी को 25% से बढ़ाकर 33.33% कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। कथन 2 सही है क्योंकि मैदानी क्षेत्रों के लिए निर्माण लागत को ₹3000–3500/मीट्रिक टन से संशोधित करके ₹7000/मीट्रिक टन कर दिया गया है। कथन 3 सही है क्योंकि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए सब्सिडी को 25% से बढ़ाकर 33.33% कर दिया गया है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना भारत में खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कैसे सुदृढ़ कर सकती है? इस योजना के अभिसरण मॉडल और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)
रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में, योजना के माध्यम से खाद्य सुरक्षा में सुधार (भंडारण क्षमता में वृद्धि, फसल कटाई के बाद के नुकसान में कमी) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर इसके सकारात्मक प्रभावों (किसानों की आय में वृद्धि, रोजगार सृजन) पर चर्चा करें। दूसरे भाग में, योजना के अभिसरण मॉडल (विभिन्न सरकारी योजनाओं का एकीकरण) और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की केंद्रीय भूमिका (गोदामों का निर्माण, अन्य कृषि अवसंरचनाओं का विकास) का विश्लेषण करें। साथ ही, योजना के कार्यान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी संक्षिप्त चर्चा करें।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
- यूपीएससी तैयारी: आरबीआई द्वारा 91, 182 और 364 दिनों के ट्रेजरी बिलों की नीलामी - September 19, 2026
- RBI to Auction ₹24,000 Crore T-Bills: Key Dates & Process for UPSC Aspirants - September 19, 2026
- संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष का Rohingya संकट से सीख: विश्वास और AI पर बल - September 19, 2026

No Comments