15 Oct उपराष्ट्रपति 16 अक्टूबर को कर्नाटक और केरल का दौरा करेंगे: मुख्य आयोजन जानें
✎ उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति होता है (अनुच्छेद 64) और अनुच्छेद 66 के अनुसार संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति से गुप्त मतदान द्वारा चुना जाता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — राजव्यवस्था (Polity): उपराष्ट्रपति का संवैधानिक पद, अनुच्छेद 63 से 71 तक के प्रावधान और राज्यसभा के पदेन सभापति की भूमिका | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा और रक्षा: समुद्री सुरक्षा, भारतीय नौसेना की क्षमता-वृद्धि और तटीय सुरक्षा
- Prelims: अनुच्छेद 63 (उपराष्ट्रपति का पद), अनुच्छेद 64 (उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति), अनुच्छेद 65 (राष्ट्रपति के रूप में कार्य), अनुच्छेद 66 (निर्वाचन और योग्यताएँ), अनुच्छेद 67 (कार्यकाल और पद से हटाना), एकल संक्रमणीय मत पद्धति (Single Transferable Vote), भारत की तटरेखा (मुख्य भूमि की लगभग 7,516 किलोमीटर), कारवार (Karwar) और आईएनएस कदम्ब (INS Kadamba)
- Essay: संवैधानिक पदों की गरिमा और उनकी औपचारिक भूमिका: लोकतंत्र में प्रतीकात्मकता का महत्व, भारत की समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक क्षमता: तटीय राज्यों की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति होता है (अनुच्छेद 64) और अनुच्छेद 66 के अनुसार संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति से गुप्त मतदान द्वारा चुना जाता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक और केरल का दौरा करेंगे। कर्नाटक के कारवार में वे भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस समर्थक (INS Samarthak) के कमीशनिंग समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इसके बाद वे केरल के कोझिकोड में नवरात्रि सरगोत्सवम 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी उपराष्ट्रपति सचिवालय की प्रेस विज्ञप्ति में 15 अक्टूबर 2026 को पीआईबी (PIB) दिल्ली द्वारा जारी की गई। समारोह में उपराष्ट्रपति की भागीदारी उनकी संवैधानिक औपचारिक भूमिका का हिस्सा है, जबकि नौसेना के जहाज का कमीशन होना भारत की समुद्री रक्षा क्षमता के विस्तार से जुड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम है।
पृष्ठभूमि
- उपराष्ट्रपति का पद संविधान के भाग V में अनुच्छेद 63 से 71 के अंतर्गत आता है। यह भारत में राष्ट्रपति के बाद दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है।
- अनुच्छेद 64 के अनुसार उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति होता है। इस भूमिका में वह सदन की कार्यवाही का संचालन करता है।
- उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा होता है। यह निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति से गुप्त मतदान द्वारा किया जाता है।
- भारत की मुख्य भूमि की तटरेखा लगभग 7,516 किलोमीटर है। कर्नाटक और केरल दोनों पश्चिमी तटीय राज्य हैं, इसलिए तटीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार में इनकी रणनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण है।
- नौसेना के जहाज का कमीशन होना उसे आधिकारिक रूप से सेवा में शामिल करने की औपचारिक प्रक्रिया है। ऐसे अवसरों पर सामान्यतः किसी गणमान्य व्यक्ति को मुख्य अतिथि बनाया जाता है।
उपराष्ट्रपति पद क्या है?
- उपराष्ट्रपति का पद अनुच्छेद 63 के अंतर्गत स्थापित है। संविधान में इस पद का प्रावधान सीधे किया गया है।
- अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति बनने के लिए भारत का नागरिक होना, 35 वर्ष की आयु पूरी करना और राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखना आवश्यक है। उसे लाभ का कोई पद धारण नहीं करना चाहिए।
- अनुच्छेद 67 के अनुसार उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है। वह राष्ट्रपति को संबोधित कर त्यागपत्र दे सकता है। उसे राज्यसभा के प्रस्ताव द्वारा पद से हटाया जा सकता है, जिसे लोकसभा की सहमति भी चाहिए।
- अनुच्छेद 65 के अनुसार राष्ट्रपति के पद रिक्त होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है। इस दौरान वह राज्यसभा के सभापति का दायित्व नहीं निभाता।
- उपराष्ट्रपति की भूमिका मुख्यतः संसदीय कार्यवाही के संचालन और संवैधानिक औपचारिक दायित्वों तक सीमित है। वह कार्यपालिका का प्रमुख नहीं होता, कार्यपालिका की शक्ति मंत्रिपरिषद के पास होती है।
- नौसेना का कमीशनिंग समारोह पोत को परिचालन सेवा में शामिल करने का औपचारिक चरण है। इसमें पोत की आधिकारिक सेवा-स्वीकृति घोषित होती है और सामान्यतः उसे नाम और प्रतीक दिए जाते हैं।
- भारतीय नौसेना का कार्य समुद्री सीमाओं की रक्षा, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और आपदा के समय सहायता करना है। इसलिए तटीय नौसैनिक अड्डों और जहाजों की क्षमता राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ी है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| कार्यक्रम का स्वरूप | उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) का 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक और केरल का औपचारिक दौरा, जिसमें दो सार्वजनिक कार्यक्रम शामिल हैं। |
| कारवार में पोत की सेवा में शामिल करना | भारतीय नौसेना के पोत INS समर्थक (INS Samarthak) को सेवा में शामिल करने के समारोह में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे। यह नौसेना की परिचालन क्षमता में एक नए पोत के जुड़ने का औपचारिक क्षण है। |
| कारवार का सामरिक महत्त्व | कारवार में नौसेना का प्रमुख अड्डा INS कदंब स्थित है, जो पश्चिमी तट पर भारतीय नौसेना की उपस्थिति का एक केंद्र है। |
| कोझिकोड में नवरात्रि सरगोत्सवम 2026 | केरल के कोझिकोड में नवरात्रि सरगोत्सवम 2026 का उद्घाटन उपराष्ट्रपति करेंगे। यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्रीय कला और परंपरा को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है। |
| संवैधानिक पद की गरिमा | उपराष्ट्रपति भारत के संविधान के अनुसार राज्यसभा के पदेन सभापति हैं। उनकी राज्य-यात्राएँ राष्ट्रीय एकता और संघीय सहभागिता का प्रतीकात्मक संदेश देती हैं। |
महत्व
सामरिक (Strategic)
- नए पोत को सेवा में शामिल करना भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और तटीय निगरानी क्षमता को सुदृढ़ करता है।
- पश्चिमी तट पर कारवार जैसे अड्डे का सक्रिय होना हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामुद्रिक उपस्थिति को दर्शाता है।
- नौसेना के समारोहों में देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारी की उपस्थिति सशस्त्र बलों के प्रति नागरिक सम्मान और नागरिक-सैन्य समन्वय का संकेत देती है।
संवैधानिक (Constitutional)
- उपराष्ट्रपति का पद संविधान के अनुच्छेद 63 द्वारा स्थापित है, और उनकी भूमिका मुख्यतः राज्यसभा के सभापति के रूप में संवैधानिक है।
- ऐसे सार्वजनिक दौरे पद की औपचारिक गरिमा को व्यक्त करते हैं, परंतु उपराष्ट्रपति की कार्यकारी शक्तियाँ नहीं होतीं।
सांस्कृतिक (Cultural)
- नवरात्रि सरगोत्सवम जैसे आयोजनों का उद्घाटन क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान देने का माध्यम बनता है।
- भारत की बहुलतावादी संस्कृति और संघीय विविधता का प्रदर्शन राष्ट्रीय एकता की भावना को पुष्ट करता है।
आगे की राह
- परीक्षा की दृष्टि से उपराष्ट्रपति की औपचारिक यात्राओं और उनकी संवैधानिक भूमिका (राज्यसभा सभापति, अनुच्छेद 63 और 64) में स्पष्ट अंतर समझें।
- नौसेना के पोतों को सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया, उनके वर्ग और भूमिका (तटीय, गहरे समुद्र, पनडुब्बी आदि) का अध्ययन करें।
- रक्षा विषय का संघ सूची में होना (सातवीं अनुसूची) और सशस्त्र बलों के नागरिक नियंत्रण के सिद्धांत को संवैधानिक ढाँचे के साथ जोड़कर समझें।
- पश्चिमी और दक्षिणी नौसेना कमान के क्षेत्रीय दायित्वों और उनके मुख्यालयों (कारवार, कोच्चि आदि के संदर्भ में) का मानचित्र पर अभ्यास करें।
- सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े राज्य-विशिष्ट उत्सवों को भारत के सांस्कृतिक भूगोल के अध्ययन से जोड़कर याद रखें।
- समाचार की घटनाओं को उत्तर-लेखन में केवल तथ्य के रूप में प्रयोग करें, और उनका विश्लेषण संस्थागत ढाँचे के संदर्भ में करें।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
उपराष्ट्रपति (Vice-President) · राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) · अनुच्छेद 63-71 · निर्वाचक मंडल (Electoral College) · एकल संक्रमणीय मत (Single Transferable Vote) · पदच्युति प्रस्ताव (Removal Resolution) · कार्यकारी और विधायी संबंध · संसदीय गरिमा और निष्पक्षता · संवैधानिक औपचारिकता बनाम व्यावहारिक भूमिका · केंद्र-राज्य सहयोग और संघवाद · सशस्त्र बल और नागरिक-सैन्य संबंध · सांस्कृतिक नीति और समावेशी संघवाद
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 63: उपराष्ट्रपति पद की स्थापना और कार्यभार।
- सातवीं अनुसूची, संघ सूची: रक्षा विषय का केंद्र के अधीन होना।
अवधारणा प्रवाह
उपराष्ट्रपति का 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक और केरल का आधिकारिक दौरा तय होता है। → कारवार में भारतीय नौसेना के पोत INS समर्थक को सेवा में शामिल करने का औपचारिक समारोह होता है। → पोत का सेवा में शामिल होना नौसेना की परिचालन क्षमता और पश्चिमी तट पर सामुद्रिक सुरक्षा को सुदृढ़ करता है। → उसी दौरे के क्रम में कोझिकोड में नवरात्रि सरगोत्सवम 2026 का उद्घाटन होता है। → सार्वजनिक उपस्थिति से संवैधानिक पद की गरिमा और राष्ट्रीय-सांस्कृतिक एकता का संदेश जाता है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों से गठित निर्वाचक मंडल द्वारा होता है।
2. उपराष्ट्रपति पदेन रूप से राज्यसभा के सभापति होते हैं।
3. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- इनमें से कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: अनुच्छेद 66(1) के अनुसार निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा होता है, जिसमें मनोनीत सदस्य भी सम्मिलित हैं। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 64 के अनुसार उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि विधानसभा सदस्य इस निर्वाचक मंडल में सम्मिलित नहीं होते।
Q2. निम्नलिखित में से प्रत्येक में एक अभिकथन (A) और एक कारण (R) दिया गया है।
अभिकथन (A): भारत के उपराष्ट्रपति को राज्यसभा अकेले, लोकसभा की सहमति के बिना, पदच्युत कर सकती है।
कारण (R): संविधान के अनुच्छेद 67(ख) के अनुसार उपराष्ट्रपति को हटाने का संकल्प राज्यसभा द्वारा पारित होने के साथ-साथ लोकसभा द्वारा सहमत होना आवश्यक है।
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- (A) सत्य है, परंतु (R) असत्य है
- (A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है
उत्तर: (A) असत्य है, परंतु (R) सत्य है — अभिकथन (A) असत्य है, क्योंकि अनुच्छेद 67(ख) के अंतर्गत राज्यसभा का संकल्प लोकसभा की सहमति से ही प्रभावी होता है। कारण (R) सत्य है और यही प्रक्रिया का सही वर्णन है। अतः (A) असत्य तथा (R) सत्य है।
Q3. सूची-I (संविधान के अनुच्छेद) को सूची-II (विषय) से सुमेलित कीजिए:
सूची-I
1. अनुच्छेद 63
2. अनुच्छेद 65
3. अनुच्छेद 66
4. अनुच्छेद 67
सूची-II
a. उपराष्ट्रपति का निर्वाचन
b. उपराष्ट्रपति पद की स्थापना
c. उपराष्ट्रपति को हटाना
d. राष्ट्रपति के पद रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति द्वारा कार्यभार संभालना
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए:
- 1-b, 2-d, 3-a, 4-c
- 1-a, 2-b, 3-c, 4-d
- 1-d, 2-a, 3-b, 4-c
- 1-c, 2-d, 3-b, 4-a
उत्तर: 1-b, 2-d, 3-a, 4-c — अनुच्छेद 63 उपराष्ट्रपति पद की स्थापना करता है। अनुच्छेद 65 के अंतर्गत राष्ट्रपति पद रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति कार्यभार संभालते हैं। अनुच्छेद 66 निर्वाचन की व्यवस्था और अनुच्छेद 67 कार्यकाल तथा पदच्युति से संबंधित है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत के उपराष्ट्रपति का पद संविधान में राज्यसभा के सभापति के रूप में एक संवैधानिक दायित्व और समारोहिक-औपचारिक सार्वजनिक भूमिका, दोनों को समेटता है। इस दोहरी भूमिका की संवैधानिक व्यवस्था की समीक्षा कीजिए। साथ ही बताइए कि सभापति के रूप में निष्पक्षता और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए संविधान और संसदीय परंपराओं में कौन-से संरचनात्मक उपाय उपलब्ध हैं। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल उत्तर संरचना:
1. भूमिका: अनुच्छेद 63 के अंतर्गत उपराष्ट्रपति पद की स्थापना; अनुच्छेद 64 के अंतर्गत पदेन सभापति के रूप में राज्यसभा से संबंध; अनुच्छेद 65 के अंतर्गत राष्ट्रपति पद रिक्त होने पर कार्यभार। हाल के समारोहों (जैसे नौसेना के जहाज के औपचारिक समावेश और सांस्कृतिक उद्घाटन) का उल्लेख कर यह दिखाएँ कि पद की सार्वजनिक भूमिका विधिक प्रावधानों से आगे भी जाती है।
2. संवैधानिक ढाँचा: अनुच्छेद 66(1) और 66(4) के अनुसार निर्वाचक मंडल, आनुपातिक प्रतिनिधित्व द्वारा एकल संक्रमणीय मत और गुप्त मतदान; अनुच्छेद 66(3) की योग्यताएँ; अनुच्छेद 67 के अंतर्गत पाँच वर्ष का कार्यकाल और पदच्युति प्रक्रिया (राज्यसभा का संकल्प, 14 दिन की पूर्व सूचना, लोकसभा की सहमति); अनुच्छेद 97 के अंतर्गत सभापति के वेतन और भत्ते।
3. सभापति की निष्पक्षता के उपाय: राज्यसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम; सदन में सभापति के पद की परंपरागत तटस्थता; पदच्युति प्रस्ताव की कठिन प्रक्रिया द्वारा स्वतंत्रता की सुरक्षा; मतदान में पदेन सभापति की सीमित भूमिका (टाई की स्थिति में निर्णायक मत की परंपरा) पर चर्चा।
4. आलोचनात्मक विश्लेषण: पद की औपचारिक-समारोहिक भूमिका से सांस्कृतिक और सार्वजनिक संवाद को बल मिलता है, किंतु उसके संसदीय दायित्व के साथ संतुलन आवश्यक है। पीठासीन अधिकारियों के निर्णयों की न्यायिक समीक्षा पर किहोतो होलोहन बनाम ज़ाचिल्हू (1992) का उल्लेख; संसदीय विशेषाधिकार के संदर्भ में राजा राम पाल बनाम लोकसभा अध्यक्ष (2007) का उल्लेख।
5. निष्कर्ष: संवैधानिक सुरक्षा उपाय और सदन की परंपराएँ पद की निष्पक्षता सुनिश्चित करते हैं; सुधार के सुझाव (जैसे आचार संहिता की स्पष्टता) के साथ संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Karnataka PCS (KPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 16 अक्टूबर को कर्नाटक और केरल के दौरे के दौरान किस शहर में ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस’ के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे?
- A. बेंगलुरु
- B. मैसूर
- C. मंगलुरु
- D. हुबली
उत्तर: B. मैसूर — उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 16 अक्टूबर को मैसूर में ‘भारतीय विज्ञान कांग्रेस’ के उद्घाटन समारोह में भाग लेंगे, जो कर्नाटक राज्य से संबंधित है।
Mains: उपराष्ट्रपति द्वारा कर्नाटक और केरल के दौरे के दौरान आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के महत्व का विश्लेषण करते हुए, कर्नाटक राज्य के विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के योगदान पर प्रकाश डालिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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