ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का शुभारंभ

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का शुभारंभ

ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का शुभारंभ : 

  पाठ्यक्रम  :  जीएस – 2 भारतीय राजनीति और शासन 

परिचय :

  • भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development – MoRD) ने हाल ही में राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान (National Entrepreneurship Campaign) का शुभारंभ किया है।
  • यह अभियान दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत संचालित है, जो ग्रामीण गरीबी उन्मूलन और महिलाओं के सशक्तीकरण पर केंद्रित है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम संवर्धन को मजबूत करना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आए।
  • अभियान के तहत 50,000 सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (Community Resource Persons – CRPs) को उद्यम संवर्धन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा और 50 लाख स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups – SHGs) सदस्यों को उद्यम विकास प्रशिक्षण (Entrepreneurship Development Programme – EDP) प्रदान किया जाएगा।
  • यह पहल ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत@2047’ के विजन से जुड़ी हुई है।

राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान के उद्देश्य : 

राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता की संस्कृति को विकसित करना है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
उद्यम संवर्धन प्रशिक्षण: 50,000 CRPs को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं जैसे बाजार समझ, व्यवसाय योजना, वित्तीय प्रबंधन और नवाचार पर प्रशिक्षित करना।
उद्यम विकास प्रशिक्षण (EDP): DAY-NRLM के अंतर्गत 50 लाख SHG सदस्यों को व्यावहारिक कौशल प्रदान करना, ताकि वे छोटे-मोटे उद्यम स्थापित कर सकें।
महिला केंद्रित दृष्टिकोण : चूंकि DAY-NRLM मुख्य रूप से महिलाओं पर केंद्रित है, इसलिए यह अभियान ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर देता है।
समावेशी विकास : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और आय विविधीकरण को बढ़ावा देना।
यह अभियान ग्रामीण भारत की छिपी क्षमता को उजागर करने का प्रयास है, जहां कृषि पर निर्भरता को कम करके गैर-कृषि गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

ग्रामीण उद्यमिता का महत्व : 

ग्रामीण उद्यमिता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, विशेष रूप से महिला सशक्तीकरण और सतत विकास के संदर्भ में। इसका महत्व निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है:
महिला सशक्तीकरण : उद्यमिता में लैंगिक अंतराल को समाप्त करने से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि हो सकती है। ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक भूमिकाओं से बाहर निकलकर उद्यमी बन रही हैं, जो सामाजिक परिवर्तन ला रहा है।
आय का विविधीकरण : महिलाएं पारंपरिक कृषि श्रम से हटकर गैर-कृषि गतिविधियों (जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन आदि) की ओर बढ़ रही हैं। ये गतिविधियां अब ग्रामीण आय का दो-तिहाई हिस्सा उत्पन्न करती हैं, जिससे कृषि पर निर्भरता कम हो रही है।
गरीबी उन्मूलन और सामाजिक गतिशीलता : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2019 से 2024 के बीच 65% ग्रामीण SHG सदस्यों की सापेक्ष आय में वृद्धि हुई है। उद्यमिता गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को ऊपर उठाने में सहायक है।
सामुदायिक लचीलेपन (Resilience) : महिला नेतृत्व वाले उद्यम स्थानीय रोजगार सृजन करते हैं, जिससे ग्रामीण-शहरी पलायन और अनियोजित शहरीकरण कम होता है। यह जलवायु परिवर्तन और आर्थिक संकटों के खिलाफ ग्रामीण समुदायों को मजबूत बनाता है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान : ग्रामीण उद्यमिता MSME क्षेत्र को मजबूत करती है, जो भारत के GDP का लगभग 30% योगदान देता है और 11 करोड़ से अधिक रोजगार प्रदान करता है। ग्रामीण उद्यमिता न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक समानता और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) जैसे SDG 5 (लैंगिक समानता) और SDG 8 (सभ्य कार्य और आर्थिक विकास) को प्राप्त करने में भी सहायक है।

ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकारी उपाय:  

भारत सरकार ने ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और इन्क्यूबेशन पर जोर दिया गया है:
वित्तीय सहायता:
प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) : बिना जमानत के ऋण प्रदान करती है, जिससे छोटे उद्यमी आसानी से वित्त प्राप्त कर सकते हैं। अब तक करोड़ों ग्रामीण उद्यमियों को लाभ मिला है।
उद्योगिनी योजना (कर्नाटक सरकार) : महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और सब्सिडी वाले उपकरण प्रदान करती है।
महिला कॉयर योजना : महिलाओं को कॉयर उद्योग में प्रशिक्षण और सब्सिडी देती है।
नाबार्ड (NABARD) के कार्यक्रम:
सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम (MEDPs): छोटे उद्यमों के लिए कौशल विकास।
आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (LEDPs): SHGs को उद्यम स्थापना में सहायता।
उद्भवन और प्रशिक्षण:
ASPIRE योजना (MSME मंत्रालय) : नवाचार, ग्रामीण उद्योग और उद्यमिता को प्रोत्साहन। अब तक 1.16 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है।
लखपति दीदी पहल: DAY-NRLM के अंतर्गत, 3 करोड़ SHG सदस्यों को वार्षिक कम-से-कम ₹1 लाख आय अर्जित करने में सक्षम बनाना। यह महिला उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
अन्य पहलें: स्टैंड-अप इंडिया और स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) जैसी योजनाएं ग्रामीण स्टार्ट-अप को समर्थन देती हैं।
ये उपाय ग्रामीण उद्यमिता को संस्थागत रूप से मजबूत बनाने का प्रयास हैं, लेकिन चुनौतियां जैसे बाजार पहुंच, डिजिटल साक्षरता और बुनियादी ढांचे की कमी अभी भी बनी हुई हैं।

दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के बारे में : 

DAY-NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रमुख योजना है, जो ग्रामीण गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है:
शुरुआत: NRLM स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) का पुनर्गठित संस्करण है। 2016 में इसका नाम बदलकर DAY-NRLM कर दिया गया।
उद्देश्य: ग्रामीण गरीब परिवारों को अधिकार, पात्रताएं, लोक सेवाएं, वित्त और कौशल विकास तक पहुंच प्रदान करना।
कवरेज: लक्ष्य – 7 करोड़ ग्रामीण गरीब परिवार। लाभार्थी – महिला केंद्रित SHGs और उनकी संघीय संस्थाएं
मुख्य घटक: SHG गठन, बैंक लिंकेज, कौशल प्रशिक्षण और उद्यम विकास। यह योजना 600 से अधिक जिलों में कार्यरत है और लाखों SHGs का निर्माण कर चुकी है।
प्रभाव: SHGs के माध्यम से महिलाओं की बचत और ऋण क्षमता बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परिवर्तन आया है।
DAY-NRLM सतत विकास और समावेशी विकास का प्रतीक है, जो ग्रामीण भारत को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

चुनौतियां और आगे की राह  : 

हालांकि राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान सराहनीय है, लेकिन ग्रामीण उद्यमिता में चुनौतियां जैसे अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, बाजार पहुंच की कमी, डिजिटल डिवाइड और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव बने हुए हैं। आगे की राह में इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए नीतिगत सुधार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और प्रौद्योगिकी एकीकरण आवश्यक है। सरकार को SHGs को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना चाहिए, ताकि ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केटिंग का लाभ मिल सके।

निष्कर्ष : 

राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान ग्रामीण भारत में उद्यमिता की क्रांति लाने का प्रयास है, जो महिला सशक्तीकरण, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। DAY-NRLM जैसे मिशनों के माध्यम से सरकार का यह कदम ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को साकार कर रहा है। यदि प्रभावी रूप से कार्यान्वित किया जाए, तो यह ग्रामीण भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक मजबूत भागीदार बना सकता है।

  प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

Q.राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान का शुभारंभ किस मंत्रालय द्वारा किया गया है?
(a) वित्त मंत्रालय
(b) ग्रामीण विकास मंत्रालय
(c) MSME मंत्रालय
(d) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
उत्तर: (b) ग्रामीण विकास मंत्रालय

मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

Q. राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान के उद्देश्यों और महत्व की व्याख्या कीजिए। यह अभियान सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से किस प्रकार जुड़ा हुआ है? (150 शब्द)

 

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