तमिलनाडु में जन्मे हर बच्चे को मिलेगा सोने की अंगूठी: मुख्यमंत्री विजय का नया योजना

Tamil Nadu CM Vijay to launch ‘Thaimaman gold ring’ scheme September 28 — diagram

तमिलनाडु में जन्मे हर बच्चे को मिलेगा सोने की अंगूठी: मुख्यमंत्री विजय का नया योजना

Thaimaman gold ring schemeNewborn1g gold ringGovernment hospitalBirth locationPICME softwareMonitoring toolInstitutional deliveries99.9% in TNMaternal/infant mortalityTarget reduction
Thaimaman gold ring scheme

✎ थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जो सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान करके मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देती है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय: स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव संसाधन से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय  |  GS Paper II — शासन: सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके डिजाइन और कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाले मुद्दे
  • Prelims: थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सरकारी अस्पताल, PICME पोर्टल, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, संस्थागत प्रसव
  • Essay: भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की भूमिका और चुनौतियाँ, सामाजिक कल्याण योजनाओं का महत्व और प्रभाव

त्वरित पुनरावृत्ति: थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना तमिलनाडु सरकार की एक पहल है जो सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान करके मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देती है।

💬 Doubt on this topic? Ask Aanya, your free AI study-buddy, for an instant explanation. Ask Aanya →

यह खबर चर्चा में क्यों?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर, 2026 को ‘थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना’ (Thaimaman Gold Ring Scheme) का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत, सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी। यह पहल राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जनता के विश्वास को बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।

पृष्ठभूमि

  • तमिलनाडु सरकार ने गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल, आपातकालीन प्रसूति उपचार, पोषण संबंधी सहायता और संस्थागत प्रसव (Institutional Deliveries) के लिए अग्रिम योजना के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार को उच्च प्राथमिकता दी है।
  • गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए ‘प्रेगनेंसी एंड इन्फेंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन’ (Pregnancy and Infant Cohort Monitoring and Evaluation – PICME) सॉफ्टवेयर का भी उपयोग किया जा रहा है।
  • इन पहलों के परिणामस्वरूप राज्य के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
  • राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (National Family Health Survey-6) के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं।
  • राज्य में कुल प्रसवों में से लगभग 53 प्रतिशत (लगभग 4.20 लाख) सरकारी अस्पतालों में होते हैं, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत व्यापक आपातकालीन प्रसूति और नवजात शिशु देखभाल (Comprehensive Emergency Obstetric and Newborn Care) केंद्रों पर किए जाते हैं।
  • यह योजना तमिल संस्कृति में मामा की पारंपरिक भूमिका को भी दर्शाती है, जो नवजात शिशु के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक है।

थाईमामन स्वर्ण अंगूठी योजना क्या है?

  • यह तमिलनाडु सरकार द्वारा शुरू की गई एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सम्मानित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ाना है।
  • योजना के तहत, सरकारी अस्पतालों में 22 जून, 2026 को या उसके बाद जन्म लेने वाले सभी पात्र शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी।
  • प्रत्येक स्वर्ण अंगूठी पर एक अद्वितीय क्रम संख्या (unique serial number) होगी और इसे छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग (tamper-proof packaging) में आपूर्ति किया जाएगा।
  • योजना के पहले चरण में 1.28 लाख अंगूठियां खरीदी गई हैं।
  • लाभ के लिए पात्र होने के लिए, माताओं को तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना चाहिए, PICME पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए और उनके पास प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पहचान संख्या (Reproductive and Child Health identification number) होनी चाहिए।
  • 22 जून से औपचारिक शुभारंभ की तिथि के बीच जन्मे बच्चों को अंगूठियां वितरित करने के लिए 107 नामित केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
  • शुभारंभ के बाद, पात्र नवजात शिशुओं को सरकारी अस्पतालों से छुट्टी मिलने पर अंगूठियां सौंपी जाएंगी।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
एक ग्राम सोने की अंगूठी सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक बच्चे को मिलेगी, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ाएगी।
पात्रता 22 जून, 2026 को या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्मे बच्चे, जिनकी माताएँ तमिलनाडु की स्थायी निवासी हैं और PICME पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
वितरण शुरुआत में 107 नामित केंद्रों पर, बाद में सरकारी अस्पतालों से छुट्टी के समय नवजात शिशुओं को।
अद्वितीय क्रम संख्या और छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार राज्य की मौजूदा पहलों का पूरक, जो पहले ही इन संकेतकों में महत्वपूर्ण सुधार ला चुकी हैं।

महत्व

सामाजिक महत्व

  • यह योजना तमिलनाडु की पारंपरिक थाईमामन (मामा) की भूमिका को दर्शाती है, जो नवजात शिशु के लिए उपहार लाने की प्रथा से जुड़ी है, जिससे सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।
  • यह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जनता के विश्वास को मजबूत करेगी, जिससे संस्थागत प्रसव (institutional deliveries) को और बढ़ावा मिलेगा और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर (maternal and infant mortality rates) में कमी आएगी।
  • यह नवजात शिशुओं के सम्मान और उनके कल्याण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है, जिससे सामाजिक समानता और समावेशन को बढ़ावा मिलता है।

स्वास्थ्य और कल्याण

  • यह योजना राज्य में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (maternal and child health) सेवाओं को सुदृढ़ करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल शामिल है।
  • सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करके, यह सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने और नवजात शिशुओं के लिए बेहतर देखभाल प्रदान करने में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करती है।
  • PICME (Pregnancy and Infant Cohort Monitoring and Evaluation) सॉफ्टवेयर का उपयोग गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी में मदद करता है, जिससे स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होता है।

शासन और नीति

  • यह योजना राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना है।
  • यह सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है।
  • योजना का सुव्यवस्थित कार्यान्वयन, जिसमें अद्वितीय क्रम संख्या और छेड़छाड़-रोधी पैकेजिंग शामिल है, शासन में पारदर्शिता और दक्षता के महत्व को दर्शाता है।

चुनौतियाँ

1. वित्तीय वहनीयता

  • प्रति वर्ष अनुमानित 4.20 लाख सरकारी अस्पताल प्रसवों के लिए एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान करने की दीर्घकालिक वित्तीय वहनीयता एक चुनौती हो सकती है।
  • सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव योजना के बजट पर अप्रत्याशित दबाव डाल सकता है।

2. कार्यान्वयन और वितरण

  • बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक अंगूठियों का सुचारू और समय पर वितरण सुनिश्चित करना, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में, एक तार्किक चुनौती हो सकती है।
  • योजना के तहत धोखाधड़ी या दुरुपयोग को रोकना और यह सुनिश्चित करना कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही लाभ मिले, महत्वपूर्ण है।

3. जागरूकता और पहुँच

  • यह सुनिश्चित करना कि सभी पात्र माताएँ योजना और PICME पोर्टल पर पंजीकरण की आवश्यकता के बारे में जागरूक हों, विशेष रूप से अशिक्षित या वंचित पृष्ठभूमि वाली माताओं के लिए एक चुनौती हो सकती है।
  • प्रौद्योगिकी तक पहुँच की कमी या डिजिटल साक्षरता की कमी पंजीकरण प्रक्रिया में बाधा बन सकती है।

4. संसाधन प्रबंधन

  • योजना के लिए आवश्यक सोने की खरीद, भंडारण और वितरण के लिए एक मजबूत और सुरक्षित प्रणाली की आवश्यकता होगी।
  • वितरण केंद्रों पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना और उन्हें आवश्यक संसाधनों से लैस करना भी एक चुनौती हो सकती है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
उच्च वित्तीय परिव्यय योजना के लिए पर्याप्त और सतत धन की आवश्यकता, विशेष रूप से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण।
वितरण तंत्र की जटिलता बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक अंगूठियों का कुशल और सुरक्षित वितरण सुनिश्चित करना।
पात्रता सत्यापन धोखाधड़ी को रोकने और केवल वास्तविक लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाने के लिए मजबूत सत्यापन प्रक्रियाएँ।
जागरूकता की कमी विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में, सभी पात्र माताओं तक योजना की जानकारी पहुँचाना।
बुनियादी ढाँचा और मानव संसाधन योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • थाईमामन गोल्ड रिंग योजना
  • गर्भवती महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता योजनाएँ (जैसा कि समाचार में उल्लिखित है)
  • मुफ्त प्रसव और नवजात शिशु देखभाल योजनाएँ (जैसा कि समाचार में उल्लिखित है)
  • आपातकालीन प्रसूति उपचार योजनाएँ (जैसा कि समाचार में उल्लिखित है)
  • पोषण संबंधी सहायता योजनाएँ (जैसा कि समाचार में उल्लिखित है)

आगे की राह

  • योजना के लिए एक समर्पित और पारदर्शी निधि स्थापित की जाए, जिसमें सोने की कीमतों में संभावित वृद्धि के लिए आकस्मिक प्रावधान शामिल हों।
  • वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जाए, जैसे कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग।
  • योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाए जाएँ, विशेष रूप से ग्रामीण और हाशिए पर रहने वाले समुदायों में।
  • PICME पोर्टल और RCH पहचान संख्या के साथ पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि सभी पात्र माताओं के लिए पहुँच सुनिश्चित हो सके।
  • योजना के कार्यान्वयन की नियमित निगरानी और मूल्यांकन किया जाए ताकि किसी भी चुनौती की पहचान की जा सके और समय पर सुधारात्मक उपाय किए जा सकें।
  • योजना के तहत प्राप्त होने वाले लाभों के बारे में लाभार्थियों से प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाए।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के कर्मचारियों को योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाया जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य · सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली · कल्याणकारी योजनाएँ · संस्थागत प्रसव · बाल स्वास्थ्य · सामाजिक सुरक्षा · राज्य नीति के निदेशक सिद्धांत · स्वास्थ्य संकेतक · गर्भावस्था और शिशु सहकर्मी निगरानी और मूल्यांकन (PICME) सॉफ्टवेयर · राजकोषीय निहितार्थ

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘अनुच्छेद 21’: ‘जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार’}
  • {‘अनुच्छेद 39(e)’: ‘नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा’}
  • {‘अनुच्छेद 42’: ‘काम की न्यायसंगत और मानवीय परिस्थितियाँ तथा मातृत्व राहत’}
  • {‘अनुच्छेद 47’: ‘पोषण स्तर और जीवन स्तर को ऊपर उठाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार’}

अवधारणा प्रवाह

राज्य सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार पर जोर।  →  थाईमामन गोल्ड रिंग योजना की घोषणा और कार्यान्वयन।  →  सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन।  →  सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ना।  →  मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में और सुधार।  →  नवजात शिशुओं के कल्याण और सामाजिक समानता को बढ़ावा।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ‘थाईमामन गोल्ड रिंग योजना’ का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करना है।
2. यह योजना केवल उन माताओं के लिए उपलब्ध है जो तमिलनाडु की स्थायी निवासी हैं और PICME पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
3. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 99.9 प्रतिशत प्रसव अस्पतालों में होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि योजना का लक्ष्य सरकारी चिकित्सा सेवाओं में सार्वजनिक विश्वास को मजबूत करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। कथन 2 सही है क्योंकि पात्रता मानदंड में तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना और PICME पोर्टल पर पंजीकरण शामिल है। कथन 3 भी सही है, जैसा कि समाचार में उल्लिखित है कि NFHS-6 के अनुसार तमिलनाडु में लगभग 99.9% प्रसव अस्पतालों में होते हैं।

Q2. भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के संदर्भ में, ‘गर्भावस्था और शिशु सहकर्मी निगरानी और मूल्यांकन (PICME) सॉफ्टवेयर’ का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

  1. गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए।
  2. सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए।
  3. टीकाकरण अभियान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए।
  4. जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए।
  5. उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तर: गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए। — PICME सॉफ्टवेयर का उपयोग गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की एकीकृत निगरानी के लिए किया जाता है, जैसा कि समाचार में बताया गया है, जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार में योगदान देता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। तमिलनाडु की ‘थाईमामन गोल्ड रिंग योजना’ जैसे हालिया उदाहरणों के आलोक में, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर ऐसी योजनाओं के संभावित प्रभावों की चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति और कल्याणकारी योजनाओं के महत्व का संक्षिप्त परिचय। (जैसे, शिशु मृत्यु दर (IMR), मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी का लक्ष्य)
2. कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए विभिन्न केंद्रीय और राज्य-स्तरीय योजनाओं (जैसे, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत पहल) का उल्लेख। इन योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता, पोषण संबंधी सहायता, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहन और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डालना।
3. ‘थाईमामन गोल्ड रिंग योजना’ का विश्लेषण: योजना के उद्देश्य (सरकारी अस्पतालों में विश्वास बढ़ाना, संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित करना) और इसकी विशिष्ट विशेषताओं (एक ग्राम सोने की अंगूठी, PICME पंजीकरण की आवश्यकता) का विवरण।
4. सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर संभावित प्रभाव:
क. सकारात्मक प्रभाव: संस्थागत प्रसव में वृद्धि, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास में वृद्धि, स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार।
ख. चुनौतियाँ/विचार: राजकोषीय बोझ, योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना, लाभार्थियों की पहचान और वितरण तंत्र की दक्षता, केवल भौतिक प्रोत्साहन पर निर्भरता के बजाय समग्र स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता।
5. निष्कर्ष: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल देना, जिसमें कल्याणकारी योजनाएं, मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना और प्रभावी निगरानी प्रणाली शामिल हों। राज्य नीति के निदेशक सिद्धांतों (DPSP) के तहत स्वास्थ्य के अधिकार और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का संदर्भ।

स्रोत: orissapost.com

Tamil Nadu PCS (TNPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा 28 सितंबर को शुरू की जाने वाली ‘थाईमामन गोल्ड रिंग’ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. A. राज्य की महिलाओं को सोने के गहने प्रदान करना
  2. B. राज्य में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना
  3. C. राज्य में महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना
  4. D. राज्य में कृषि उत्पादन में वृद्धि करना

उत्तर: C. राज्य में महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना — थाईमामन गोल्ड रिंग योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण और उनके कल्याण के लिए शुरू की गई है, जिसमें महिलाओं को सोने के गहने प्रदान किए जाते हैं।

Mains: तमिलनाडु सरकार द्वारा ‘थाईमामन गोल्ड रिंग’ योजना के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का वर्णन कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


Related guides on our sites

No Comments

Post A Comment