तमिलनाडु में AI सिटी स्थापित करने के लिए स्थान चयन प्रक्रिया शुरू: आईटी मंत्री

T.N. in the process of identifying site to build AI City: IT Minister — labelled illustration

तमिलनाडु में AI सिटी स्थापित करने के लिए स्थान चयन प्रक्रिया शुरू: आईटी मंत्री

3D cutaway: T.N. in the process of identifying site to build AI City
3D cutaway: T.N. in the process of identifying site to build AI City

✎ AI सिटी का लक्ष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे भारत वैश्विक AI मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन सके।

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता)  |  GS Paper II — शासन (ई-गवर्नेंस, कौशल विकास)
  • Prelims: AI सिटी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास, सूचना प्रौद्योगिकी नीति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति
  • Essay: कृत्रिम बुद्धिमत्ता: अवसर और चुनौतियाँ, भारत में डिजिटल क्रांति और समावेशी विकास

त्वरित पुनरावृत्ति: AI सिटी का लक्ष्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है, जिससे भारत वैश्विक AI मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी बन सके।

यह खबर चर्चा में क्यों?

तमिलनाडु सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सिटी स्थापित करने के लिए एक उपयुक्त स्थान की पहचान करने की प्रक्रिया में है, जिसकी घोषणा राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी और AI मंत्री आर. कुमार ने की। इस AI सिटी में AI अनुसंधान केंद्र, उत्कृष्टता केंद्र और वैश्विक क्षमता केंद्र शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य देश के छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करना और प्रतिभा पलायन (brain drain) को रोकना है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सरकार ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत प्रौद्योगिकी-आधारित विकास को बढ़ावा दे रही है।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy – NEP) 2020 कौशल विकास और भविष्योन्मुखी शिक्षा पर जोर देती है।
  • कई भारतीय राज्य सूचना प्रौद्योगिकी और संबंधित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए नीतियां बना रहे हैं।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) को चौथी औद्योगिक क्रांति का एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है, जिसमें आर्थिक संवृद्धि (economic growth) और रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं।
  • भारत में तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं की बड़ी संख्या है, जिन्हें उचित अवसर मिलने पर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

AI सिटी क्या है?

  • AI सिटी एक नियोजित शहरी विकास है जिसे विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अनुसंधान, विकास और अनुप्रयोगों को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • इसका उद्देश्य AI से संबंधित उद्योगों, अकादमिक संस्थानों और स्टार्टअप्स के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) बनाना है।
  • इसमें अत्याधुनिक अनुसंधान प्रयोगशालाएं, उत्कृष्टता केंद्र (centres of excellence), वैश्विक क्षमता केंद्र (global capability centres) और तकनीकी विश्वविद्यालय शामिल हो सकते हैं।
  • AI सिटी का लक्ष्य उच्च-कुशल पेशेवरों को आकर्षित करना और उन्हें विश्व-स्तरीय बुनियादी ढाँचा (infrastructure) और अवसर प्रदान करना है।
  • यह बच्चों के लिए क्रेच से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक शैक्षिक सहायता, खेल सुविधाएं और अन्य आकर्षक सुविधाएं प्रदान करने की परिकल्पना करता है ताकि यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं को भी आकर्षित कर सके।
  • यह AI कौशल को स्कूली पाठ्यक्रम में एकीकृत करने और स्थानीय भाषा कंप्यूटिंग के लिए बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models – LLMs) विकसित करने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
AI अनुसंधान केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना।
उत्कृष्टता केंद्र विशिष्ट AI अनुप्रयोगों और प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता विकसित करना।
वैश्विक क्षमता केंद्र अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करना और वैश्विक AI पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की भूमिका को मजबूत करना।
शैक्षिक सहायता (क्रेच से विश्वविद्यालय तक) AI पेशेवरों की अगली पीढ़ी तैयार करने के लिए एक व्यापक शैक्षिक ढाँचा प्रदान करना।
खेल सुविधाएँ (गोल्फ, समुद्री खेल) उच्च गुणवत्ता वाले जीवन स्तर की पेशकश करके घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभाओं को आकर्षित करना।
तमिल कंप्यूटिंग के लिए LLM विकास तमिल भाषा में AI उपकरणों और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना, भाषाई समावेशन सुनिश्चित करना।

महत्व

आर्थिक संवृद्धि और रोजगार सृजन

  • AI सिटी की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, विशेषकर उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में।
  • यह निवेश आकर्षित करेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में वृद्धि होगी।

तकनीकी नवाचार और अनुसंधान

  • AI अनुसंधान केंद्रों और उत्कृष्टता केंद्रों की उपस्थिति से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  • यह भारत को वैश्विक AI नवाचार मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

मानव पूंजी विकास

  • क्रेच से विश्वविद्यालय तक शैक्षिक सहायता प्रदान करने की परिकल्पना से एक मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन का निर्माण होगा।
  • यह देश के भीतर AI कौशल को बढ़ावा देगा और ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) को कम करने में मदद करेगा।

क्षेत्रीय विकास और संतुलन

  • तमिलनाडु के अन्य जिलों में भी AI कौशल को एकीकृत करने की योजना से राज्य के भीतर क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में मदद मिलेगी।
  • यह तकनीकी विकास को केवल कुछ शहरी केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक रूप से फैलाने में सहायक होगा।

चुनौतियाँ

1. बुनियादी ढाँचा और शहरी नियोजन

  • एक नए शहर का निर्माण करने के लिए पर्याप्त भूमि अधिग्रहण, बिजली, पानी और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास एक बड़ी चुनौती है।
  • पर्यावरण संबंधी चिंताओं और सतत विकास के सिद्धांतों का पालन करना आवश्यक होगा।

2. प्रतिभा अधिग्रहण और प्रतिधारण

  • वैश्विक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ AI प्रतिभाओं को आकर्षित करना और उन्हें भारत में बनाए रखना एक चुनौती है, खासकर जब प्रतिस्पर्धी देशों में बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
  • उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान के अवसर प्रदान करना महत्वपूर्ण होगा।

3. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और नियामक ढाँचा

  • सिंगापुर के साथ LLM विकास जैसे अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के लिए विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) से मंजूरी प्राप्त करना आवश्यक है।
  • AI के नैतिक उपयोग, डेटा गोपनीयता और सुरक्षा से संबंधित एक मजबूत नियामक ढाँचा विकसित करना महत्वपूर्ण है।

4. निधिकरण और निवेश

  • AI सिटी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पर्याप्त सरकारी और निजी निवेश आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती होगी।
  • दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक टिकाऊ व्यापार मॉडल विकसित करना आवश्यक है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
भूमि अधिग्रहण बड़े पैमाने पर भूमि की आवश्यकता और स्थानीय समुदायों का विस्थापन।
विशेषज्ञ प्रतिभा की कमी देश में AI विशेषज्ञों की उपलब्धता और उन्हें आकर्षित करने की क्षमता।
डेटा गोपनीयता और सुरक्षा AI अनुप्रयोगों में व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग और साइबर हमलों का जोखिम।
नैतिक AI विकास AI प्रणालियों में पूर्वाग्रह और भेदभाव से बचना सुनिश्चित करना।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा अन्य देशों द्वारा विकसित AI हब के साथ प्रतिस्पर्धा करना।
दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता परियोजना के लिए निरंतर निधिकरण और राजस्व मॉडल सुनिश्चित करना।

आगे की राह

  • एक स्पष्ट और व्यापक मास्टर प्लान विकसित करना जिसमें चरणबद्ध कार्यान्वयन, भूमि उपयोग और बुनियादी ढाँचा विकास शामिल हो।
  • घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय AI प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज और विश्व स्तरीय अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करना।
  • AI के नैतिक और जिम्मेदार विकास को सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत नियामक और कानूनी ढाँचा स्थापित करना।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल को बढ़ावा देना ताकि परियोजना के लिए आवश्यक निधिकरण और विशेषज्ञता सुनिश्चित की जा सके।
  • शैक्षिक संस्थानों के साथ मिलकर AI कौशल को स्कूली पाठ्यक्रम में एकीकृत करना और विश्वविद्यालय स्तर पर विशेषज्ञ कार्यक्रम शुरू करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना, विशेषकर अनुसंधान और बड़े भाषा मॉडल (LLM) के विकास जैसे क्षेत्रों में।
  • AI सिटी के विकास को सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के साथ संरेखित करना, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेशन शामिल हो।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

कृत्रिम बुद्धिमत्ता शहर · डिजिटल परिवर्तन · कौशल विकास · रोजगार सृजन · बुनियादी ढांचा विकास · राज्य नवाचार नीति · आर्थिक संवृद्धि · तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र · अनुसंधान एवं विकास · वैश्विक क्षमता केंद्र

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ और राज्य सूचियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 282’, ‘note’: ‘संघ या राज्य द्वारा अनुदान’}

अवधारणा प्रवाह

तमिलनाडु सरकार AI सिटी की स्थापना की योजना बना रही है।  →  AI सिटी में AI अनुसंधान केंद्र, उत्कृष्टता केंद्र और वैश्विक क्षमता केंद्र शामिल होंगे।  →  इसका उद्देश्य AI पेशेवरों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र और अवसर पैदा करना है।  →  इससे आर्थिक संवृद्धि, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।  →  यह भारत को वैश्विक AI मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शहर का उद्देश्य AI अनुसंधान केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना है।
2. AI शहर में बच्चों के लिए क्रेच से लेकर विश्वविद्यालय तक शैक्षिक सहायता प्रदान करने की सुविधाएँ शामिल होंगी।
3. तमिलनाडु सरकार ने बड़े भाषा मॉडल (LLMs) के विकास के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के साथ एक समझौता किया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि AI शहर में AI अनुसंधान केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र शामिल होंगे। कथन 2 भी सही है क्योंकि AI शहर में क्रेच से विश्वविद्यालय तक शैक्षिक सहायता की परिकल्पना की गई है। कथन 3 भी सही है क्योंकि तमिलनाडु सरकार ने तमिल कंप्यूटिंग के लिए LLMs विकसित करने हेतु नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के साथ एक समझौता किया है।

Q2. अभिकथन (A): भारत में प्रशिक्षित कई छात्र बेहतर अवसरों के लिए विदेशों में चले जाते हैं।
कारण (R): भारत में उचित संरचना और पारिस्थितिकी तंत्र की कमी है जो उन्हें आकर्षित कर सके।
उपरोक्त कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

  1. A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  4. A असत्य है, लेकिन R सत्य है।

उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है, जैसा कि लेख में मंत्री ने बताया है। कारण (R) भी सही है, क्योंकि मंत्री ने ‘उचित संरचना की कमी’ और ‘सर्वोत्तम संभव बुनियादी ढांचे और अवसरों के साथ एक पारिस्थितिकी तंत्र’ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। इस प्रकार, R, A की सही व्याख्या है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शहरों की स्थापना के पीछे के औचित्य का परीक्षण करें। साथ ही, ऐसे शहरों के सफल क्रियान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान हेतु आवश्यक उपायों पर भी चर्चा करें। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** AI शहरों की अवधारणा का संक्षिप्त परिचय और उनके महत्व पर प्रकाश डालें।
2. **औचित्य का परीक्षण:**
* **कौशल पलायन रोकना:** ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकने और घरेलू प्रतिभा को आकर्षित करने में भूमिका।
* **रोजगार सृजन:** उच्च-तकनीकी और सहायक क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का निर्माण।
* **अनुसंधान एवं विकास:** AI अनुसंधान केंद्रों और उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा देना।
* **आर्थिक संवृद्धि:** राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान, निवेश आकर्षित करना।
* **बुनियादी ढांचा विकास:** विश्व स्तरीय शहरी और तकनीकी बुनियादी ढांचे का निर्माण।
* **वैश्विक प्रतिस्पर्धा:** भारत को वैश्विक AI मानचित्र पर स्थापित करना।
3. **संभावित चुनौतियाँ:**
* **वित्तपोषण:** परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की आवश्यकता।
* **भूमि अधिग्रहण:** उपयुक्त स्थान की पहचान और अधिग्रहण की जटिलता।
* **कुशल जनशक्ति:** AI विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं की उपलब्धता और उन्हें बनाए रखना।
* **नीतिगत ढाँचा:** AI के नैतिक और नियामक पहलुओं से संबंधित स्पष्ट नीतियों का अभाव।
* **डिजिटल डिवाइड:** ग्रामीण-शहरी डिजिटल असमानता को बढ़ाना।
* **साइबर सुरक्षा:** डेटा गोपनीयता और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ।
4. **समाधान हेतु आवश्यक उपाय:**
* **सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP):** वित्तपोषण और विशेषज्ञता के लिए।
* **कौशल विकास कार्यक्रम:** AI कौशल को स्कूली पाठ्यक्रम में एकीकृत करना और उच्च शिक्षा में विशिष्ट पाठ्यक्रम।
* **अनुसंधान अनुदान और प्रोत्साहन:** AI स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को बढ़ावा देना।
* **अंतर्राष्ट्रीय सहयोग:** ज्ञान और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के लिए (जैसे नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के साथ समझौता)।
* **नियामक सैंडबॉक्स:** AI नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लचीले नियामक वातावरण का निर्माण।
* **समावेशी विकास:** यह सुनिश्चित करना कि AI के लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँचें।
5. **निष्कर्ष:** AI शहरों के दूरगामी प्रभावों और भारत के तकनीकी भविष्य के लिए उनके महत्व पर बल दें।

स्रोत: The Hindu


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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