25 Feb नीली लहरों का महासंगम : रक्षा मंत्री ने किया 13वें मिलन अभ्यास का उद्घाटन
मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र – 2 – के अंतर्गत ‘ अंतरराष्ट्रीय संबंध और भारतीय संविधान एवं शासन व्यवस्था ’ से संबंधित।
प्रारंभिक परीक्षा के अंतर्गत – ‘ मिलन अभ्यास 2026, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, पूर्वी नौसेना कमान (ENC), क्वाड समूह, आसियान, हिंद महासागर रिम एसोसिएशन, INS वीरबाहु, INS अरिहंत, गेटवे टू ईस्ट ’ से संबंधित।
खबरों में क्यों ?

- हाल ही में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में MILAN-2026 के 13वें संस्करण का भव्य रूप से उद्घाटन किया, जो भारतीय नौसेना के इतिहास में एक ‘मील का पत्थर’ है।
- MILAN-2026 के 13वें संस्करण में इस बार 74 देशों की अभूतपूर्व भागीदारी के साथ यह अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है, जो वैश्विक मंच पर भारत को एक ‘विश्वसनीय और जिम्मेदार समुद्री साझेदार’ के रूप में स्थापित करता है।
- मिलन अभ्यास का यह भव्य अभ्यास न केवल भारत के प्रति अंतरराष्ट्रीय विश्वास का प्रतीक है, बल्कि ‘इंडो-पैसिफिक क्षेत्र’ में देश की बढ़ती रणनीतिक प्रतिष्ठा और नेतृत्व को भी दृढ़ता से प्रदर्शित करता है।
अभ्यास MILAN क्या है ?
- MILAN एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है, जिसका आयोजन और मेजबानी भारतीय नौसेना द्वारा की जाती है।
- उत्पत्ति : इसकी शुरुआत 1995 में हुई थी। तब इसमें केवल 4 देश (इंडोनेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड) शामिल थे।
- विकास : मिलन अभ्यास जो कभी एक छोटी क्षेत्रीय पहल थी, वह आज दुनिया के सबसे बड़े नौसैनिक जमावड़ों में से एक बन चुकी है।
- मेजबानी का कमान : इस अभ्यास का वर्ष 2026 का संस्करण पूर्वी नौसेना कमान (ENC) के तत्वावधान में विशाखापत्तनम में आयोजित किया जा रहा है।
MILAN-2026 में भाग लेने वाले प्रमुख देश :
- इस अभ्यास में 74 देशों की भागीदारी में दुनिया के लगभग हर महाद्वीप का प्रतिनिधित्व है। इन्हें मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में देखा जा सकता है:
- क्वाड (QUAD) समूह : भारत के साथ अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक ‘मुक्त और खुले’ समुद्र के संकल्प को दोहराती है।
- आसियान (ASEAN) राष्ट्र : वियतनाम, फिलीपींस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देश भारत के समुद्री पड़ोस के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) : इसमें श्रीलंका, मॉरीशस, सेशेल्स और मालदीव जैसे द्वीप राष्ट्र शामिल हैं, जहाँ भारत ‘नेट सुरक्षा प्रदाता’ की भूमिका निभाता है।
- यूरोपीय और अन्य शक्तियाँ : फ्रांस, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया जैसे उन्नत नौसैनिक देशों की उपस्थिति इस अभ्यास को वैश्विक स्तर पर मान्यता देती है।
विशाखापत्तनम का रणनीतिक महत्व :
- विशाखापत्तनम को ‘द सिटी ऑफ डेस्टिनी’ और भारतीय नौसेना का ‘पावरहाउस’ माना जाता है। इसके महत्व के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- भौगोलिक स्थिति : विशाखापत्तनम बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित एक गहरा प्राकृतिक बंदरगाह है। इसकी पहाड़ियाँ (जैसे डॉल्फिन नोज़) जहाजों को चक्रवात और समुद्री लहरों से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती हैं।
- पूर्वी नौसेना कमान (ENC) का मुख्यालय : यह भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान का केंद्र है। यहाँ से भारत बंगाल की खाड़ी, मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) और दक्षिण चीन सागर की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखता है। मलक्का जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री व्यापार मार्ग है, और विशाखापत्तनम इसके प्रवेश द्वार के करीब है।
- पनडुब्बी बेड़े का केंद्र : विशाखापत्तनम भारत की पनडुब्बी शक्ति का आधार है। यहाँ INS वीरबाहु (पनडुब्बी मुख्यालय) स्थित है। इसके अलावा, भारत की परमाणु पनडुब्बियों (जैसे – INS अरिहंत श्रेणी) का रखरखाव और संचालन भी इसी क्षेत्र से जुड़ा है।
- जहाज निर्माण और मरम्मत का लॉजिस्टिक हब : हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) : यह बड़े जहाजों के निर्माण और मरम्मत की क्षमता रखता है। नेवल डॉकयार्ड : यहाँ अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित मरम्मत सुविधाएं हैं, जो विदेशी नौसेनाओं को यह संदेश देती हैं कि भारत उनके जहाजों के लिए एक भरोसेमंद ‘लॉजिस्टिक हब’ बन सकता है।
- सामरिक ‘गेटवे टू ईस्ट’ : चीन की बढ़ती समुद्री उपस्थिति के जवाब में, विशाखापत्तनम भारत के लिए एक ‘प्रोजेक्शन पॉइंट’ का कार्य करता है। MILAN-2026 का यहाँ आयोजन करना यह स्पष्ट संकेत देता है कि भारत अपने पूर्वी समुद्री तट की सुरक्षा और वहां अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अभ्यास MILAN-2026 के मुख्य उद्देश्य :
- MILAN-2026 का प्राथमिक लक्ष्य ‘समुद्र के माध्यम से दोस्ती का मेल’ (Camaraderie across the Oceans) है। इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- इंटरऑपरेबिलिटी : विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बिठाना ताकि भविष्य के संयुक्त अभियानों में संचार और समन्वय की बाधाएं न आएं।
- पेशेवर दक्षता : सर्वोत्तम प्रथाओं और आधुनिक समुद्री सिद्धांतों का आदान-प्रदान करना।
- समुद्री सुरक्षा : समुद्री डकैती, अवैध शिकार, और तस्करी जैसी गैर-पारंपरिक चुनौतियों के खिलाफ एक साझा मोर्चा तैयार करना।
- HADR क्षमता : प्राकृतिक आपदाओं के समय मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) कार्यों के लिए त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित करना।
अभ्यास MILAN-2026 से संबंधित मुख्य चुनौतियाँ :
- परिचालन विविधता : इस अभ्यास में 74 देशों की नौसेनाओं के पास अलग-अलग तकनीक, जहाज और संचार प्रणालियाँ हैं। इन सबको एक साझा प्लेटफॉर्म पर लाना एक तकनीकी चुनौती है।
- भू-राजनीतिक तनाव : इसमें भाग लेने वाले देशों के बीच आपस में कुछ क्षेत्रीय विवाद हो सकते हैं (जैसे दक्षिण चीन सागर विवाद), जिससे पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है।
- रसद और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन : इस अभ्यास में 70 से अधिक देशों के जहाजों, विमानों और हजारों कर्मियों के लिए रसद, ईंधन और आवास का प्रबंधन करना एक विशाल कार्य है।
- साइबर सुरक्षा : डिजिटल रूप से जुड़े युद्धपोतों के बीच डेटा साझा करते समय साइबर खतरों और सूचनाओं के लीक होने का जोखिम बना रहता है।
चुनौतियों के समाधान की राह :
- इन चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय नौसेना और सहभागी देशों ने निम्नलिखित रणनीतियाँ अपनाई हैं:
- मानकीकृत संचालन प्रक्रिया (SOPs) : एक साझा प्रोटोकॉल विकसित किया गया है ताकि भाषा और तकनीकी भिन्नता के बावजूद तालमेल बना रहे।
- सॉफ्ट डिप्लोमेसी : ‘हर्बर फेज’ के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलों का आयोजन किया जाता है ताकि विभिन्न देशों के सैनिकों के बीच व्यक्तिगत स्तर पर भरोसा पैदा हो।
- सुरक्षित संचार नेटवर्क : अभ्यास के दौरान एन्क्रिप्टेड और सुरक्षित डेटा लिंक का उपयोग किया जाता है ताकि सूचना साझाकरण सुरक्षित रहे।
- क्षेत्रीय सहयोग : क्षेत्रीय सहयोग के अंतर्गत विवादित मुद्दों को दरकिनार कर ‘साझा समुद्री हितों’ पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
अभ्यास MILAN का भारत के लिए महत्व :
- नेट सुरक्षा प्रदाता : यह भारत को हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करता है, जो संकट के समय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है।
- SAGAR दृष्टिकोण : यह प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण/ विजन SAGAR (Security and Growth for All in the Region) को धरातल पर उतारता है।
- रक्षा निर्यात और स्वदेशीकरण : विशाखापत्तनम के शिपयार्ड में निर्मित भारतीय जहाजों का प्रदर्शन ‘मेक इन इंडिया’ और भारत की तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने पेश करता है।
- कूटनीतिक संतुलन : एक साथ इतने देशों को (जिनमें कई आपस में प्रतिद्वंद्वी भी हो सकते हैं) एक मंच पर लाना भारत की संतुलित विदेश नीति की जीत है।
भविष्य की राह :
- तकनीकी समावेश : भविष्य के संस्करणों में AI (कृत्रिम बुद्धिमता – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मानवरहित प्रणालियों के संयुक्त अभ्यास पर अधिक जोर दिया जाएगा।
- पर्यावरण सुरक्षा : आने वाले समय में समुद्री प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते समुद्र स्तर जैसी चुनौतियों को भी इस अभ्यास के दायरे में लाया जा सकता है।
निष्कर्ष : विशाखापत्तनम से वैश्विक नेतृत्व का शंखनाद
- MILAN अभ्यास 2026 महज एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक ‘समुद्री संसद’ की तरह है, जहाँ 74 देशों की उपस्थिति भारत के निष्पक्ष और सक्षम नेतृत्व पर वैश्विक मुहर लगाती है। विशाखापत्तनम ने अपनी अत्याधुनिक सुविधाओं और रणनीतिक स्थिति से यह सिद्ध कर दिया है कि वह केवल एक व्यापारिक बंदरगाह नहीं, बल्कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का मुख्य द्वार और एक उभरता हुआ ‘ग्लोबल नेवल हब’ है। इतने विशाल स्तर पर विदेशी नौसेनाओं का जुटना भारत की सैन्य कूटनीति की एक युगांतरकारी जीत है।
स्त्रोत – पी. आई. बी एवं द हिन्दू।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q.1. अभ्यास MILAN के ऐतिहासिक विकास और इसके 13वें संस्करण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- MILAN अभ्यास की शुरुआत 1995 में हुई थी, जिसमें भारत के साथ केवल 4 अन्य देशों ने भाग लिया था।
- MILAN-2026 का 13वां संस्करण विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसेना कमान (ENC) के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
- इस वर्ष के अभ्यास में 74 देशों की भागीदारी है, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बनाती है।
- यह अभ्यास प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने वाला एक बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A. केवल कथन 1 और 2
B. केवल कथन 2, 3 और 4
C. केवल कथन 1, 2 और 3
D. कथन 1, 2, 3 और 4 सभी।
- उत्तर – C केवल कथन 1, 2 और 3
- व्याख्या : कथन 4 गलत है क्योंकि MILAN अभ्यास एक वार्षिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह एक द्विवार्षिक (हर दो साल में होने वाला) अभ्यास है।
मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :
Q.1. अभ्यास मिलन-2026 (MILAN-2026) के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण करते हुए चर्चा कीजिए यह भारत को इंडो-पैसिफिक में एक ‘नेट सुरक्षा प्रदाता’ के रूप में कैसे स्थापित करती है और यह भारत के ‘SAGAR’ विजन को किस प्रकार गति प्रदान करता है? ( शब्द सीमा – 250 अंक – 15 )

No Comments