पोषण ट्रैकर: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का प्रभावी गवर्नेंस टूल

पोषण ट्रैकर: मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का प्रभावी गवर्नेंस टूल

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — सामाजिक न्याय, मानव संसाधन  |  GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (ई-गवर्नेंस)
  • Prelims: पोषण ट्रैकर, मिशन सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, आधार-आधारित ट्रैकिंग, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS), नॉमिनी मॉड्यूल, ई-केवाईसी, आंगनवाड़ी केंद्र, ईसीसीई
  • Essay: भारत में पोषण सुरक्षा और ई-गवर्नेंस की भूमिका, डिजिटल इंडिया: सामाजिक कल्याण योजनाओं के वितरण में क्रांति

त्वरित पुनरावृत्ति: पोषण ट्रैकर एक महत्वपूर्ण ई-गवर्नेंस उपकरण है जो मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी सेवाओं की वास्तविक समय की निगरानी, आधार-आधारित सत्यापन और टेक-होम राशन के वितरण के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) तथा नॉमिनी मॉड्यूल का उपयोग करके पोषण संबंधी हस्तक्षेपों की दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ाता है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि ‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत वास्तविक समय की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस टूल है। लाभार्थियों को टेक-होम राशन (THR) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसमें ‘नॉमिनी मॉड्यूल’ भी शुरू किया गया है, जिससे योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ी है।

पृष्ठभूमि

  • भारत में कुपोषण एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है, विशेषकर बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में।
  • इस चुनौती से निपटने के लिए, भारत सरकार ने विभिन्न पोषण संबंधी कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू किया है।
  • इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी के लिए डिजिटल समाधानों की आवश्यकता महसूस की गई, ताकि लीकेज को रोका जा सके और लक्षित लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
  • पोषण अभियान (National Nutrition Mission) को 2018 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य कुपोषण को चरणबद्ध तरीके से कम करना था।
  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 को पोषण अभियान के साथ-साथ अन्य संबंधित योजनाओं को मिलाकर एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए लॉन्च किया गया था।
  • डिजिटल इंडिया पहल के तहत, सरकारी सेवाओं को नागरिकों तक अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर जोर दिया गया है।

पोषण ट्रैकर क्या है?

  • पोषण ट्रैकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा विकसित एक डिजिटल एप्लिकेशन है, जिसका उद्देश्य मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी सेवाओं की वास्तविक समय की निगरानी और ट्रैकिंग करना है।
  • यह आंगनवाड़ी केंद्रों (AWCs), आंगनवाड़ी कर्मियों (AWWs) और लाभार्थियों से संबंधित विभिन्न मापदंडों पर डेटा संग्रह को सुगम बनाता है, जैसे कि बच्चों की दैनिक उपस्थिति, वृद्धि निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन (MCM) और टेक-होम राशन (THR) का प्रावधान।
  • यह आधार-आधारित ट्रैकिंग का उपयोग करता है, जिससे लाभार्थियों की सही पहचान संभव हुई है, लीकेज पर रोक लगी है और फर्जी प्रविष्टियों को खत्म किया गया है। वर्तमान में, 99.88 प्रतिशत पंजीकृत लाभार्थी आधार सत्यापित हैं।
  • टेक-होम राशन (THR) के वितरण के लिए इसमें फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) और ‘नॉमिनी मॉड्यूल’ शामिल किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ केवल पंजीकृत और लक्षित लाभार्थी को ही मिले, या उनके द्वारा नामित व्यक्ति को।
  • मंत्रालय आंगनवाड़ी कर्मियों, महिला सुपरवाइजरों और ब्लॉक समन्वयकों को स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (GMD) खरीदने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को धन जारी करता है।
  • पोषण ट्रैकर के सिस्टम-जनरेटेड एनालिटिक्स के माध्यम से परिणाम आधारित मूल्यांकन और निरंतर निगरानी की जा रही है, जिससे पोषण निगरानी, ECCE वितरण, लाभार्थी सत्यापन और सेवा दक्षता पर डिजिटलीकरण के प्रभाव का मूल्यांकन किया जा सके।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
वास्तविक समय की निगरानी और ट्रैकिंग आंगनवाड़ी केंद्रों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों की सेवाओं का सटीक और तत्काल अवलोकन संभव।
आधार-आधारित सत्यापन लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करता है, लीकेज और फर्जी प्रविष्टियों को रोकता है, पारदर्शिता बढ़ाता है।
फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) टेक-होम राशन (THR) के वितरण में धोखाधड़ी को रोकता है, सुनिश्चित करता है कि लाभ केवल लक्षित लाभार्थी को मिले।
नॉमिनी मॉड्यूल लाभार्थियों को THR प्राप्त करने में लचीलापन प्रदान करता है, यदि वे स्वयं उपस्थित होने में असमर्थ हों, तो नामित व्यक्ति के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल शिक्षण सहायता प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा (ECCE) सामग्री को वीडियो, ऑडियो और गतिविधि-आधारित संसाधनों के माध्यम से एकीकृत करता है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ती है।
ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (GMD) बच्चों की वृद्धि की सटीक निगरानी में मदद करता है, कुपोषण की पहचान और रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।

महत्व

शासन और पारदर्शिता

  • पोषण ट्रैकर एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस टूल के रूप में कार्य करता है, जो मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत सेवाओं की वास्तविक समय की निगरानी और ट्रैकिंग को सक्षम बनाता है।
  • आधार-आधारित सत्यापन और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के माध्यम से लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित होती है, जिससे लीकेज और फर्जी प्रविष्टियों पर अंकुश लगता है, योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता आती है।
  • यह प्रणाली मंत्रालय को विभिन्न मापदंडों पर योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा करने और सुधार करने में सक्षम बनाती है, जिससे सेवा वितरण की दक्षता बढ़ती है।

सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशन

  • नॉमिनी मॉड्यूल की शुरुआत लाभार्थियों के लिए टेक-होम राशन (THR) प्राप्त करने में सुगमता लाती है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, जिससे योजना की पहुंच बढ़ती है।
  • यह सुनिश्चित करता है कि पोषण संबंधी लाभ अंतिम छोर तक पहुंचें, जिससे कमजोर वर्गों, विशेषकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार हो सके।
  • प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा (ECCE) सामग्री का डिजिटलीकरण बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा देता है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा तक पहुंच प्रदान करता है।

तकनीकी नवाचार और दक्षता

  • पोषण ट्रैकर ऐप आंगनवाड़ी सेवाओं से संबंधित वास्तविक समय के डेटा संग्रह को आसान बनाता है, जैसे आंगनवाड़ी केंद्रों का खुलना, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, वृद्धि निगरानी आदि।
  • स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (GMD) के प्रावधान से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाया जाता है और डेटा संग्रह एवं निगरानी की सटीकता में सुधार होता है।
  • सिस्टम-जनरेटेड एनालिटिक्स के माध्यम से परिणाम-आधारित मूल्यांकन और निरंतर निगरानी की जाती है, जिससे योजना के प्रभाव का मूल्यांकन और आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।

चुनौतियाँ

1. डिजिटल साक्षरता और कनेक्टिविटी

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों के बीच डिजिटल उपकरणों के उपयोग और पोषण ट्रैकर ऐप को समझने की क्षमता में भिन्नता हो सकती है।
  • ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी या अस्थिरता ऐप के सुचारू संचालन में बाधा डाल सकती है।

2. डेटा गोपनीयता और सुरक्षा

  • आधार-आधारित सत्यापन और फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) के उपयोग से लाभार्थियों के व्यक्तिगत और बायोमेट्रिक डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
  • डेटा उल्लंघनों या दुरुपयोग को रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।

3. तकनीकी बुनियादी ढांचा और रखरखाव

  • स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस (GMD) की खरीद के लिए धन जारी किया जाता है, लेकिन इन उपकरणों के रखरखाव, मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए निरंतर सहायता की आवश्यकता होती है।
  • तकनीकी खराबी या सॉफ्टवेयर अपडेट से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए प्रभावी सहायता प्रणाली का अभाव हो सकता है।

4. डेटा की सटीकता और सत्यापन

  • यद्यपि आधार-सत्यापन लीकेज को कम करता है, फिर भी डेटा प्रविष्टि में मानवीय त्रुटियां या जानबूझकर गलत प्रविष्टियां हो सकती हैं, जिससे डेटा की सटीकता प्रभावित हो सकती है।
  • नॉमिनी मॉड्यूल में नामित व्यक्ति के सत्यापन और उसके माध्यम से वितरित राशन की ट्रैकिंग में चुनौतियां आ सकती हैं।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
डिजिटल डिवाइड तकनीकी पहुंच और साक्षरता में असमानता, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में।
डेटा सुरक्षा व्यक्तिगत और बायोमेट्रिक डेटा की गोपनीयता और दुरुपयोग का जोखिम।
तकनीकी सहायता उपकरणों के रखरखाव और ऐप से संबंधित समस्याओं के लिए पर्याप्त सहायता प्रणाली का अभाव।
डेटा गुणवत्ता डेटा प्रविष्टि में मानवीय त्रुटियां या गलत प्रविष्टियों की संभावना।
नेटवर्क कनेक्टिविटी दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की अस्थिरता।
प्रशिक्षण की आवश्यकता आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ऐप के प्रभावी उपयोग हेतु निरंतर और व्यापक प्रशिक्षण।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0

आगे की राह

  • डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को मजबूत करना और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा लाभार्थियों के लिए ऐप के उपयोग पर नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित करना।
  • ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और मोबाइल नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में सुधार करना।
  • डेटा गोपनीयता और सुरक्षा के लिए मजबूत प्रोटोकॉल और एन्क्रिप्शन तकनीकों को लागू करना, साथ ही डेटा उल्लंघनों से निपटने के लिए एक स्पष्ट तंत्र स्थापित करना।
  • पोषण ट्रैकर ऐप के लिए एक केंद्रीकृत और कुशल तकनीकी सहायता प्रणाली स्थापित करना, जिसमें हेल्पलाइन और ऑन-साइट सहायता शामिल हो।
  • डेटा प्रविष्टि की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए नियमित ऑडिट और सत्यापन प्रक्रियाएं लागू करना, साथ ही गलत प्रविष्टियों के लिए जवाबदेही तय करना।
  • नॉमिनी मॉड्यूल के उपयोग को सरल बनाना और यह सुनिश्चित करना कि नामित व्यक्ति के माध्यम से भी लाभों का वितरण पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य हो।
  • पोषण ट्रैकर के माध्यम से एकत्र किए गए डेटा का उपयोग करके नीति निर्माण और कार्यक्रम डिजाइन में सुधार के लिए गहन विश्लेषण और शोध को बढ़ावा देना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

पोषण ट्रैकर · मिशन सक्षम आंगनवाड़ी · पोषण 2.0 · वास्तविक समय की निगरानी · आधार-आधारित ट्रैकिंग · टेक-होम राशन (THR) · फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) · नॉमिनी मॉड्यूल · ईसीसीई गतिविधियाँ · डिजिटल शिक्षण सहायता

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 39(f)’, ‘note’: ‘बच्चों के स्वस्थ विकास के अवसर’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 47’, ‘note’: ‘पोषाहार स्तर और जीवन स्तर में सुधार’}

अवधारणा प्रवाह

पोषण ट्रैकर ऐप का शुभारंभ  →  वास्तविक समय की निगरानी और आधार-सत्यापन  →  लीकेज में कमी और पारदर्शिता में वृद्धि  →  कुपोषण की पहचान और प्रारंभिक बाल विकास में सुधार  →  समुदाय के पोषण और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. पोषण ट्रैकर डिजिटल एप्लिकेशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के तहत शुरू किया गया है।
2. यह लाभार्थियों को टेक-होम राशन (THR) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘नॉमिनी मॉड्यूल’ का उपयोग करता है।
3. यह केवल 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों की वृद्धि निगरानी पर केंद्रित है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 2
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। पोषण ट्रैकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के तहत शुरू किया गया है और इसमें THR के लिए ‘नॉमिनी मॉड्यूल’ है। कथन 3 गलत है क्योंकि यह 0-6 वर्ष की आयु के बच्चों की वृद्धि निगरानी करता है, जिसमें 0-3 वर्ष के बच्चों के लिए गृह-आधारित गतिविधियाँ भी शामिल हैं।

Q2. पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन के मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:
1. आंगनवाड़ी सेवाओं से संबंधित वास्तविक समय के डेटा संग्रह को सुगम बनाना।
2. लाभार्थियों की आधार-आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से लीकेज को रोकना।
3. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई सामग्री के लिए डिजिटल शिक्षण सहायता प्रदान करना।
4. केवल शहरी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी करना।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 3 और 4
  3. केवल 1, 2 और 3
  4. 1, 2, 3 और 4

उत्तर: केवल 1, 2 और 3 — कथन 1, 2 और 3 सही हैं। पोषण ट्रैकर वास्तविक समय डेटा संग्रह, लीकेज रोकथाम और डिजिटल शिक्षण सहायता प्रदान करता है। कथन 4 गलत है क्योंकि यह सभी आंगनवाड़ी केंद्रों (शहरी और ग्रामीण) की निगरानी करता है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ पोषण ट्रैकर डिजिटल एप्लिकेशन ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी’ और ‘पोषण 2.0’ के तहत एक महत्वपूर्ण गवर्नेंस टूल के रूप में उभरा है। इस कथन के आलोक में, पोषण ट्रैकर की प्रमुख विशेषताओं और भारतीय समाज में कुपोषण से निपटने में इसकी भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में पोषण ट्रैकर की प्रमुख विशेषताओं का विस्तार से वर्णन करें, जैसे वास्तविक समय की निगरानी, आधार-आधारित सत्यापन, फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS), नॉमिनी मॉड्यूल और डिजिटल शिक्षण सहायता। दूसरे भाग में, कुपोषण से निपटने में इसकी भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें, जिसमें लीकेज को रोकने, पारदर्शिता बढ़ाने, लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने और डेटा-आधारित निर्णय लेने में इसकी प्रभावशीलता पर प्रकाश डालें। साथ ही, संभावित चुनौतियों और सुधार के क्षेत्रों का भी उल्लेख करें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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