यूपी में शुरू हुई ‘भारत टैक्सी’, सारथियों को मिलेगा मालिकाना हक

उत्तर प्रदेश में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ; लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा की शुरुआत — diagram

यूपी में शुरू हुई ‘भारत टैक्सी’, सारथियों को मिलेगा मालिकाना हक

Map of Uttar Pradesh highlighted on the map of India — भारत टैक्सी सेवा उत्तर प्रदेश
मानचित्र व माइंड-मैप: उत्तर प्रदेश में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ

✎ ‘भारत टैक्सी’ सेवा और संबंधित डिजिटल पहलें ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करते हुए सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, आधुनिकीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही हैं।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ  |  GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय, समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय
  • Prelims: भारत टैक्सी सेवा, सहकारिता मंत्रालय, प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप, UPCDC मोबाइल ऐप
  • Essay: सहकार से समृद्धि: भारत के ग्रामीण और शहरी विकास में सहकारिता की भूमिका, डिजिटल इंडिया और समावेशी विकास: तकनीक के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच

त्वरित पुनरावृत्ति: ‘भारत टैक्सी’ सेवा और संबंधित डिजिटल पहलें ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करते हुए सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, आधुनिकीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में समावेशी विकास को बढ़ावा दे रही हैं।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। यह सेवा लखनऊ के साथ-साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी शुरू की गई है। इस अवसर पर ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ पोर्टल, ‘उर्वरक सेतु’ मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के UPCDC मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया, जो सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल नवाचारों को रेखांकित करता है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत सहकारिता क्षेत्र का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
  • जुलाई 2021 में एक स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य देश के सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और गति प्रदान करना है।
  • पिछले पांच वर्षों में सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं, जिनका लक्ष्य सहकारी संस्थाओं को मजबूत, पारदर्शी, आधुनिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।
  • सहकारिता को अब कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक उत्पाद, बीज, निर्यात, भंडारण, स्वास्थ्य सेवाओं और मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों से भी जोड़ा जा रहा है।
  • देशभर में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण का कार्य जारी है, जिससे जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का तकनीकी रूपांतरण हो रहा है।

‘भारत टैक्सी’ सेवा और संबंधित डिजिटल पहलें क्या हैं?

  • ‘भारत टैक्सी’ सेवा ‘Driver is the Owner’ (ड्राइवर ही मालिक है) के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से सारथियों (ड्राइवरों) को अपनी सेवा का वास्तविक भागीदार बनाना है।
  • यह सेवा मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारिता मॉडल को लागू करती है, जिससे सारथियों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।
  • उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में इसका शुभारंभ किया गया है।
  • ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ पोर्टल का उद्देश्य किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देना है, संभवतः योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच को सुगम बनाकर।
  • ‘उर्वरक सेतु’ मोबाइल ऐप उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जो किसानों को उर्वरकों से संबंधित जानकारी और उपलब्धता तक पहुँच प्रदान करने में सहायक होगा।
  • उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (UPCDC) का मोबाइल ऐप सहकारी समितियों और उनके सदस्यों से संबंधित डेटा प्रबंधन और सूचना प्रसार को सुगम बनाएगा।
  • एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो सेवा के संस्थागत विस्तार और सुचारु संचालन को सुनिश्चित करेगा।
  • भारत टैक्सी से छह माह में 10 लाख से अधिक सारथी जुड़े हैं और प्रतिदिन लगभग 20 हजार राइड्स हो रही हैं, जिससे सारथियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पाँच प्रमुख शहरों (लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज) में मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारी मॉडल का विस्तार।
‘ड्राइवर इज द ओनर’ सिद्धांत सारथियों (ड्राइवरों) को सेवा का वास्तविक भागीदार बनाकर सहकारिता के माध्यम से सशक्तिकरण।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पोर्टल किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में समृद्धि लाने के उद्देश्य से एक डिजिटल मंच।
उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप किसानों तक उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी समाधान।
उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर (UPCDC) मोबाइल ऐप राज्य के सहकारी डेटाबेस को सुव्यवस्थित और सुलभ बनाने के लिए एक डिजिटल उपकरण।
समझौता ज्ञापन (MoU) एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस के साथ साझेदारी से भारत टैक्सी सेवा का संस्थागत विस्तार और एकीकरण।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • सहकारी मॉडल के माध्यम से मोबिलिटी क्षेत्र में रोजगार सृजन, विशेषकर सारथियों के लिए, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
  • कृषि क्षेत्र में डिजिटल पहलों (जैसे मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पोर्टल, उर्वरक सेतु ऐप) से किसानों की उत्पादकता और आय में सुधार की संभावना।
  • सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण से वित्तीय समावेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सामाजिक महत्व

  • ‘ड्राइवर इज द ओनर’ सिद्धांत से सारथियों का सशक्तिकरण, उन्हें केवल कर्मचारी के बजाय उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा।
  • सहकारिता आंदोलन का विस्तार, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी का मौका मिलेगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में पैक्स (PACS) के माध्यम से सेवाओं का विविधीकरण, जिससे स्थानीय समुदायों को लाभ होगा।

प्रशासनिक एवं तकनीकी महत्व

  • सहकारिता मंत्रालय द्वारा 160 से अधिक नई पहलों से सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, आधुनिकता और दक्षता में वृद्धि।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स (जैसे उर्वरक सेतु, UPCDC ऐप) का शुभारंभ प्रशासन को अधिक जवाबदेह और सुलभ बनाएगा।
  • विभिन्न सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थाओं (एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो, पुलिस) के साथ समझौता ज्ञापन से सेवाओं का बेहतर समन्वय और एकीकरण।

चुनौतियाँ

1. सहकारी मॉडल का प्रभावी क्रियान्वयन

  • ‘ड्राइवर इज द ओनर’ जैसे सिद्धांतों को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करना और सभी हितधारकों के बीच विश्वास बनाए रखना।
  • सहकारी समितियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना ताकि भ्रष्टाचार की संभावना कम हो।

2. तकनीकी एकीकरण और डिजिटल साक्षरता

  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल उपकरणों और ऐप्स के उपयोग के लिए पर्याप्त तकनीकी बुनियादी ढाँचा और डिजिटल साक्षरता सुनिश्चित करना।
  • साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करना और डेटा गोपनीयता बनाए रखना, विशेषकर जब बड़ी मात्रा में डेटा एकत्र किया जा रहा हो।

3. वित्तीय स्थिरता और संसाधन जुटाना

  • सहकारी उद्यमों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता और ऋण तक पहुँच सुनिश्चित करना ताकि वे प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।
  • पैक्स के कम्प्यूटरीकरण जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए निरंतर धन की उपलब्धता और उसका कुशल उपयोग।

4. प्रतिस्पर्धा और बाजार की गतिशीलता

  • निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना और सहकारी मॉडल की विशिष्टता को बनाए रखना।
  • बाजार की बदलती मांगों और उपभोक्ता प्राथमिकताओं के अनुसार सेवाओं को अनुकूलित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
सहकारी समितियों का प्रबंधन प्रबंधन में राजनीतिक हस्तक्षेप और अक्षमता की संभावना।
तकनीकी पहुँच और उपयोग दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्मार्टफोन की उपलब्धता की कमी।
वित्तीय अनियमितताएँ सहकारी बैंकों और समितियों में धन के दुरुपयोग का जोखिम।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण सारथियों और किसानों को नए ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण का अभाव।
बाजार में प्रतिस्पर्धा ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी बड़ी निजी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना
  • भारत टैक्सी सेवा

आगे की राह

  • सहकारी संस्थाओं के लिए एक मजबूत नियामक ढाँचा विकसित करना ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
  • सहकारी उद्यमों को वित्तीय सहायता और आसान ऋण तक पहुँच प्रदान करने के लिए विशेष योजनाएँ शुरू करना।
  • निजी क्षेत्र के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए सहकारी मॉडल में नवाचार और दक्षता को प्रोत्साहित करना।
  • डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए मजबूत प्रोटोकॉल लागू करना और उपयोगकर्ताओं का विश्वास बनाए रखना।
  • सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए नियमित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना।
  • विभिन्न सरकारी विभागों और निजी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना ताकि सेवाओं का एकीकरण सुचारु रूप से हो सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

सहकारिता मंत्रालय · सहकार से समृद्धि · प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) · सहकारी आंदोलन · डिजिटल परिवर्तन · ग्रामीण अर्थव्यवस्था · आत्मनिर्भर भारत · भारत टैक्सी सेवा · उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप · मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 19(1)(c)’, ‘note’: ‘संघ या सहकारी समिति बनाने का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 43B’, ‘note’: ‘सहकारी समितियों के संवर्धन का राज्य का कर्तव्य’}
  • {‘article’: ‘भाग IXB’, ‘note’: ‘सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान’}

अवधारणा प्रवाह

सहकार से समृद्धि का विजन  →  सहकारिता मंत्रालय की स्थापना और पहलें  →  भारत टैक्सी जैसी सेवाओं का शुभारंभ  →  सारथियों का सशक्तिकरण और रोजगार सृजन  →  ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मोबिलिटी में सुधार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत टैक्सी सेवा ‘ड्राइवर इज़ द ओनर’ सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से सारथियों को सेवा का वास्तविक भागीदार बनाना है।
2. सहकारिता मंत्रालय की स्थापना जुलाई 2021 में हुई थी।
3. देश में लगभग 80,000 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण का कार्य लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से जारी है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि भारत टैक्सी सेवा ‘ड्राइवर इज़ द ओनर’ सिद्धांत पर आधारित है। कथन 2 सही है क्योंकि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना जुलाई 2021 में हुई थी। कथन 3 भी सही है क्योंकि लगभग 80,000 PACS के कम्प्यूटरीकरण पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जारी है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से मोबाइल ऐप हाल ही में उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र से संबंधित कार्यक्रमों के साथ लॉन्च किया गया/किए गए है/हैं?
1. उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप
2. UPCDC मोबाइल ऐप
3. मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पोर्टल
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और UPCDC मोबाइल ऐप दोनों ही उत्तर प्रदेश में सहकारिता विभाग द्वारा विकसित किए गए हैं और हाल ही में लॉन्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना पोर्टल भी इसी अवसर पर लॉन्च किया गया था, लेकिन यह एक पोर्टल है, मोबाइल ऐप नहीं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में सहकारिता आंदोलन के आधुनिकीकरण और विस्तार में सहकारिता मंत्रालय की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही, ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने में डिजिटल पहलों के महत्व पर भी प्रकाश डालिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: भारत में सहकारिता आंदोलन का संक्षिप्त परिचय और सहकारिता मंत्रालय की स्थापना (जुलाई 2021) का उल्लेख।
2. सहकारिता मंत्रालय की भूमिका: ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन के तहत मंत्रालय द्वारा की गई 160 से अधिक नई पहलों का उल्लेख।
– पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों (कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक उत्पाद, बीज, निर्यात, भंडारण, स्वास्थ्य सेवा, मोबिलिटी) में विस्तार।
– सहकारी संस्थाओं को मजबूत, पारदर्शी, आधुनिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के प्रयास।
– प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण जैसी प्रमुख पहलों का विवरण (लगभग 80,000 PACS, 3,000 करोड़ रुपये की लागत)।
– PACS की भूमिका का विस्तार (केवल कृषि ऋण तक सीमित न रहकर अन्य सेवाएं)।
3. डिजिटल पहलों का महत्व: ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को साकार करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका।
– ‘भारत टैक्सी’ जैसी सेवाओं का उदाहरण: ‘ड्राइवर इज़ द ओनर’ सिद्धांत, सारथियों को वास्तविक भागीदार बनाना, रोजगार सृजन।
– ‘उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप’ और ‘UPCDC मोबाइल ऐप’ जैसे विशिष्ट उदाहरण: पारदर्शिता, दक्षता, किसानों तक पहुंच।
– डिजिटल डेटाबेस और कम्प्यूटरीकरण से निर्णय लेने में सुधार और सेवाओं की बेहतर डिलीवरी।
– ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा।
4. चुनौतियां और आगे की राह: सहकारिता आंदोलन के समक्ष चुनौतियां (प्रशासनिक, वित्तीय, जागरूकता की कमी) और उन्हें दूर करने के लिए डिजिटल समाधानों की क्षमता।
5. निष्कर्ष: सहकारिता आंदोलन को आधुनिक और समावेशी बनाने में मंत्रालय और डिजिटल पहलों का समग्र प्रभाव, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Uttar Pradesh PCS (UPPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में प्रारंभ की गई ‘भारत टैक्सी’ सेवा का उद्देश्य क्या है?

  1. A. राज्य में सार्वजनिक परिवहन को निजीकरण करना
  2. B. राज्य के प्रमुख शहरों में सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रदान करना
  3. C. केवल पर्यटकों के लिए विशेष टैक्सी सेवा शुरू करना
  4. D. राज्य में विदेशी पर्यटकों के लिए विशेष आवागमन व्यवस्था लागू करना

उत्तर: B. राज्य के प्रमुख शहरों में सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रदान करना — ‘भारत टैक्सी’ सेवा का उद्देश्य राज्य के प्रमुख शहरों (लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज) में सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

Mains: ‘भारत टैक्सी’ सेवा के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, राज्य के शहरी परिवहन विकास में इसकी भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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