राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए फंडिंग बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया

Rajya Sabha Clears Bill To Boost Funding For Cooperative Sector — concept mind map

राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए फंडिंग बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया

राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए फंडिंग बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया — सहकारी क्षेत्र के लिए वित्त पोषण बढ़ाने वाला विधेयक कैसे काम करेगा
आरेख: सहकारी क्षेत्र के लिए वित्त पोषण बढ़ाने वाला विधेयक कैसे काम करेगा

✎ सहकारी क्षेत्र को वित्तीय सहायता देने वाला विधेयक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्व-सहायता समूहों के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity

राज्यसभा ने सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने हेतु विधेयक पारित किया है। यह विधेयक सहकारी समितियों को ऋण और वित्तीय संसाधनों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है, जिससे ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में उनकी भूमिका और मजबूत हो सके। विधेयक में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) और राज्य सहकारी बैंकों की क्षमता बढ़ाने के प्रावधान शामिल हैं, ताकि वे अधिक कुशलता से कार्य कर सकें। इसके अलावा, इसमें सहकारी समितियों को राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से प्रत्यक्ष ऋण प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे उनकी स्वायत्तता और वित्तीय स्थिरता में वृद्धि होगी।

इस विधेयक का महत्व मुख्य रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने में है। सहकारी समितियां भारत में कृषि उत्पादन, विपणन और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, किंतु वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण उनकी क्षमता सीमित रह जाती है। विधेयक के माध्यम से सरकार ने इन संस्थाओं को अधिक वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करने का प्रयास किया है, जिससे वे कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा दे सकें। यह विधेयक विशेष रूप से उन राज्यों के लिए प्रासंगिक है जहां सहकारी संस्थाओं का प्रभाव अधिक है, जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, और कर्नाटक।

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विधेयक भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि नीति और सहकारी संघवाद जैसे विषयों से जुड़ा है। यूपीएससी के पाठ्यक्रम में सहकारी समितियों का उल्लेख भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची में राज्य सूची के अंतर्गत किया गया है, जिससे यह विषय राज्य स्तरीय प्रशासनिक ढांचे के लिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है। राज्य पीसीएस परीक्षाओं में इस विधेयक के माध्यम से सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसानों की आय में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में सुधार जैसे मुद्दों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, विधेयक में नाबार्ड और एनसीडीसी जैसे संस्थानों की भूमिका को भी

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. राज्य सभा द्वारा पारित सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  1. ग्रामीण सहकारी समितियों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करना
  2. सहकारी क्षेत्र में ऋण प्रवाह और संसाधनों को बढ़ावा देना
  3. सहकारी बैंकों को निजी क्षेत्र में परिवर्तित करना
  4. सहकारी समितियों पर कर लगाना
उत्तर

सहकारी क्षेत्र में ऋण प्रवाह और संसाधनों को बढ़ावा देना — विधेयक का मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में वित्तीय संसाधनों और ऋण प्रवाह को बढ़ावा देना है, ताकि सहकारी समितियों को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद मिल सके।

Q2. सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण बढ़ाने वाले विधेयक को राज्य सभा द्वारा पारित किए जाने के बाद अगला कदम क्या होगा?

  1. विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा
  2. विधेयक को लोक सभा में पुनः प्रस्तुत किया जाएगा
  3. विधेयक को राज्य विधानसभाओं में भेजा जाएगा
  4. विधेयक स्वतः ही कानून बन जाएगा
उत्तर

विधेयक को राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा — राज्य सभा द्वारा पारित विधेयक को अगले चरण के रूप में राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद विधेयक कानून बन जाएगा।


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