सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना: जानिए पूरा विवरण

सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना: जानिए पूरा विवरण

Map of Bihar, Rajasthan, Andhra Pradesh, Gujarat, Maharashtra, Tami highlighted on the map of India — World’s Largest…Mind map of Cooperative grain storage scheme concept mind map — World’s Largest Grain Storage Scheme UPSC

मानचित्र व माइंड-मैप: World’s largest grain storage scheme in cooperatives

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — भारतीय अर्थव्यवस्था और नियोजन, संसाधन जुटाना, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित विषय; कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन एवं संबंधित विषय  |  GS Paper II — सरकार की नीतियां और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन और कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय
  • Prelims: विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना, प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI), भारतीय खाद्य निगम (FCI), सहकारिता मंत्रालय
  • Essay: भारत में कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण और किसानों की आय दोगुनी करने में सहकारी समितियों की भूमिका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भंडारण अवसंरचना का महत्व

त्वरित पुनरावृत्ति: यह योजना प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर खाद्यान्न भंडारण क्षमता का विस्तार करके किसानों की आय बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी दी कि सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत देश भर में 1,015 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को गोदामों के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है, जिनमें से 313 पैक्स में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इससे कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है, जो देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पृष्ठभूमि

  • भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ खाद्यान्न उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है, लेकिन भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण फसल कटाई के बाद भारी नुकसान होता है।
  • किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है और वे अक्सर बिचौलियों पर निर्भर हो जाते हैं।
  • वर्तमान में, देश में पर्याप्त और आधुनिक भंडारण अवसंरचना का अभाव है, विशेषकर ग्रामीण स्तर पर।
  • सहकारी समितियाँ, विशेष रूप से प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), ग्रामीण स्तर पर किसानों से सीधे जुड़ी होती हैं और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
  • भारत सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण के साथ सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है, जिसके तहत यह योजना एक प्रमुख पहल है।

विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना क्या है?

  • यह योजना सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना है, जिसका उद्देश्य देश में खाद्यान्न भंडारण क्षमता को बढ़ाना और किसानों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।
  • इसका मुख्य लक्ष्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर गोदामों, कस्टम हायरिंग सेंटरों, प्रसंस्करण इकाइयों और उचित दर की दुकानों सहित विभिन्न कृषि अवसंरचनाओं का सृजन करना है।
  • यह योजना भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (AMI), कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन (SMAM) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) आदि के अभिसरण (Convergence) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।
  • इस योजना को भारतीय खाद्य निगम (FCI) की भंडारण आवश्यकताओं के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे खाद्यान्न के कुशल प्रबंधन और वितरण में सहायता मिलेगी।
  • योजना के तहत, भारतीय खाद्य निगम 9 वर्ष का एकसमान किराया आश्वासन प्रदान करता है, विशेषकर 2500 मीट्रिक टन और उससे अधिक क्षमता वाले गोदामों के लिए (पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 1671 मीट्रिक टन और उससे अधिक)।
  • योजना के दिशानिर्देशों में संशोधन किए गए हैं, जैसे कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत ऋण गारंटी को 2+5 वर्षों से बढ़ाकर 2+8 वर्ष करना।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना सहकारी क्षेत्र में भंडारण क्षमता का व्यापक विस्तार, खाद्य सुरक्षा में वृद्धि।
1,015 पैक्स (PACS) चिह्नित प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (Primary Agricultural Credit Societies) के स्तर पर विकेन्द्रीकृत भंडारण का लक्ष्य।
313 पैक्स में निर्माण कार्य पूर्ण योजना के प्रारंभिक चरण में 1.80 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता का सृजन।
विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण कृषि अवसंरचना निधि (AIF), कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) जैसी योजनाओं का एकीकृत उपयोग, संसाधनों का इष्टतम उपयोग।
भारतीय खाद्य निगम (FCI) के साथ एकीकरण FCI की भंडारण आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता, खाद्यान्न वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना।
AMI योजना में संशोधन मार्जिन मनी में कमी और सब्सिडी में वृद्धि से पैक्स के लिए योजना को अधिक आकर्षक बनाना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर भंडारण सुविधाएँ प्रदान करके फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना।
  • किसानों को अपनी उपज को बेहतर कीमतों पर बेचने के लिए बाजार में उतार-चढ़ाव का लाभ उठाने में सक्षम बनाना, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
  • कृषि उपज के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला और मूल्य स्थिरीकरण में योगदान, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन

  • देश की समग्र अनाज भंडारण क्षमता में वृद्धि करके खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • प्राकृतिक आपदाओं या अन्य संकटों के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता बनाए रखने में मदद करना।
  • भारतीय खाद्य निगम (FCI) की भंडारण आवश्यकताओं को पूरा करके सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुदृढ़ करना।

सहकारी संघवाद और ग्रामीण विकास

  • प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को सशक्त बनाना और उन्हें ग्रामीण स्तर पर महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना।
  • सहकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना।
  • केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से ग्रामीण अवसंरचना के समग्र विकास को बढ़ावा देना।

प्रशासनिक दक्षता

  • विभिन्न मौजूदा योजनाओं के अभिसरण से संसाधनों का बेहतर उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
  • गोदामों, कस्टम हायरिंग सेंटरों और प्रसंस्करण इकाइयों जैसी बहुआयामी कृषि अवसंरचनाओं का एक साथ विकास।

चुनौतियाँ

1. वित्तपोषण और व्यवहार्यता

  • बड़ी संख्या में पैक्स के लिए पर्याप्त वित्तपोषण सुनिश्चित करना, विशेषकर उन पैक्स के लिए जिनकी वित्तीय स्थिति कमजोर है।
  • परियोजनाओं की दीर्घकालिक वित्तीय व्यवहार्यता बनाए रखना, विशेषकर छोटे पैक्स के लिए।

2. भूमि अधिग्रहण और निर्माण

  • गोदामों के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करना, विशेषकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में।
  • निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना और समय पर परियोजनाओं को पूरा करना।

3. प्रबंधन और रखरखाव

  • निर्मित गोदामों के कुशल प्रबंधन और रखरखाव के लिए पर्याप्त मानव संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता सुनिश्चित करना।
  • भंडारण के दौरान खाद्यान्न की बर्बादी को रोकने के लिए आधुनिक भंडारण तकनीकों को अपनाना।

4. बाजार संपर्क और एकीकरण

  • पैक्स स्तर पर निर्मित गोदामों को बड़े बाजारों और वितरण नेटवर्क से प्रभावी ढंग से जोड़ना।
  • किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।

5. तकनीकी क्षमता और प्रशिक्षण

  • पैक्स सदस्यों और कर्मचारियों को भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण और विपणन की आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करना।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म और ई-नाम (e-NAM) जैसे ऑनलाइन बाजारों के साथ एकीकरण की सुविधा प्रदान करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
वित्तपोषण की कमी कमजोर वित्तीय स्थिति वाले पैक्स के लिए परियोजना लागत वहन करना कठिन।
भूमि की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में उपयुक्त और विवाद-मुक्त भूमि प्राप्त करने में चुनौतियाँ।
गुणवत्ता नियंत्रण भंडारण सुविधाओं के निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना।
प्रबंधन कौशल पैक्स स्तर पर गोदामों के कुशल संचालन और प्रबंधन के लिए विशेषज्ञता का अभाव।
बाजार से जुड़ाव छोटे और दूरदराज के पैक्स के लिए बाजार तक पहुंच और उचित मूल्य प्राप्त करना।
योजनाओं का प्रभावी अभिसरण विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के बीच समन्वय और उनके लाभों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • कृषि अवसंरचना निधि (AIF)
  • कृषि यांत्रिकीकरण पर उप-मिशन (SMAM)
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME)

आगे की राह

  • योजना के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र स्थापित करना।
  • पैक्स को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए विशेष ऋण योजनाओं और सब्सिडी कार्यक्रमों को मजबूत करना।
  • ग्रामीण स्तर पर भंडारण सुविधाओं के कुशल प्रबंधन और रखरखाव के लिए पैक्स सदस्यों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • निर्मित गोदामों को ई-नाम (e-NAM) जैसे डिजिटल कृषि बाजारों से जोड़कर किसानों के लिए बेहतर विपणन अवसर सुनिश्चित करना।
  • स्थानीय आवश्यकताओं और जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप भंडारण सुविधाओं के डिजाइन और निर्माण को बढ़ावा देना।
  • निजी क्षेत्र और अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ साझेदारी को प्रोत्साहित करना ताकि योजना के दायरे और प्रभाव को बढ़ाया जा सके।
  • विभिन्न केंद्रीय और राज्य योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय और अभिसरण सुनिश्चित करना ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सके।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

सहकारी क्षेत्र · अनाज भंडारण योजना · प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS) · कृषि अवसंरचना निधि (AIF) · कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) · खाद्य सुरक्षा · किसानों की आय · ग्रामीण अर्थव्यवस्था · अभिसरण मॉडल · भारतीय खाद्य निगम (FCI) · भंडारण क्षमता · कृषि उत्पादकता

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 19(1)(c)’, ‘note’: ‘सहकारी समितियाँ बनाने का अधिकार’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 43B’, ‘note’: ‘सहकारी समितियों के संवर्धन का राज्य कर्तव्य’}
  • {‘article’: ‘भाग IXB’, ‘note’: ‘सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान’}

अवधारणा प्रवाह

सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण योजना की घोषणा।  →  विभिन्न केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण और पैक्स का चयन।  →  पैक्स स्तर पर गोदामों और अन्य कृषि अवसंरचनाओं का निर्माण।  →  बढ़ी हुई भंडारण क्षमता से फसल कटाई के बाद के नुकसान में कमी।  →  किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति और खाद्य सुरक्षा में वृद्धि।  →  ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण और सहकारी आंदोलन को बढ़ावा।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. यह योजना केवल नए गोदामों के निर्माण पर केंद्रित है और इसमें मौजूदा योजनाओं का अभिसरण शामिल नहीं है।
2. भारतीय खाद्य निगम (FCI) इस योजना के तहत निर्मित गोदामों के लिए किराया आश्वासन प्रदान करता है।
3. कृषि अवसंरचना निधि (AIF) और कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजनाएँ इस पहल का हिस्सा हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 2 और 3 — कथन 1 गलत है क्योंकि योजना में भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं जैसे AIF, AMI आदि के अभिसरण के माध्यम से कृषि अवसंरचनाओं का सृजन शामिल है। कथन 2 सही है क्योंकि FCI 9 वर्ष का एकसमान किराया आश्वासन प्रदान करता है। कथन 3 सही है क्योंकि AIF और AMI योजनाएँ इस पहल के तहत अभिसरण के लिए चिह्नित की गई हैं।

Q2. सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत, प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. इस योजना के तहत देश भर में 1,015 पैक्स चिह्नित किए गए हैं।
2. पैक्स के लिए सहायक अवसंरचनाओं जैसे आंतरिक सड़कों और तौल-पुलों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान है।
3. कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के तहत पैक्स के लिए मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि योजना के तहत 1,015 पैक्स चिह्नित किए गए हैं। कथन 2 सही है क्योंकि सहायक अवसंरचनाओं के लिए अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कथन 3 सही है क्योंकि AMI योजना में मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है, जिससे पैक्स को लाभ होगा।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय बढ़ाने में सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना की भूमिका का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। इस योजना के कार्यान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान हेतु सुझाव भी दीजिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में योजना की भूमिका का मूल्यांकन करना है, जिसमें खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, कटाई के बाद के नुकसान को कम करने, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे बिंदुओं पर प्रकाश डाला जा सकता है। दूसरे भाग में योजना के कार्यान्वयन में आने वाली संभावित चुनौतियों, जैसे भूमि अधिग्रहण, वित्तपोषण, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी और अंतर-मंत्रालयी समन्वय की आवश्यकता पर चर्चा करनी होगी। अंत में, इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रभावी नीतिगत उपाय और प्रशासनिक सुधार सुझाए जा सकते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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