04 Aug सोमालिया में भूख से लड़ने में AI की भूमिका: यूपीएससी परीक्षा दृष्टिकोण
✎ सोमालिया में WFP का 'हंगरमैप लाइव' प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके खाद्य असुरक्षा का पूर्वानुमान लगाता है और मानवीय सहायता को सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचाने में मदद करता है, जिससे संकट बिगड़ने से पहले…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध, शासन, सामाजिक न्याय | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन
- Prelims: विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), हंगरमैप लाइव (HungerMap Live), खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), सोमालिया में मानवीय संकट, जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा
- Essay: मानवीय सहायता में प्रौद्योगिकी की भूमिका, खाद्य सुरक्षा: वैश्विक चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: सोमालिया में WFP का ‘हंगरमैप लाइव’ प्लेटफॉर्म, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके खाद्य असुरक्षा का पूर्वानुमान लगाता है और मानवीय सहायता को सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचाने में मदद करता है, जिससे संकट बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप संभव होता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
सोमालिया में गहराते भुखमरी संकट के बीच, संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके खाद्य सहायता को सबसे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचाया जा रहा है। WFP का ‘हंगरमैप लाइव’ (HungerMap Live) प्लेटफॉर्म, AI उपकरणों का उपयोग करके डेटा का विश्लेषण करता है, जिससे एजेंसी को स्थिति बिगड़ने से पहले विशिष्ट क्षेत्रों में संसाधनों को तैनात करने में मदद मिलती है। यह पहल मानवीय सहायता में प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।
पृष्ठभूमि
- देश जलवायु परिवर्तन-प्रेरित सूखे, अचानक बाढ़ और 35 वर्षों से चले आ रहे हिंसक संघर्ष से जूझ रहा है, जिसमें लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।
- सोमालिया अपनी अधिकांश खाद्य सामग्री आयात करता है, जिससे यह वैश्विक मूल्य झटकों के प्रति संवेदनशील हो जाता है, जैसे कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का प्रभाव।
- जून में, WFP और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने सोमालिया को सूडान, दक्षिण सूडान, यमन, फिलिस्तीन और पूर्वोत्तर नाइजीरिया के साथ ‘उच्चतम चिंता वाले भुखमरी हॉटस्पॉट’ की सूची में जोड़ा।
- बुर्हाकाबा जिले में, जहाँ गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे स्थानीय चिकित्सा केंद्रों में भरे हुए हैं, WFP ने AI उपकरणों का उपयोग करके तत्काल आवश्यकता की पहचान की और 48,000 लोगों को खाद्य सहायता तथा 3,000 महिलाओं और बच्चों को पोषण सहायता प्रदान की।
हंगरमैप लाइव (HungerMap Live) क्या है?
- हंगरमैप लाइव WFP द्वारा विकसित एक सार्वजनिक रूप से सुलभ मंच है, जिसे जनवरी 2020 में 90 से अधिक देशों में खाद्य सुरक्षा की निगरानी के लिए लॉन्च किया गया था।
- यह खाद्य असुरक्षा, जलवायु, अर्थव्यवस्थाओं, कृषि, मुद्रास्फीति (Inflation) और अन्य संबंधित डेटा का उपयोग करके उन क्षेत्रों को प्रदर्शित करता है जो वर्तमान में खाद्य असुरक्षित हैं या उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
- इसका प्रारंभिक संस्करण AI का उपयोग उन देशों में खाद्य असुरक्षा के स्तर का अनुमान लगाने के लिए करता था जहाँ पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं था।
- अप्रैल में जारी ‘हंगरमैप लाइव 2.0’ में नए भविष्य कहनेवाला AI (Predictive AI) सुविधाएँ पेश की गई हैं, जो सरकारों और WFP के क्षेत्रीय कार्यालयों को संकट बिगड़ने से पहले संसाधनों को जुटाने और कार्रवाई करने में सक्षम बनाती हैं।
- यह नया संस्करण न केवल यह बताता है कि भुखमरी कहाँ है, बल्कि यह भी समझाने में मदद करता है कि स्थितियाँ क्यों बिगड़ रही हैं और आगे कहाँ खराब हो सकती हैं।
- यह मंच जमीनी आकलन की जगह नहीं ले सकता, लेकिन यह WFP टीम को यह निर्धारित करने में मदद करता है कि किन समुदायों को पहले मदद करनी है और किस प्रकार की सहायता सबसे अधिक उपयोगी होगी, चाहे वह नकद सहायता हो या कुपोषण से निपटने के लिए विशेष सहायता।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| HungerMap Live प्लेटफॉर्म | यह WFP का एक सार्वजनिक रूप से सुलभ मंच है जो खाद्य असुरक्षा, जलवायु, अर्थव्यवस्थाओं, कृषि और मुद्रास्फीति (Inflation) से संबंधित डेटा का उपयोग करके उन क्षेत्रों को प्रदर्शित करता है जो वर्तमान में खाद्य असुरक्षित हैं या उस दिशा में बढ़ रहे हैं। |
| AI-संचालित डेटा विश्लेषण | यह WFP को संसाधनों को विशिष्ट क्षेत्रों में तैनात करने में मदद करता है, जिससे स्थितियों के बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप किया जा सके। |
| भविष्य कहनेवाला AI सुविधाएँ (Predictive AI Features) | HungerMap Live 2.0 में ये सुविधाएँ सरकारों और WFP कार्यालयों को संकट बिगड़ने से पहले संसाधनों को जुटाने और कार्रवाई करने की अनुमति देती हैं। |
| पोषण संबंधी गुणवत्ता ट्रैकिंग | नया संस्करण आहार की पोषण संबंधी गुणवत्ता को भी ट्रैक करता है, जिससे कुपोषण (Malnutrition) से निपटने में मदद मिलती है। |
| ऑन-ग्राउंड आकलन को पूरक करना | AI डेटा जमीनी आकलन का स्थान नहीं लेता है, बल्कि यह WFP टीमों को यह निर्धारित करने में मदद करता है कि किन समुदायों को पहले मदद करनी है और किस प्रकार की सहायता सबसे उपयोगी होगी। |
महत्व
मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन
- AI का उपयोग करके, मानवीय संगठन (Humanitarian Organizations) खाद्य संकटों की भविष्यवाणी कर सकते हैं और समय पर सहायता पहुँचा सकते हैं, जिससे जीवन बचाया जा सके।
- यह आपदा प्रबंधन (Disaster Management) में एक सक्रिय दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है, जिससे संकटों के पूर्ण विकसित होने से पहले हस्तक्षेप किया जा सके।
शासन और नीति निर्माण
- डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि (Data-driven Insights) सरकारों को खाद्य सुरक्षा नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार करने और लागू करने में मदद कर सकती है।
- यह संसाधनों के आवंटन में दक्षता बढ़ाता है, यह सुनिश्चित करता है कि सहायता सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचे।
तकनीकी नवाचार और विकास
- यह AI और मशीन लर्निंग (Machine Learning) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों की क्षमता को प्रदर्शित करता है, विशेष रूप से विकासशील देशों में मानवीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए।
- यह अन्य क्षेत्रों में भी AI के अनुप्रयोग के लिए एक मॉडल प्रस्तुत करता है, जैसे स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा, जहाँ डेटा-संचालित निर्णय लेने से महत्वपूर्ण सुधार हो सकते हैं।
वैश्विक खाद्य सुरक्षा
- यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा (Global Food Security) सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जो जलवायु परिवर्तन और संघर्षों से बुरी तरह प्रभावित हैं।
- यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देता है और संयुक्त राष्ट्र (United Nations) एजेंसियों जैसे विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme – WFP) और खाद्य और कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization – FAO) की प्रभावशीलता को बढ़ाता है।
चुनौतियाँ
1. डेटा की उपलब्धता और गुणवत्ता
- AI मॉडल की प्रभावशीलता उपलब्ध डेटा की गुणवत्ता और मात्रा पर निर्भर करती है। विकासशील देशों में, विश्वसनीय डेटा अक्सर दुर्लभ होता है।
- डेटा संग्रह के तरीके और उनकी सटीकता में भिन्नता AI-आधारित भविष्यवाणियों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास और प्रौद्योगिकी
2. तकनीकी बुनियादी ढाँचा और क्षमता
- AI उपकरणों को लागू करने और बनाए रखने के लिए पर्याप्त तकनीकी बुनियादी ढाँचे और कुशल कर्मियों की आवश्यकता होती है, जो कई विकासशील देशों में एक चुनौती है।
- स्थानीय स्तर पर AI-आधारित समाधानों को अपनाने और उपयोग करने के लिए क्षमता निर्माण (Capacity Building) आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास
3. नैतिक विचार और गोपनीयता
- बड़े पैमाने पर डेटा का उपयोग गोपनीयता (Privacy) और डेटा सुरक्षा (Data Security) से संबंधित नैतिक चिंताएँ पैदा करता है।
- यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि AI उपकरण निष्पक्षता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का पालन करें।
यूपीएससी लिंक: नैतिकता, अखंडता और योग्यता
4. मानवीय हस्तक्षेप की सीमाएँ
- AI उपकरण केवल जानकारी प्रदान कर सकते हैं; वास्तविक सहायता की डिलीवरी अभी भी मानवीय हस्तक्षेप और जमीनी संसाधनों पर निर्भर करती है।
- संघर्ष-ग्रस्त क्षेत्रों में पहुँच और सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ AI-आधारित सिफारिशों के बावजूद सहायता वितरण को बाधित कर सकती हैं।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन और अंतर्राष्ट्रीय संबंध
5. जलवायु परिवर्तन और संघर्ष का प्रभाव
- जलवायु परिवर्तन-प्रेरित सूखा और बाढ़, साथ ही चल रहे संघर्ष, खाद्य संकटों को बढ़ाते हैं, जिससे AI मॉडल के लिए सटीक भविष्यवाणी करना और भी जटिल हो जाता है।
- वैश्विक मूल्य झटके और खाद्य आयात पर निर्भरता भी खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करती है, जिसे AI अकेले हल नहीं कर सकता।
यूपीएससी लिंक: पर्यावरण, सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंध
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| डेटा की कमी और गुणवत्ता | विश्वसनीय और व्यापक डेटा की अनुपलब्धता AI मॉडल की सटीकता को सीमित करती है। |
| तकनीकी बुनियादी ढाँचा | कई विकासशील देशों में AI उपकरणों को लागू करने और बनाए रखने के लिए आवश्यक तकनीकी सुविधाओं और विशेषज्ञता की कमी है। |
| नैतिक और गोपनीयता संबंधी चिंताएँ | बड़े पैमाने पर डेटा के उपयोग से व्यक्तियों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा से संबंधित नैतिक प्रश्न उठते हैं। |
| जमीनी स्तर पर पहुँच | संघर्ष और असुरक्षा वाले क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुँचाना AI-आधारित अंतर्दृष्टि के बावजूद एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। |
| वैश्विक आर्थिक और जलवायु झटके | खाद्य आयात पर निर्भरता और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव AI की भविष्यवाणियों के बावजूद खाद्य सुरक्षा को अस्थिर कर सकते हैं। |
आगे की राह
- डेटा संग्रह तंत्र को मजबूत करना और विकासशील देशों में विश्वसनीय, वास्तविक समय के डेटा की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
- AI और मशीन लर्निंग प्रौद्योगिकियों में निवेश करना, विशेष रूप से मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन के लिए उनके अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करना।
- स्थानीय सरकारों और मानवीय संगठनों के लिए AI उपकरणों का उपयोग करने के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम विकसित करना।
- AI-आधारित समाधानों को लागू करते समय डेटा गोपनीयता, सुरक्षा और नैतिक विचारों को प्राथमिकता देना।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और संघर्षों को हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना, जो खाद्य असुरक्षा के मूल कारण हैं।
- AI-आधारित भविष्यवाणियों को जमीनी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप और संसाधनों के साथ एकीकृत करना ताकि सहायता वितरण की प्रभावशीलता को अधिकतम किया जा सके।
- खाद्य सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाना, जिसमें कृषि, अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा जाल शामिल हों।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) · खाद्य सुरक्षा · मानवीय सहायता · जलवायु परिवर्तन · संघर्ष क्षेत्र · सतत विकास लक्ष्य (SDGs) · वैश्विक खाद्य संकट · डेटा विश्लेषण · प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली · आपदा प्रबंधन · खाद्य और कृषि संगठन (FAO) · विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP)
अवधारणा प्रवाह
जलवायु परिवर्तन/संघर्ष → खाद्य असुरक्षा → डेटा संग्रह (WFP भागीदार) → HungerMap Live (AI उपकरण) → AI विश्लेषण → संकट की भविष्यवाणी/जरूरतों की पहचान → संसाधनों का पूर्व-तैनाती → समय पर मानवीय सहायता → कुपोषण में कमी/जीवन की सुरक्षा → समग्र खाद्य सुरक्षा
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी है जो भूख से लड़ने और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
2. HungerMap Live WFP द्वारा विकसित एक मंच है जो खाद्य असुरक्षा के स्तरों की निगरानी और भविष्यवाणी करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करता है।
3. सोमालिया को हाल ही में WFP और खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा ‘उच्चतम चिंता के भूख हॉटस्पॉट’ की सूची में जोड़ा गया है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। WFP संयुक्त राष्ट्र की प्रमुख मानवीय एजेंसी है जो आपात स्थितियों में भोजन बचाती है और संघर्ष, आपदाओं तथा जलवायु परिवर्तन से प्रभावित लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा में सुधार करती है। कथन 2 सही है। HungerMap Live WFP का एक अभिनव उपकरण है जो AI और डेटा विश्लेषण का उपयोग करके खाद्य असुरक्षा की स्थिति का आकलन करता है। कथन 3 सही है। सोमालिया को नाइजीरिया के पूर्वोत्तर के साथ ‘उच्चतम चिंता के भूख हॉटस्पॉट’ की सूची में शामिल किया गया है, जो सूडान, दक्षिण सूडान, यमन और फिलिस्तीन में शामिल हो गया है।
Q2. अभिकथन (A): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मानवीय सहायता वितरण को अधिक कुशल और प्रभावी बना सकती है।
कारण (R): AI उपकरण डेटा का विश्लेषण करके और भविष्य की आवश्यकताओं की भविष्यवाणी करके संसाधनों को सबसे अधिक जरूरतमंद क्षेत्रों में निर्देशित करने में मदद करते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है। — अभिकथन (A) सही है, क्योंकि AI मानवीय सहायता को लक्षित करने और संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करने में मदद करता है। कारण (R) भी सही है और अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है, क्योंकि AI-संचालित प्लेटफॉर्म जैसे HungerMap Live, डेटा विश्लेषण के माध्यम से कमजोर क्षेत्रों की पहचान करते हैं और संकटों के बिगड़ने से पहले हस्तक्षेप की अनुमति देते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय संकटों को कम करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका का परीक्षण कीजिए। भारत जैसे विकासशील देशों के लिए इसके निहितार्थों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: खाद्य सुरक्षा की चुनौती और AI के उभरते महत्व का संक्षिप्त परिचय।
2. AI की भूमिका का परीक्षण (सोमालिया के संदर्भ में): विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के HungerMap Live जैसे AI-संचालित प्लेटफार्मों का उल्लेख। डेटा विश्लेषण, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, संसाधनों का कुशल आवंटन, कुपोषण की भविष्यवाणी और लक्षित सहायता वितरण में AI की क्षमता।
3. मानवीय संकटों को कम करने में AI का योगदान: आपदा प्रतिक्रिया, विस्थापित आबादी की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में AI का उपयोग।
4. भारत जैसे विकासशील देशों के लिए निहितार्थ: कृषि उत्पादकता में वृद्धि (स्मार्ट कृषि), खाद्य अपशिष्ट में कमी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में सुधार, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का प्रबंधन, और लक्षित सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में AI का अनुप्रयोग।
5. चुनौतियाँ और नैतिक विचार: डेटा गोपनीयता, एल्गोरिथम पूर्वाग्रह, डिजिटल डिवाइड, बुनियादी ढांचे की कमी और AI के नैतिक उपयोग से संबंधित चिंताएँ।
6. निष्कर्ष: खाद्य सुरक्षा और मानवीय सहायता में AI की परिवर्तनकारी क्षमता को रेखांकित करते हुए, संतुलित और समावेशी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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