हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) पर राष्ट्रीय कार्यशाला

हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) पर राष्ट्रीय कार्यशाला

( यह लेख यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र – 3 के अंतर्गत ‘ पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र , समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र ’ खंड से और यूपीएससी के प्रारंभिक परीक्षा के अंतर्गत ‘ हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली , अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (IOC) , अंतर्राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान डेटा और सूचना विनिमय (IODE) , यूनेस्को , उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकी और उपयोगकर्ता इंटरफेस ’ खंड से संबंधित है।)

 

खबरों में क्यों ?

 

 

  • भारत में हाल ही में 3 सितंबर 2024 को, समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (Center for Marine Living Resources and Ecology – CMLRE) ने हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।
  • भारत में इस राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कोच्चि में किया गया था। 
  • इसका मुख्य उद्देश्य समुद्री जैव विविधता के दस्तावेज़ीकरण, अनुसंधान और समुद्री जैव संसाधन और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
  • भारत के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव, डॉ. एम. रविचंद्रन ने इस राष्ट्रीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए CMLRE को बधाई देते हुए कहा कि यह गहरे समुद्र में जैव विविधता की खोज और संरक्षण भारत के गहरे महासागर मिशन की समग्र सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
  • इस कार्यशाला के माध्यम से शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक रूप से मानकीकृत समुद्री जैव विविधता डेटा प्रस्तुत करने और वैश्विक ज्ञान पूल में योगदान करने में सक्षम बनाना है।

 

हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) :

  • हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS), वैश्विक महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (OBIS) का भारतीय क्षेत्रीय नोड है। 
  • इसे समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (Center for Marine Living Resources and Ecology – CMLRE) कोच्चि द्वारा संचालित किया जाता है। 
  • हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री प्रजातियों की घटना और वितरण से संबंधित डेटा एकत्र करना और उसका विश्लेषण करना है। 
  • इसके द्वारा प्रदत डेटा वैश्विक महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (OBIS) के नेटवर्क में शामिल होता है, जो OBIS के 30 क्षेत्रीय नोड्स में से एक के रूप में कार्य करता है।

 

वैश्विक महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (OBIS) :

 

  • यह समुद्री प्रजातियों की जानकारी का एक अत्यंत व्यापक और महत्वपूर्ण वैश्विक डेटाबेस है।
  • इसमें विश्व के शोधकर्ताओं, सरकारों और संगठनों द्वारा प्रदान किए गए हजारों डेटासेट के लाखों रिकॉर्ड शामिल होते हैं।
  • यह समुद्री प्रजातियों के वितरण, उनकी उपस्थिति, आवास और पर्यावरणीय मापदंडों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
  • OBIS को लगभग 30 क्षेत्रीय बिंदुओं के नेटवर्क द्वारा समर्थित किया जाता है, जो डेटा की गुणवत्ता, पहुंच और समग्र विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए डेटा में योगदान देता है।
  • यह यूनेस्को के अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (IOC) द्वारा स्थापित किया गया है और अब आईओसी के अंतर्राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान डेटा और सूचना विनिमय (IODE) का एक अभिन्न अंग है।

 

हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) का महत्व और उसका कार्यक्षेत्र :

 

  • हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री जैव विविधता के डेटा संग्रह, विश्लेषण और प्रबंधन में एक प्रमुख भूमिका निभाता है। यह प्रणाली न केवल डेटा के वैज्ञानिक गुणवत्ता-नियंत्रण और जियोटैगिंग सुनिश्चित करती है, बल्कि इसके माध्यम से विभिन्न उद्देश्यों के लिए मूल्यवान जानकारी प्रदान की जाती है। जो निम्नलिखित है –
  • समुद्री प्रजातियों की घटना और उसके वितरण के डेटा को एकत्र करके उसका विश्लेषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना: हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) समुद्री प्रजातियों की घटना और वितरण के डेटा को एकत्र करता है और उसका विश्लेषण करता है। यह डेटा वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रजातियों के वितरण पैटर्न की पहचान और पर्यावरणीय मापदंडों की निगरानी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
  • जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता हॉटस्पॉट की पहचान एवं अध्ययन करना : हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) के डेटा का उपयोग प्रजातियों के विस्तार पर नज़र रखने, जैव विविधता हॉटस्पॉट की पहचान करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का आकलन करने के लिए किया जाता है। यह अध्ययन जलवायु परिवर्तन के प्रति समुद्री पारिस्थितिक तंत्र की प्रतिक्रिया को समझने में सहायक होता है।
  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण का एक मूल्यवान मंच होना : हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) कार्यशालाएं डेटा अधिग्रहण, विश्लेषण और प्रबंधन में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करती हैं। यह विशेष रूप से हिंद महासागर में समुद्री जैव विविधता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, जहां अनुसंधान और निगरानी के लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
  • सतत प्रबंधन और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना : हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) डेटा का उपयोग अनुकूलित प्रबंधन रणनीतियों के विकास और सतत मत्स्य पालन को समर्थन देने के लिए किया जाता है। यह समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

समाधान और आगे की राह :

 

 

  • हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर जैव विविधता की जानकारी को एकत्रित, व्यवस्थित और साझा करना है। यह प्रणाली विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री जीवन की जैव विविधता के बारे में डेटा प्रदान करती है। इस प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं – 
  • विस्तृत डेटा संग्रहण और गुणवत्ता सुधार :  स्थलीय और समुद्री क्षेत्रों से अधिक से अधिक डेटा एकत्रित किया जाना चाहिए ताकि विभिन्न जैविक प्रजातियों की व्यापक जानकारी प्राप्त हो सके। इस प्रणाली के माध्यम से डेटा संग्रहण के लिए एक मानकीकृत रूपरेखा और गुणवत्ता मानक विकसित किए जाएं, जिससे जानकारी की सटीकता और तुलना में गुणवत्तापूर्ण स्तर पर सुधार हो सके।
  • उन्नत डेटा विश्लेषण तकनीकी और उपयोगकर्ता इंटरफेस में सुधार : उन्नत डेटा विश्लेषण और विज़ुअलाइजेशन टूल्स का उपयोग करके जैव विविधता के रुझानों और पैटर्नों की बेहतर समझ बनाई जा सके और उपयोगकर्ता के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक सहज और सरल यूज़र इंटरफेस डिज़ाइन किया जाए।
  • स्थानीय समुद्री समुदायों की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और साझेदारी : स्थानीय समुद्री समुदायों, मछुआरों, और वैश्विक अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाई जाए। इससे क्षेत्रीय जानकारी और अनुभव को शामिल किया जा सकेगा और सामूहिक प्रयास से डेटा संग्रहण और विश्लेषण को बेहतर बनाया जा सकेगा।
  • जन जागरूकता कार्यक्रम और शिक्षा सामग्री का विकास : समुद्री जैव विविधता और इसके संरक्षण के महत्व पर जागरूकता बढ़ाने के लिए शैक्षिक कार्यक्रम और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष पाठ्यक्रम और शैक्षिक सामग्री विकसित की जाए जिससे लोगों में समुद्री जैव विविधता की समझ बढ़े।
  • वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन सुनिश्चित करना : समुद्री जीवन की जैव विविधता और समुद्री पारिस्थितिक तंत्र परियोजनाओं और अनुसंधान के लिए स्थिर वित्तीय संसाधन सुनिश्चित किए जाएं ताकि प्रणाली के विकास और रखरखाव के लिए आवश्यक निवेश हो सके।
  • वर्तमान प्रणाली की नियमित समीक्षा और अद्यतन से संबंधित फीडबैक तंत्र को विकसित करना : समय-समय पर इस प्रणाली की समीक्षा और अद्यतन किया जाए ताकि इसे नवीनतम डेटा और तकनीकी प्रगति के साथ समन्वित किया जा सके। इसके साथ – ही – साथ उपयोगकर्ताओं से नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त किया जाए और उनकी सुझाई गई सुधारों को लागू किया जाए।

 

निष्कर्ष :

 

 

  • हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) केवल एक डेटा संग्रहण प्रणाली नहीं है, बल्कि यह समुद्री जैव विविधता के अध्ययन और संरक्षण में एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से हिंद महासागर क्षेत्र की जैव विविधता का संरक्षण और प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य करना शामिल है। इसके लिए डेटा प्रबंधन, संसाधन आवंटन, सामुदायिक सहभागिता और नीति निर्माण में सुधार आवश्यक है। निरंतर निगरानी, मूल्यांकन, और जागरूकता के माध्यम से जैव विविधता के संरक्षण में प्रगति की जा सकती है। इन उपायों को अपनाकर हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली (IndOBIS) को एक प्रभावशाली और व्यापक डेटा प्लेटफ़ॉर्म बनाया जा सकता है जो समुद्री जीवन और उसकी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

 

स्त्रोत – पीआईबी। 

 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न : 

 

Q.1. हिंद महासागर जैव विविधता सूचना प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।

  1. यह यूनेस्को के अंतर सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (IOC) द्वारा स्थापित किया गया है
  2. इसे समुद्री जीव संसाधन और पारिस्थितिकी केंद्र (CMLRE) कोच्चि द्वारा संचालित किया जाता है।
  3. यह अंतर्राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान डेटा और सूचना विनिमय (IODE) का एक अंग है। 

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा कथन सही है ? 

A. केवल 1 और 3 

B. केवल 2 और 3 

C. इनमें से कोई नहीं

D. उपरोक्त सभी। 

उत्तर – D 

मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न : 

 

Q.1. भारत के लिए 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में हिंद महासागर की क्या भूमिका है? चर्चा कीजिए कि हिंद महासागर जैव विविधता प्रणाली कैसे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखते हुए भारत के अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी? ( शब्द सीमा – 250 अंक – 15 )

Dr. Akhilesh Kumar Shrivastava
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