16 Feb भारत AI संवाद को किस तरह आकार देने की तैयारी में है
मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र – 2 एवं 3
‘शासन व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं विज्ञान-प्रौद्योगिकी’ के अंतर्गत
चर्चा में क्यों ?
नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के माध्यम से भारत वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विमर्श को नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है। यह पहली बार है जब वैश्विक AI शिखर सम्मेलन वैश्विक दक्षिण (Global South) के किसी देश में हो रहा है। इससे पूर्व Bletchley Park (2023) में AI सुरक्षा पर चर्चा, Seoul (2024) में नवाचार एवं समावेशन, तथा Paris (2025) में आर्थिक अवसरों पर बल दिया गया था। भारत इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए “People, Planet and Progress” की थीम के साथ AI को जन-कल्याण, पर्यावरणीय संतुलन और समावेशी विकास से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।

पृष्ठभूमि : वैश्विक AI विमर्श का विकास
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AI सुरक्षा से शुरुआत – 2023 में ब्रिटेन में हुए सम्मेलन में AI से उत्पन्न संभावित जोखिमों और नियामक ढाँचे पर बल दिया गया।
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समावेशन की ओर विस्तार – 2024 में एशियाई परिप्रेक्ष्य से नवाचार एवं भागीदारी पर चर्चा।
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व्यावहारिक क्रियान्वयन पर ध्यान – 2025 में आर्थिक संभावनाओं और उद्योग सहयोग को प्राथमिकता।
अब भारत इस विमर्श को विकासशील देशों की आवश्यकताओं की ओर मोड़ना चाहता है।
भारत का दृष्टिकोण : “लोकतंत्रीकरण” पर बल
भारत का तर्क है कि वर्तमान AI पारिस्थितिकी तंत्र कुछ देशों और कंपनियों तक सीमित है, जबकि अधिकांश राष्ट्र केवल उपभोक्ता की भूमिका में हैं।
भारत निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दे रहा है—
1. समावेशी डेटा सेट – विविध भाषाओं एवं समुदायों का प्रतिनिधित्व।
2. कम्प्यूटिंग संसाधनों तक समान पहुँच।
3. स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप AI समाधान – कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन।
4. पूर्वाग्रह (Bias) में कमी – ताकि AI परिणाम निष्पक्ष हों।
5. वैश्विक दक्षिण की भागीदारी – AI विकास में सामूहिक सहयोग।
नीति-निर्माण बनाम नवाचार
भारत तात्कालिक कठोर वैश्विक नियमों की बजाय दीर्घकालिक, व्यावहारिक और नवाचार-समर्थक सिफारिशों पर जोर दे रहा है।
यह दृष्टिकोण निम्न प्रश्नों से जुड़ा है—
1. क्या भारत को ChatGPT जैसे बड़े भाषा मॉडल स्वयं विकसित करने चाहिए? या क्षेत्र-विशिष्ट AI समाधानों पर ध्यान देना अधिक व्यावहारिक होगा?
2. क्या भारतीय कार्यबल AI-प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए तैयार है?
3. क्या AI के बढ़ते डेटा सेंटर पर्यावरणीय दबाव बढ़ाएँगे?
शासन एवं नीतिगत आयाम
1.AI और रोजगार – भारत का IT क्षेत्र संभावित स्वचालन से कैसे निपटेगा ?
2.कौशल विकास – क्या वर्तमान शिक्षा प्रणाली AI-उन्मुख कौशल प्रदान कर रही है ?
3.डिजिटल अवसंरचना – डेटा सेंटर, क्लाउड और कम्प्यूटिंग क्षमता का विस्तार ।
4.पर्यावरणीय संतुलन – AI विकास और सतत विकास लक्ष्यों के बीच सामंजस्य ।
5.नैतिक शासन (Ethical Governance) – पारदर्शिता, जवाबदेही और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण ।
भारत और वैश्विक दक्षिण
भारत स्वयं को वैश्विक दक्षिण की आवाज के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
1. AI तक समान पहुँच
2.तकनीकी निर्भरता में कमी
3. विकासशील देशों के लिए सस्ती एवं सुलभ AI तकनीक
4. यह रणनीति भारत को वैश्विक डिजिटल शासन में एक सेतु (bridge nation) के रूप में स्थापित कर सकती है।
चुनौतियाँ
1. उच्च स्तरीय कम्प्यूटिंग संसाधनों की लागत
2. वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा
3. डेटा गोपनीयता एवं साइबर सुरक्षा
4. नियमन और नवाचार के बीच संतुलन
5. कौशल अंतर (Skill Gap)
निष्कर्ष
नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 केवल एक तकनीकी सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक शासन की दिशा में भारत की वैचारिक पहल है। भारत AI विमर्श को “जोखिम और नियंत्रण” से आगे बढ़ाकर “समावेशन और विकास” की ओर ले जाना चाहता है। यदि भारत लोकतांत्रिक, पारदर्शी और जन-केंद्रित AI मॉडल प्रस्तुत करने में सफल होता है, तो वह न केवल तकनीकी शक्ति, बल्कि नैतिक नेतृत्व की भूमिका भी निभा सकता है। AI का भविष्य केवल एल्गोरिद्म का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और वैश्विक संतुलन का भी विषय है।
प्रारंभिक परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न
Q. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के वैश्विक विमर्श के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 2023 का AI सम्मेलन ब्रिटेन के Bletchley Park में आयोजित हुआ था।
2. पेरिस सम्मेलन (2025) में केवल AI सुरक्षा पर चर्चा की गई।
3. भारत AI के लोकतंत्रीकरण और समावेशी विकास पर बल दे रहा है।
4. AI Impact Summit 2026 वैश्विक दक्षिण में आयोजित होने वाला पहला ऐसा सम्मेलन है।
उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं ?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 1, 3 और 4
(c) केवल 2 और 4
(d) केवल 1, 2 और 3
उत्तर: (b)
मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न
Q. “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वैश्विक शासन केवल नियमन का विषय नहीं, बल्कि समावेशी विकास और तकनीकी लोकतंत्रीकरण का प्रश्न भी है।”
AI Impact Summit 2026 के संदर्भ में भारत की भूमिका का समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। साथ ही, AI के क्षेत्र में भारत के समक्ष उपस्थित चुनौतियों एवं संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।
(शब्द सीमा – 250, अंक – 15)

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