LPG बनाम LNG: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव

LPG बनाम LNG: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव

पाठ्यक्रम संबंध
प्रारंभिक परीक्षा हेतु: LPG, LNG, PNG, CNG, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़, ऊर्जा सुरक्षा, आयात निर्भरता
मुख्य परीक्षा हेतु:
GS–3: ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला व्यवधान, पश्चिम एशिया संकट, प्राकृतिक गैस अवसंरचना, वैकल्पिक ईंधन नीति

चर्चा में क्यों?

पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से होकर गुजरने वाले जहाज़ी मार्गों में व्यवधान आया है, जिससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर विशेष रूप से LPG और LNG पर पड़ा है, लेकिन LPG पर संकट अधिक गंभीर माना गया है क्योंकि भारत इसकी बड़ी मात्रा आयात करता है और उसका अधिकांश हिस्सा इसी मार्ग से आता है।

 

LPG और LNG क्या हैं?

LPG (Liquefied Petroleum Gas) मुख्यतः प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है। यह कच्चे तेल के शोधन और प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण का उप-उत्पाद होता है। दूसरी ओर, LNG (Liquefied Natural Gas) मुख्यतः मीथेन है, जिसे प्राकृतिक गैस से प्राप्त किया जाता है।

सरल शब्दों में, LPG वह ईंधन है जो प्रायः घरेलू सिलेंडरों में उपयोग होता है, जबकि LNG प्राकृतिक गैस को तरलीकृत कर लंबी दूरी तक पहुँचाने का माध्यम है; बाद में इसे पुनः गैस में बदलकर PNG और CNG के रूप में उपयोग किया जाता है।

LPG और LNG में प्रमुख अंतर
1. संरचना
LPG: प्रोपेन + ब्यूटेन
LNG: मुख्यतः मीथेन
2. द्रवीकरण और भंडारण
LPG मध्यम दाब या कम तापमान पर आसानी से तरल बन जाती है।
LNG को लगभग -160°C से नीचे अत्यधिक ठंडा करना पड़ता है और इसे विशेष क्रायोजेनिक टैंकों में रखा जाता है।
3. आयतन में कमी
LPG द्रवीकरण के बाद अपने गैसीय आयतन का लगभग 1/260वाँ रह जाती है।
LNG लगभग 1/600वाँ आयतन घेरती है, इसलिए लंबी दूरी के परिवहन में यह अधिक उपयोगी है।
4. उपयोग
LPG: खाना पकाने, हीटिंग, कुछ औद्योगिक उपयोग, कुछ क्षेत्रों में वाहन ईंधन
LNG: सीधे सीमित उपयोग; मुख्यतः गैस के रूप में वापस बदलकर PNG, CNG, उर्वरक, बिजली, रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योग में प्रयुक्त
5. वितरण प्रणाली
LNG विशेष जहाज़ों से रिगैसीफिकेशन टर्मिनलों तक लाई जाती है, फिर पाइपलाइन से PNG/CNG के रूप में वितरित की जाती है।
LPG सिलेंडरों में भरकर सड़क मार्ग से दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुँचाई जाती है।
6. सुविधा और पहुँच
LPG अधिक पोर्टेबल है और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।
PNG अधिक सुविधाजनक है, क्योंकि एक बार पाइपलाइन लगने पर निरंतर, मीटरयुक्त आपूर्ति मिलती है; पर यह पाइपलाइन नेटवर्क पर निर्भर है।
7. सुरक्षा
PNG/प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर जल्दी फैल जाती है।
LPG हवा से भारी होती है और रिसाव की स्थिति में नीचे जमा होकर आग/विस्फोट का अधिक जोखिम पैदा कर सकती है।

वर्तमान संकट में LPG पर अधिक असर क्यों?

भारत अपनी LPG आवश्यकता का लगभग 60% आयात करता है और इन आयातों का लगभग 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से होकर आता है। इस प्रकार कुल LPG आपूर्ति का लगभग 54% हिस्सा प्रभावित हुआ। दूसरी ओर, भारत अपनी गैस आवश्यकता का लगभग आधा हिस्सा LNG के रूप में आयात करता है, जिसमें से 55–60% होर्मुज़ से आता है; इसलिए कुल गैस आपूर्ति पर प्रभाव लगभग 30% के आसपास रहा। इसी कारण LPG संकट LNG की तुलना में अधिक गंभीर माना गया।

एक अन्य महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि भारत में LPG उपभोक्ता आधार बहुत बड़ा है—लगभग 33.3 करोड़ घरेलू उपभोक्ता, जबकि PNG कनेक्शनों की संख्या केवल 1.5 करोड़ के आसपास है। इसलिए LPG आपूर्ति में बाधा सीधे व्यापक जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

सरकार ने क्या कदम उठाए?

संकट के दौरान सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। PNG घरों और CNG परिवहन के लिए 100% आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया, जबकि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं की आपूर्ति लगभग 80% तक सीमित की गई।

इसके साथ-साथ सरकार ने कई अन्य कदम भी उठाए:

PNG नेटवर्क विस्तार को तेज करने का आग्रह
CGD कंपनियों द्वारा मुफ्त गैस और कनेक्शन शुल्क में छूट जैसे प्रोत्साहन
रिफाइनरियों को प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उपयोग से हटाकर LPG उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
घरेलू LPG उत्पादन में 40% वृद्धि, जिससे मांग पूर्ति में इसका हिस्सा 40% से बढ़कर लगभग 55% हुआ
शहरी क्षेत्रों में LPG बुकिंग अंतराल 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन करना
उद्योगों के लिए केरोसिन, फ्यूल ऑयल, बायोमास और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग बढ़ाना

व्यापक महत्व

यह प्रकरण भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आयात-निर्भरता, और समुद्री चोक-पॉइंट्स पर अत्यधिक निर्भर आपूर्ति शृंखला की संवेदनशीलता को उजागर करता है। यह भी स्पष्ट होता है कि ऊर्जा संक्रमण केवल स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का प्रश्न नहीं है, बल्कि वितरण अवसंरचना, वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था, और घरेलू उत्पादन क्षमता को मजबूत करने का भी विषय है। उपलब्ध पाइपलाइन नेटवर्क वाले क्षेत्रों में PNG विस्तार, LPG पर दबाव कम करने का एक व्यावहारिक उपाय बनकर उभरा है।

निष्कर्ष

LPG और LNG दोनों महत्त्वपूर्ण ईंधन हैं, लेकिन उनकी रासायनिक संरचना, भंडारण तकनीक, वितरण प्रणाली और उपभोक्ता पहुँच में मूलभूत अंतर है। वर्तमान पश्चिम एशिया संकट ने दिखाया कि भारत की घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए LPG अधिक संवेदनशील कड़ी है। इसलिए दीर्घकाल में भारत को ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण, PNG नेटवर्क विस्तार, घरेलू LPG उत्पादन वृद्धि, और रणनीतिक आपूर्ति लचीलापन पर अधिक बल देना होगा।

प्रारंभिक परीक्षा हेतु प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

LPG मुख्यतः मीथेन से बनी होती है।
LNG को अत्यंत निम्न तापमान पर क्रायोजेनिक रूप में संग्रहित किया जाता है।
PNG पाइपलाइन अवसंरचना पर निर्भर करती है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

उत्तर: (b)
व्याख्या: LPG मुख्यतः प्रोपेन और ब्यूटेन का मिश्रण है, जबकि LNG मुख्यतः मीथेन है। LNG को -160°C के आसपास क्रायोजेनिक रूप में संग्रहित किया जाता है तथा PNG पाइपलाइन अवसंरचना पर निर्भर करती है।

प्रश्न 2. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ भारत की ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में महत्त्वपूर्ण क्यों है?
(a) भारत का अधिकांश कोयला इसी मार्ग से आता है
(b) भारत के LPG और LNG आयात का बड़ा भाग इसी मार्ग से गुजरता है
(c) यह भारत का सबसे बड़ा घरेलू गैस उत्पादन क्षेत्र है
(d) यह भारत और रूस के बीच स्थल मार्ग है

उत्तर: (b)

मुख्य परीक्षा हेतु प्रश्न

“पश्चिम एशिया संकट ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर किया है।” LPG और LNG के अंतर तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ व्यवधान के संदर्भ में इस कथन की विवेचना कीजिए।

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