17 Jul राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 व 2025: स्वच्छ खेल हेतु भारत की पहल
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**सरकार द्वारा डोपिंग-रोधी व्यवस्था का सुदृढीकरण: ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022’ और ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025’**
भारत सरकार ने ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022’ और ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025’ को लागू करके देश की डोपिंग-रोधी व्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से मज़बूत किया है। यह पहल स्वच्छ खेल के लिए भारत के कानूनी और संस्थागत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पड़ाव है। ये कानून खेलों में डोपिंग रोकने, खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य डोपिंग-रोधी मानकों के अनुसार खेल प्रतियोगिताओं की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक व्यापक कानूनी आधार प्रदान करते हैं। यह कदम भारत के डोपिंग-रोधी ढांचे को ‘अंतरराष्ट्रीय डोपिंग-रोधी कोड’ के अनुरूप बनाता है और ‘खेलों में डोपिंग के खिलाफ यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन’ के अंतर्गत भारत की जिम्मेदारियों को पूरा करता है, जिससे वैश्विक खेल मंच पर भारत की विश्वसनीयता बढ़ती है।
ये कानून संस्थागत स्वतंत्रता को मजबूत करते हैं, प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाते हैं, विवाद समाधान के तरीकों को सुव्यवस्थित करते हैं और भारत के डोपिंग-रोधी कार्यक्रम की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता को बढ़ाते हैं। विशेष रूप से, ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025’ संस्थागत स्वायत्तता को मजबूत करके और भारत के डोपिंग-रोधी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रहे सर्वोत्तम तरीकों के अनुरूप बनाकर शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाता है। इन संशोधनों का उद्देश्य देश में डोपिंग-रोधी प्रशासन की प्रभावशीलता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है, जिससे खिलाड़ियों के लिए एक अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और उचित प्रक्रिया सुनिश्चित होती है।
यूपीएससी और राज्य पीसीएस उम्मीदवारों के लिए, यह विषय भारतीय राजव्यवस्था और शासन के तहत महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि कैसे सरकार अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और नागरिकों (इस मामले में, एथलीटों) के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत कर रही है। यह कानूनों के माध्यम से संस्थागत सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों को भी उजागर करता है। इसके अतिरिक्त, यह खेल नीति, नैतिकता और सुशासन के पहलुओं को छूता है, जो मुख्य परीक्षा के साथ-साथ प्रारंभिक परीक्षा के लिए भी प्रासंगिक है, जहाँ खेल से संबंधित कानूनों और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह भारत के खेल पारिस्थितिकी तंत्र में ईमानदारी, निष्पक्ष खेल और उत्कृष्टता के मूल्यों को बढ़ावा देने की सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
अभ्यास प्रश्न
Q1. भारत में डोपिंग-रोधी व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए सरकार ने हाल ही में कौन से अधिनियम लागू किए हैं?
- राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2023
- राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025
- राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2020 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2022
- राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2023 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025
उत्तर
राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025 — सरकार ने ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022’ और ‘राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) अधिनियम, 2025’ को लागू करके डोपिंग-रोधी व्यवस्था को मज़बूत किया है।
Q2. राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?
- भारत में खेल आयोजनों को बढ़ावा देना
- एथलीटों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना
- खेलों में डोपिंग के खतरे को रोकना और नियंत्रित करना
- खेलों में महिला भागीदारी को बढ़ाना
उत्तर
खेलों में डोपिंग के खतरे को रोकना और नियंत्रित करना — राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी अधिनियम, 2022 का मुख्य उद्देश्य खेलों में डोपिंग के खतरे को रोकना और नियंत्रित करना है, जिससे निष्पक्ष खेल सुनिश्चित हो सके।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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