डीआरआई ने सोने की तस्करी पर तेज कार्रवाई: 27 किलो सोना जब्त, 12 गिरफ्तार

डीआरआई ने सोने की तस्करी पर तेज कार्रवाई: 27 किलो सोना जब्त, 12 गिरफ्तार

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) और अर्थव्यवस्था (Economy)  |  GS Paper II — शासन (Governance) और अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations)
  • Prelims: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI), तस्करी (Smuggling), सीमा पार अपराध (Transnational Crime), धन शोधन (Money Laundering), आर्थिक अपराध (Economic Offenses), सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (Customs Act, 1962)
  • Essay: आर्थिक अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव, भारत की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में खुफिया एजेंसियों की भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) वित्त मंत्रालय के तहत एक प्रमुख एजेंसी है जो भारत में तस्करी और सीमा शुल्क धोखाधड़ी से निपटने के लिए जिम्मेदार है, जिसका हालिया अभियान सोने की तस्करी के खिलाफ उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने हाल ही में देशव्यापी अभियानों में 27 किलोग्राम से अधिक तस्करी का सोना जब्त किया है और 12 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये अभियान संगठित सोने की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ DRI की निरंतर कार्रवाई का हिस्सा हैं, जिसमें सोने को छिपाने के परिष्कृत तरीकों का खुलासा हुआ है, जैसे कि विमान के शौचालयों में, वाहनों और बर्तनों में विशेष रूप से निर्मित गुप्त गुहाओं में, और शरीर पर/शरीर के भीतर छिपाना। यह कार्रवाई संगठित तस्करी गिरोहों द्वारा अपनाए जा रहे बदलते तौर-तरीकों को उजागर करती है और सीमा पार अपराधों से निपटने में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

पृष्ठभूमि

  • भारत सोने का एक बड़ा उपभोक्ता और आयातक देश है, जिससे यह तस्करों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन जाता है।
  • सोने की तस्करी से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है, क्योंकि इस पर आयात शुल्क (Import Duty) और अन्य करों का भुगतान नहीं किया जाता है।
  • तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग अक्सर अन्य अवैध गतिविधियों, जैसे आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing) और धन शोधन (Money Laundering) में किया जाता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं, विशेष रूप से म्यांमार और बांग्लादेश के साथ, सोने की तस्करी के लिए प्रमुख मार्ग के रूप में उपयोग की जाती हैं।
  • तस्कर लगातार नए और परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डों, रेलवे और सड़क मार्गों का उपयोग शामिल है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बढ़ जाती है।
  • राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) वित्त मंत्रालय के तहत एक प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है, जो तस्करी और सीमा शुल्क धोखाधड़ी (Customs Fraud) से निपटने के लिए जिम्मेदार है।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) क्या है?

  • राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की एक प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है।
  • इसकी स्थापना 4 दिसंबर 1957 को हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य तस्करी और सीमा शुल्क धोखाधड़ी से संबंधित मामलों की रोकथाम और जांच करना है।
  • DRI का जनादेश सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (Customs Act, 1962) के प्रावधानों को लागू करना और तस्करी विरोधी अभियानों का समन्वय करना है।
  • यह नशीले पदार्थों, सोने, वन्यजीव उत्पादों, नकली मुद्रा और अन्य निषिद्ध वस्तुओं की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करता है।
  • DRI देश भर में और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है ताकि संगठित अपराध सिंडिकेट का मुकाबला किया जा सके।
  • यह खुफिया जानकारी एकत्र करने, विश्लेषण करने और साझा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ताकि तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
  • DRI के अधिकारी केंद्रीय सिविल सेवा के सदस्य होते हैं और उन्हें सीमा शुल्क कानूनों को लागू करने के लिए व्यापक शक्तियां प्राप्त होती हैं, जिसमें गिरफ्तारी, तलाशी और जब्ती शामिल है।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
राष्ट्रव्यापी अभियान राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की संगठित तस्करी गिरोहों के विरुद्ध व्यापक और समन्वित कार्रवाई को दर्शाता है।
27 किलोग्राम से अधिक सोने की जब्ती भारत में सोने की तस्करी की बड़ी मात्रा और इसके आर्थिक प्रभाव को उजागर करता है।
12 गिरफ्तारियाँ तस्करी नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों की पहचान और उन पर कानूनी कार्रवाई करने में DRI की सफलता को दर्शाता है।
सोने को छिपाने के परिष्कृत तरीके तस्करों द्वारा अपनाई जा रही नई और जटिल कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जिसमें विमान के शौचालय, विशेष रूप से निर्मित गुप्त गुहाएँ और शरीर के भीतर छिपाना शामिल है।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध तस्करी के मार्गों में अदीस अबाबा (इथियोपिया), बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों की संलिप्तता को दर्शाता है, जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल देता है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • सोने की तस्करी से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है, क्योंकि इस पर आयात शुल्क (Import Duty) और वस्तु एवं सेवा कर (GST) का भुगतान नहीं किया जाता है।
  • यह देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit – CAD) को बढ़ाता है, क्योंकि तस्करी किया गया सोना अक्सर विदेशी मुद्रा में खरीदा जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है।
  • तस्करी की गतिविधियों से समानांतर अर्थव्यवस्था (Parallel Economy) को बढ़ावा मिलता है, जो वित्तीय प्रणाली की पारदर्शिता और स्थिरता को कमजोर करता है।

सुरक्षा और कानून-व्यवस्था

  • संगठित सोने की तस्करी अक्सर अन्य अवैध गतिविधियों जैसे मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering), आतंकवाद के वित्तपोषण और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी होती है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है।
  • यह सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्थिरता पैदा कर सकता है और सीमा पार अपराधों को बढ़ावा दे सकता है।
  • तस्करी गिरोहों द्वारा अपनाए जाने वाले परिष्कृत तरीके कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के लिए नई चुनौतियाँ पैदा करते हैं।

सामाजिक प्रभाव

  • तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग अक्सर अवैध गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए किया जाता है, जिससे समाज में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ता है।
  • यह ईमानदार व्यापारियों और आभूषण उद्योग के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करता है, जिससे वैध व्यापार प्रभावित होता है।

चुनौतियाँ

1. बदलते तस्करी के तौर-तरीके

  • तस्कर लगातार नए और परिष्कृत तरीके अपना रहे हैं, जैसे विमान के शौचालयों, वाहनों और शरीर के भीतर सोना छिपाना, जिससे उनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
  • सोने को धूल या मोम के रूप में छिपाना भी एक नई चुनौती है, क्योंकि इससे पहचान और जब्ती प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती है।

2. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का अभाव

  • सोने की तस्करी अक्सर कई देशों से होकर गुजरती है, जिसके लिए प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग की आवश्यकता होती है।
  • विभिन्न देशों के बीच कानूनों और प्रवर्तन तंत्र में अंतर तस्करी विरोधी प्रयासों को बाधित कर सकता है।

3. प्रौद्योगिकी का उपयोग

  • तस्कर संचार और लॉजिस्टिक्स के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए उनके नेटवर्क को भेदना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
  • जांच एजेंसियों को भी उन्नत निगरानी और विश्लेषण तकनीकों में निवेश करने की आवश्यकता है।

4. भ्रष्टाचार और मिलीभगत

  • कुछ मामलों में, हवाई अड्डे के कर्मचारियों या अन्य अधिकारियों की मिलीभगत तस्करी को आसान बनाती है, जैसा कि विमान के सफाई कर्मचारियों की गिरफ्तारी से पता चलता है।
  • यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की विश्वसनीयता को कमजोर करता है और तस्करी विरोधी प्रयासों को कमजोर करता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
राजस्व हानि सोने की तस्करी से सरकार को आयात शुल्क और GST के रूप में करोड़ों रुपये का नुकसान होता है, जिससे सार्वजनिक सेवाओं के लिए उपलब्ध धन कम हो जाता है।
चालू खाता घाटा तस्करी किया गया सोना देश के चालू खाता घाटे को बढ़ाता है, जिससे रुपये पर दबाव पड़ता है और विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित होता है।
मनी लॉन्ड्रिंग सोने की तस्करी अक्सर मनी लॉन्ड्रिंग का एक तरीका है, जिससे अवैध धन को वैध बनाया जाता है और वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता कम होती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग आतंकवाद और अन्य राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए किया जा सकता है, जिससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा होता है।
अवैध व्यापार यह वैध आभूषण उद्योग के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करता है, जिससे ईमानदार व्यापारियों को नुकसान होता है और बाजार विकृत होता है।

आगे की राह

  • खुफिया जानकारी संग्रह और विश्लेषण क्षमताओं को मजबूत करना, विशेष रूप से उन्नत डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का उपयोग करके तस्करी के पैटर्न की पहचान करना।
  • सीमा शुल्क (Customs) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मियों के लिए उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करना, ताकि वे तस्करी के नए तरीकों और तकनीकों का पता लगा सकें।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सूचना साझाकरण समझौतों को मजबूत करना, विशेष रूप से उन देशों के साथ जो सोने की तस्करी के प्रमुख स्रोत या पारगमन बिंदु हैं।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और गश्त को बढ़ाना, जिसमें उन्नत स्कैनिंग उपकरण और ड्रोन जैसी तकनीकों का उपयोग शामिल है।
  • तस्करी नेटवर्क में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करने और उन पर मुकदमा चलाने के लिए आंतरिक सतर्कता तंत्र को मजबूत करना।
  • सोने के व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाने और वैध चैनलों को बढ़ावा देने के लिए नियामक ढांचे को मजबूत करना।
  • जन जागरूकता अभियान चलाना ताकि लोग तस्करी के खतरों और इसके आर्थिक व सामाजिक प्रभावों के बारे में जागरूक हों।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

सोने की तस्करी · राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) · संगठित अपराध · सीमा पार तस्करी · आर्थिक अपराध · राष्ट्रीय सुरक्षा · मनी लॉन्ड्रिंग · आतंकवाद वित्तपोषण · खुफिया-आधारित अभियान · बहु-एजेंसी समन्वय · तस्करी के तरीके · राजकोषीय घाटा

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 265’, ‘note’: ‘कानून के अधिकार के बिना कोई कर नहीं’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 301’, ‘note’: ‘व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 246’, ‘note’: ‘संघ सूची में सीमा शुल्क का विषय’}

अवधारणा प्रवाह

उच्च आयात शुल्क और GST  →  सोने की तस्करी के लिए प्रोत्साहन  →  तस्करी के परिष्कृत तरीके  →  राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कार्रवाई  →  सोने की जब्ती और गिरफ्तारियाँ  →  राजस्व हानि और आर्थिक अस्थिरता

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अधीन एक प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है।
2. इसका प्राथमिक कार्य भारत की सीमाओं पर तस्करी और सीमा शुल्क धोखाधड़ी को रोकना है।
3. यह केवल सोने की तस्करी से संबंधित मामलों की जांच करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। DRI केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अधीन एक प्रमुख खुफिया और प्रवर्तन एजेंसी है, जिसका प्राथमिक कार्य तस्करी और सीमा शुल्क धोखाधड़ी को रोकना है। कथन 3 गलत है क्योंकि DRI सोने के अलावा नशीले पदार्थों, नकली मुद्रा, वन्यजीव उत्पादों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी से भी संबंधित है।

Q2. सोने की तस्करी के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सही नहीं है?

  1. यह सरकार के राजस्व को कम करता है।
  2. यह देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को कम करने में मदद करता है।
  3. यह मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को बढ़ावा दे सकता है।
  4. यह घरेलू सोने के बाजार को विकृत करता है।

उत्तर: यह देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को कम करने में मदद करता है। — सोने की तस्करी सरकार के राजस्व को कम करती है, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण को बढ़ावा दे सकती है, और घरेलू सोने के बाजार को विकृत करती है। हालांकि, यह देश के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) को कम करने में मदद नहीं करता, बल्कि इसे और बढ़ा सकता है क्योंकि तस्करी किया गया सोना भी देश में आयातित होता है, भले ही वह अनौपचारिक चैनलों से हो।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ भारत में सोने की तस्करी के बढ़ते मामलों के पीछे के कारणों का विश्लेषण कीजिए और देश की अर्थव्यवस्था तथा सुरक्षा पर इसके प्रभावों की विवेचना कीजिए। इस चुनौती से निपटने के लिए राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) जैसी एजेंसियों की भूमिका और सरकार द्वारा उठाए जा सकने वाले अतिरिक्त कदमों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में सोने की तस्करी के कारणों (जैसे उच्च आयात शुल्क, रुपये का अवमूल्यन, भू-राजनीतिक अस्थिरता) का विश्लेषण करें। दूसरे भाग में अर्थव्यवस्था (राजस्व हानि, चालू खाता घाटा, काले धन को बढ़ावा) और सुरक्षा (मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद वित्तपोषण) पर इसके प्रभावों की चर्चा करें। तीसरे भाग में DRI जैसी एजेंसियों की भूमिका (खुफिया जानकारी, प्रवर्तन, समन्वय) को रेखांकित करें और अंत में तस्करी से निपटने के लिए नीतिगत उपायों (शुल्क युक्तिकरण, सीमा सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, प्रौद्योगिकी का उपयोग) का सुझाव दें।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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