इंडियाएआई मिशन: सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई स्तंभ से नागरिक विश्वास बढ़ेगा

इंडियाएआई मिशन: सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई स्तंभ से नागरिक विश्वास बढ़ेगा — IndiaAI Mission: Safe & Trustworthy AI Pillar

इंडियाएआई मिशन: सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई स्तंभ से नागरिक विश्वास बढ़ेगा

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी  |  GS Paper III — अर्थव्यवस्था
  • Prelims: इंडियाएआई मिशन, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, जिम्मेदार एआई, लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम), डीपफेक डिटेक्शन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन
  • Essay: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य: अवसर और चुनौतियाँ, प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण और समावेशी विकास में उसकी भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: इंडियाएआई मिशन का ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार विकास और उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करता है, जिसमें पूर्वाग्रह निवारण, डीपफेक डिटेक्शन और गोपनीयता-संरक्षण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं।

यह खबर चर्चा में क्यों?

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने इंडियाएआई मिशन के अंतर्गत ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ की प्रगति पर प्रकाश डाला है। यह स्तंभ सुरक्षित, निष्पक्ष और जिम्मेदार एआई (Artificial Intelligence) समाधानों के माध्यम से नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने पर केंद्रित है। मंत्रालय ने बताया कि मिशन के तहत 13 जिम्मेदार एआई परियोजनाएं, 58 एआई उत्कृष्टता केंद्र (AI-CoE) और 27 डेटा एवं एआई प्रयोगशालाएं सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई को सुदृढ़ बना रही हैं, जो भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

पृष्ठभूमि

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रौद्योगिकी के लोकतंत्रीकरण के दृष्टिकोण पर आधारित भारत की एआई नीति का उद्देश्य एआई से जुड़े जोखिमों का समाधान करते हुए युवाओं के लिए आर्थिक अवसर और रोजगार सृजित करना है।
  • मार्च 2024 में, सरकार ने इंडियाएआई मिशन को मंजूरी दी, जिसके लिए देश में व्यापक एआई इकोसिस्टम के विकास हेतु पांच वर्षों के लिए 10,371 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
  • सरकार स्वदेशी स्टार्टअप और संस्थानों को बड़े भाषा मॉडल (LLM) और छोटे भाषा मॉडल (SLM) विकसित करने में सहायता प्रदान कर रही है, जिसमें सर्वम एआई, ज्ञानी एआई और भारतजेन जैसे उल्लेखनीय मॉडल शामिल हैं।
  • कौशल विकास के तहत, ‘युवा एआई फॉर ऑल’ कार्यक्रम को 26 लाख से अधिक व्यक्तियों ने पूरा किया है, जो एआई साक्षरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंडियाएआई मिशन का ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ क्या है?

  • यह इंडियाएआई मिशन के सात स्तंभों में से एक है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जिम्मेदार विकास और उपयोग को बढ़ावा देना है।
  • इसका लक्ष्य स्वदेशी शासन ढांचे, मानकों, उपकरणों और मूल्यांकन तंत्रों के माध्यम से एआई से जुड़े जोखिमों का समाधान करना है।
  • देश भर के शैक्षणिक संस्थानों में 13 जिम्मेदार एआई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
  • इन परियोजनाओं में पूर्वाग्रह निवारण (Bias Mitigation), मशीन अनलर्निंग, गोपनीयता-संरक्षित एआई (Privacy-Preserving AI), व्याख्यात्मकता (Explainability), डीपफेक का पता लगाना (Deepfake Detection) और एआई जोखिम मूल्यांकन शामिल हैं।
  • प्रमुख पहलों में आईआईटी जोधपुर और आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित ‘साक्ष्य’ मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क शामिल है, जिसका उपयोग डीपफेक का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • आईआईटी खड़गपुर की रियल-टाइम वॉयस डीपफेक डिटेक्शन प्रणाली भी इस स्तंभ के तहत एक महत्वपूर्ण परियोजना है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
सुरक्षित और विश्वसनीय एआई स्तंभ एआई से जुड़े जोखिमों का समाधान करते हुए नागरिकों का विश्वास मजबूत करना।
इंडियाएआई कंप्यूट एआई मॉडल के विकास और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करना।
फाउंडेशन मॉडल स्वदेशी बड़े भाषा मॉडल (LLM) और छोटे भाषा मॉडल (SLM) का विकास, जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
एआईकोश एआई अनुप्रयोगों के लिए एक व्यापक डेटासेट और संसाधन भंडार।
एप्लिकेशन डेवलपमेंट इनिशिएटिव स्वास्थ्य सेवा, भाषा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में एआई समाधानों का विकास और उपयोग।
फ्यूचरस्किल्स एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर सृजित करना।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • एआई से संबंधित क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देकर आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देना।
  • एआई कौशल में सुधार करके रोजगार के नए अवसर सृजित करना और कार्यबल की उत्पादकता बढ़ाना।
  • स्वदेशी एआई मॉडल और समाधानों का विकास करके विदेशी प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करना।

सामाजिक महत्व

  • स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोगों के माध्यम से नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
  • सुरक्षित और विश्वसनीय एआई के माध्यम से डिजिटल विभाजन को कम करना और सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करना।
  • एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देकर सामाजिक न्याय और समानता को बनाए रखना।

रणनीतिक महत्व

  • वैश्विक एआई शासन (Global AI Governance) में भारत की भूमिका को मजबूत करना और जिम्मेदार नवाचार को बढ़ावा देना।
  • डीपफेक (Deepfake) जैसी दुर्भावनापूर्ण एआई तकनीकों से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करना।
  • एआई अनुसंधान और विकास में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, जिससे भारत एक वैश्विक एआई शक्ति के रूप में उभरे।

चुनौतियाँ

1. डेटा गोपनीयता और सुरक्षा

  • एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए बड़ी मात्रा में डेटा की आवश्यकता होती है, जिससे डेटा गोपनीयता (Data Privacy) और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ उत्पन्न होती हैं।
  • डेटा उल्लंघनों और अनधिकृत पहुंच से संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।

2. एआई में पूर्वाग्रह और निष्पक्षता

  • प्रशिक्षण डेटा में निहित पूर्वाग्रह (Bias) एआई मॉडल में भी परिलक्षित हो सकते हैं, जिससे भेदभावपूर्ण परिणाम सामने आ सकते हैं।
  • एआई प्रणालियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना और एल्गोरिथम संबंधी पूर्वाग्रहों को दूर करना महत्वपूर्ण है।

3. एआई का नैतिक उपयोग

  • डीपफेक जैसी तकनीकों का दुरुपयोग गलत सूचना फैलाने और सामाजिक अशांति पैदा करने के लिए किया जा सकता है।
  • एआई के नैतिक दिशानिर्देशों और विनियमन की आवश्यकता है ताकि इसके नकारात्मक प्रभावों को रोका जा सके।

4. कौशल अंतर और क्षमता निर्माण

  • एआई क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की कमी भारत में एआई नवाचार की गति को धीमा कर सकती है।
  • एआई अनुसंधान, विकास और कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त क्षमता निर्माण (Capacity Building) की आवश्यकता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
एआई एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह प्रशिक्षण डेटा में निहित पूर्वाग्रहों के कारण भेदभावपूर्ण निर्णय।
डीपफेक और गलत सूचना ऑडियो-विजुअल जालसाजी से सार्वजनिक विश्वास और सुरक्षा को खतरा।
डेटा गोपनीयता का उल्लंघन संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा के अनधिकृत उपयोग या दुरुपयोग का जोखिम।
एआई प्रणालियों की व्याख्यात्मकता एआई मॉडल के निर्णयों को समझना और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करना मुश्किल।
एआई जोखिम मूल्यांकन एआई प्रणालियों से जुड़े संभावित जोखिमों की पहचान और शमन।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • इंडियाएआई मिशन

आगे की राह

  • एआई के नैतिक सिद्धांतों और शासन ढांचे को मजबूत करना, जिसमें पूर्वाग्रह निवारण और व्याख्यात्मकता (Explainability) पर विशेष ध्यान दिया जाए।
  • डीपफेक का पता लगाने और ऑडियो-विजुअल जालसाजी से निपटने के लिए उन्नत तकनीकों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना।
  • डेटा गोपनीयता-संरक्षित एआई (Privacy-Preserving AI) तकनीकों को अपनाना, जैसे कि फेडरेटेड लर्निंग, ताकि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • एआई जोखिम मूल्यांकन (AI Risk Assessment) के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करना और एआई प्रणालियों के सुरक्षित परिनियोजन को सुनिश्चित करना।
  • एआई क्षेत्र में कौशल अंतर को पाटने के लिए व्यापक शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना, जिसमें युवा एआई फॉर ऑल जैसे कार्यक्रम शामिल हों।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) को मजबूत करना ताकि एआई नवाचार और अनुप्रयोगों के विकास में तेजी लाई जा सके।
  • वैश्विक एआई शासन पर संवाद में सक्रिय रूप से भाग लेना और जिम्मेदार एआई विकास के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानकों को आकार देना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

इंडियाएआई मिशन · सुरक्षित और विश्वसनीय एआई · जिम्मेदार एआई · एआई शासन · डीपफेक डिटेक्शन · पूर्वाग्रह निवारण · गोपनीयता-संरक्षित एआई · फाउंडेशन मॉडल · एआई उत्कृष्टता केंद्र · प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण · आर्थिक अवसर · कौशल विकास

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • अनुच्छेद 21: निजता के अधिकार की सुरक्षा
  • अनुच्छेद 14: समानता का अधिकार सुनिश्चित करना
  • अनुच्छेद 19: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गलत सूचना का नियंत्रण

अवधारणा प्रवाह

इंडियाएआई मिशन की शुरुआत  →  सुरक्षित और विश्वसनीय एआई स्तंभ का निर्माण  →  जिम्मेदार एआई परियोजनाओं का विकास (जैसे डीपफेक डिटेक्शन, पूर्वाग्रह निवारण)  →  नागरिकों का विश्वास मजबूत होना  →  एआई के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. इंडियाएआई मिशन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह मिशन देश में व्यापक एआई इकोसिस्टम के लिए पाँच वर्षों के लिए 10,371 करोड़ रुपये के बजट के साथ मार्च 2024 में अनुमोदित किया गया था।
2. ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ इसका एक स्तंभ है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी शासन ढांचे, मानकों और मूल्यांकन तंत्रों के माध्यम से जिम्मेदार एआई विकास को बढ़ावा देना है।
3. ‘सर्वम एआई’ और ‘ज्ञानी एआई’ इस मिशन के तहत विकसित किए जा रहे स्वदेशी भाषा मॉडल के उदाहरण हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1 सही है क्योंकि इंडियाएआई मिशन को मार्च 2024 में 10,371 करोड़ रुपये के बजट के साथ अनुमोदित किया गया था। कथन 2 भी सही है क्योंकि ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ मिशन का एक प्रमुख स्तंभ है जो जिम्मेदार एआई विकास पर केंद्रित है। कथन 3 सही है क्योंकि सर्वम एआई और ज्ञानी एआई स्वदेशी भाषा मॉडल के उदाहरण हैं जिन्हें इस मिशन के तहत समर्थन मिल रहा है।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सी पहलें इंडियाएआई मिशन के ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ के अंतर्गत आती हैं?
1. डीपफेक का पता लगाने के लिए मल्टी-एजेंट फ्रेमवर्क ‘साक्ष्य’ का विकास।
2. मेडिकल इमेज विश्लेषण में पूर्वाग्रह को कम करने के लिए जिम्मेदार एआई एल्गोरिदम का विकास।
3. फेडरेटेड लर्निंग का उपयोग करके गोपनीयता-संरक्षित मशीन लर्निंग मॉडल का विकास।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. केवल 1
  2. केवल 1 और 2
  3. केवल 2 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: 1, 2 और 3 — कथन 1, 2 और 3 तीनों ही इंडियाएआई मिशन के ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ के अंतर्गत आती हैं। ‘साक्ष्य’ डीपफेक डिटेक्शन के लिए है, पूर्वाग्रह निवारण मेडिकल इमेज विश्लेषण में पूर्वाग्रह कम करने के लिए है, और गोपनीयता-संरक्षित एआई फेडरेटेड लर्निंग का उपयोग करके विकसित किया जा रहा है। ये सभी जिम्मेदार एआई के पहलुओं को संबोधित करते हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ इंडियाएआई मिशन के ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ के महत्व और विभिन्न पहलों का विस्तार से वर्णन कीजिए। भारत में एआई के नैतिक और जिम्मेदार विकास को सुनिश्चित करने में यह स्तंभ किस प्रकार सहायक है? (250 शब्द)

रूपरेखा: प्रश्न के पहले भाग में इंडियाएआई मिशन के ‘सुरक्षित और विश्वसनीय एआई’ स्तंभ के महत्व पर प्रकाश डालें, जिसमें एआई से जुड़े जोखिमों को कम करने और नागरिकों का विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया जाए। फिर, डीपफेक डिटेक्शन, पूर्वाग्रह निवारण, गोपनीयता-संरक्षित एआई और व्याख्यात्मकता जैसे प्रमुख पहलों का उल्लेख करें। दूसरे भाग में, बताएं कि यह स्तंभ स्वदेशी शासन ढांचे, मानकों और मूल्यांकन तंत्रों के माध्यम से भारत में एआई के नैतिक और जिम्मेदार विकास को कैसे सुनिश्चित करता है, जिससे नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित होता है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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