29 Jul INSPIRE कार्यक्रम: विज्ञान में नवाचार को बढ़ावा देने वाली सरकारी पहल


मानचित्र व माइंड-मैप: INSPIRE Programme: Key Features and Reach
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शिक्षा, मानव संसाधन | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण
- Prelims: INSPIRE कार्यक्रम, INSPIRE MANAK, INSPIRE SHE, INSPIRE फेलोशिप, INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार पारिस्थितिकी
- Essay: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से समावेशी विकास, युवाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास: एक राष्ट्र की प्रगति का आधार
त्वरित पुनरावृत्ति: INSPIRE कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की एक व्यापक पहल है जो स्कूली छात्रों से लेकर पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं तक, वैज्ञानिक प्रतिभा को पोषित करने और भारत में नवाचार पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए विभिन्न घटकों के माध्यम से वित्तीय और मेंटरशिप सहायता प्रदान करती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संसदीय प्रश्न के जवाब में ‘इनोवेशन इन साइंस परसूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च’ (INSPIRE) कार्यक्रम के विभिन्न घटकों और पिछले पाँच वर्षों में इसकी प्रगति पर जानकारी साझा की गई है। इसमें कार्यक्रम की पहुँच और समावेशिता को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विशेष कदमों पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसमें ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान शामिल है।
पृष्ठभूमि
- भारत सरकार देश में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science & Technology) द्वारा INSPIRE कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।
- यह कार्यक्रम छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आकर्षित करने और उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।
- इसका लक्ष्य स्कूल स्तर से लेकर डॉक्टरेट और पोस्ट-डॉक्टोरल स्तर तक वैज्ञानिक प्रतिभा की पहचान करना और उसे पोषित करना है।
- कार्यक्रम का डिज़ाइन ऐसा है कि यह वैज्ञानिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के विभिन्न चरणों में निरंतर समर्थन प्रदान करता है।
- हाल के वर्षों में, सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण और आकांक्षी जिलों (Aspirational Districts) में कार्यक्रम की पहुँच बढ़ाने पर जोर दिया है ताकि देश के हर कोने से प्रतिभाओं को जोड़ा जा सके।
- यह कार्यक्रम भारत को एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने और वैज्ञानिक नवाचार में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने के व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य का एक हिस्सा है।
INSPIRE कार्यक्रम क्या है?
- INSPIRE (इनोवेशन इन साइंस परसूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक प्रतिभा को पोषित करना और विज्ञान में अनुसंधान व विकास को बढ़ावा देना है।
- इसके चार प्रमुख घटक हैं: INSPIRE MANAK, INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE), INSPIRE फेलोशिप और INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप, जो शैक्षणिक और अनुसंधान प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को कवर करते हैं।
- INSPIRE MANAK (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) 10-17 वर्ष (कक्षा VI-XII) के स्कूली छात्रों में नवाचार और वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, उन्हें मौलिक विचारों को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE) प्राकृतिक और बुनियादी विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई कर रहे 17-22 वर्ष के मेधावी छात्रों को प्रति वर्ष ₹80,000 की 12,000 स्कॉलरशिप प्रदान करती है।
- INSPIRE फेलोशिप उत्कृष्ट स्नातकों और INSPIRE स्कॉलर्स को पूर्णकालिक Ph.D. कार्यक्रम के माध्यम से शोध करने के लिए पांच वर्ष तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है (जूनियर रिसर्च फेलो के लिए ₹37,000/माह और सीनियर रिसर्च फेलो के लिए ₹42,000/माह)।
- INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं (27-32 वर्ष) को पांच वर्ष की फेलोशिप (₹1,25,000/माह) और ₹35 लाख का शोध अनुदान प्रदान करती है।
- कार्यक्रम ग्रामीण, दूर-दराज और आकांक्षी जिलों पर विशेष ध्यान देता है, जिसमें जागरूकता अभियान, वेबिनार और क्षमता विकास कार्यशालाओं के माध्यम से जानकारी का व्यापक प्रसार शामिल है।
- यह जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों और प्रतियोगिताओं (DLEPCs, SLEPCs और NLEPCs) का आयोजन करता है और IIT, NIT जैसे संस्थानों के सहयोग से मेंटरशिप कार्यक्रम चलाता है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| INSPIRE MANAK (मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) | 10-17 वर्ष के स्कूली विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। |
| उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE) | प्राकृतिक और बुनियादी विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई कर रहे 17-22 वर्ष के मेधावी विद्यार्थियों को प्रति वर्ष ₹80,000 की 12,000 स्कॉलरशिप प्रदान करता है। |
| INSPIRE फेलोशिप | उत्कृष्ट स्नातकों और INSPIRE स्कॉलर्स को पूर्णकालिक Ph.D. कार्यक्रम के माध्यम से शोध करने के लिए प्रोत्साहित करता है, 5 वर्ष तक वित्तीय सहायता प्रदान करता है। |
| INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप | उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ताओं (27-32 वर्ष) को 5 वर्ष की फेलोशिप (₹1,25,000 प्रति माह) और ₹35 लाख का शोध अनुदान प्रदान करता है। |
| ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान | देश भर के ग्रामीण, दूरदराज और आकांक्षी जिलों में कार्यक्रम की पहुँच और समावेश क्षमता का विस्तार करता है। |
| मेंटरशिप कार्यक्रम | IIT, NIT, IISER जैसे प्रमुख संस्थानों के सहयोग से प्रोटोटाइप विकास, नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है। |
महत्व
वैज्ञानिक और तकनीकी संवृद्धि
- यह कार्यक्रम युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देकर देश की वैज्ञानिक और तकनीकी संवृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
- यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आकर्षित करता है, जो भारत के अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करता है।
समावेशी विकास
- ग्रामीण, दूरदराज और आकांक्षी जिलों पर विशेष ध्यान देने से समाज के सभी वर्गों, विशेषकर वंचित पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं।
- यह क्षेत्रीय असमानताओं को कम करता है और देश के हर हिस्से से युवा वैज्ञानिक प्रतिभा को सशक्त बनाता है, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होता है।
मानव संसाधन विकास
- यह कार्यक्रम शैक्षणिक और अनुसंधान प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में वैज्ञानिक प्रतिभा को व्यवस्थित रूप से निखारता है, जिससे उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का एक पूल तैयार होता है।
- यह भारत को वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने के लिए आवश्यक मानव पूंजी प्रदान करता है।
नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना
- यह स्कूली विद्यार्थियों से लेकर पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ताओं तक नवाचार की पूरी श्रृंखला को समर्थन देता है, जिससे देश में एक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण होता है।
- जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से नए विचारों को पहचान और प्रोत्साहन मिलता है, जो जमीनी स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देता है।
चुनौतियाँ
1. जागरूकता और पहुँच
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यक्रम के बारे में जागरूकता का अभाव हो सकता है, जिससे पात्र विद्यार्थियों तक इसकी पहुँच सीमित हो सकती है।
- डिजिटल डिवाइड (digital divide) और इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी भी इन क्षेत्रों में जानकारी के प्रसार में बाधा डाल सकती है।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय: शिक्षा, मानव संसाधन
2. गुणवत्तापूर्ण मेंटरशिप और बुनियादी ढाँचा
- सभी चयनित विद्यार्थियों, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों से आने वालों को गुणवत्तापूर्ण मेंटरशिप और प्रोटोटाइप विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा प्रदान करना एक चुनौती हो सकता है।
- उत्कृष्ट संस्थानों की सीमित संख्या और भौगोलिक वितरण भी इस चुनौती को बढ़ाता है।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: नवाचार, अनुसंधान
3. फंडिंग और स्थिरता
- कार्यक्रम के विभिन्न घटकों के लिए निरंतर और पर्याप्त फंडिंग सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब लाभार्थियों की संख्या बढ़ रही हो।
- दीर्घकालिक स्थिरता के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र से समर्थन प्राप्त करना आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: अर्थव्यवस्था: सरकारी नीतियाँ, बजट
4. मूल्यांकन और प्रभाव आकलन
- कार्यक्रम के दीर्घकालिक प्रभाव का नियमित और कठोर मूल्यांकन करना आवश्यक है ताकि इसकी प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके और आवश्यक सुधार किए जा सकें।
- लाभार्थियों के करियर पथ और उनके वैज्ञानिक योगदान को ट्रैक करना एक चुनौती हो सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन: सरकारी योजनाओं का प्रदर्शन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| ग्रामीण पहुँच | दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यक्रम की जानकारी और लाभों के बारे में जागरूकता की कमी। |
| मेंटरशिप की गुणवत्ता | सभी लाभार्थियों के लिए समान रूप से उच्च-गुणवत्ता वाली मेंटरशिप और मार्गदर्शन सुनिश्चित करना। |
| बुनियादी ढाँचा | प्रोटोटाइप विकास और अनुसंधान के लिए आवश्यक प्रयोगशालाओं और उपकरणों की उपलब्धता। |
| वित्तीय संसाधन | कार्यक्रम के निरंतर संचालन और विस्तार के लिए पर्याप्त और स्थायी फंडिंग। |
| प्रतिभा पलायन | उच्च शिक्षा और शोध के बाद प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को देश में ही बनाए रखना। |
| मूल्यांकन तंत्र | कार्यक्रम के प्रभाव और परिणामों का सटीक और व्यापक मूल्यांकन करने के लिए मजबूत तंत्र का अभाव। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- INSPIRE कार्यक्रम
- INSPIRE MANAK
- उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE)
- INSPIRE फेलोशिप
- INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप
आगे की राह
- ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यक्रम की पहुँच बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषाओं में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएँ और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ-साथ पारंपरिक माध्यमों का भी उपयोग किया जाए।
- मेंटरशिप कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए अधिक संस्थानों और अनुभवी वैज्ञानिकों को शामिल किया जाए, और ऑनलाइन मेंटरशिप प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जाए।
- शोध और नवाचार के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे, जैसे प्रयोगशालाएँ और उपकरण, को आकांक्षी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों में विकसित किया जाए।
- कार्यक्रम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी वित्तीय मॉडल विकसित किए जाएँ, जिसमें कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को भी शामिल किया जा सके।
- कार्यक्रम के प्रभाव का नियमित और कठोर मूल्यांकन करने के लिए एक मजबूत निगरानी और मूल्यांकन ढाँचा स्थापित किया जाए, जिसमें लाभार्थियों के करियर पथ का भी पता लगाया जा सके।
- वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को और मजबूत किया जाए, जिससे शोध के परिणामों का व्यावसायीकरण हो सके।
- विज्ञान शिक्षा को प्रारंभिक स्तर से ही अधिक आकर्षक और अनुभवात्मक बनाने के लिए पाठ्यक्रम में सुधार किए जाएँ और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
INSPIRE कार्यक्रम · वैज्ञानिक प्रतिभा संवर्धन · नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग · अनुसंधान एवं विकास · STEM शिक्षा · ग्रामीण क्षेत्रों में विज्ञान · वैज्ञानिक सोच · राष्ट्रीय शिक्षा नीति · कौशल विकास · युवा वैज्ञानिक · समावेशी विकास
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 21A’, ‘note’: ‘शिक्षा का अधिकार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 46’, ‘note’: ‘कमजोर वर्गों के शैक्षिक हितों को बढ़ावा’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 51A (j)’, ‘note’: ‘वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना’}
अवधारणा प्रवाह
स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढ़ावा → प्राकृतिक विज्ञान में उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन → Ph.D. के माध्यम से अनुसंधान में सहायता → पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ताओं को फैकल्टी फेलोशिप → नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा → वैज्ञानिक सोच और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का सुदृढ़ीकरण → देश की वैज्ञानिक और तकनीकी संवृद्धि
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. INSPIRE कार्यक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. INSPIRE MANAK कार्यक्रम का उद्देश्य 10-17 वर्ष के आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थियों में नवाचार को बढ़ावा देना है।
2. ‘उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप’ (SHE) केवल प्राकृतिक विज्ञान में स्नातक कर रहे विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
3. INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ताओं को शोध अनुदान के साथ वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि INSPIRE MANAK 10-17 वर्ष के स्कूली विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। कथन 2 गलत है क्योंकि SHE प्राकृतिक और बुनियादी विज्ञान दोनों में स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की सहायता करती है। कथन 3 सही है क्योंकि INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टरल शोधकर्ताओं को वित्तीय सहायता और शोध अनुदान प्रदान करती है।
Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा/से INSPIRE कार्यक्रम का/के घटक है/हैं?
1. INSPIRE MANAK
2. उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE)
3. INSPIRE फेलोशिप
4. INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2, 3 और 4
- केवल 1, 3 और 4
- 1, 2, 3 और 4
उत्तर: 1, 2, 3 और 4 — INSPIRE कार्यक्रम के चार प्रमुख घटक हैं: INSPIRE MANAK, उच्च शिक्षा के लिए INSPIRE स्कॉलरशिप (SHE), INSPIRE फेलोशिप और INSPIRE फैकल्टी फेलोशिप। अतः सभी विकल्प सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने में ‘इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च’ (INSPIRE) कार्यक्रम की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वैज्ञानिक प्रतिभा को निखारने में इसकी सफलता का भी मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** INSPIRE कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय, इसके उद्देश्य और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science & Technology) की पहल के रूप में इसकी स्थिति।
2. **INSPIRE कार्यक्रम की भूमिका:**
* **चार प्रमुख घटक:** MANAK, SHE, फेलोशिप और फैकल्टी फेलोशिप का उल्लेख करते हुए उनके विशिष्ट उद्देश्यों और लक्षित आयु समूहों का वर्णन।
* **वैज्ञानिक प्रतिभा का पोषण:** स्कूली स्तर से लेकर पोस्ट-डॉक्टरल शोध तक वैज्ञानिक करियर पथ में विभिन्न चरणों में सहायता।
* **नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा:** मौलिक विचारों और प्रोटोटाइप विकास के लिए प्रोत्साहन।
* **वित्तीय सहायता:** छात्रवृत्ति, फेलोशिप और शोध अनुदान के माध्यम से आर्थिक बाधाओं को कम करना।
3. **ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सफलता का मूल्यांकन:**
* **पहुँच और समावेशिता:** ग्रामीण, दूरदराज और आकांक्षी जिलों पर विशेष ध्यान।
* **विस्तार के उपाय:** राज्य शिक्षा विभागों, जिला शिक्षा अधिकारियों, स्कूलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जानकारी का प्रसार।
* **क्षमता निर्माण:** शिक्षकों और स्कूल अधिकारियों के लिए जागरूकता अभियान, ओरिएंटेशन प्रोग्राम, वेबिनार और कार्यशालाएँ।
* **प्रतियोगिताएँ और प्रदर्शनियाँ:** जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों (DLEPCs, SLEPCs, NLEPCs) का आयोजन।
* **मेंटरशिप कार्यक्रम:** IIT, NIT, IISER जैसे संस्थानों के सहयोग से मार्गदर्शन।
* **प्रभाव:** ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक विद्यार्थियों को नवाचार अनुदान, मेंटरिंग सपोर्ट और राष्ट्रीय मंचों पर अवसर मिलना।
4. **चुनौतियाँ और सुधार के क्षेत्र (समालोचनात्मक पक्ष):**
* कार्यक्रम की पहुँच और प्रभावशीलता में संभावित अंतराल।
* गुणवत्ता बनाए रखने और वास्तविक नवाचार को बढ़ावा देने की चुनौती।
* निगरानी और मूल्यांकन तंत्र को मजबूत करना।
5. **निष्कर्ष:** भारत के वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और युवा प्रतिभाओं को विज्ञान की ओर आकर्षित करने में INSPIRE के महत्व को दोहराते हुए एक संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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