विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना: UPSC-State PCS के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना — concept mind map

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना: UPSC-State PCS के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

✎ विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का लक्ष्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से विकेन्द्रीकृत भंडारण अवसंरचना का निर्माण कर ग्रामीण स्तर पर खाद्यान्न भंडारण क्षमता को बढ़ाना और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में…

अन्न भंडारण योजनाPACSग्रामीण गोदामकृषि ऋणविकेन्द्रीकृत गोदामराज्यों में निर्माणWDRA मानकPDSसार्वजनिक वितरणखाद्य सुरक्षा
अन्न भंडारण योजना

विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper III — अर्थव्यवस्था  |  GS Paper III — कृषि  |  GS Paper II — शासन
  • Prelims: विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना, प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS), भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA), इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR), कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना, सहकारिता मंत्रालय
  • Essay: भारत में कृषि क्षेत्र का आधुनिकीकरण और किसानों की आय दोगुनी करना, सहकारी संघवाद और ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका

त्वरित पुनरावृत्ति: विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का लक्ष्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के माध्यम से विकेन्द्रीकृत भंडारण अवसंरचना का निर्माण कर ग्रामीण स्तर पर खाद्यान्न भंडारण क्षमता को बढ़ाना और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करना है।

यह खबर चर्चा में क्यों?

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। इस योजना का उद्देश्य देश में कृषि उपज के भंडारण के लिए विकेन्द्रीकृत अवसंरचना का निर्माण करना है, जिसमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की महत्वपूर्ण भूमिका है। बिहार, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी प्रगति और कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

पृष्ठभूमि

  • भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि के बावजूद भंडारण क्षमता की कमी एक बड़ी चुनौती रही है।
  • अनाज के उचित भंडारण के अभाव में कटाई के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, जिससे किसानों को आर्थिक हानि होती है और खाद्य सुरक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • इस समस्या के समाधान हेतु, भारत सरकार ने सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना’ शुरू की है।
  • यह योजना विकेन्द्रीकृत भंडारण अवसंरचना के निर्माण पर केंद्रित है, जिसमें प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को शामिल किया गया है, ताकि ग्रामीण स्तर पर भंडारण क्षमता बढ़ाई जा सके।
  • इसका लक्ष्य न केवल भंडारण क्षमता को बढ़ाना है, बल्कि किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में भी मदद करना है।
  • योजना के तहत गोदामों के निर्माण में तकनीकी मानकों और भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के विनिर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाता है।

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना क्या है?

  • यह योजना भारत सरकार द्वारा देश में कृषि उपज के भंडारण के लिए एक मजबूत, विकेन्द्रीकृत अवसंरचना तंत्र बनाने हेतु शुरू की गई है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को गोदामों, कस्टम हायरिंग सेंटरों और उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) के निर्माण और संचालन के लिए सशक्त बनाना है।
  • योजना के तहत निर्मित भंडारण अवसंरचना को भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के निर्धारित तकनीकी मानकों और विनिर्देशों के अनुरूप बनाया जाता है।
  • पात्र सहकारी समितियाँ, जिनमें PACS भी शामिल हैं, अपनी स्वामित्व वाली या पट्टे पर उपलब्ध भूमि पर अवसंरचना स्थापित कर सकती हैं, जिसमें राज्य सरकारें सहयोग करती हैं।
  • योजना के अंतर्गत निर्मित गोदामों का WDRA के साथ पंजीकरण कराया जाता है, जिससे वे इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR) प्रणाली का लाभ उठा सकें।
  • e-NWR प्रणाली किसानों को अपनी उपज के बदले ऋण प्राप्त करने और बेहतर मूल्य पर उपज बेचने में सुविधा प्रदान करती है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है।
  • कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के तहत सहकारी भंडारण इकाइयों के समर्थन हेतु वित्तीय सहायता (सब्सिडी) भी प्रदान की जाती है।
  • यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, कटाई के बाद के नुकसान को कम करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल।
विकेन्द्रीकृत भंडारण प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) और अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर भंडारण क्षमता का निर्माण, जिससे किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य मिल सके।
बहु-आयामी अवसंरचना गोदामों के साथ-साथ कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centres) और उचित मूल्य की दुकानों (Fair Price Shops) का निर्माण/संचालन, जो कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करता है।
तकनीकी मानक और WDRA पंजीकरण सभी भंडारण अवसंरचनाओं का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के विनिर्देशों के अनुरूप, गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करता है। WDRA के साथ पंजीकरण से इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR) प्रणाली का लाभ मिलता है।
राज्य सरकारों का सहयोग भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने में राज्य सरकारों की भूमिका, जिससे योजना के कार्यान्वयन में सुगमता आती है।

महत्व

आर्थिक महत्व

  • कृषि उपज के भंडारण से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (post-harvest losses) में कमी आएगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • किसानों को अपनी उपज को बेहतर मूल्य मिलने तक रोकने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें बिचौलियों के शोषण से मुक्ति मिलेगी।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा क्योंकि भंडारण अवसंरचना के निर्माण और संचालन से रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

खाद्य सुरक्षा और प्रबंधन

  • देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, खासकर आपदाओं या आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के समय।
  • खाद्यान्न के कुशल वितरण और भंडारण से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सुदृढ़ किया जा सकेगा।
  • विकेन्द्रीकृत भंडारण से खाद्यान्न की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बनी रहेगी, जिससे परिवहन लागत और समय की बचत होगी।

सहकारी संघवाद और संस्थागत सुदृढ़ीकरण

  • सहकारी समितियों, विशेषकर PACS को सशक्त करेगा, जिससे वे कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
  • केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जैसा कि भूमि उपलब्धता में राज्य सरकारों की भूमिका से स्पष्ट है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक कृषि अवसंरचना के विकास में सहकारी मॉडल की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करेगा।

चुनौतियाँ

1. भूमि अधिग्रहण और उपलब्धता

  • सहकारी समितियों के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान और अधिग्रहण एक चुनौती हो सकती है, खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में।
  • राज्य सरकारों द्वारा सहयोग के बावजूद, भूमि संबंधी विवाद या विलंब परियोजना की गति को प्रभावित कर सकते हैं।

2. वित्तीय व्यवहार्यता और सब्सिडी प्रबंधन

  • सभी पात्र सहकारी समितियों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता और सब्सिडी का समय पर वितरण सुनिश्चित करना।
  • छोटे और सीमांत किसानों के लिए भंडारण सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने हेतु वित्तीय मॉडल को व्यवहार्य बनाना।

3. तकनीकी क्षमता और मानव संसाधन

  • WDRA मानकों के अनुरूप गोदामों के निर्माण और संचालन के लिए तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता।
  • e-NWR प्रणाली का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए PACS सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान करना।

4. समन्वय और निगरानी

  • केंद्र, राज्य सरकारों और विभिन्न सहकारी निकायों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना।
  • परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोगिता की नियमित निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली स्थापित करना।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
अधिशेष भंडारण क्षमता वाले राज्य कुछ राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश) में पहले से ही अधिशेष भंडारण क्षमता है, जिससे वे इस योजना में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले रहे हैं, जो योजना के अखिल भारतीय कवरेज को प्रभावित कर सकता है।
सब्सिडी का असमान वितरण कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के तहत कुछ राज्यों (जैसे आंध्र प्रदेश) को कोई सब्सिडी जारी नहीं की गई है, जिससे इन राज्यों में सहकारी भंडारण इकाइयों के विकास में बाधा आ सकती है।
परियोजना कार्यान्वयन की गति कुछ राज्यों में स्वीकृत परियोजनाओं की तुलना में निर्मित गोदामों की संख्या कम है (जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश), जो योजना के धीमी गति से कार्यान्वयन का संकेत देता है।
WDRA पंजीकरण और e-NWR का उपयोग पात्र PACS और अन्य सहकारी समितियों का WDRA के साथ पंजीकरण सुनिश्चित करना और उन्हें e-NWR प्रणाली का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करना एक सतत प्रयास है, जिसमें चुनौतियां आ सकती हैं।

सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें

  • विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना
  • कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना

आगे की राह

  • योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए राज्य सरकारों के साथ सक्रिय समन्वय और प्रोत्साहन तंत्र स्थापित करना।
  • उन राज्यों की विशिष्ट आवश्यकताओं का आकलन करना जिनमें अधिशेष भंडारण क्षमता है, और उन्हें योजना में भाग लेने के लिए वैकल्पिक मॉडल या प्रोत्साहन प्रदान करना।
  • सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना, यह सुनिश्चित करते हुए कि सभी पात्र राज्यों और सहकारी समितियों को समय पर वित्तीय सहायता मिले।
  • PACS और अन्य सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना, विशेषकर WDRA मानकों और e-NWR प्रणाली के उपयोग पर।
  • निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक मजबूत तंत्र स्थापित करना, जिसमें परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण और लाभार्थियों पर प्रभाव का नियमित आकलन शामिल हो।
  • निजी क्षेत्र की भागीदारी और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की संभावनाओं का पता लगाना ताकि भंडारण अवसंरचना के निर्माण और प्रबंधन में तेजी लाई जा सके।
  • लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में सुधार के लिए डिजिटल तकनीकों और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करना, जिससे खाद्यान्न की बर्बादी कम हो और वितरण दक्षता बढ़े।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना · सहकारिता मंत्रालय · प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) · कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना · भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) · विकेन्द्रीकृत भंडारण · खाद्य सुरक्षा · किसानों की आय · ग्रामीण अर्थव्यवस्था · ई-वेयरहाउस रसीद (e-NWR)

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘अनुच्छेद 43B’: ‘सहकारी समितियों के संवर्धन’}

अवधारणा प्रवाह

किसानों की उपज का कटाई के बाद नुकसान  →  भंडारण क्षमता की कमी और बिचौलियों पर निर्भरता  →  विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का शुभारंभ  →  PACS और सहकारी समितियों द्वारा विकेन्द्रीकृत गोदामों का निर्माण  →  किसानों को बेहतर मूल्य, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का उद्देश्य देश में कृषि उपज के भंडारण के लिए विकेन्द्रीकृत अवसंरचना का निर्माण करना है।
2. प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) इस योजना के तहत गोदाम, कस्टम हायरिंग सेंटर और उचित मूल्य की दुकानें स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
3. भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) इस योजना के तहत निर्मित गोदामों के पंजीकरण और तकनीकी मानकों को सुनिश्चित करता है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है क्योंकि योजना का मुख्य उद्देश्य विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता का निर्माण करना है। कथन 2 सही है क्योंकि PACS इस योजना के प्रमुख कार्यान्वयन निकाय हैं। कथन 3 सही है क्योंकि WDRA भंडारण अवसंरचना के तकनीकी मानकों और पंजीकरण के लिए जिम्मेदार है, जिसमें e-NWR प्रणाली का लाभ भी शामिल है।

Q2. विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. यह योजना सहकारिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
  2. प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) केवल अपनी स्वामित्व वाली भूमि पर ही अवसंरचना स्थापित कर सकती हैं।
  3. कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के तहत सहकारी भंडारण इकाइयों को सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  4. भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) की e-NWR प्रणाली का लाभ इस योजना के तहत निर्मित गोदाम भी उठा सकते हैं।

उत्तर: प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) केवल अपनी स्वामित्व वाली भूमि पर ही अवसंरचना स्थापित कर सकती हैं। — विकल्प B सही नहीं है। योजना के तहत पात्र सहकारी समितियां, जिनमें PACS भी शामिल हैं, अपनी स्वामित्व वाली भूमि अथवा पट्टे (लीज़) पर उपलब्ध भूमि पर अवसंरचना की स्थापना कर सकती हैं। अन्य सभी कथन सही हैं।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के उद्देश्यों और प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा करें। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने में किस प्रकार सहायक हो सकती है? (15 Marks)

रूपरेखा: परिचय: विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना का संक्षिप्त परिचय दें और इसके कार्यान्वयन में सहकारिता मंत्रालय की भूमिका का उल्लेख करें।

उद्देश्य: योजना के मुख्य उद्देश्यों को विस्तार से बताएं, जैसे कि विकेन्द्रीकृत भंडारण क्षमता का निर्माण, फसल कटाई के बाद के नुकसान को कम करना, किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।

प्रमुख विशेषताएं: योजना की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें:
1. प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) की केंद्रीय भूमिका।
2. गोदामों, कस्टम हायरिंग सेंटरों और उचित मूल्य की दुकानों का निर्माण।
3. कृषि विपणन अवसंरचना (AMI) योजना के तहत वित्तीय सहायता/सब्सिडी।
4. भांडागारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (WDRA) के मानकों और पंजीकरण का अनुपालन।
5. इलेक्ट्रॉनिक वेयरहाउस रसीद (e-NWR) प्रणाली का उपयोग।
6. भूमि की उपलब्धता (स्वामित्व या पट्टे पर)।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव:
1. ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसानों की आय में वृद्धि, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि उपज के बेहतर विपणन से ग्रामीण समृद्धि।
2. खाद्य सुरक्षा: अनाज की बर्बादी में कमी, बफर स्टॉक का प्रभावी प्रबंधन, दूरदराज के क्षेत्रों तक अनाज की पहुंच सुनिश्चित करना, आपदा प्रबंधन में सहायता।

चुनौतियां (संक्षिप्त): कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियां, जैसे भूमि अधिग्रहण, तकनीकी क्षमता का निर्माण, जागरूकता का अभाव।

निष्कर्ष: योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संतुलित और सकारात्मक निष्कर्ष दें, जिसमें इसके दीर्घकालिक लाभों पर जोर दिया गया हो।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

No Comments

Post A Comment