07 Aug लोकसभा ने एमएसएमई बिल पास किया, भुगतान देरी और विवादों में तेजी लाने का प्रयास

✎ एमएसएमई बिल 2024 द्वारा भुगतान देरी और विवादों के तेज निपटारे से उद्योगों को राहत मिलेगी।
प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Polity
**लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई विधेयक: भुगतान विलंब और विवादों के निपटारे में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम**
हाल ही में लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विधेयक, 2024 देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण सुधार है। यह विधेयक मुख्य रूप से उन भुगतान विलंबों और विवादों से निपटने के लिए लाया गया है, जो एमएसएमई क्षेत्र की विकास गति में बाधा उत्पन्न करते रहे हैं। विधेयक के तहत, बड़े उद्यमों द्वारा छोटे उद्यमों को भुगतान में देरी होने पर ब्याज सहित दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं, जिससे बड़े उद्यमों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और वे समय पर भुगतान करने के लिए बाध्य होंगे। इसके अतिरिक्त, विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष न्यायाधिकरणों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिससे एमएसएमई उद्यमियों को न्याय मिलने में लगने वाला समय कम होगा।
यह विधेयक एमएसएमई क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जो देश की अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन और निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एमएसएमई क्षेत्र में लगे उद्यमों को अक्सर बड़े उद्यमों द्वारा अनुचित भुगतान विलंब का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके कार्यशील पूंजी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विधेयक के माध्यम से सरकार ने इस मुद्दे को संबोधित करते हुए कानूनी ढांचे को और मजबूत करने का प्रयास किया है। इससे न केवल एमएसएमई क्षेत्र को राहत मिलेगी, बल्कि देश की समग्र आर्थिक वृद्धि में भी योगदान होगा।
इस विधेयक का महत्व केवल नीति निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध भारतीय संविधान के नीति निदेशक सिद्धांतों से भी है। अनुच्छेद 43 में वर्णित “काम करने के उचित एवं मानवोचित दशाओं तथा उद्योग के संरक्षण” के अधिकार को सुनिश्चित करने की दिशा में यह विधेयक एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अतिरिक
स्रोत: ndtv.com
अभ्यास प्रश्न
Q1. लोकसभा द्वारा पारित एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- एमएसएमई क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना
- एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना
- एमएसएमई क्षेत्र में करों में छूट प्रदान करना
- एमएसएमई क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देना
उत्तर
एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना — एमएसएमई बिल का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में भुगतान में देरी और विवादों के निपटारे में तेजी लाना है, ताकि छोटे उद्यमियों को समय पर भुगतान मिल सके और उनके व्यवसाय में सुधार हो सके।
Q2. एमएसएमई बिल के अनुसार, विवादों के निपटारे के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
- विवादों का निपटारा केवल न्यायालयों के माध्यम से किया जाएगा
- विवादों का निपटारा विशेष न्यायाधिकरणों के माध्यम से किया जाएगा
- विवादों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा
- विवादों का निपटारा सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा
उत्तर
विवादों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा — एमएसएमई बिल के अनुसार, विवादों के निपटारे के लिए विशेष न्यायाधिकरणों (MSME Facilitation Council) की स्थापना की गई है, जो विवादों को शीघ्रता से सुलझाने में मदद करेंगे।
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