09 Aug कर्नाटक में अमृत भारत स्टेशन योजना: केवल 12 स्टेशनों पर पूरा हुआ काम, जानिए पूरा हाल

✎ अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य भारतीय रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन कर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ प्रदान करना है, किंतु इसके कार्यान्वयन की गति अपेक्षा से धीमी है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष | GS Paper III — आधारभूत संरचना (रेलवे)
- Prelims: अमृत भारत स्टेशन योजना, रेल मंत्रालय, बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ, सार्वजनिक जवाबदेही, संसद में प्रश्नकाल, रेलवे आधुनिकीकरण
- Essay: भारत में आधारभूत संरचना का विकास: चुनौतियाँ और समाधान, सुशासन और सार्वजनिक परियोजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
त्वरित पुनरावृत्ति: अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य भारतीय रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन कर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ प्रदान करना है, किंतु इसके कार्यान्वयन की गति अपेक्षा से धीमी है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी सामने आई है कि अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme) के तहत देश भर में चिन्हित 1,340 रेलवे स्टेशनों में से केवल 261 स्टेशनों पर ही काम पूरा हो पाया है। कर्नाटक में चिन्हित 61 स्टेशनों में से केवल 12 स्टेशनों पर ही कार्य पूर्ण हुआ है। यह आँकड़ा योजना की धीमी प्रगति और कार्यान्वयन में आ रही चुनौतियों को दर्शाता है, जबकि इस योजना की घोषणा दिसंबर 2022 में की गई थी।
पृष्ठभूमि
- भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा है और प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा प्रदान करती है।
- रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तथा रेलवे को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने हेतु आवश्यक है।
- विगत वर्षों में, केंद्र सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढाँचे के विकास और आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है।
- अमृत भारत स्टेशन योजना इसी दिशा में उठाया गया एक महत्त्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य देश भर के रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना है।
- संसद में सार्वजनिक परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा और प्रश्न पूछना संसदीय लोकतंत्र का एक अभिन्न अंग है, जो सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
- परियोजनाओं के धीमे कार्यान्वयन से लागत में वृद्धि और सार्वजनिक धन के अक्षम उपयोग जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना क्या है?
- अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे द्वारा दिसंबर 2022 में शुरू की गई एक महत्त्वाकांक्षी योजना है।
- इसका मुख्य उद्देश्य देश भर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ और अनुभव मिल सके।
- इस योजना के तहत दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ स्टेशनों पर सुविधाओं में सुधार किया जाएगा, जिसमें स्टेशन पहुँच, सर्कुलेटिंग एरिया, वेटिंग हॉल, शौचालय, लिफ्ट/एस्केलेटर, स्वच्छता, मुफ्त वाई-फाई जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
- योजना में ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (One Station One Product) जैसी अवधारणाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।
- यह योजना भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान तैयार करने और उसके चरणबद्ध कार्यान्वयन पर आधारित है।
- योजना का लक्ष्य स्टेशनों को शहर के केंद्र के रूप में विकसित करना है, जिससे शहरी विकास में भी योगदान मिल सके।
- इसमें स्टेशन भवनों का सुधार, प्लेटफॉर्मों का उन्नयन और यात्रियों के लिए बेहतर सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| योजना का लक्ष्य | देश भर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना। |
| परियोजना का दायरा | 1340 स्टेशनों की पहचान की गई, जिनमें से कर्नाटक में 61 स्टेशन शामिल हैं। |
| पूर्णता की स्थिति (अगस्त 2026 तक) | देश भर में केवल 261 स्टेशन (लगभग 19%) और कर्नाटक में 12 स्टेशन पूर्ण। |
| कार्यान्वयन की गति | निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में धीमी प्रगति। |
| पारदर्शिता का अभाव | परियोजना लागत, अनुबंध की तारीखों और वर्ष-वार प्रगति जैसे विवरणों का खुलासा नहीं। |
महत्व
बुनियादी ढाँचा विकास
- आधुनिक रेलवे स्टेशन बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलती है।
- उन्नत रेलवे अवसंरचना (Infrastructure) आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करती है।
शासन और जवाबदेही
- परियोजनाओं के धीमे कार्यान्वयन से सार्वजनिक धन के उपयोग पर प्रश्नचिह्न लगता है।
- पारदर्शिता की कमी से संसद और जनता के लिए योजना के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना कठिन हो जाता है, जिससे जवाबदेही प्रभावित होती है।
क्षेत्रीय असमानताएँ
- कुछ राज्यों में धीमी प्रगति से विकास में क्षेत्रीय असमानताएँ बढ़ सकती हैं।
- परियोजनाओं का समय पर पूरा न होना उन क्षेत्रों के विकास को बाधित करता है जहाँ इन स्टेशनों का उन्नयन प्रस्तावित है।
चुनौतियाँ
1. धीमा कार्यान्वयन
- योजना की घोषणा दिसंबर 2022 में हुई थी, लेकिन साढ़े तीन साल बाद भी केवल 19% काम पूरा हुआ है।
- परियोजनाओं के पूरा होने में देरी से लागत में वृद्धि और अपेक्षित लाभों में विलंब हो सकता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, विकास प्रक्रियाएँ, सरकारी नीतियाँ
2. पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव
- रेल मंत्रालय ने स्टेशन-वार परियोजना लागत, अनुबंध पुरस्कार की तारीखें और वर्ष-वार प्रगति जैसे महत्वपूर्ण विवरण प्रदान नहीं किए हैं।
- जानकारी की कमी से योजना के कार्यान्वयन और प्रदर्शन का स्वतंत्र मूल्यांकन करना मुश्किल हो जाता है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
3. संसाधनों का इष्टतम उपयोग
- परियोजनाओं के धीमे कार्यान्वयन से सार्वजनिक संसाधनों का अक्षम उपयोग होता है।
- घोषणाओं और शिलान्यास समारोहों के बावजूद वास्तविक प्रगति का अभाव चिंता का विषय है।
यूपीएससी लिंक: सरकारी बजट, संसाधन जुटाना
4. योजना और समन्वय
- बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए प्रभावी योजना और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण है, जिसकी कमी दिख रही है।
- कार्यान्वयन में बाधाएँ परियोजना प्रबंधन में संभावित कमियों का संकेत देती हैं।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा, परियोजना प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| परियोजना पूर्णता दर | साढ़े तीन साल में केवल 19% स्टेशनों का काम पूरा होना। |
| कर्नाटक में प्रगति | 61 में से केवल 12 स्टेशनों का काम पूरा। |
| सूचना का खुलासा | परियोजना लागत, अनुबंध और प्रगति विवरण का खुलासा नहीं। |
| सार्वजनिक अपेक्षाएँ | बार-बार की घोषणाओं और शिलान्यास के बावजूद धीमी प्रगति से जनता में निराशा। |
| जवाबदेही | संसद और जनता के लिए योजना के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में कठिनाई। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- अमृत भारत स्टेशन योजना (Amrit Bharat Station Scheme)
आगे की राह
- परियोजना कार्यान्वयन की गति में तेजी लाना और निर्धारित समय-सीमा का पालन करना।
- योजना के तहत सभी परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और समय-सीमा सार्वजनिक करना।
- परियोजना लागत, अनुबंध पुरस्कार की तारीखों और वर्ष-वार प्रगति सहित सभी प्रासंगिक जानकारी में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं की पहचान करना और उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी उपाय करना।
- नियमित निगरानी और मूल्यांकन तंत्र स्थापित करना ताकि परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया जा सके।
- राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना ताकि भूमि अधिग्रहण और अन्य स्थानीय मुद्दों को समय पर हल किया जा सके।
- जवाबदेही तय करने के लिए एक मजबूत ढाँचा विकसित करना, जिसमें देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जा सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
अमृत भारत स्टेशन योजना · रेलवे अवसंरचना विकास · परियोजना कार्यान्वयन में देरी · जवाबदेही और पारदर्शिता · सार्वजनिक परियोजना प्रबंधन · बुनियादी ढाँचा आधुनिकीकरण · संसद में प्रश्नकाल · राज्यों में विकास परियोजनाएँ · रेल मंत्रालय की पहल · समयबद्ध परियोजना पूर्णता
अवधारणा प्रवाह
अमृत भारत स्टेशन योजना की घोषणा → स्टेशनों की पहचान और शिलान्यास → धीमी कार्यान्वयन गति और कम पूर्णता दर → संसद में पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रश्न → सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और विकास पर प्रभाव
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. अमृत भारत स्टेशन योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना का उद्देश्य देश भर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है।
2. यह योजना दिसंबर 2022 में शुरू की गई थी।
3. योजना के तहत केवल बड़े मेट्रो शहरों के स्टेशनों को ही शामिल किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 और 2 सही हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देश भर में रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और उन्नयन करना है, और इसे दिसंबर 2022 में शुरू किया गया था। कथन 3 गलत है क्योंकि इस योजना में विभिन्न श्रेणियों के स्टेशन शामिल हैं, न कि केवल बड़े मेट्रो शहरों के स्टेशन।
Q2. अभिकथन (A): सार्वजनिक परियोजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
कारण (R): यह सुनिश्चित करता है कि परियोजनाएँ समय पर और आवंटित बजट के भीतर पूरी हों, जिससे जनता के धन का उचित उपयोग हो सके।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं। सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही से ही यह सुनिश्चित होता है कि परियोजनाएँ समय पर और बजट के भीतर पूरी हों, जिससे सार्वजनिक धन का सदुपयोग हो सके। इसलिए, कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ अमृत भारत स्टेशन योजना जैसी महत्वाकांक्षी सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी के प्रमुख कारणों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना: परिचय में अमृत भारत स्टेशन योजना का संक्षिप्त उल्लेख करें। पहले भाग में, कार्यान्वयन में देरी के कारणों का समालोचनात्मक परीक्षण करें, जिसमें नौकरशाही बाधाएँ, भूमि अधिग्रहण के मुद्दे, धन का अपर्याप्त प्रवाह, ठेकेदारों की अक्षमता, समन्वय की कमी और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसे बिंदु शामिल हों। दूसरे भाग में, इन चुनौतियों से निपटने के लिए ठोस उपाय सुझाएँ, जैसे कि परियोजना प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का उपयोग, निगरानी और मूल्यांकन तंत्र को मजबूत करना, जवाबदेही तय करना, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) को बढ़ावा देना, और पारदर्शिता सुनिश्चित करना। निष्कर्ष में, समयबद्ध परियोजना पूर्णता के महत्व पर जोर दें।
स्रोत: The Hindu
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