13 Aug न्यूयॉर्क में युवाओं ने AI मानकों के लिए लॉन्च किया अभियान, जानिए कैसे होगा भविष्य तय
Youth advocatesAI standardsUN HeadquartersYouth Declaration✎ संयुक्त राष्ट्र में युवाओं ने 'युवा-नेतृत्व AI नीति और शासन घोषणा' के माध्यम से समावेशी और नैतिक AI मानकों को आकार देने की पहल की है, जो वैश्विक डिजिटल कॉम्पैक्ट को प्रभावित करेगी और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक…
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध: संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संस्थाओं की भूमिका, विकासशील देशों के हित | GS Paper II — शासन, संविधान और राजव्यवस्था: नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी, डिजिटल शासन | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोग और नैतिक मुद्दे
- Prelims: अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस, संयुक्त राष्ट्र (UN), सतत विकास लक्ष्य (SDGs), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट, युवा-नेतृत्व AI नीति और शासन घोषणा
- Essay: कृत्रिम बुद्धिमत्ता का भविष्य: अवसर, चुनौतियाँ और समावेशी शासन की आवश्यकता, वैश्विक नीति निर्माण में युवाओं की भूमिका: एक आवश्यक आयाम
त्वरित पुनरावृत्ति: संयुक्त राष्ट्र में युवाओं ने ‘युवा-नेतृत्व AI नीति और शासन घोषणा’ के माध्यम से समावेशी और नैतिक AI मानकों को आकार देने की पहल की है, जो वैश्विक डिजिटल कॉम्पैक्ट को प्रभावित करेगी और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होगी।
यह खबर चर्चा में क्यों?
हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय, न्यूयॉर्क में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day) के अवसर पर ‘युवा और AI शिखर सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इस शिखर सम्मेलन में 600 से अधिक युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) के लिए नए मानकों को लॉन्च करने हेतु ‘युवा-नेतृत्व AI नीति और शासन घोषणा’ (Youth-led Declaration on AI Policy and Governance) प्रस्तुत की। यह पहल वैश्विक AI शासन को आकार देने और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) को प्राप्त करने में AI की भूमिका पर केंद्रित है।
पृष्ठभूमि
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तेजी से शिक्षा, रोजगार और समाज के अन्य पहलुओं को बदल रही है, जिसमें बच्चे वयस्कों की तुलना में तीन गुना तेजी से इस तकनीक को अपना रहे हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस प्रतिवर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य वैश्विक समाज में युवाओं की क्षमता को भागीदार के रूप में पहचानना है।
- संयुक्त राष्ट्र ने AI शासन पर निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में युवाओं की आवाज़ को एकीकृत करने के लिए पहले भी कई प्रयास किए हैं, जिनमें AI शासन पर वैश्विक संवाद (Global Dialogue on AI Governance) और अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International Telecommunication Union – ITU) के महासचिव का युवा सलाहकार बोर्ड शामिल हैं।
- विकासशील देशों को AI संक्रमण में पीछे न छूटने देने और बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, कौशल, वित्त और ज्ञान तक पहुंच सुनिश्चित करने पर भी शिखर सम्मेलन में चर्चा हुई।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और इसका शासन क्या है?
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कंप्यूटर विज्ञान का एक क्षेत्र है जो मशीनों को मानव जैसी बुद्धिमत्ता प्रदर्शित करने में सक्षम बनाता है, जैसे सीखना, समस्या-समाधान और निर्णय लेना।
- AI शासन (AI Governance) उन नीतियों, नियमों, मानकों और प्रक्रियाओं के समूह को संदर्भित करता है जो AI प्रणालियों के विकास, तैनाती और उपयोग को निर्देशित करते हैं।
- इसका उद्देश्य AI के नैतिक, सामाजिक, आर्थिक और कानूनी निहितार्थों को संबोधित करना है, यह सुनिश्चित करना कि यह मानव-केंद्रित और समाज के लिए लाभकारी हो।
- AI शासन के प्रमुख सिद्धांतों में पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता, सुरक्षा, गोपनीयता और मानवाधिकारों का सम्मान शामिल है।
- वैश्विक डिजिटल कॉम्पैक्ट (Global Digital Compact) संयुक्त राष्ट्र की एक पहल है जिसका उद्देश्य एक खुला, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सरकारों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज के बीच साझा सिद्धांतों और प्रतिबद्धताओं को स्थापित करना है।
- युवा-नेतृत्व AI नीति और शासन घोषणा (Youth-led Declaration on AI Policy and Governance) युवाओं द्वारा AI के विकास और उपयोग के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत करती है, जिसमें उनकी अनूठी आवश्यकताओं और दृष्टिकोणों को शामिल किया गया है।
- यह घोषणा भविष्य के संयुक्त राष्ट्र-नेतृत्व वाले AI शासन प्रयासों, विशेष रूप से ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट को सूचित करने का कार्य करेगी।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| युवा-नेतृत्व वाला घोषणापत्र | वैश्विक AI शासन (Global AI Governance) को आकार देने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है। |
| अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस | युवाओं की क्षमता को वैश्विक समाज में भागीदार के रूप में पहचानने और उनका सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है। |
| समावेशी AI विकास | यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करता है कि विकासशील देश AI क्रांति में पीछे न छूटें। |
| SDGs के साथ AI का एकीकरण | कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals – SDGs) की प्राप्ति में सहायता के लिए करना। |
| अर्थपूर्ण युवा भागीदारी | AI नीति निर्माण की शुरुआती अवस्था से ही युवाओं को शामिल करना, न कि केवल प्रतीकात्मक परामर्श। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- यह पहल AI के विकास और शासन में युवाओं की आवाज़ को केंद्रीय भूमिका में लाती है, जो इस तकनीक के दीर्घकालिक प्रभावों के सबसे बड़े हितधारक हैं।
- यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि AI समाज में असमानताओं को कम करने में सहायक हो, न कि उन्हें बढ़ाने में।
तकनीकी शासन
- यह वैश्विक डिजिटल कॉम्पैक्ट (Global Digital Compact) और अन्य संयुक्त राष्ट्र-नेतृत्व वाले AI शासन प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
- यह AI मानकों के निर्माण में बहु-हितधारक दृष्टिकोण (multi-stakeholder approach) को बढ़ावा देता है, जिसमें सरकारें, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज शामिल हैं।
विकासशील देशों के लिए
- यह सुनिश्चित करने पर जोर देता है कि AI के लाभ केवल कुछ उच्च-आय वाले देशों तक सीमित न रहें, बल्कि विकासशील देशों को भी बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता और कौशल तक पहुंच मिले।
- यह तकनीकी प्रगति को मानवीय प्रगति में बदलने के लिए आवश्यक संसाधनों और ज्ञान के समान वितरण की वकालत करता है।
चुनौतियाँ
1. समावेशी AI विकास का अभाव
- AI का विकास मुख्य रूप से कुछ बड़ी कंपनियों द्वारा नियंत्रित है जो उच्च-आय वाले देशों में स्थित हैं।
- विकासशील देशों के पास आवश्यक बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, कौशल, वित्त और ज्ञान की कमी है, जिससे वे AI क्रांति में पीछे छूट सकते हैं।
यूपीएससी लिंक: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – सूचना प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर
2. युवाओं की प्रतीकात्मक भागीदारी
- अक्सर युवाओं को AI से संबंधित वार्ताओं में केवल प्रतीकात्मक रूप से शामिल किया जाता है, प्रक्रिया के अंत में परामर्श के रूप में।
- नीति निर्माण की शुरुआती अवस्था से ही उनकी अर्थपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करना एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: शासन – विकास प्रक्रियाएँ, गैर-सरकारी संगठन
3. नैतिक और सामाजिक निहितार्थ
- AI के तेजी से बढ़ते उपयोग से सीखने, रोजगार और सामाजिक संरचनाओं पर अद्वितीय अवसर और जोखिम पैदा होते हैं।
- AI के उपयोग से उत्पन्न होने वाली शक्ति, गरिमा, अवसर और संस्कृति से संबंधित चिंताओं का समाधान करना।
यूपीएससी लिंक: नैतिकता – मानवीय मूल्य, प्रौद्योगिकी का नैतिकता पर प्रभाव
4. डिजिटल डिवाइड का बढ़ना
- यदि AI तक पहुंच और उसके लाभों का वितरण असमान रहा, तो यह मौजूदा डिजिटल डिवाइड (digital divide) को और गहरा कर सकता है।
- तकनीकी प्रगति का स्वचालित रूप से मानवीय प्रगति में अनुवाद न होना यदि पहुंच में कमी हो।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय – गरीबी और विकासात्मक मुद्दे
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| AI विकास का केंद्रीकरण | कुछ बड़ी कंपनियों और उच्च-आय वाले देशों का प्रभुत्व, जिससे असमानता बढ़ सकती है। |
| विकासशील देशों की पहुंच | बुनियादी ढांचे, कौशल और वित्त की कमी के कारण AI क्रांति में पीछे छूटने का जोखिम। |
| युवाओं की भागीदारी | नीति निर्माण प्रक्रियाओं में केवल प्रतीकात्मक भागीदारी, अर्थपूर्ण जुड़ाव का अभाव। |
| AI के नैतिक आयाम | शक्ति, गरिमा, अवसर और संस्कृति पर AI के प्रभावों को संबोधित करने की आवश्यकता। |
| असमानता में वृद्धि | यदि समावेशी शासन सुनिश्चित नहीं किया गया तो AI मौजूदा सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को गहरा कर सकता है। |
आगे की राह
- AI नीति निर्माण की शुरुआती अवस्था से ही युवाओं को अर्थपूर्ण तरीके से शामिल करना, जिससे उनके दृष्टिकोण और अनुभवों को महत्व मिले।
- विकासशील देशों को AI बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, कौशल विकास और वित्त तक पहुंच प्रदान करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना।
- AI के नैतिक दिशानिर्देशों और मानकों को विकसित करना जो मानवाधिकारों, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दें।
- AI के विकास और परिनियोजन में समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए बहु-हितधारक मॉडल (multi-stakeholder model) को बढ़ावा देना।
- AI के संभावित जोखिमों, जैसे कि गोपनीयता उल्लंघन, भेदभाव और रोजगार विस्थापन, को कम करने के लिए नियामक ढांचे विकसित करना।
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति के लिए AI के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देना और इसके अनुप्रयोगों को निर्देशित करना।
- AI शिक्षा और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इस तकनीक को समझ सकें और इसके साथ जुड़ सकें।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन · सतत विकास लक्ष्य · अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस · युवा-नेतृत्व वाली घोषणा · वैश्विक डिजिटल समझौता · समावेशी AI विकास · डिजिटल विभाजन · नैतिक AI मानक · बहु-हितधारक दृष्टिकोण · तकनीकी संप्रभुता
अवधारणा प्रवाह
AI का तीव्र विकास और बच्चों द्वारा इसका तेजी से अपनाना → युवाओं के लिए अद्वितीय अवसर और जोखिमों का उद्भव → संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में युवा और AI शिखर सम्मेलन का आयोजन → युवा-नेतृत्व वाले AI नीति और शासन घोषणापत्र का प्रस्तुतिकरण → वैश्विक AI शासन प्रयासों और ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट को सूचित करना → समावेशी AI विकास और असमानताओं को कम करने पर जोर
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस प्रतिवर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है।
2. संयुक्त राष्ट्र का ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए वैश्विक शासन को आकार देने का प्रयास करता है।
3. बच्चों द्वारा AI को अपनाने की दर वयस्कों की तुलना में कम है।
उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस प्रतिवर्ष 12 अगस्त को मनाया जाता है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट AI शासन सहित वैश्विक डिजिटल सहयोग के लिए एक ढांचा है। कथन 3 गलत है क्योंकि खबर के अनुसार, बच्चे वयस्कों की तुलना में AI को तीन गुना तेजी से अपना रहे हैं।
Q2. अभिकथन (A): कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और शासन में युवाओं की सार्थक भागीदारी आवश्यक है।
कारण (R): AI के दीर्घकालिक परिणामों के साथ सबसे लंबे समय तक युवा पीढ़ी को ही रहना होगा।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A का सही स्पष्टीकरण है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि युवाओं की भागीदारी AI नीतियों को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाती है। कारण (R) भी सही है क्योंकि AI के प्रभावों का सबसे अधिक सामना युवा पीढ़ी को ही करना होगा, जिससे उनकी भागीदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कारण (R) अभिकथन (A) का सही स्पष्टीकरण भी है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास और शासन में युवाओं की भागीदारी के महत्व का परीक्षण कीजिए। विकासशील देशों के संदर्भ में समावेशी AI मानकों को सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के संदर्भ में युवाओं की भागीदारी की प्रासंगिकता का संक्षिप्त परिचय।
2. युवाओं की भागीदारी का महत्व:
– भविष्य के हितधारक: AI के दीर्घकालिक परिणामों का सामना करने वाली पीढ़ी।
– अद्वितीय दृष्टिकोण: नई प्रौद्योगिकियों को अपनाने और समझने की क्षमता।
– SDG प्राप्त करने में भूमिका: AI को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अनुरूप ढालना।
– नैतिक और समावेशी AI: युवा घोषणाओं और वैश्विक डिजिटल कॉम्पैक्ट जैसे पहलों का उल्लेख।
3. विकासशील देशों के संदर्भ में चुनौतियाँ:
– डिजिटल विभाजन: बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता और कौशल तक पहुंच का अभाव।
– वित्तीय बाधाएँ: AI अनुसंधान और विकास में निवेश की कमी।
– डेटा असमानता: उच्च-आय वाले देशों द्वारा AI विकास का प्रभुत्व।
– नीति निर्माण में प्रतिनिधित्व: वैश्विक AI शासन में विकासशील देशों की आवाज़ को शामिल करना।
– तकनीकी संप्रभुता: कुछ बड़ी कंपनियों पर निर्भरता।
4. आगे की राह/समाधान:
– क्षमता निर्माण और कौशल विकास।
– अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और ज्ञान साझाकरण।
– बहु-हितधारक दृष्टिकोण: सरकारों, निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और नागरिक समाज की भागीदारी।
– समावेशी नीति ढाँचे का विकास।
5. निष्कर्ष: एक न्यायसंगत और टिकाऊ AI भविष्य के लिए युवाओं और विकासशील देशों को सशक्त बनाने के महत्व पर बल देते हुए निष्कर्ष।
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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