01 Sep उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन 2 सितंबर को करेंगे छत्तीसगढ़ का दौरा, होंगे एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत में शामिल
✎ भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है, जो राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके कार्यों का निर्वहन करता है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — भारतीय संविधान – संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघवाद, शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थाएँ | GS Paper II — कार्यपालिका एवं न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्यप्रणाली – सरकार के मंत्रालय एवं विभाग; प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका
- Prelims: उपराष्ट्रपति का चुनाव, राज्यसभा का पदेन सभापति, अनुच्छेद 63, अनुच्छेद 64, अनुच्छेद 65, अनुच्छेद 66, अनुच्छेद 67, अनुच्छेद 68, अनुच्छेद 69, आकस्मिक रिक्ति, राष्ट्रपति के कार्यवाहक, उपराष्ट्रपति की शक्तियाँ और कार्य
- Essay: भारतीय लोकतंत्र में संवैधानिक पदों का महत्त्व, संघीय व्यवस्था में कार्यपालिका की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: भारत का उपराष्ट्रपति देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है, जो राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उनके कार्यों का निर्वहन करता है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 2 सितंबर, 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। यह यात्रा उपराष्ट्रपति के संवैधानिक पद से जुड़े सार्वजनिक कर्तव्यों और विभिन्न संस्थाओं के कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को रेखांकित करती है, जो भारतीय संघवाद और उच्च शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि
- भारत में उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है।
- यह पद अमेरिकी उपराष्ट्रपति के मॉडल पर आधारित है।
- भारत के संविधान के अनुच्छेद 63 में कहा गया है कि भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।
- उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बने एक निर्वाचक मंडल (Electoral College) के सदस्यों द्वारा किया जाता है।
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा (Rajya Sabha) का पदेन सभापति (ex-officio Chairman) होता है और इस क्षमता में विधायी प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- राष्ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्ति (casual vacancy) होने पर या राष्ट्रपति की अनुपस्थिति, बीमारी या किसी अन्य कारण से अपने कार्यों का निर्वहन करने में असमर्थ होने पर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है।
भारत के उपराष्ट्रपति का पद क्या है?
- भारत के उपराष्ट्रपति का पद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 63 के तहत स्थापित किया गया है।
- उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बने एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत का उपयोग किया जाता है।
- उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है और सदन की कार्यवाही का संचालन करता है, जिससे विधायी प्रक्रिया में व्यवस्था और अनुशासन सुनिश्चित होता है।
- अनुच्छेद 65 के अनुसार, राष्ट्रपति की मृत्यु, त्यागपत्र, पद से हटाए जाने या अन्य किसी कारण से पद रिक्त होने पर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है।
- जब उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या राष्ट्रपति के कार्यों का निर्वहन करता है, तो वह राज्यसभा के सभापति के पद के कार्यों का निर्वहन नहीं करता है।
- उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है, लेकिन वह इस अवधि से पहले राष्ट्रपति को संबोधित अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा अपना पद त्याग सकता है।
- उपराष्ट्रपति को राज्यसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत द्वारा पारित संकल्प द्वारा पद से हटाया जा सकता है, जिसे लोकसभा (Lok Sabha) भी स्वीकार करती है।
मुख्य विशेषताएँ
| Feature | Significance |
|---|---|
| उपराष्ट्रपति का दौरा | यह संवैधानिक पद की गरिमा और संघीय व्यवस्था में राज्यों के महत्व को दर्शाता है। |
| एम्स रायपुर का दीक्षांत समारोह | यह उच्च शिक्षा, विशेषकर चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के विस्तार को रेखांकित करता है। |
| स्वास्थ्य सेवा का विस्तार | एम्स जैसे संस्थानों का विकास देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार के लिए सरकार के प्रयासों का प्रतीक है। |
| मानव संसाधन विकास | दीक्षांत समारोह नए चिकित्सकों को राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार करने में इन संस्थानों की भूमिका को उजागर करता है। |
महत्व
सामाजिक महत्व
- एम्स जैसे संस्थानों से प्रशिक्षित चिकित्सकों का समाज में योगदान सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करता है।
- यह स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने में सहायता करता है।
शैक्षिक महत्व
- दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उन्हें चिकित्सा पेशे में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
- यह चिकित्सा शिक्षा के मानकों को बनाए रखने और अनुसंधान तथा नवाचार को बढ़ावा देने में एम्स की भूमिका को दर्शाता है।
शासन और संघीय महत्व
- उपराष्ट्रपति का राज्यों का दौरा केंद्र और राज्य के बीच समन्वय और संवाद को बढ़ावा देता है।
- यह संघीय ढांचे में विभिन्न संस्थानों के महत्व और उनके विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चुनौतियाँ
1. स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और गुणवत्ता
- देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में अभी भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी है।
- चिकित्सा पेशेवरों का शहरी क्षेत्रों में केंद्रित होना एक बड़ी चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: स्वास्थ्य, सामाजिक क्षेत्र/सेवाएं
2. चिकित्सा शिक्षा का मानकीकरण
- चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न संस्थानों में गुणवत्ता और पाठ्यक्रम में एकरूपता बनाए रखना एक चुनौती है।
- चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त संसाधनों की आवश्यकता है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन, शिक्षा
3. बुनियादी ढांचे का विकास और रखरखाव
- एम्स जैसे बड़े संस्थानों के लिए निरंतर वित्तीय सहायता और उन्नत उपकरणों का प्रावधान आवश्यक है।
- कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या और उनके प्रशिक्षण को सुनिश्चित करना भी एक चुनौती है।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| Issue | Concern |
|---|---|
| चिकित्सकों का पलायन | उच्च शिक्षा प्राप्त चिकित्सकों का विदेशों में या बड़े शहरों में पलायन ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करता है। |
| स्वास्थ्य व्यय | सार्वजनिक स्वास्थ्य पर जीडीपी का कम प्रतिशत खर्च होना गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के विस्तार में बाधा है। |
| तकनीकी एकीकरण | स्वास्थ्य सेवा में आधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधानों को प्रभावी ढंग से एकीकृत करने की चुनौती। |
| शिक्षण संकाय की कमी | चिकित्सा संस्थानों में योग्य शिक्षण संकाय की कमी शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana)
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (National Health Mission)
आगे की राह
- ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों को प्रोत्साहन प्रदान करना ताकि वे वहां सेवाएँ दें।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यय में वृद्धि करना और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
- टेलीमेडिसिन (Telemedicine) और ई-स्वास्थ्य (e-Health) जैसी डिजिटल पहलों को बढ़ावा देना।
- चिकित्सा शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता और सुविधाएं प्रदान करना।
- केंद्र और राज्य सरकारों के बीच स्वास्थ्य नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए समन्वय बढ़ाना।
- चिकित्सा संस्थानों में शिक्षण संकाय की कमी को दूर करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
उपराष्ट्रपति का पद · संवैधानिक भूमिकाएँ · संवैधानिक पदधारक · एम्स · स्वास्थ्य सेवाएँ · उच्च शिक्षा · संघवाद · राज्य का दौरा · सार्वजनिक कार्यक्रम · संवैधानिक नैतिकता
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 63’, ‘note’: ‘भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा’}
अवधारणा प्रवाह
उपराष्ट्रपति का दौरा → एम्स रायपुर में दीक्षांत समारोह में भागीदारी → चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा का महत्व → मानव संसाधन विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य → संघीय व्यवस्था में केंद्र-राज्य समन्वय
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. भारत के उपराष्ट्रपति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है।
2. उपराष्ट्रपति को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।
3. उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। संविधान के अनुच्छेद 64 के अनुसार, उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। कथन 2 गलत है। उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के सदस्य शामिल होते हैं (अनुच्छेद 66)। कथन 3 सही है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है (अनुच्छेद 67)। अतः, केवल दो कथन सही हैं।
Q2. भारत में एम्स (AIIMS) संस्थानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एम्स की स्थापना संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई है।
2. एम्स का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
3. एम्स केवल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित हैं।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना संसद के एक अधिनियम, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अधिनियम, 1956 के तहत की गई है। कथन 2 सही है। एम्स का प्राथमिक उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में उत्कृष्टता प्रदान करना है। कथन 3 गलत है। एम्स अब देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित किए गए हैं, जैसे रायपुर, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, ऋषिकेश आदि। अतः, केवल दो कथन सही हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत के उपराष्ट्रपति के पद की संवैधानिक भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का परीक्षण कीजिए। क्या राज्य के दौरे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी उनकी संवैधानिक स्थिति को सुदृढ़ करती है? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. **परिचय:** उपराष्ट्रपति के पद का संक्षिप्त परिचय और इसका संवैधानिक महत्व (अनुच्छेद 63)।
2. **संवैधानिक भूमिकाएँ:**
* राज्यसभा का पदेन सभापति (अनुच्छेद 64)।
* राष्ट्रपति के पद में आकस्मिक रिक्ति या अनुपस्थिति में राष्ट्रपति के रूप में कार्य करना (अनुच्छेद 65)।
* राष्ट्रपति के चुनाव में विवादों की सुनवाई का अधिकार (सर्वोच्च न्यायालय)।
* अंतर-राज्यीय परिषद या अन्य संवैधानिक निकायों में भूमिका (यदि कोई हो)।
3. **जिम्मेदारियाँ:**
* राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन, अनुशासन बनाए रखना।
* विधायी प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
* राष्ट्रपति के रूप में कार्य करते समय राष्ट्रपति की सभी शक्तियों और उन्मुक्तियों का प्रयोग।
4. **राज्य के दौरे और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भागीदारी:**
* **संवैधानिक स्थिति को सुदृढ़ करना:**
* संघवाद को बढ़ावा देना: केंद्र और राज्यों के बीच संबंध मजबूत करना।
* जनता से सीधा जुड़ाव: संवैधानिक पद की गरिमा और पहुंच बढ़ाना।
* राष्ट्रीय एकता: विभिन्न क्षेत्रों में उपस्थिति से एकता का संदेश।
* संवैधानिक मूल्यों का प्रचार: दीक्षांत समारोह जैसे कार्यक्रमों में शैक्षिक और नैतिक मूल्यों पर जोर।
* सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों का समर्थन: सरकार के विकासात्मक एजेंडे को बल देना।
* **चुनौतियाँ/सीमाएँ:**
* राजनीतिक तटस्थता बनाए रखने की आवश्यकता।
* पदेन सभापति के रूप में राज्यसभा की भूमिका पर संभावित प्रभाव।
5. **निष्कर्ष:** उपराष्ट्रपति का पद एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है, जो न केवल विधायी कार्यों में महत्वपूर्ण है बल्कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण और संवैधानिक मूल्यों के प्रसार में भी योगदान देता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Chhattisgarh PCS (CGPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: छत्तीसगढ़ राज्य में उपराष्ट्रपति 2 सितंबर को किस उद्देश्य से दौरा करेंगे?
- छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस समारोह में भाग लेने के लिए
- राज्य में शिक्षा और कौशल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए
- राज्य के आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए
- राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए
उत्तर: राज्य सरकार द्वारा आयोजित ‘गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए — उपराष्ट्रपति 2 सितंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के ‘गौरव दिवस’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दौरा करेंगे, जो राज्य के गठन की स्मृति में मनाया जाता है।
Mains: छत्तीसगढ़ राज्य के ‘गौरव दिवस’ के महत्व और उपराष्ट्रपति के दौरे के राज्य की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से क्या प्रभाव हो सकते हैं? अपने उत्तर में राज्य की विशिष्ट पहचान और आदिवासी संस्कृति के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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