ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: दिल्ली में रूस की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

From Russia, with love: Traditions, heritage on display as Delhi hosts BRICS Summit — diagram

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: दिल्ली में रूस की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

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BRICS Summit Structure

✎ BRICS शिखर सम्मेलन बहुपक्षीय सहयोग के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति और आपसी समझ को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध  |  GS Paper I — भारतीय संस्कृति एवं विरासत
  • Prelims: BRICS, सांस्कृतिक कूटनीति, बहुपक्षीय मंच, भारत मंडपम, नेवल्याश्का गुड़िया, फेडोस्किनो लघुचित्र, गज़ेल सिरेमिक पेंटिंग, BRICS सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, INNOPROM. India व्यापार मेला
  • Essay: भारत की विदेश नीति के आयाम: बहुपक्षवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान, वैश्वीकरण के युग में सांस्कृतिक पहचान का महत्व

त्वरित पुनरावृत्ति: BRICS शिखर सम्मेलन बहुपक्षीय सहयोग के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक कूटनीति और आपसी समझ को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सदस्य देशों के बीच सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया। रूस ने इस अवसर पर भारत मंडपम को अपनी परंपराओं और विरासत के संग्रहालय में बदल दिया, जिसमें नेवल्याश्का गुड़िया, फेडोस्किनो लघुचित्र और गज़ेल सिरेमिक पेंटिंग जैसी कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गईं। यह आयोजन BRICS देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का एक मंच बन गया है।

पृष्ठभूमि

  • BRICS पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका – का एक समूह है।
  • इसका गठन 2006 में ‘BRIC’ के रूप में हुआ था और 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह ‘BRICS’ बन गया।
  • BRICS शिखर सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष भाग लेते हैं।
  • यह समूह वैश्विक आर्थिक शासन, सतत विकास और बहुपक्षवाद जैसे मुद्दों पर सहयोग को बढ़ावा देता है।
  • BRICS देश विश्व की लगभग 41% जनसंख्या, 24% वैश्विक GDP और 16% वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • हाल के वर्षों में, BRICS ने व्यापार, निवेश, अवसंरचना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में कई पहलें शुरू की हैं।

BRICS और सांस्कृतिक कूटनीति

  • BRICS एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना है।
  • सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो विभिन्न देशों के लोगों और संस्कृतियों के बीच समझ और सद्भावना को बढ़ावा देता है।
  • दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में रूस द्वारा अपनी कला, संगीत और परंपराओं का प्रदर्शन सांस्कृतिक कूटनीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
  • नेवल्याश्का गुड़िया, फेडोस्किनो लघुचित्र और गज़ेल सिरेमिक पेंटिंग जैसी रूसी कलाकृतियों का प्रदर्शन दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करता है।
  • BRICS सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा और BRICS म्यूरल जैसी पहलें सदस्य देशों की विविध संस्कृतियों को एक साथ लाती हैं, आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा देती हैं।
  • INNOPROM. India जैसे व्यापार मेले तकनीकी और औद्योगिक सहयोग के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी अवसर प्रदान करते हैं।
  • BRICS Run & Ride जैसे खेल आयोजन लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देते हैं और सांस्कृतिक दूरियों को कम करते हैं।
  • सांस्कृतिक कूटनीति BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों को केवल आर्थिक या राजनीतिक सहयोग से परे ले जाकर एक व्यापक और समावेशी साझेदारी का निर्माण करती है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
BRICS शिखर सम्मेलन (18वां) यह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जो BRICS देशों के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा देता है।
रूसी सांस्कृतिक प्रदर्शन रूस ने भारत मंडपम को परंपराओं के संग्रहालय में बदल दिया, जिसमें नेवल्याश्का गुड़िया, फेडोस्किनो लघुचित्र और ग्ज़ेल सिरेमिक पेंटिंग जैसी कलाएँ प्रदर्शित की गईं। यह सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दर्शाता है।
BRICS सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा रूसी संगीतकारों ने पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों पर प्रदर्शन किया, जो BRICS देशों के बीच कला और संगीत के क्षेत्र में सहयोग को उजागर करता है।
अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेला ‘INNOPROM. India’ इस मेले में 130 से अधिक रूसी और भारतीय कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें चिकित्सा उपकरण और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में उत्पादों का प्रदर्शन किया गया, जो आर्थिक सहयोग और व्यापार संबंधों को मजबूत करता है।
BRICS रन एंड राइड इवेंट इस कार्यक्रम में 5,100 से अधिक फिटनेस उत्साही और रूसी दूतावास के राजनयिकों ने भाग लिया, जो खेल और जन-संपर्क के माध्यम से BRICS देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देता है।

महत्व

अंतर्राष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

  • BRICS शिखर सम्मेलन वैश्विक शासन में बहुध्रुवीयता (Multipolarity) को बढ़ावा देता है, जिससे विकासशील देशों की आवाज़ को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मजबूती मिलती है।
  • यह सदस्य देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को गहरा करता है, विशेषकर आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में।

आर्थिक सहयोग

  • अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेला ‘INNOPROM. India’ व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देता है, जिससे सदस्य देशों के बीच आर्थिक एकीकरण मजबूत होता है।
  • यह तकनीकी नवाचार और औद्योगिक विकास में सहयोग के लिए एक मंच प्रदान करता है, जिससे सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होता है।

सांस्कृतिक और जन-संपर्क

  • सांस्कृतिक प्रदर्शन और BRICS सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा सदस्य देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों (People-to-People Connect) को मजबूत करते हैं और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देते हैं।
  • BRICS रन एंड राइड जैसे कार्यक्रम खेल और फिटनेस के माध्यम से जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे सदस्य देशों के नागरिकों के बीच सद्भावना बढ़ती है।

आगे की राह

  • BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए व्यापार बाधाओं को कम करना और सुगम व्यापार नीतियों को अपनाना।
  • तकनीकी हस्तांतरण और नवाचार में सहयोग को मजबूत करना, विशेषकर उभरती हुई प्रौद्योगिकियों जैसे AI और रोबोटिक्स में।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों और जन-संपर्क पहलों को बढ़ावा देना ताकि सदस्य देशों के लोगों के बीच समझ और सद्भावना बढ़ाई जा सके।
  • वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार के लिए BRICS देशों के बीच समन्वय और सहयोग को बढ़ाना।
  • जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारी जैसी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संयुक्त रणनीतियों और पहलों का विकास करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

BRICS शिखर सम्मेलन · बहुपक्षीय सहयोग · सांस्कृतिक कूटनीति · आर्थिक सहयोग · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · भारत की विदेश नीति · वैश्विक शासन · सांस्कृतिक आदान-प्रदान · तकनीकी नवाचार · खेल कूटनीति

अवधारणा प्रवाह

BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन  →  सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक प्रदर्शन  →  व्यापार मेले और जन-संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन  →  द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों को मजबूती  →  वैश्विक मंच पर BRICS की भूमिका का विस्तार

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. BRICS के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. BRICS एक अंतर-सरकारी संगठन है जिसमें पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं।
2. BRICS का कोई औपचारिक चार्टर नहीं है और इसके निर्णय गैर-बाध्यकारी होते हैं।
3. ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) BRICS देशों द्वारा स्थापित एक बहुपक्षीय विकास बैंक है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. सभी तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। BRICS पाँच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का एक समूह है। कथन 2 सही है। BRICS का कोई औपचारिक चार्टर नहीं है और इसके निर्णय आमतौर पर गैर-बाध्यकारी होते हैं, जो सदस्य देशों के बीच आम सहमति पर आधारित होते हैं। कथन 3 सही है। NDB की स्थापना BRICS देशों द्वारा बुनियादी ढाँचा और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से की गई थी।

Q2. निम्नलिखित में से कौन-सा देश BRICS समूह का सदस्य नहीं है?

  1. ब्राजील
  2. इंडोनेशिया
  3. चीन
  4. दक्षिण अफ्रीका

उत्तर: इंडोनेशिया — BRICS समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इंडोनेशिया इस समूह का सदस्य नहीं है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ BRICS शिखर सम्मेलन जैसे बहुपक्षीय मंचों में सांस्कृतिक कूटनीति और आर्थिक सहयोग के महत्व का परीक्षण कीजिए। भारत के लिए ऐसे आयोजनों के रणनीतिक निहितार्थों पर भी चर्चा कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों का संक्षिप्त परिचय और उनके महत्व को रेखांकित करना।
2. सांस्कृतिक कूटनीति का महत्व: सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सॉफ्ट पावर, आपसी समझ को बढ़ावा देना, लोगों से लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करना। उदाहरण के तौर पर रूसी कला प्रदर्शनियों, संगीत और खेल आयोजनों का उल्लेख।
3. आर्थिक सहयोग का महत्व: व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना, तकनीकी नवाचार साझा करना, औद्योगिक मेलों (जैसे INNOPROM. India) का महत्व, वैश्विक आर्थिक शासन में BRICS की भूमिका।
4. भारत के लिए रणनीतिक निहितार्थ: वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करना, भू-राजनीतिक प्रभाव बढ़ाना, आर्थिक अवसरों का लाभ उठाना, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक संबंधों के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना।
5. निष्कर्ष: सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग के माध्यम से BRICS जैसे मंचों की समग्र प्रासंगिकता और भारत के हितों के लिए उनका महत्व।

स्रोत: The Indian Express


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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