अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से की बैठक, जानें मुख्य बिंदु

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की — diagram

अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से की बैठक, जानें मुख्य बिंदु

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उपराज्यपाल प्रणाली

✎ उपराज्यपाल केंद्र-शासित प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख और राष्ट्रपति का प्रतिनिधि होता है, जो केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के प्रशासन का संचालन करता है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper II — भारतीय संविधान: संघ एवं राज्यों के कार्य और उत्तरदायित्व, संघवाद, केंद्र-राज्य संबंध, केंद्र-शासित प्रदेशों का प्रशासन
  • Prelims: उपराज्यपाल (Lieutenant Governor), केंद्र-शासित प्रदेश (Union Territory), अनुच्छेद 239, प्रशासक (Administrator), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, राष्ट्रपति शासन
  • Essay: भारत में संघवाद की बदलती प्रकृति और केंद्र-शासित प्रदेशों का विशेष संदर्भ, केंद्र-शासित प्रदेशों में शासन: चुनौतियाँ और समाधान

त्वरित पुनरावृत्ति: उपराज्यपाल केंद्र-शासित प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख और राष्ट्रपति का प्रतिनिधि होता है, जो केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के प्रशासन का संचालन करता है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल ने हाल ही में प्रधानमंत्री से मुलाकात की। यह मुलाकात केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रशासन में उपराज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका और केंद्र सरकार के साथ उनके सीधे संवाद को रेखांकित करती है। यह घटना केंद्र-शासित प्रदेशों के शासन मॉडल, विशेषकर उपराज्यपाल की स्थिति और शक्तियों को समझने के लिए प्रासंगिक है।

पृष्ठभूमि

  • भारतीय संविधान के भाग VIII में अनुच्छेद 239 से 241 तक केंद्र-शासित प्रदेशों से संबंधित प्रावधान हैं।
  • केंद्र-शासित प्रदेश वे क्षेत्र हैं जिन पर सीधे केंद्र सरकार का नियंत्रण होता है और उनका अपना निर्वाचित विधानमंडल नहीं भी हो सकता है।
  • इन प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक प्रशासक (Administrator) के माध्यम से किया जाता है, जिसे उपराज्यपाल या मुख्य आयुक्त कहा जा सकता है।
  • कुछ केंद्र-शासित प्रदेशों (जैसे दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर) में विधानमंडल और मंत्रिपरिषद होते हैं, जबकि अन्य में नहीं।
  • उपराज्यपाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है और केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन की देखरेख करता है।
  • केंद्र-शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की भूमिका राज्य के राज्यपाल से भिन्न होती है, क्योंकि उपराज्यपाल सीधे केंद्र सरकार के प्रति जवाबदेह होता है।

केंद्र-शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की भूमिका

  • उपराज्यपाल केंद्र-शासित प्रदेश का संवैधानिक प्रमुख होता है और राष्ट्रपति का प्रतिनिधि होता है।
  • अनुच्छेद 239 के तहत, प्रत्येक केंद्र-शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक प्रशासक के माध्यम से किया जाता है।
  • जिन केंद्र-शासित प्रदेशों में विधानमंडल नहीं होता, वहाँ उपराज्यपाल सीधे केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत प्रशासन चलाता है।
  • जिन केंद्र-शासित प्रदेशों में विधानमंडल और मंत्रिपरिषद होती है (जैसे दिल्ली और पुडुचेरी), वहाँ उपराज्यपाल को मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करना होता है, लेकिन कुछ मामलों में वह अपने विवेक का प्रयोग कर सकता है।
  • उपराज्यपाल को केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण निर्णयों और नीतियों में शामिल होना होता है।
  • वह केंद्र-शासित प्रदेश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होता है और केंद्र सरकार को रिपोर्ट करता है।
  • उपराज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।
  • केंद्र-शासित प्रदेशों के विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन में उपराज्यपाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

मुख्य विशेषताएँ

विशेषता महत्व
केंद्र-शासित प्रदेश का प्रशासन उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं और केंद्र-शासित प्रदेश के प्रशासन का नेतृत्व करते हैं।
राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति उपराज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जो यह सुनिश्चित करता है कि केंद्र-शासित प्रदेशों में केंद्र का सीधा नियंत्रण रहे।
संघ सूची के विषय केंद्र-शासित प्रदेशों से संबंधित अधिकांश विधायी और कार्यकारी शक्तियाँ संघ सूची के अंतर्गत आती हैं, जिन पर संसद कानून बना सकती है।
प्रधानमंत्री से मुलाकात यह केंद्र-शासित प्रदेशों के विकास, प्रशासनिक चुनौतियों और नीतिगत कार्यान्वयन पर केंद्र सरकार के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक माध्यम है।
अंडमान और निकोबार की रणनीतिक स्थिति यह द्वीप समूह भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे इसके प्रशासन का महत्व बढ़ जाता है।

महत्व

प्रशासनिक महत्व

  • उपराज्यपाल और प्रधानमंत्री के बीच मुलाकात केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रशासन में केंद्र सरकार की सीधी भागीदारी को दर्शाती है।
  • यह बैठक केंद्र-शासित प्रदेशों के विकास परियोजनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और स्थानीय चुनौतियों पर चर्चा करने का एक मंच प्रदान करती है।
  • केंद्र-शासित प्रदेशों में सुशासन सुनिश्चित करने और केंद्र की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए यह संवाद आवश्यक है।

रणनीतिक महत्व

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत के लिए सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में इसकी भू-रणनीतिक स्थिति के कारण।
  • यह मुलाकात द्वीप समूह की सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता में इसकी भूमिका पर संभावित चर्चा का संकेत देती है।
  • यह भारत की समुद्री सुरक्षा और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण है।

नीति निर्माण और कार्यान्वयन

  • उपराज्यपाल की यह बैठक केंद्र-शासित प्रदेशों के लिए नई नीतियों के निर्माण या मौजूदा नीतियों के कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक हो सकती है।
  • यह केंद्र और केंद्र-शासित प्रदेश के बीच समन्वय को मजबूत करता है, जिससे विकास योजनाओं का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है।

चुनौतियाँ

1. सीमित स्वायत्तता

  • केंद्र-शासित प्रदेशों को राज्यों की तुलना में सीमित विधायी और कार्यकारी स्वायत्तता प्राप्त होती है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप निर्णय लेने में चुनौतियाँ आती हैं।
  • उपराज्यपाल की भूमिका केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अधिक होती है, जिससे निर्वाचित निकायों (यदि मौजूद हों) की शक्तियों पर प्रभाव पड़ सकता है।

2. संसाधन आवंटन

  • केंद्र-शासित प्रदेशों को अक्सर वित्तीय संसाधनों के लिए केंद्र सरकार पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है, जिससे विकास परियोजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है।
  • स्थानीय राजस्व सृजन के सीमित अवसर और केंद्र से पर्याप्त सहायता प्राप्त करने की आवश्यकता एक चुनौती बनी रहती है।

3. बुनियादी ढाँचा और कनेक्टिविटी

  • अंडमान और निकोबार जैसे दूरस्थ केंद्र-शासित प्रदेशों में सड़क, हवाई और समुद्री कनेक्टिविटी का विकास एक बड़ी चुनौती है।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयासों और निवेश की आवश्यकता होती है।

4. पर्यावरणीय संवेदनशीलता

  • द्वीप समूह होने के कारण अंडमान और निकोबार पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हैं, जहाँ विकास परियोजनाओं को पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलित करना एक चुनौती है।
  • जलवायु परिवर्तन, समुद्र के स्तर में वृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा इन क्षेत्रों के लिए विशेष चिंता का विषय है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

मुद्दा चिंता
प्रशासनिक जटिलताएँ केंद्र-शासित प्रदेशों के प्रशासन में केंद्र और स्थानीय निकायों के बीच शक्तियों के विभाजन को लेकर अस्पष्टता।
विकास असंतुलन मुख्य भूमि से दूरी और सीमित संसाधनों के कारण विकास परियोजनाओं को लागू करने में देरी।
जनजातीय अधिकारों का संरक्षण अंडमान और निकोबार में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के अधिकारों और संस्कृति की सुरक्षा।
पर्यटन और सतत विकास पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय स्थिरता बनाए रखने के बीच संतुलन स्थापित करना।
समुद्री सुरक्षा हिंद महासागर में बढ़ती भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण द्वीप समूह की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

आगे की राह

  • केंद्र-शासित प्रदेशों के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी शासन मॉडल विकसित करना जो स्थानीय आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करे।
  • बुनियादी ढाँचे के विकास, विशेष रूप से कनेक्टिविटी (सड़क, समुद्री, हवाई) और डिजिटल सेवाओं में निवेश बढ़ाना।
  • संसाधन आवंटन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना, जिससे विकास परियोजनाओं का समय पर क्रियान्वयन हो सके।
  • पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देना।
  • स्थानीय समुदायों, विशेषकर जनजातीय समूहों के अधिकारों और संस्कृति की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करना।
  • आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए रणनीतियाँ विकसित करना।
  • पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारिस्थितिक संवेदनशीलता का ध्यान रखना और जिम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करना।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

उपराज्यपाल · केंद्र शासित प्रदेश · संघवाद · अनुच्छेद 239 · प्रशासक · केंद्र-राज्य संबंध · अंडमान और निकोबार द्वीप समूह · प्रधानमंत्री कार्यालय · विधायी शक्तियाँ · प्रशासनिक स्वायत्तता

संवैधानिक व नीतिगत संबंध

  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 239’, ‘note’: ‘केंद्र-शासित प्रदेशों का प्रशासन’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 239A’, ‘note’: ‘कुछ केंद्र-शासित प्रदेशों के लिए स्थानीय विधानमंडल’}
  • {‘article’: ‘अनुच्छेद 240’, ‘note’: ‘कुछ केंद्र-शासित प्रदेशों के लिए विनियम बनाने की राष्ट्रपति की शक्ति’}

अवधारणा प्रवाह

उपराज्यपाल की नियुक्ति (राष्ट्रपति द्वारा)  →  केंद्र-शासित प्रदेश का प्रशासन (उपराज्यपाल के माध्यम से)  →  विकास और प्रशासनिक चुनौतियों पर चर्चा (प्रधानमंत्री से मुलाकात)  →  केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और समर्थन  →  नीति निर्माण और कार्यान्वयन  →  केंद्र-शासित प्रदेश का समग्र विकास और सुशासन

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 239 के तहत, केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
2. उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) केवल उन केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्त किए जाते हैं जहाँ विधानसभा होती है।
3. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का अपना उच्च न्यायालय है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. कोई नहीं

उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है। अनुच्छेद 239 के अनुसार, प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है, जो अपने द्वारा नियुक्त प्रशासक (Administrator) के माध्यम से कार्य करता है।
कथन 2 गलत है। उपराज्यपाल उन केंद्र शासित प्रदेशों में नियुक्त किए जाते हैं जहाँ विधानसभा हो सकती है (जैसे दिल्ली, पुडुचेरी), लेकिन वे उन केंद्र शासित प्रदेशों में भी नियुक्त किए जाते हैं जहाँ विधानसभा नहीं होती (जैसे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह)।
कथन 3 गलत है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का अपना उच्च न्यायालय नहीं है; यह कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) के अधिकार क्षेत्र में आता है।

Q2. अभिकथन (A): केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की भूमिका राज्य के राज्यपाल से भिन्न होती है।
कारण (R): उपराज्यपाल सीधे राष्ट्रपति के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं और केंद्र सरकार के प्रति अधिक जवाबदेह होते हैं।

  1. A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
  2. A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  3. A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
  4. A असत्य है, लेकिन R सत्य है।

उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सत्य है। केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की स्थिति राज्य के राज्यपाल से भिन्न होती है क्योंकि वे सीधे राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं, जबकि राज्यपाल राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करते हैं।
कारण (R) भी सत्य है और अभिकथन की सही व्याख्या करता है। केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक (जो उपराज्यपाल या मुख्य आयुक्त हो सकते हैं) केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में कार्य करते हैं और केंद्र के प्रति सीधे जवाबदेह होते हैं, जिससे उनकी भूमिका राज्य के राज्यपाल से अलग हो जाती है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन में उपराज्यपाल की भूमिका का परीक्षण कीजिए। क्या आपको लगता है कि केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल और निर्वाचित सरकार के बीच बढ़ते टकराव भारतीय संघवाद के लिए एक चुनौती प्रस्तुत करते हैं? समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (15 Marks)

रूपरेखा: मॉडल-उत्तर संरचना:
1. परिचय: केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) की संवैधानिक स्थिति और अनुच्छेद 239 के तहत उपराज्यपाल/प्रशासक की नियुक्ति का संक्षिप्त विवरण।
2. उपराज्यपाल की भूमिका: उनकी शक्तियाँ और कार्य, विशेष रूप से उन केंद्र शासित प्रदेशों में जहाँ विधानसभा नहीं है (जैसे अंडमान और निकोबार) और जहाँ विधानसभा है (जैसे दिल्ली, पुडुचेरी)। राष्ट्रपति के एजेंट के रूप में उनकी स्थिति पर प्रकाश डालें।
3. टकराव के कारण: उपराज्यपाल और निर्वाचित सरकार के बीच टकराव के मुख्य कारणों की पहचान करें, जैसे शक्तियों का अस्पष्ट वितरण, केंद्र सरकार का हस्तक्षेप, प्रशासनिक नियंत्रण पर विवाद और नीतिगत मतभेद। दिल्ली और पुडुचेरी के संदर्भ में उदाहरण दें।
4. भारतीय संघवाद पर प्रभाव: इन टकरावों का भारतीय संघवाद (Indian Federalism) पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का विश्लेषण करें, जैसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का क्षरण, प्रशासनिक अक्षमता, और केंद्र-राज्य संबंधों में तनाव।
5. समालोचनात्मक विश्लेषण: विभिन्न दृष्टिकोणों का मूल्यांकन करें – एक ओर केंद्र की संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता का तर्क, दूसरी ओर स्थानीय स्वशासन और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का महत्व।
6. सुझाव/निष्कर्ष: टकरावों को कम करने और सहयोगात्मक संघवाद (Cooperative Federalism) को बढ़ावा देने के लिए संभावित समाधान, जैसे शक्तियों के स्पष्ट सीमांकन, संवाद तंत्र को मजबूत करना और संवैधानिक प्रावधानों की बेहतर व्याख्या।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)

Delhi PCS (DSSSB) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। इस संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: <br>1. यह मुलाकात द्वीप समूह में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई। <br>2. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केंद्र शासित प्रदेश है। <br>3. उपराज्यपाल का पद केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। <br>उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3

उत्तर: केवल 1 और 3 — अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केंद्र शासित प्रदेश है तथा इसका उपराज्यपाल केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुलाकात का उल्लेख नहीं किया गया है।

Mains: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल पद की संवैधानिक स्थिति एवं भूमिका का वर्णन कीजिए। साथ ही, बताइए कि केंद्र शासित प्रदेशों में उपराज्यपाल की नियुक्ति किस प्रकार की जाती है?


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

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