23 Sep विशाखापत्तनम में सड़क सुरक्षा सुधार के लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई और स्थानीय निकायों का सहयोग
✎ सीएसआईआर-सीआरआरआई का विशाखापत्तनम में VMRDA और GVMC के साथ सहयोग शहर की सड़क अवसंरचना को वैज्ञानिक रूप से उन्नत करने और उसकी सुरक्षा व स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper III — अवसंरचना: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़कें, विमानपत्तन, रेलवे आदि | GS Paper III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव
- Prelims: सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI), विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA), ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC), सड़क सुरक्षा ऑडिट, सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली, बुद्धिमान सड़क सुरक्षा प्रणाली (i-RASTE)
- Essay: शहरी अवसंरचना का विकास: चुनौतियाँ और समाधान, भारत के विकास में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका
त्वरित पुनरावृत्ति: सीएसआईआर-सीआरआरआई का विशाखापत्तनम में VMRDA और GVMC के साथ सहयोग शहर की सड़क अवसंरचना को वैज्ञानिक रूप से उन्नत करने और उसकी सुरक्षा व स्थायित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
विशाखापत्तनम में बेहतर और सुरक्षित सड़कों के निर्माण के उद्देश्य से, सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA) और ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) के साथ वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल का उद्देश्य शहर की सड़क अवसंरचना को उन्नत करना और उसकी गुणवत्ता, स्थायित्व तथा सुरक्षा में सुधार करना है, जिसके लिए एक उच्चस्तरीय बैठक में समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव रखा गया है।
पृष्ठभूमि
- विशाखापत्तनम एक प्रमुख बंदरगाह शहर है, जिसका औद्योगिक आधार और महानगरीय क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है, जिससे टिकाऊ और वैज्ञानिक रूप से निर्मित सड़कों की आवश्यकता बढ़ गई है।
- VMRDA के सहयोग से GVMC ने आठ निर्वाचन क्षेत्रों में बजरी और WBM (Water Bound Macadam) सड़कों को BT (Bituminous) / CC (Cement Concrete) मानकों के अनुरूप उन्नत करने का एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है।
- इस कार्यक्रम में लगभग 228 किलोमीटर सड़कों का उन्नयन, 34 किलोमीटर केंद्रीय डिवाइडर का निर्माण, 1,550 से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगाना और प्रमुख चौराहों का सुधार शामिल है।
- शहर की प्राथमिकताओं में पुलों का मूल्यांकन, सड़क परियोजनाओं पर गुणवत्ता नियंत्रण, i-RASTE जैसी बुद्धिमान सड़क सुरक्षा प्रणाली की तैनाती और ठेकेदारों व इंजीनियरों के लिए संरचित प्रशिक्षण शामिल हैं।
- सीएसआईआर-सीआरआरआई की विशेषज्ञता से सड़कों के पूर्णतः पक्कीकरण, नई सड़कों के निर्माण, मौजूदा सड़कों के पुनर्निर्माण, कटाव, शहरी बाढ़ और तटीय कटाव के वैज्ञानिक अध्ययन तथा उपचार में सहायता मिलेगी।
- सहयोग में पैदल यात्रियों के लिए ‘राइट-टू-वॉक’ सुविधाओं का विकास, सड़क और सड़क सुरक्षा ऑडिट, गति सीमा अवरोधकों का युक्तिकरण और एक आधुनिक सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन भी शामिल है।
सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) क्या है?
- सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के तहत एक प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला है।
- इसकी स्थापना 1950 में हुई थी और यह भारत में सड़क और राजमार्ग इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास (R&D) गतिविधियों के लिए समर्पित है।
- संस्थान का मुख्य उद्देश्य देश में सड़कों के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और प्रबंधन से संबंधित समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान प्रदान करना है।
- यह सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता में सुधार के लिए उन्नत तकनीकों और सामग्रियों का विकास करता है।
- सीएसआईआर-सीआरआरआई सड़क सुरक्षा, यातायात इंजीनियरिंग, पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन और भू-तकनीकी इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है।
- यह विभिन्न सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र को परामर्श सेवाएं और प्रशिक्षण भी प्रदान करता है।
- संस्थान ने भारत की सड़क अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसमें लचीले और कठोर फुटपाथों का डिजाइन, पुलों का मूल्यांकन और शहरी सड़क सुरक्षा समाधान शामिल हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| वैज्ञानिक सड़क सुधार कार्यक्रम | विशाखापत्तनम में सड़कों की योजना, गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करेगा। |
| सीएसआईआर-सीआरआरआई की विशेषज्ञता | लचीले फुटपाथ, सड़क प्रदर्शन मूल्यांकन, सबग्रेड सुधार और शहरी सड़क सुरक्षा में तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। |
| सड़क नेटवर्क का उन्नयन | लगभग 228 किमी सड़कों, 34 किमी केंद्रीय डिवाइडर और 1,550 से अधिक स्ट्रीट लाइटों का सुधार शामिल है। |
| आई-रास्ते (i-RASTE) जैसी बुद्धिमान सड़क सुरक्षा प्रणाली | सड़क सुरक्षा में सुधार और दुर्घटनाओं को कम करने में सहायक। |
| ठेकेदारों और इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण | सड़क निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता मानकों को बढ़ाने में मदद करेगा। |
| आधुनिक सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली | सड़क नेटवर्क के कुशल प्रबंधन और रखरखाव को सुनिश्चित करेगा। |
महत्व
आर्थिक महत्व
- बेहतर सड़कें परिवहन लागत को कम करती हैं, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलता है।
- औद्योगिक और बंदरगाह गतिविधियों के लिए कुशल कनेक्टिविटी प्रदान कर आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) को गति देती हैं।
- पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है।
सामाजिक महत्व
- सुरक्षित सड़कें दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम करती हैं, जिससे नागरिकों का जीवन सुरक्षित होता है।
- पैदल यात्रियों के लिए ‘राइट-टू-वॉक’ सुविधाओं से शहरी गतिशीलता और पहुंच में सुधार होता है।
- सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं की दक्षता बढ़ती है।
पर्यावरणीय महत्व
- सड़क कटाव और शहरी बाढ़ का वैज्ञानिक अध्ययन और उपचार शहरी लचीलेपन को बढ़ाता है।
- तटीय कटाव के समाधान से तटीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा होती है।
- टिकाऊ सड़क निर्माण सामग्री और तकनीकों का उपयोग पर्यावरणीय प्रभाव को कम कर सकता है।
शासन और संस्थागत महत्व
- सीएसआईआर-सीआरआरआई, जीवीएमसी और वीएमआरडीए के बीच सहयोग अंतर-एजेंसी समन्वय का एक मॉडल प्रस्तुत करता है।
- वैज्ञानिक इनपुट के माध्यम से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है।
- क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय निकायों की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करते हैं।
चुनौतियाँ
1. शहरीकरण और बुनियादी ढाँचा
- तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण सड़कों पर बढ़ता दबाव और रखरखाव की चुनौतियाँ।
- पुराने बुनियादी ढांचे का उन्नयन और नए निर्माण के लिए पर्याप्त भूमि की उपलब्धता।
यूपीएससी लिंक: शहरीकरण, बुनियादी ढाँचा
2. गुणवत्ता नियंत्रण और स्थायित्व
- सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना।
- तटीय क्षेत्रों में कटाव और जलभराव जैसी विशिष्ट भौगोलिक चुनौतियों के कारण सड़कों का दीर्घकालिक स्थायित्व।
यूपीएससी लिंक: बुनियादी ढाँचा, आपदा प्रबंधन
3. सड़क सुरक्षा
- बढ़ते यातायात के कारण सड़क दुर्घटनाओं को कम करना।
- पैदल यात्रियों और गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए सुरक्षित बुनियादी ढाँचे का अभाव।
यूपीएससी लिंक: आपदा प्रबंधन, सामाजिक मुद्दे
4. संसाधन और क्षमता
- परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता।
- स्थानीय निकायों में तकनीकी विशेषज्ञता और क्षमता निर्माण की आवश्यकता।
यूपीएससी लिंक: शासन, सार्वजनिक वित्त
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| सड़कों का कटाव | विशेषकर तटीय क्षेत्रों में सड़कों की संरचनात्मक अखंडता को खतरा और रखरखाव लागत में वृद्धि। |
| शहरी बाढ़ | खराब जल निकासी प्रणालियों के कारण सड़कों को नुकसान, यातायात बाधित होना और सार्वजनिक असुविधा। |
| गुणवत्ता नियंत्रण का अभाव | निर्माण सामग्री और तकनीकों में कमी के कारण सड़कों का कम जीवनकाल और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता। |
| सड़क सुरक्षा ऑडिट की कमी | खतरनाक स्थानों की पहचान न हो पाना, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। |
| आधुनिक परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली का अभाव | सड़क नेटवर्क के कुशल रखरखाव और उन्नयन के लिए डेटा-आधारित निर्णय लेने में बाधा। |
आगे की राह
- सीएसआईआर-सीआरआरआई, जीवीएमसी और वीएमआरडीए के बीच समझौता ज्ञापनों (MoU/MoA) का शीघ्र कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
- विशाखापत्तनम के लिए एक विस्तृत, समयबद्ध कार्य योजना विकसित की जाए, जिसमें प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की स्पष्ट पहचान हो।
- सड़क निर्माण और रखरखाव में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक तकनीकों और सामग्रियों का अनिवार्य उपयोग किया जाए।
- ठेकेदारों और इंजीनियरों के लिए सड़क संबंधी विभिन्न पहलुओं पर संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएँ।
- आई-रास्ते (i-RASTE) जैसी बुद्धिमान सड़क सुरक्षा प्रणालियों को तैनात कर सड़क सुरक्षा में सुधार किया जाए।
- सड़कों के कटाव, शहरी बाढ़ और तटीय कटाव के वैज्ञानिक अध्ययन और उपचार के लिए विशेष परियोजनाएँ शुरू की जाएँ।
- पैदल यात्रियों के लिए ‘राइट-टू-वॉक’ सुविधाओं और आधुनिक सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली को विकसित किया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
शहरी अवसंरचना विकास · वैज्ञानिक सड़क निर्माण · सड़क सुरक्षा · गुणवत्ता नियंत्रण · CSIR-CRRI · स्थायी सड़कें · शहरी बाढ़ प्रबंधन · तटीय कटाव · सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन · सार्वजनिक-वैज्ञानिक सहयोग
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243W’, ‘note’: ‘नगरपालिकाओं की शक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 243ZD’, ‘note’: ‘महानगर योजना समितियों का गठन’}
अवधारणा प्रवाह
शहरीकरण एवं यातायात में वृद्धि → बुनियादी ढाँचे पर दबाव एवं सुरक्षा चुनौतियाँ → सीएसआईआर-सीआरआरआई की वैज्ञानिक विशेषज्ञता का आह्वान → जीवीएमसी और वीएमआरडीए के साथ सहयोग → वैज्ञानिक सड़क सुधार कार्यक्रम का क्रियान्वयन → बेहतर सड़कें, सुरक्षा एवं आर्थिक संवृद्धि → विश्व स्तरीय शहरी बुनियादी ढाँचे का विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. CSIR-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) सड़क निर्माण और रखरखाव में वैज्ञानिक विशेषज्ञता प्रदान करता है।
2. विशाखापत्तनम महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (VMRDA) एक शहरी स्थानीय निकाय है जो शहर की सड़कों के रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
3. राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का उद्देश्य सड़कों के निर्माण में हरित प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल एक — कथन 1 सही है क्योंकि CSIR-CRRI सड़क अनुसंधान में एक प्रमुख संस्थान है। कथन 2 गलत है क्योंकि VMRDA एक विकास प्राधिकरण है, जबकि सड़कों का रखरखाव मुख्य रूप से ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) जैसे नगर निकायों द्वारा किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का संबंध हाइड्रोजन उत्पादन से है, न कि सीधे सड़क निर्माण में हरित प्रौद्योगिकियों से।
Q2. CSIR-CRRI द्वारा विशाखापत्तनम में सड़कों के सुधार के लिए प्रस्तावित सहयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से क्षेत्र शामिल है/हैं?
1. लचीले फुटपाथों का विकास
2. कमजोर और जलभराव वाली जमीन के लिए सबग्रेड सुधार
3. शहरी सड़क सुरक्षा के लिए बुद्धिमान प्रणाली (i-RASTE) की तैनाती
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर: 1, 2 और 3 — प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि CSIR-CRRI लचीले फुटपाथ, कमजोर और जलभराव वाली जमीन के लिए सबग्रेड सुधार और शहरी सड़क सुरक्षा के लिए बुद्धिमान प्रणाली (i-RASTE) जैसी तकनीकों पर प्रस्तुतियां दी हैं और इन क्षेत्रों में सहयोग करेगा।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ भारत में शहरी अवसंरचना विकास में वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। विशाखापत्तनम में CSIR-CRRI के सहयोग के विशेष संदर्भ में, शहरी सड़क नेटवर्क के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने में ऐसे सहयोग कितने प्रभावी हो सकते हैं? (15 Marks)
रूपरेखा: मॉडल-उत्तर कंकाल:
1. **परिचय:** भारत में शहरीकरण की तीव्र गति और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न अवसंरचनात्मक चुनौतियों का संक्षिप्त उल्लेख। वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका का सामान्य परिचय।
2. **वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका:**
* **अनुसंधान और विकास:** नई निर्माण तकनीकों, सामग्री और प्रक्रियाओं का विकास।
* **तकनीकी विशेषज्ञता:** परियोजनाओं की योजना, डिजाइन और निष्पादन में तकनीकी सहायता।
* **गुणवत्ता नियंत्रण:** निर्माण सामग्री और प्रक्रियाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
* **क्षमता निर्माण:** इंजीनियरों और ठेकेदारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
* **नीति निर्माण में योगदान:** अवसंरचना विकास से संबंधित नीतियों और मानकों को तैयार करने में सहायता।
3. **विशाखापत्तनम में CSIR-CRRI सहयोग का संदर्भ:**
* **सड़क नेटवर्क की चुनौतियाँ:** तटीय कटाव, शहरी बाढ़, खराब गुणवत्ता वाली सड़कें, सड़क सुरक्षा मुद्दे।
* **प्रस्तावित समाधान:** लचीले फुटपाथ, सबग्रेड सुधार, सड़क सुरक्षा ऑडिट, i-RASTE जैसी बुद्धिमान प्रणाली, सड़क परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली।
* **सहयोग के संभावित लाभ:** गुणवत्ता में सुधार, दीर्घकालिक स्थायित्व, लागत-प्रभावशीलता, वैज्ञानिक योजना, आपदा प्रतिरोधक क्षमता।
4. **प्रभाविता का समालोचनात्मक परीक्षण:**
* **सकारात्मक पहलू:** तकनीकी अंतराल को भरना, सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करना, स्थानीय निकायों की क्षमता बढ़ाना, टिकाऊ समाधान प्रदान करना।
* **चुनौतियाँ और सीमाएँ:**
* **कार्यान्वयन की चुनौतियाँ:** नौकरशाही बाधाएँ, धन की कमी, राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्थानीय निकायों की सीमित क्षमता।
* **दीर्घकालिक प्रतिबद्धता:** केवल परियोजना-आधारित सहयोग के बजाय निरंतर जुड़ाव की आवश्यकता।
* **प्रौद्योगिकी हस्तांतरण:** स्थानीय इंजीनियरों और श्रमिकों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता।
* **समग्र दृष्टिकोण:** केवल सड़कों तक सीमित न रहकर, शहरी नियोजन के व्यापक संदर्भ में एकीकरण।
5. **निष्कर्ष:** शहरी अवसंरचना विकास में वैज्ञानिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, प्रभावी कार्यान्वयन और सतत विकास के लिए बहु-हितधारक सहयोग और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता पर बल देना।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
Andhra Pradesh PCS (APPSC) — राज्य PCS अभ्यास
Prelims: विशाखापत्तनम में बेहतर और सुरक्षित सड़कों के निर्माण के लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा प्रदान किए जाने वाले वैज्ञानिक सहयोग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- A. सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा में वृद्धि करना
- B. सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से पूरा करना
- C. सड़कों की लागत में कमी लाना
- D. सड़कों का सौंदर्यीकरण करना
उत्तर: A. सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा में वृद्धि करना — सीएसआईआर-सीआरआरआई द्वारा प्रदान किया जाने वाला वैज्ञानिक सहयोग सड़कों की गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार के लिए तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
Mains: विशाखापत्तनम में बेहतर और सुरक्षित सड़कों के निर्माण के लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई, वीएमआरडीए और जीवीएमसी के बीच सहयोग की आवश्यकता और महत्व पर प्रकाश डालते हुए, इससे संबंधित चुनौतियों और समाधानों पर विस्तृत चर्चा कीजिए।
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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