25 Sep सीपीजीआरएएमएस की 49वीं रिपोर्ट: अगस्त 2026 में 98,997 शिकायतें, 79,639 का निपटान
✎ CPGRAMS भारत सरकार का एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को सरकारी विभागों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करने और उनके समाधान की निगरानी करने में सक्षम बनाता है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्वपूर्ण पहलू, ई-गवर्नेंस-अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा संस्थागत एवं अन्य उपाय।
- Prelims: CPGRAMS, प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG), सेवोत्तम योजना, लोक शिकायत निवारण, ई-गवर्नेंस, सामान्य सेवा केंद्र (CSC)
- Essay: ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की स्थापना, नागरिक-केंद्रित प्रशासन की चुनौतियाँ और समाधान
त्वरित पुनरावृत्ति: CPGRAMS भारत सरकार का एक ऑनलाइन मंच है जो नागरिकों को सरकारी विभागों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करने और उनके समाधान की निगरानी करने में सक्षम बनाता है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने अगस्त, 2026 के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) पर अपनी 49वीं मासिक रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट लोक शिकायतों के प्रकार, श्रेणियों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उनके निपटान के तरीके का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है, साथ ही ‘सेवोत्तम’ योजना के तहत किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी देती है।
पृष्ठभूमि
- भारत में लोक शिकायत निवारण प्रणाली का विकास नागरिकों को सरकार के प्रति जवाबदेह बनाने और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हुआ है।
- CPGRAMS इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नागरिकों को अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करने और उनकी स्थिति को ट्रैक करने की सुविधा प्रदान करता है।
- प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के तहत कार्य करता है और यह लोक प्रशासन में सुधारों को बढ़ावा देने तथा नागरिक-केंद्रित शासन सुनिश्चित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
- ई-गवर्नेंस पहल के तहत, CPGRAMS को सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी नागरिकों के लिए शिकायत दर्ज करना सुलभ हो गया है।
- ‘सेवोत्तम’ योजना, जो सेवा वितरण में सुधार पर केंद्रित है, CPGRAMS के पूरक के रूप में कार्य करती है, अधिकारियों को नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए प्रशिक्षित करती है।
- अगस्त 2026 में, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 98,997 लोक शिकायत मामले प्राप्त हुए और 79,639 मामलों का समाधान किया गया, जबकि 2,53,040 मामले लंबित थे, जो प्रभावी शिकायत निवारण की निरंतर आवश्यकता को दर्शाता है।
केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) क्या है?
- CPGRAMS एक ऑनलाइन मंच है जिसे भारत सरकार द्वारा नागरिकों को अपनी शिकायतें विभिन्न सरकारी संगठनों के खिलाफ दर्ज करने में सक्षम बनाने के लिए विकसित किया गया है।
- यह प्रणाली प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित की जाती है और इसका उद्देश्य लोक शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
- नागरिक अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं और एक अद्वितीय पंजीकरण संख्या के माध्यम से अपनी शिकायत की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
- यह प्रणाली केंद्र सरकार के मंत्रालयों/विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एकीकृत है, जिससे शिकायतों को संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाना आसान हो जाता है।
- CPGRAMS का मुख्य उद्देश्य शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाना है, जिससे सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास मजबूत हो सके।
- इसे सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से भी एक्सेस किया जा सकता है, जिससे डिजिटल डिवाइड को कम करने और दूरदराज के क्षेत्रों में भी शिकायत निवारण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
- रिपोर्टें नियमित रूप से जारी की जाती हैं जो प्राप्त, निपटाए गए और लंबित शिकायतों का विश्लेषण प्रदान करती हैं, जिससे प्रदर्शन की निगरानी और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है।
- यह प्रणाली ‘अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार’ के सिद्धांत को साकार करने में एक महत्वपूर्ण उपकरण है, जो नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर जोर देती है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| 49वीं मासिक रिपोर्ट | प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा अगस्त 2026 के लिए जारी, लोक शिकायत निवारण की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है। |
| शिकायतों की प्राप्ति और समाधान | अगस्त 2026 में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 98,997 शिकायतें प्राप्त हुईं और 79,639 का समाधान किया गया, जो निवारण तंत्र की सक्रियता दर्शाती है। |
| लंबित मामलों की संख्या | 31 अगस्त 2026 तक कुल 2,53,040 शिकायतें लंबित हैं, जिनमें से 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक मामले लंबित हैं, जो प्रणाली पर बढ़ते दबाव को इंगित करता है। |
| राज्य-वार प्रदर्शन | उत्तर प्रदेश ने अगस्त में सर्वाधिक 28,939 शिकायतों का निपटान किया, इसके बाद गुजरात (6,810) और राजस्थान (5,895) का स्थान रहा, जो राज्यों के बीच भिन्न-भिन्न दक्षता को दर्शाता है। |
| सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) का एकीकरण | CPGRAMS का 5 लाख से अधिक CSCs के साथ एकीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों तक शिकायत निवारण सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करता है। |
| सेवोत्तम योजना के तहत प्रशिक्षण | पिछले पांच वित्तीय वर्षों में 1,270 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 42,011 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, जो सेवा वितरण में सुधार के लिए क्षमता निर्माण पर बल देता है। |
महत्व
शासन और पारदर्शिता
- CPGRAMS रिपोर्ट सार्वजनिक सेवाओं में जवाबदेही (Accountability) और पारदर्शिता (Transparency) को बढ़ावा देती है, जिससे नागरिकों का सरकार में विश्वास बढ़ता है।
- यह नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनके समाधान की स्थिति को ट्रैक करने के लिए एक मंच प्रदान करती है, जिससे सुशासन (Good Governance) सुनिश्चित होता है।
नागरिक-केंद्रित प्रशासन
- यह प्रणाली प्रशासन को नागरिकों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है, जिससे सेवाओं का वितरण नागरिक-केंद्रित होता है।
- शिकायतों के विश्लेषण से सरकार को उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलती है जहाँ नीतिगत सुधारों या प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बदलाव की आवश्यकता है।
प्रशासनिक दक्षता
- सेवोत्तम योजना के तहत अधिकारियों का प्रशिक्षण सेवा वितरण मानकों को बेहतर बनाने और शिकायतों के प्रभावी समाधान के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करता है।
- CPGRAMS का सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के साथ एकीकरण दूरदराज के क्षेत्रों में भी शिकायत निवारण सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करता है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है।
चुनौतियाँ
1. लंबित शिकायतों की उच्च संख्या
- 2.5 लाख से अधिक शिकायतों का लंबित होना, विशेष रूप से 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक मामले, प्रभावी और समयबद्ध निवारण में बाधा उत्पन्न करता है।
- लंबित मामलों की उच्च संख्या नागरिकों के बीच असंतोष पैदा कर सकती है और प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा सकती है।
यूपीएससी लिंक: शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही
2. राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन में असमानता
- कुछ राज्यों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन जबकि अन्य में लंबित मामलों की उच्च संख्या, राज्यों के बीच प्रशासनिक क्षमता और प्रतिबद्धता में भिन्नता को दर्शाती है।
- यह असमानता समग्र राष्ट्रीय शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है।
यूपीएससी लिंक: संघवाद और केंद्र-राज्य संबंध
3. प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
- सेवोत्तम योजना के तहत प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रशिक्षित अधिकारी प्राप्त ज्ञान और कौशल को प्रभावी ढंग से लागू करें।
- प्रशिक्षण कार्यक्रमों की गुणवत्ता और उनके प्रभाव का नियमित मूल्यांकन आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: मानव संसाधन विकास
4. तकनीकी एकीकरण और पहुँच
- CPGRAMS का CSCs के साथ एकीकरण सराहनीय है, लेकिन यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी साक्षरता की कमी शिकायत दर्ज करने में बाधा न बने।
- पोर्टल के उपयोग में आसानी और बहुभाषी समर्थन भी महत्वपूर्ण हैं।
यूपीएससी लिंक: ई-शासन और डिजिटल पहल
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| बड़ी संख्या में लंबित शिकायतें | नागरिकों के असंतोष और प्रणाली में विश्वास की कमी का कारण बन सकती हैं। |
| राज्यों के बीच प्रदर्शन में असमानता | कुछ राज्यों में प्रभावी निवारण की कमी समग्र प्रणाली की दक्षता को प्रभावित करती है। |
| प्रशिक्षित अधिकारियों द्वारा ज्ञान का अनुप्रयोग | प्रशिक्षण के बाद भी, वास्तविक कार्यस्थल पर सीखे गए कौशल का प्रभावी ढंग से उपयोग सुनिश्चित करना एक चुनौती है। |
| ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी पहुँच | इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की कमी CSCs के माध्यम से शिकायत दर्ज करने में बाधा बन सकती है। |
| शिकायतों की गुणवत्ता और प्रासंगिकता | कभी-कभी अप्रासंगिक या दोहराई जाने वाली शिकायतें प्रणाली पर अनावश्यक बोझ डाल सकती हैं। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS)
- सेवोत्तम योजना
आगे की राह
- लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना विकसित की जाए, जिसमें प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित हों।
- राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच शिकायत निवारण में सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) को साझा किया जाए और कम प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सहायता प्रदान की जाए।
- सेवोत्तम योजना के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का नियमित मूल्यांकन किया जाए और आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रम में सुधार किया जाए।
- CPGRAMS पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल (User-friendly) बनाया जाए, विशेष रूप से ग्रामीण और कम साक्षर आबादी के लिए, जिसमें बहुभाषी समर्थन शामिल हो।
- शिकायतों के प्रकार और श्रेणियों का गहन विश्लेषण किया जाए ताकि मूल कारणों की पहचान की जा सके और नीतिगत स्तर पर आवश्यक सुधार किए जा सकें।
- नागरिकों को शिकायत निवारण प्रणाली के बारे में जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाए जाएं, ताकि वे इसका प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
- शिकायत निवारण अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उनके प्रदर्शन की नियमित निगरानी की जाए ताकि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित हो सके।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) · प्रशासनिक सुधार · लोक शिकायत निवारण · सेवोत्तम योजना · ई-शासन (E-Governance) · नागरिक केंद्रित प्रशासन · उत्तरदायित्व (Accountability) · पारदर्शिता (Transparency) · सामान्य सेवा केंद्र (CSC) · सुशासन (Good Governance) · डिजिटल इंडिया
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 32’, ‘note’: ‘मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन हेतु उपचार’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 226’, ‘note’: ‘उच्च न्यायालयों को रिट जारी करने की शक्ति’}
- {‘article’: ‘अनुच्छेद 312’, ‘note’: ‘अखिल भारतीय सेवाओं का प्रावधान’}
अवधारणा प्रवाह
नागरिकों को सरकारी सेवाओं से संबंधित समस्याएँ आती हैं। → नागरिक CPGRAMS पोर्टल या CSCs के माध्यम से शिकायतें दर्ज करते हैं। → प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) शिकायतों की निगरानी करता है। → संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारी शिकायतों का समाधान करते हैं। → DARPG मासिक रिपोर्ट जारी कर प्रदर्शन का विश्लेषण करता है। → प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से सेवा वितरण में सुधार होता है। → प्रभावी शिकायत निवारण से सुशासन और नागरिक संतुष्टि बढ़ती है।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा संचालित है।
2. सेवोत्तम योजना का उद्देश्य सार्वजनिक सेवा वितरण में गुणवत्ता और दक्षता में सुधार करना है।
3. CPGRAMS पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निपटान केवल केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों द्वारा किया जाता है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है। CPGRAMS DARPG द्वारा संचालित है। कथन 2 सही है। सेवोत्तम योजना का मुख्य उद्देश्य सेवा वितरण में गुणवत्ता सुधार है। कथन 3 गलत है क्योंकि CPGRAMS राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की शिकायतों का भी समाधान करता है, जैसा कि रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।
Q2. केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- यह केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों से संबंधित शिकायतों का समाधान करता है।
- यह सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने की सुविधा प्रदान नहीं करता है।
- यह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त लोक शिकायतों का भी समाधान और निगरानी करता है।
- यह केवल वित्तीय मामलों से संबंधित शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करता है।
उत्तर: यह राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त लोक शिकायतों का भी समाधान और निगरानी करता है। — CPGRAMS राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त लोक शिकायतों का भी समाधान और निगरानी करता है, जैसा कि रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है। यह CSC के माध्यम से शिकायतें दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान करता है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ केंद्रीकृत लोक शिकायत समाधान एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) भारत में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और सुशासन सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: परिचय: CPGRAMS और प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) का संक्षिप्त परिचय।
मुख्य भाग:
1. CPGRAMS की विशेषताएं और कार्यप्रणाली: यह कैसे नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनकी स्थिति को ट्रैक करने में मदद करता है।
2. प्रशासनिक सुधारों में CPGRAMS की भूमिका: पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देना।
3. सुशासन में योगदान: सेवा वितरण में सुधार, जनता के विश्वास को बढ़ाना, और सरकार को जनता की प्रतिक्रिया प्राप्त करने में मदद करना।
4. चुनौतियों और सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण: लंबित मामलों की बड़ी संख्या, जागरूकता की कमी, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच के मुद्दे, और समाधान की गुणवत्ता।
5. सेवोत्तम योजना का संदर्भ: CPGRAMS के साथ इसका संबंध और सेवा वितरण में सुधार के लिए इसके प्रयास।
निष्कर्ष: CPGRAMS की क्षमता और सुशासन के लिए आगे के सुधारों की आवश्यकता पर संतुलित दृष्टिकोण।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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