ग्रामीण विकास विभाग ने विशेष अभियान 6 के तहत 76% फाइलों की समीक्षा पूरी की

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विशेष अभियान 6 प्रक्रियाशुभारंभ2 अक्टूबर 2026लक्ष्य पूर्ति2-23 अक्टूबरअंतिम लक्ष्य31 अक्टूबर 2026
विशेष अभियान 6 प्रक्रिया

✎ विशेष अभियान 6 (DARPG के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग) कार्यालयी स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरे के निपटान पर केंद्रित है, और यह स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जैसे ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम से भिन्न है।

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र II — शासन (Governance): लोक शिकायत निवारण, ई-गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार  |  सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र III — पर्यावरण: ई-कचरा प्रबंधन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
  • Prelims: DARPG (प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग — Department of Administrative Reforms and Public Grievances), CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली — Centralised Public Grievance Redress and Monitoring System), ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022), विस्तारित उत्पादक दायित्व (Extended Producer Responsibility — EPR), लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (Swachh Bharat Mission (Gramin)), संसदीय आश्वासन (Parliamentary Assurances), सामान्य वित्तीय नियम (General Financial Rules — GFR)
  • Essay: सुशासन की दिशा में कार्यालयी दक्षता: फाइलों के ढेर से लेकर सेवा-वितरण तक, कचरे से संसाधन: शासन में चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) का व्यावहारिक पाठ

त्वरित पुनरावृत्ति: विशेष अभियान 6 (DARPG के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग) कार्यालयी स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान और ई-कचरे के निपटान पर केंद्रित है, और यह स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जैसे ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम से भिन्न है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के मार्गदर्शन में विशेष अभियान 6 चलाया है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 को सचिव (ग्रामीण विकास) द्वारा शपथ दिलाने और कर्तव्य भवन-03 में श्रमदान से हुई। विभाग के अनुसार उसने 2 से 23 अक्टूबर के बीच स्वच्छता अभियानों और आईएमसी संदर्भों के अपने 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। लोक शिकायतों से जुड़ी अपीलों में 77 प्रतिशत, वास्तविक फाइलों की समीक्षा में 76 प्रतिशत, लोक शिकायतों के निपटान में 69 प्रतिशत और ई-फाइलों की समीक्षा में 63 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। संसदीय आश्वासनों में 60 प्रतिशत, सांसदों के संदर्भों में 51 प्रतिशत, राज्य सरकारों के संदर्भों में 50 प्रतिशत और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संदर्भों में 33 प्रतिशत प्रगति हुई है। अब तक 690 वास्तविक फाइलें हटाई गई हैं और 1,177 ई-फाइलें बंद की गई हैं। इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित स्टोर से बेकार फर्नीचर और उपकरण हटाए गए हैं, जिनके ई-कचरे और फर्नीचर के निपटान से लगभग 15.29 लाख रुपये की आय की संभावना है तथा 43,186 वर्ग फुट कार्यालय जगह खाली हुई है। 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से 250 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 तक अपने सभी लक्ष्य पूरे करने का लक्ष्य रखा है। ये आँकड़े विभाग द्वारा दी गई स्व-रिपोर्ट हैं, इसलिए इन्हें उपलब्धि के प्रशासनिक संकेतकों के रूप में समझना उचित है।

पृष्ठभूमि

  • DARPG केंद्र सरकार की वह नोडल एजेंसी है जो प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत निवारण और कार्यालयी कार्यकुशलता से जुड़े निर्देश जारी करती है; विशेष अभियान उसी व्यवस्था के तहत समय-सीमा वाले केंद्रित प्रयास होते हैं।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित कार्यक्रम है, जिसका संचालन पेयजल और स्वच्छता विभाग (जल शक्ति मंत्रालय) करता है। यह विशेष अभियान उससे भिन्न है, क्योंकि इसका क्षेत्र केंद्र सरकार के अपने कार्यालयों का आंतरिक प्रबंधन है।
  • सरकारी अभिलेखों के रखरखाव और विनाश की प्रक्रिया लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 तथा विभागीय अभिलेख धारण अनुसूची (Record Retention Schedule) से नियंत्रित होती है। ई-ऑफिस जैसी प्रणालियों के विस्तार से भौतिक और डिजिटल, दोनों तरह की फाइलों के प्रबंधन की चुनौतियाँ बदली हैं।
  • ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए हैं। इनमें विस्तारित उत्पादक दायित्व का सिद्धांत लागू होता है और ई-कचरे का संग्रहण, परिवहन, पुनर्चक्रण तथा निपटान अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से होना अनिवार्य है।
  • संसदीय आश्वासन वे वचन हैं जो मंत्री सदन में किसी प्रश्न या चर्चा के दौरान देते हैं। इनकी समय पर पूर्ति की निगरानी संबंधित मंत्रालय और संसदीय व्यवस्था के माध्यम से होती है, इसलिए इनका लंबित रहना प्रशासनिक जवाबदेही का विषय है।
  • लोक शिकायत निवारण के लिए CPGRAMS जैसी केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली उपलब्ध है, जिसकी निगरानी DARPG करता है। नागरिकों की शिकायत, अपील और सांसदों, राज्य सरकारों तथा PMO के संदर्भ अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज होते हैं और उनका निपटान समय-सीमा के भीतर अपेक्षित है।

विशेष अभियान 6 क्या है?

  • यह DARPG के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा एक समय-सीमा वाला अभियान है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालय में व्यवस्थित कार्य-संस्कृति को स्थायी बनाना है।
  • इसके तीन प्रमुख उद्देश्य हैं: स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों की संख्या घटाना और ई-कचरे व बेकार सामान का निपटान करना।
  • स्वच्छता घटक में शपथ, श्रमदान, कार्यालय परिसर की सफाई, इनडोर पौधों का वितरण, निर्मल डेस्क चैलेंज और तंबाकू-रोधी जागरूकता जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
  • लंबित मामलों के घटक में लोक शिकायत, अपील, संसदीय आश्वासन, सांसदों, राज्य सरकारों और PMO के संदर्भ तथा भौतिक एवं ई-फाइलों की समीक्षा आती है। हर श्रेणी की जवाबदेही और समय-सीमा अलग होती है।
  • अभिलेखों की छँटाई में अप्रचलित भौतिक फाइलों को हटाया जाता है और ई-ऑफिस प्रणाली में ई-फाइलों को बंद किया जाता है; यह कार्य अभिलेख नियमों के अनुसार होना चाहिए।
  • बेकार फर्नीचर, उपकरण और ई-कचरे का निपटान सामान्य वित्तीय नियमों और लागू निर्देशों के अनुसार होता है, जिससे सरकारी संपत्ति का उचित प्रबंधन और कार्यालय में खाली जगह सुनिश्चित होती है।
  • आउटसोर्स और सफाई कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य शिविर इस बात का उदाहरण है कि कार्यालयी स्वच्छता में सफाई श्रमिकों के कल्याण को भी शामिल किया गया है।
  • अभियान का असली महत्व तभी है जब स्वच्छता और फाइल-निपटान नियमित कार्य-संस्कृति बन जाएँ, न कि केवल तय तिथियों पर चलने वाला आयोजन।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
अभियान का स्वरूप DARPG (प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग) के मार्गदर्शन में चलने वाला विभाग-स्तरीय विशेष अभियान, जो 2 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ और 31 अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य प्राप्ति पर केंद्रित है।
मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों की संख्या घटाना तथा ई-कचरा (E-waste) का निपटान करना।
लंबित मामलों में प्रगति लोक शिकायत अपीलों में 77%, लोक शिकायतों के निपटान में 69%, संसदीय आश्वासनों में 60%, सांसदों के संदर्भों में 51%, राज्य सरकारों के संदर्भों में 50% और PMO के संदर्भों में 33% प्रगति दर्ज हुई।
अभिलेख और फाइल प्रबंधन अब तक 690 वास्तविक फाइलें हटाई गईं और 1,177 ई-फाइलें बंद की गईं। ई-फाइल (E-file) की समीक्षा में 63% प्रगति हुई।
भौतिक स्थान की मुक्ति इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित स्टोर से बेकार फर्नीचर और उपकरण हटाए गए, जिससे कार्यालय की 43,186 वर्ग फुट जगह खाली हुई।
वित्तीय पहलू ई-कचरे और बेकार फर्नीचर के निपटान से लगभग 15.29 लाख रुपए की आय होने का अनुमान है।
कर्मचारी कल्याण 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से 250 से अधिक बाह्य स्रोत (आउटसोर्स) कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच हुई।

महत्व

प्रशासनिक सुधार

  • लोक शिकायत और संसदीय आश्वासनों जैसे उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में लंबित मामलों की समयबद्ध समीक्षा से सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ती है।
  • फाइलों की नियमित छंटाई से अभिलेखों का बोझ घटता है और निर्णय-प्रक्रिया तेज होती है।
  • ई-फाइल की समीक्षा से कागज़-आधारित कार्यप्रणाली से डिजिटल शासन की ओर संक्रमण को बल मिलता है।

पर्यावरणीय और स्वास्थ्य पक्ष

  • ई-कचरे का व्यवस्थित निपटान विषैले पदार्थों (जैसे सीसा और पारा) से भूमि और जल के प्रदूषण को रोकने में सहायक है।
  • कार्यालय परिसर की स्वच्छता और तंबाकू-रोधी जागरूकता से कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-संस्कृति विकसित होती है।

वित्तीय और संसाधन प्रबंधन

  • बेकार सामान की बिक्री से अनुमानित आय होती है, जो सरकारी संपत्ति के उत्पादक उपयोग का एक उदाहरण है।
  • खाली हुई जगह का पुनः उपयोग सार्वजनिक संसाधनों के दक्ष उपयोग को दर्शाता है।

सामाजिक कल्याण

  • सफाई कर्मचारियों और बाह्य स्रोत कर्मियों के लिए स्वास्थ्य शिविर उनके कार्य-कल्याण की ओर एक ठोस कदम है।
  • निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियों से कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है।

चुनौतियाँ

1. PMO और सांसदों के संदर्भों में धीमी प्रगति

  • PMO संदर्भों में प्रगति 33% और सांसदों के संदर्भों में 51% है, जो अन्य श्रेणियों की तुलना में कम है।
  • इन संदर्भों में अंतर-विभागीय समन्वय और उत्तर-तैयारी की जटिलता अधिक होती है।

2. अभिलेख हटाने में विधिक सावधानी

  • वास्तविक फाइलों को हटाने से पहले लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) के प्रावधानों का पालन आवश्यक है।
  • महत्वपूर्ण अभिलेख नष्ट होने से सूचना का अधिकार और जवाबदेही के दावे प्रभावित हो सकते हैं।

3. ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान

  • ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 (E-Waste (Management) Rules, 2022) के अंतर्गत अधिकृत पुनर्चक्रण (recycling) इकाइयों के माध्यम से निपटान अपेक्षित है।
  • बेकार सामान की नीलामी में पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी से अनौपचारिक पुनर्चक्रण और प्रदूषण का खतरा रहता है।

4. स्वच्छता को स्थायी संस्कृति में बदलना

  • अभियान की समाप्ति के बाद स्वच्छता के व्यवहार को बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।
  • केवल अभियान-आधारित गतिविधियों से दीर्घकालिक परिवर्तन सुनिश्चित नहीं होता; नियमित निगरानी आवश्यक है।

5. बाह्य स्रोत कर्मचारियों की सेवा-शर्तें

  • बड़ी संख्या में बाह्य स्रोत कर्मचारी सेवा-सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा और कार्य-परिस्थितियों के मामले में अक्सर अनिश्चितता में रहते हैं।
  • एक दिन के स्वास्थ्य शिविर से दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा का समाधान नहीं होता।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
संदर्भों के निपटान में असमानता PMO (33%) और राज्य सरकारों (50%) के संदर्भों में प्रगति पीछे है, जिससे लक्ष्य की समग्र पूर्ति पर असर पड़ सकता है।
अभिलेख छंटाई की वैधता फाइलें हटाने की प्रक्रिया अभिलेख नियमों और सूचना के अधिकार के अनुरूप न हो, तो जवाबदेही प्रभावित होती है।
ई-कचरे का अनौपचारिक निपटान अधिकृत पुनर्चक्रण के बिना बेचे गए सामान से पर्यावरण और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं।
आय का अनुमान बनाम वास्तविक प्राप्ति 15.29 लाख रुपए की आय अभी अनुमानित है; वास्तविक प्राप्ति नीलामी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
अभियान-आधारित स्वच्छता की निरंतरता अभियान समाप्त होने के बाद स्वच्छता व्यवहार और लंबित मामलों की निगरानी कमजोर पड़ने का खतरा रहता है।
बाह्य स्रोत कर्मचारियों का स्वास्थ्य एक शिविर से आगे नियमित स्वास्थ्य सुविधा और सेवा-सुरक्षा के प्रश्न बने रहते हैं।

आगे की राह

  • लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा के लिए स्पष्ट समय-सीमा और जिम्मेदार अधिकारी तय किए जाएँ, विशेषकर PMO और सांसदों के संदर्भों में।
  • फाइलों की छंटाई से पहले लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 के अनुसार सूची बनाई जाए और आवश्यक अभिलेखों को संरक्षित किया जाए।
  • ई-कचरे का निपटान केवल ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 के अंतर्गत अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं को ही किया जाए, और इसका लेखा-परीक्षण सुनिश्चित हो।
  • बेकार सामान की बिक्री सामान्य वित्तीय नियम (General Financial Rules) के अनुरूप पारदर्शी नीलामी द्वारा की जाए।
  • स्वच्छता को अभियान से आगे बढ़ाकर नियमित कार्य-व्यवहार का हिस्सा बनाया जाए, जिसकी त्रैमासिक निगरानी हो।
  • बाह्य स्रोत कर्मचारियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और सेवा-शर्तों पर संस्थागत व्यवस्था की दिशा में कदम उठाए जाएँ।
  • फाइल और ई-फाइल प्रबंधन में डिजिटल अभिलेख प्रणाली को मजबूत किया जाए, ताकि कागज़ी बोझ और पुनरावृत्ति कम हो।
  • अन्य विभागों के लिए इस अभियान के मापदंड और परिणाम सार्वजनिक रूप से साझा किए जाएँ, ताकि सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार हो।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

विशेष अभियान (Special Campaign) और संस्थागत सुधार · लोक शिकायत निवारण और CPGRAMS · लंबित मामलों की समस्या (Pendency) · ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली · अभिलेख प्रबंधन और सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 · सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) · ई-कचरा प्रबंधन नियम, 2022 और विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR) · संसदीय आश्वासन और संसदीय समितियाँ · नागरिक-केंद्रित प्रशासन (Citizen-centric Administration) · प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC)

अवधारणा प्रवाह

DARPG के मार्गदर्शन में विशेष अभियान 6 का निर्धारण (2 अक्टूबर 2026)  →  विभाग में श्रमदान, स्वच्छता अभियान और IMC संदर्भों का निपटान  →  वास्तविक फाइलों और ई-फाइलों की समीक्षा तथा अप्रचलित फाइलों का निष्कासन  →  बेकार फर्नीचर और ई-कचरे का निपटान, जिससे आय और कार्यालय स्थान की प्राप्ति  →  लोक शिकायतों और संसदीय व अन्य संदर्भों के लंबित मामलों में क्रमिक कमी  →  संस्थागत स्वच्छता और कर्मचारी कल्याण के साथ कार्यालय-कार्यप्रणाली में सुधार  →  बेहतर लोक सेवा वितरण, पारदर्शिता और जवाबदेही (31 अक्टूबर 2026 का लक्ष्य)

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
2. CPGRAMS एक ऐसी ऑनलाइन प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक केंद्रीय सरकार और उसके विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज कर सकते हैं और उनकी प्रगति की निगरानी कर सकते हैं।
3. लोकपाल (Lokpal) संस्था का प्रशासनिक नियंत्रण DARPG के पास है।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: DARPG कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय का विभाग है। कथन 2 सही है: CPGRAMS के माध्यम से लोक शिकायतें दर्ज और ट्रैक की जाती हैं, जिसका संचालन DARPG करता है। कथन 3 गलत है: लोकपाल की स्थापना लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत हुई है और यह DARPG के प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं है।

Q2. निम्नलिखित दो कथनों (A और R) पर विचार कीजिए:
कथन (A): सरकारी कार्यालयों में ई-फाइल प्रणाली अपनाने से भौतिक फाइलों की संख्या घटाकर कार्यालय का स्थान खाली किया जा सकता है।
कारण (R): इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के अधिकांश प्रकारों के लिए भौतिक भंडारण स्थान की आवश्यकता कम हो जाती है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

  1. A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
  2. A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
  3. A सही है, परंतु R गलत है
  4. A गलत है, परंतु R सही है

उत्तर: A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है — ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली में अभिलेख इलेक्ट्रॉनिक रूप में संग्रहीत होते हैं, इसलिए भौतिक फाइलों और अलमारियों की आवश्यकता घटती है। यही कारण कार्यालय के स्थान की बचत की व्याख्या करता है। अभिलेख प्रबंधन के नियम, जैसे सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993, इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक दोनों रूपों के अभिलेखों पर लागू होते हैं।

Q3. निम्नलिखित स्तंभों को सुमेलित कीजिए:

स्तंभ I (विधि/नियम)
A. ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022
B. सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993
C. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

स्तंभ II (विषय)
1. सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वारा धारित सूचना तक नागरिकों की पहुँच
2. ई-कचरे के संग्रहण और पुनर्चक्रण में उत्पादकों की विस्तारित उत्तरदायिता (EPR)
3. केंद्र सरकार के अभिलेखों का संरक्षण और निपटान

सही सुमेलन चुनिए:

  1. A-1, B-2, C-3
  2. A-2, B-3, C-1
  3. A-3, B-1, C-2
  4. A-2, B-1, C-3

उत्तर: A-2, B-3, C-1 — A का संबंध ई-कचरे में EPR से है, इसलिए A-2। B का संबंध केंद्र सरकार के अभिलेखों के संरक्षण और निपटान से है, इसलिए B-3। C का संबंध सार्वजनिक प्राधिकरणों की सूचना तक पहुँच से है, इसलिए C-1। अतः सही सुमेलन A-2, B-3, C-1 है।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ विशेष अभियान जैसे प्रशासनिक उपाय, जो एक निश्चित अवधि में लक्ष्य पूरे करते हैं, सरकारी कार्यप्रणाली में स्थायी सुधार ला सकते हैं, परंतु यह तभी संभव है जब उन्हें नियमित प्रशासनिक व्यवस्था में संस्थागत रूप दिया जाए। इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही बताइए कि लोक शिकायतों के निपटान और अभिलेखों के प्रबंधन में ई-ऑफिस जैसी डिजिटल प्रणालियाँ किस सीमा तक लंबित मामलों की समस्या का समाधान कर सकती हैं। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर संरचना:
1. भूमिका: प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग का विशेष अभियान 6 (2 से 31 अक्टूबर 2026), जिसमें स्वच्छता को संस्थागत बनाना, लंबित मामलों को कम करना और ई-कचरे का निपटान शामिल है। आधार-तथ्य: लोक शिकायत अपीलों में 77%, वास्तविक फाइलों की समीक्षा में 76%, लोक शिकायत निपटान में 69%, तथा PMO के संदर्भों में 33% प्रगति; 690 वास्तविक फाइलें और 1,177 ई-फाइलें बंद; लगभग 15.29 लाख रुपए की आय की अपेक्षा।
2. अभियान-मोड बनाम नियमित प्रशासन: मैक्स वेबर की नौकरशाही संबंधी अवधारणा में नियम-आधारित और निरंतर कार्यप्रणाली पर बल है; अभियान-मोड से तात्कालिक लक्ष्य पूरे होते हैं पर स्थायित्व के लिए प्रक्रियात्मक नियम, निगरानी और उत्तरदायित्व ज़रूरी हैं। द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की 12वीं रिपोर्ट ‘Citizen Centric Administration’ का उल्लेख करें।
3. लोक शिकायत तंत्र: CPGRAMS की भूमिका, शिकायत की निगरानी, अपील-तंत्र और उत्तरदायित्व; संसदीय आश्वासनों (लोक सभा की आश्वासन समिति और मंत्रालयों की भूमिका) और सांसदों/राज्यों/PMO के संदर्भों की प्रगति का विश्लेषण।
4. अभिलेख प्रबंधन और विधिक ढाँचा: सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 के अंतर्गत अभिलेखों का संरक्षण और निपटान; सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7 (तीस दिन की समय-सीमा) के संदर्भ में फाइल प्रबंधन की भूमिका; ई-ऑफिस और ई-फाइल द्वारा पारदर्शिता और गति।
5. ई-कचरा और विस्तारित उत्पादक दायित्व (EPR): ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022 के अंतर्गत उत्पादकों की जिम्मेदारी, CPCB की निगरानी में EPR पोर्टल; बेकार सामान के निपटान हेतु सामान्य वित्तीय नियम (GFR) के प्रावधान; ‘प्रदूषक भुगतान करे’ सिद्धांत।
6. समालोचना: डिजिटल प्रणाली की सीमाएँ (डिजिटल विभाजन, प्रशिक्षण, इंटरऑपरेबिलिटी, तकनीकी ढाँचे की कमी), अभियान-मोड की सीमाएँ (मात्रात्मक लक्ष्यों पर अधिक बल, गुणवत्ता की अनदेखी), तथा लोक सेवा प्रेरणा (Public Service Motivation) की भूमिका।
7. संतुलित निष्कर्ष: अभियानों को नियमित पर्यवेक्षण, समयबद्ध मानक प्रक्रिया (SOP), डिजिटल ऑडिट और उत्तरदायित्व तंत्र से जोड़ना आवश्यक है; तभी लंबित मामलों में स्थायी कमी और सुशासन संभव है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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