27 Oct आयुष मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 में 309 शिकायतों का निपटारा किया
✎ लोक शिकायत निवारण, अभिलेख छंटनी और स्वच्छता को एक साथ साधना प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन का व्यावहारिक मॉडल है।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — शासन व्यवस्था (लोक शिकायत निवारण, प्रशासनिक सुधार, नागरिक-केंद्रित प्रशासन) | GS Paper III — पर्यावरण (स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण)
- Prelims: लोक शिकायत निवारण तंत्र और CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली), प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG), स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता ही सेवा, अभिलेख प्रतिधारण अनुसूची और अभिलेखों का निपटान, स्क्रैप निपटान से प्राप्त आय: गैर-कर राजस्व, आयुष मंत्रालय और AYUSH की संरचना, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005, ई-ऑफिस (e-Office) और डिजिटल फाइल प्रबंधन
- Essay: सुशासन की कसौटी के रूप में समयबद्ध लोक शिकायत निवारण, स्वच्छता केवल सफाई नहीं, बल्कि नागरिक-केंद्रित प्रशासन की संस्कृति है
त्वरित पुनरावृत्ति: लोक शिकायत निवारण, अभिलेख छंटनी और स्वच्छता को एक साथ साधना प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन का व्यावहारिक मॉडल है।
यह खबर चर्चा में क्यों?
आयुष मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से 27 अक्टूबर, 2026 की अवधि में विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत 309 लोक शिकायतों और 50 लोक शिकायत अपीलों का निपटारा किया। इस दौरान मंत्रालय ने 220 स्वच्छता अभियान चलाए, 1,525 फाइलों की समीक्षा कर उन्हें हटाया तथा स्क्रैप और अप्रचलित अभिलेखों के निपटान से लगभग 1,030 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया। स्क्रैप निपटान से 1,89,298 रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ। ये गतिविधियां 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2026 के स्वच्छता ही सेवा अभियान में मंत्रालय की भागीदारी का विस्तार हैं। समाचार का मुख्य संदेश यह है कि लंबित शिकायतों का समय पर निपटान, अभिलेखों की व्यवस्थित छंटनी और स्वच्छता को एक साथ साधकर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा रही है।
पृष्ठभूमि
- लोक शिकायत निवारण सरकार और नागरिक के बीच विश्वास का एक प्रमुख माध्यम है। केंद्र सरकार में इसकी निगरानी प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) करता है, जो कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है।
- केंद्र सरकार समय-समय पर विशेष अभियान चलाती है, ताकि लंबित शिकायतों, अपीलों और पुरानी फाइलों का एक निश्चित अवधि में निपटान हो सके। विशेष अभियान 6.0 इसी श्रृंखला की एक कड़ी है।
- स्वच्छता ही सेवा अभियान प्रति वर्ष 15 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच चलाया जाता है। इसका संबंध स्वच्छ भारत मिशन से है, जिसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को हुई थी।
- सरकारी कार्यालयों में अभिलेखों का अनावश्यक संचय भंडारण स्थान, संसाधन और दक्षता, तीनों पर दबाव डालता है। इसलिए अभिलेख प्रतिधारण अनुसूची के अनुसार पुराने और अप्रचलित रिकॉर्ड की नियमित छंटनी आवश्यक मानी जाती है।
- आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) से संबंधित नीति और संस्थागत विकास का कार्य देखता है। इसकी स्थापना नवंबर 2014 में स्वतंत्र मंत्रालय के रूप में हुई।
- सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और डिजिटल प्रशासन (जैसे ई-ऑफिस) ने फाइल-प्रबंधन और पारदर्शिता को नई दिशा दी है, जिससे सरकारी अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
लोक शिकायत निवारण और स्वच्छता आधारित प्रशासनिक दक्षता क्या है?
- लोक शिकायत वह औपचारिक शिकायत है जिसे नागरिक किसी सरकारी विभाग या सेवा में हुई कमी के विरुद्ध दर्ज कराते हैं। यदि निर्णय से असंतोष हो, तो संबंधित प्राधिकारी के समक्ष लोक शिकायत अपील की जा सकती है।
- CPGRAMS एक केंद्रीकृत ऑनलाइन प्रणाली है, जिसके माध्यम से नागरिक किसी भी केंद्रीय मंत्रालय या विभाग से संबंधित शिकायत दर्ज कर उसकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
- विशेष अभियान का उद्देश्य लंबित शिकायतों और फाइलों का निश्चित समय-सीमा में निपटान, अभिलेखों की छंटनी और कार्यस्थल की सफाई को एक साथ आगे बढ़ाना है।
- अभिलेख छंटनी के दौरान अप्रचलित रिकॉर्ड को प्रतिधारण अनुसूची के अनुसार नष्ट या निपटाया जाता है। इस प्रक्रिया में स्थायी महत्व के अभिलेख सुरक्षित रखे जाते हैं।
- स्क्रैप निपटान से प्राप्त राशि सरकार के गैर-कर राजस्व में शामिल होती है। यह अनुपयोगी सामग्री के निपटान से होने वाली आय है, कर से प्राप्त राजस्व नहीं।
- स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित न मानकर व्यवहार परिवर्तन, जन-जागरूकता और कर्मचारी कल्याण से जोड़ा गया है।
- ई-ऑफिस जैसी डिजिटल प्रणालियां भौतिक फाइलों की संख्या घटाकर अभिलेख प्रबंधन को सरल और पारदर्शी बनाती हैं।
- यह पहल सुशासन के उस व्यापक ढांचे का हिस्सा है, जिसमें सेवा-वितरण में समयबद्धता, उत्तरदायित्व और संसाधनों का मितव्ययी उपयोग प्रमुख लक्ष्य हैं।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| अभियान की अवधि और ढाँचा | विशेष अभियान 6.0 के तहत 2 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2026 तक लोक शिकायतों और अपीलों के निपटान पर केंद्रित कार्य हुआ, जो सरकारी कार्यालयों में समयबद्ध निपटान की समीक्षा-आधारित पद्धति को दर्शाता है। |
| लोक शिकायत निपटान | 309 लोक शिकायतों और 50 लोक शिकायत अपीलों का निपटान हुआ। इससे नागरिक-केंद्रित प्रशासन और शिकायत निवारण तंत्र की जवाबदेही का व्यावहारिक उदाहरण मिलता है। |
| अभिलेख प्रबंधन और फाइल हटाना | 1,525 फाइलों की समीक्षा कर उन्हें हटाया गया। इससे अप्रचलित अभिलेखों की छँटाई (Weeding) और व्यवस्थित अभिलेख प्रबंधन की प्रक्रिया स्पष्ट होती है। |
| कार्यालय स्थान की बचत | स्क्रैप और अप्रचलित अभिलेखों के निपटान से लगभग 1,030 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ। यह सरकारी संपत्ति के बेहतर उपयोग का सूचक है। |
| स्क्रैप निपटान से राजस्व | स्क्रैप निपटान से 1.89 लाख रुपये (1,89,298 रुपये) अर्जित हुए। सामान्य वित्तीय नियम (General Financial Rules, GFR) के अंतर्गत अनुपयोगी सामग्री के निपटान की प्रक्रिया इसी का आधार है। |
| स्वच्छता ही सेवा (SHS) 2026 से संबंध | 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चले स्वच्छता ही सेवा अभियान में भागीदारी के तहत 32 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयाँ (CTU) चिह्नित की गईं, जिनमें से 20 को बदला गया। यह कार्यस्थल स्वच्छता को संस्थागत रूप देने का प्रयास है। |
महत्व
प्रशासनिक दक्षता
- लंबित लोक शिकायतों और अपीलों का समयबद्ध निपटान प्रशासनिक जवाबदेही और सेवा-वितरण की गुणवत्ता बढ़ाता है।
- फाइलों की नियमित समीक्षा और छँटाई से निर्णय-प्रक्रिया तेज होती है और अनावश्यक अभिलेखों का बोझ घटता है।
संसाधन प्रबंधन और राजकोषीय पक्ष
- अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप के निपटान से सरकारी संसाधनों का मूल्य वसूलना सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण उपयोग का उदाहरण है।
- कार्यालय स्थान की बचत से किराये या नए निर्माण की आवश्यकता पर दबाव घटता है, जिससे व्यय का प्रबंधन बेहतर होता है।
सामाजिक और स्वास्थ्य पक्ष
- कार्यस्थल की स्वच्छता सार्वजनिक स्वास्थ्य और कर्मचारियों के कार्य-वातावरण से जुड़ी है।
- सफाई कर्मचारियों की भागीदारी और सम्मान से इस क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित होता है।
पर्यावरणीय पक्ष
- स्वच्छ भारत दिवस पर 31 पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चुनौतियाँ
1. लंबित शिकायतों का दबाव
- बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों और अपीलों का निपटान अभियान की अवधि तक सीमित रहने पर नियमित प्रणाली में स्थायी सुधार पर प्रश्न उठता है।
- शिकायत निवारण की गुणवत्ता केवल संख्या से तय नहीं होती; समाधान का संतोषजनक होना भी आवश्यक है।
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार; लोक सेवा में जवाबदेही; नागरिक चार्टर
2. अभिलेख प्रबंधन की संस्थागत कमी
- फाइलों को अभियान के दौरान हटाना तभी उचित है जब अवधारण-अनुसूची (Retention Schedule) और निपटान के नियम स्पष्ट हों।
- अभिलेखों के अनुचित निपटान से भविष्य में सूचना-अधिकार, न्यायिक प्रक्रिया या ऐतिहासिक साक्ष्य पर असर पड़ सकता है।
यूपीएससी लिंक: प्रशासनिक सुधार; सूचना का अधिकार; सुशासन
3. स्वच्छता का अभियान-आधारित स्वरूप
- स्वच्छता गतिविधियाँ विशेष अभियानों तक सीमित रहने पर दैनिक रखरखाव और निरंतरता कमजोर हो सकती है।
- कार्यस्थल स्वच्छता के लिए स्पष्ट मानक, निगरानी और संसाधन आवंटन की आवश्यकता होती है।
यूपीएससी लिंक: स्वच्छ भारत मिशन; सार्वजनिक स्वास्थ्य; शासन में निगरानी तंत्र
4. सफाई कर्मचारियों का कल्याण
- सफाई कर्मचारियों की भागीदारी को मान्यता देना महत्वपूर्ण है, पर उनके सुरक्षा उपकरण, कार्य-दशा और सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
- मैनुअल स्कैवेंजिंग से जुड़े संवेदनशील मुद्दे इस क्षेत्र की नीति-चुनौतियों का हिस्सा हैं।
यूपीएससी लिंक: सामाजिक न्याय; श्रमिक कल्याण; संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा
5. राजस्व-आधारित दृष्टि की सीमा
- स्क्रैप निपटान से प्राप्त राशि अपेक्षाकृत छोटी है, इसलिए इसे संसाधन सृजन की मुख्य रणनीति मानना उचित नहीं होगा।
- अभिलेखों और सामग्री के निपटान में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
यूपीएससी लिंक: सार्वजनिक वित्त; सरकारी व्यय और राजस्व प्रबंधन
चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| निरंतरता | विशेष अभियान की समाप्ति के बाद शिकायत निपटान और सफाई की गति घट सकती है। |
| अभिलेखों का नियमित निपटान | बिना स्पष्ट नियमों के फाइल हटाने से दस्तावेजी साक्ष्य और सूचना-अधिकार पर असर पड़ सकता है। |
| समाधान की गुणवत्ता | शिकायतों की संख्या घटना और उनके वास्तविक समाधान के बीच अंतर बना रह सकता है। |
| कर्मचारी कल्याण | सफाई कर्मचारियों की सम्मानजनक कार्य-दशा और सुरक्षा पर निरंतर ध्यान आवश्यक है। |
| वित्तीय पारदर्शिता | स्क्रैप निपटान की प्रक्रिया में मूल्य-निर्धारण और लेखा-संबंधी पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। |
सरकारी पहल — प्रीलिम्स हेतु अवश्य याद रखें
- स्वच्छता ही सेवा (Swachhta Hi Seva, SHS) 2026
- विशेष अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0)
आगे की राह
- लोक शिकायतों के निपटान को अभियान-मोड से हटाकर नियमित निगरानी प्रणाली में शामिल किया जाए, जिसमें समय-सीमा और समीक्षा बैठकें निश्चित हों।
- शिकायत निवारण पोर्टल (CPGRAMS) पर दर्ज मामलों के समाधान की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन किया जाए।
- फाइलों की छँटाई के लिए एक समान अवधारण-अनुसूची और निपटान-नियम सभी मंत्रालयों में लागू हों, ताकि अभिलेख-हानि का जोखिम न रहे।
- अभिलेखों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जाए, जिससे भौतिक स्थान की बचत और खोज की सुविधा दोनों सुनिश्चित हों।
- स्क्रैप निपटान में खुली बोली और पारदर्शी मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि सार्वजनिक संपत्ति का उचित मूल्य मिले।
- स्वच्छता कार्य को दैनिक रखरखाव के मानकों से जोड़ा जाए और उसकी नियमित निगरानी हो।
- सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधान सुनिश्चित किए जाएँ।
- कार्यस्थल पर पौधारोपण और पर्यावरणीय पहलों को स्थायी कार्यक्रम के रूप में विकसित किया जाए।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
लोक शिकायत निवारण (Public Grievance Redressal) · CPGRAMS (केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली) · प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) · अभिलेख प्रबंधन (Record Management) · सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 (Public Records Act, 1993) · नागरिक-केंद्रित शासन (Citizen-centric Governance) · सेवोत्तम मॉडल (Sevottam Model) · स्वच्छता ही सेवा (Swachhta Hi Seva) · संचित निधि (Consolidated Fund of India) · सफाई कर्मचारी कल्याण (Welfare of Sanitation Workers) · मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) · अभियान-आधारित शासन (Campaign-mode Governance)
संवैधानिक व नीतिगत संबंध
- अनुच्छेद 51क(छ) — पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण का मूल कर्तव्य
- अनुच्छेद 47 — जन स्वास्थ्य सुधार का राज्य का दायित्व
अवधारणा प्रवाह
विशेष अभियान 6.0 के तहत लंबित लोक शिकायतों और अपीलों की समीक्षा और निपटान → फाइलों की छँटाई से अप्रचलित अभिलेखों की पहचान और उनका हटाया जाना → स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्री के निपटान से कार्यालय स्थान की बचत और राजस्व प्राप्ति → स्वच्छता ही सेवा 2026 के माध्यम से स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों में सफाई और जन जागरूकता गतिविधियाँ → सफाई कर्मचारियों की भागीदारी, मान्यता और पौधारोपण से पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का सुदृढ़ीकरण → प्रशासनिक दक्षता, संसाधन प्रबंधन और नागरिक-केंद्रित कार्य-वातावरण का विकास
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. CPGRAMS एक ऑनलाइन लोक शिकायत प्रणाली है, जिसका संचालन लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा किया जाता है।
2. सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों के अभिलेखों के प्रबंधन से संबंधित है।
3. आयुष मंत्रालय की स्थापना वर्ष 2014 में एक स्वतंत्र मंत्रालय के रूप में की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- केवल तीन
- सभी चार
उत्तर: केवल तीन — कथन 1 सही है: CPGRAMS लोक शिकायत विभाग (DARPG), कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत संचालित ऑनलाइन प्रणाली है। कथन 2 सही है: सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों के अभिलेखों के प्रबंधन और संरक्षण का प्रावधान करता है। कथन 3 सही है: नवंबर 2014 में आयुष को स्वतंत्र मंत्रालय का दर्जा दिया गया।
Q2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन (A): सरकारी कार्यालयों में अप्रचलित और अनुपयोगी सामान (स्क्रैप) के निपटान से प्राप्त राशि गैर-कर राजस्व के रूप में सरकार की आय बनती है।
कारण (R): संविधान के अनुच्छेद 266(1) के अंतर्गत भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व और ऋण संचित निधि में जमा किए जाते हैं।
उपर्युक्त कथन (A) और कारण (R) के संबंध में सही उत्तर चुनिए:
- (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- (A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- (A) सही है, किंतु (R) गलत है
- (A) गलत है, किंतु (R) सही है
उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है — स्क्रैप निपटान से प्राप्त राशि गैर-कर राजस्व के अंतर्गत आती है, इसलिए कथन (A) सही है। अनुच्छेद 266(1) के अनुसार भारत सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, ऋण और उधार की राशि संचित निधि में जाती है, जो कारण (R) को सही बनाता है और (A) की व्याख्या करता है।
Q3. भारत के संविधान में नागरिकों के किस मौलिक कर्तव्य के अंतर्गत प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार का दायित्व निर्धारित किया गया है?
- अनुच्छेद 48A
- अनुच्छेद 51A(g)
- अनुच्छेद 51A(h)
- अनुच्छेद 42
उत्तर: अनुच्छेद 51A(g) — अनुच्छेद 51A(g) नागरिकों को वन, झील, नदी और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार का मौलिक कर्तव्य सौंपता है। अनुच्छेद 48A राज्य के नीति-निदेशक तत्व से संबंधित है, इसलिए वह नागरिक कर्तव्य नहीं है। अनुच्छेद 51A(h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानववाद से संबंधित है।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ लोक शिकायतों के समयबद्ध निपटारे और अभिलेख प्रबंधन जैसे अभियान-आधारित उपाय प्रशासनिक दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन को कितना सुदृढ़ करते हैं? आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। साथ ही उत्तर दीजिए कि यदि ऐसे अभियान केवल संख्यात्मक लक्ष्यों की पूर्ति तक सीमित रह जाएं, तो शासन की गुणवत्ता और नागरिक के अनुभव पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर संरचना (लगभग 250 शब्द):
1. भूमिका: हाल के विशेष अभियान 6.0 के आंकड़े (2 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2026 के बीच 309 लोक शिकायतें और 50 अपीलें निपटाई गईं, 1,525 फाइलें हटाई गईं, लगभग 1,030 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली हुआ, स्क्रैप निपटान से 1,89,298 रुपये राजस्व मिला) का संदर्भ दें। स्पष्ट करें कि यह प्रशासनिक सुधार का एक नमूना है।
2. संस्थागत ढांचा: CPGRAMS (DARPG) के माध्यम से लोक शिकायत निवारण; लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 का उल्लेख; सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 7 में 30 दिन की समय-सीमा; दूसरे प्रशासनिक सुधार आयोग (2nd ARC) की सिफारिशें; सेवोत्तम मॉडल (2006) जो सेवा वितरण की गुणवत्ता, शिकायत निवारण और सेवा-प्रतिबद्धता पर केंद्रित है।
3. अभिलेख प्रबंधन: सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, 1993 और राष्ट्रीय अभिलेखागार की भूमिका; सामान्य वित्तीय नियम (GFR), 2017 के अंतर्गत अनुपयोगी सामग्री का निपटान; संचित निधि (अनुच्छेद 266) में राजस्व जमा होने की प्रक्रिया।
4. पक्ष में तर्क: अभियान-आधारित सफाई से अतिरिक्त कार्यालय स्थान, बेहतर रिकॉर्ड-पुनर्प्राप्ति और लंबित मामलों में कमी; मैक्स वेबर की नौकरशाही संरचना में नियमबद्धता और दक्षता पर बल; अभियान से जनता और कर्मचारियों की सहभागिता बढ़ती है।
5. विपक्ष में तर्क और आलोचना: माइकल लिप्स्की की ‘स्ट्रीट-लेवल ब्यूरोक्रेसी’ अवधारणा के अनुसार कर्मचारी समय-सीमा पूरी करने के लिए शिकायत को औपचारिक रूप से बंद कर सकते हैं; गुडहार्ट का नियम कि जब मापदंड लक्ष्य बन जाए तो वह अपना अर्थ खो देता है; फाइलों की संख्या या स्थान जैसे भौतिक संकेतक नागरिक-परिणाम को नहीं मापते; अभियान समाप्त होने पर सुधार टिकाऊ न रहने का जोखिम; सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण (मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रतिषेध अधिनियम, 2013; राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अधिनियम, 1993) की आवश्यकता।
6. निष्कर्ष और समाधान: अभियान को स्थायी प्रणाली (डिजिटल ट्रैकिंग, प्रदर्शन-आधारित समीक्षा, नागरिक फीडबैक) से जोड़ना; अनुच्छेद 51A(g) के पर्यावरणीय कर्तव्य और स्वच्छता को नागरिक-भागीदारी से जोड़ना; परिणाम-आधारित मूल्यांकन पर बल देते हुए संतुलित निष्कर्ष।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
Related guides on our sites
- Anthropology VS PSIR
- Best PSIR optional coaching
- Best PSIR optional coaching online
- Best PSIR optional teacher
- SIMBEX-2026: India-Singapore Maritime Exercise Enhances Strategic Ties - October 27, 2026
- आयुष मंत्रालय ने विशेष अभियान 6.0 में 309 शिकायतों का निपटारा किया - October 27, 2026
- Corporate Affairs Ministry Exceeds Cleanliness Campaign 6 Targets - October 27, 2026

No Comments