08 Oct हौथी विद्रोही संगठन ने रियाद हवाईअड्डे पर किया बैलिस्टिक मिसाइल हमला
✎ यमन संघर्ष मध्य पूर्व में एक जटिल गृहयुद्ध है जिसमें हूती विद्रोही और सऊदी अरब समर्थित सरकार शामिल है, जिसके क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर गंभीर परिणाम हैं।
विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है
- GS Paper II — अंतर्राष्ट्रीय संबंध | GS Paper III — आंतरिक सुरक्षा
- Prelims: यमन संघर्ष, हूती विद्रोही, सऊदी अरब, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम, क्षेत्रीय सुरक्षा
- Essay: मध्य पूर्व में संघर्ष और अस्थिरता के वैश्विक निहितार्थ, क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप: एक विश्लेषण
त्वरित पुनरावृत्ति: यमन संघर्ष मध्य पूर्व में एक जटिल गृहयुद्ध है जिसमें हूती विद्रोही और सऊदी अरब समर्थित सरकार शामिल है, जिसके क्षेत्रीय सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर गंभीर परिणाम हैं।
यह खबर चर्चा में क्यों?
यमन के हूती समूह ने रणनीतिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandeb Strait) के पास सरकारी बलों के खिलाफ मिसाइल हमले किए। यह घटनाक्रम 2022 में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद से सबसे बड़े तनावों में से एक को चिह्नित करता है, जिसने यमन में प्रमुख शत्रुता को काफी हद तक रोक दिया था।
पृष्ठभूमि
- यमन संघर्ष की शुरुआत 2014 के अंत में हुई थी, जब हूतियों ने यमन की राजधानी सना और उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
- 2015 में, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया, जिसका मुख्यालय अब अदन में है।
- यह संघर्ष मध्य पूर्व में ईरान और सऊदी अरब के बीच व्यापक क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता का एक हिस्सा माना जाता है.
- बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, जिससे यह वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
- संघर्ष ने यमन में एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है, जिससे लाखों लोग विस्थापित हुए हैं और खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
- संयुक्त राष्ट्र ने संघर्ष को समाप्त करने और मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए हैं, जिसमें 2022 का युद्धविराम भी शामिल है, जिसने कुछ समय के लिए बड़ी शत्रुता को कम किया था।
- हूती विद्रोही अक्सर सऊदी अरब के नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है।
यमन संघर्ष क्या है?
- यमन संघर्ष एक बहुआयामी गृहयुद्ध है जिसमें विभिन्न स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं।
- यह मुख्य रूप से हूती आंदोलन और यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ा जा रहा है, जिसे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन प्राप्त है।
- हूती, जिन्हें आधिकारिक तौर पर अंसार अल्लाह के नाम से जाना जाता है, यमन में एक शिया इस्लामी राजनीतिक और सैन्य संगठन है।
- संघर्ष ने यमन को दो प्रमुख नियंत्रण क्षेत्रों में विभाजित कर दिया है: उत्तर में हूती-नियंत्रित क्षेत्र और दक्षिण में सरकार-नियंत्रित क्षेत्र।
- इस संघर्ष के क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर निहितार्थ हैं, विशेष रूप से लाल सागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों पर।
- संघर्ष के कारण यमन में बड़े पैमाने पर विस्थापन, खाद्य असुरक्षा, बीमारी और बुनियादी ढांचे का विनाश हुआ है, जिससे यह दुनिया के सबसे खराब मानवीय संकटों में से एक बन गया है।
- विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठन और देश संघर्ष को समाप्त करने और शांति स्थापित करने के लिए राजनयिक प्रयास कर रहे हैं।
- संघर्ष में बाहरी हस्तक्षेपों ने इसे और जटिल बना दिया है, जिससे शांति प्रक्रिया में बाधा आ रही है।
मुख्य विशेषताएँ
| विशेषता | महत्व |
|---|---|
| हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल हमले | यह यमन में चल रहे संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाता है, जिसका सऊदी अरब और व्यापक मध्य पूर्व पर प्रभाव पड़ता है। |
| रियाद हवाई अड्डे पर हमला | नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इससे नागरिक उड्डयन तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होते हैं। |
| सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की जवाबी कार्रवाई | यह संघर्ष के बढ़ते चक्र को दर्शाता है, जिसमें दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे मानवीय संकट और गहरा रहा है। |
| 2022 के संयुक्त राष्ट्र-मध्यस्थता वाले युद्धविराम का उल्लंघन | यह दर्शाता है कि शांति प्रयासों के बावजूद संघर्ष अभी भी सक्रिय है और किसी भी समय बढ़ सकता है, जिससे शांति प्रक्रियाएँ बाधित होती हैं। |
| अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी | यह क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाता है, जिससे वाणिज्यिक उड़ानों पर असर पड़ सकता है और आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं। |
महत्व
भू-राजनीतिक महत्व
- यह घटना यमन संघर्ष के क्षेत्रीय विस्तार को दर्शाती है, जहाँ हूती विद्रोही सऊदी अरब के भीतर नागरिक और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
- यह मध्य पूर्व में अस्थिरता को बढ़ाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित प्रभाव पड़ सकता है।
- यह संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय अभिकर्ताओं द्वारा शांति प्रयासों की नाजुकता को उजागर करता है, क्योंकि युद्धविराम का बार-बार उल्लंघन हो रहा है।
आर्थिक महत्व
- रियाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डे पर हमले से हवाई यातायात बाधित होता है, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश प्रभावित होता है।
- क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के कारण बीमा लागत बढ़ सकती है और एयरलाइंस के परिचालन में बाधा आ सकती है।
- दीर्घकालिक अस्थिरता से विदेशी निवेश में कमी आ सकती है और क्षेत्र की आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मानवीय महत्व
- संघर्ष का बढ़ना यमन में पहले से ही गंभीर मानवीय संकट को और गहराता है, जहाँ लाखों लोग भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता से वंचित हैं।
- नागरिक ठिकानों पर हमलों से निर्दोष नागरिकों की जान जाती है और उन्हें विस्थापित होना पड़ता है, जिससे मानवीय सहायता अभियानों में बाधा आती है।
- क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण शरणार्थी संकट बढ़ सकता है, जिससे पड़ोसी देशों पर दबाव बढ़ सकता है।
चुनौतियाँ
1. यमन संघर्ष का समाधान
- संघर्ष के विभिन्न पक्षों के बीच विश्वास की कमी और राजनीतिक समाधान तक पहुँचने में कठिनाई।
- बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप जो संघर्ष को लंबा खींचता है और शांति प्रयासों को जटिल बनाता है।
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2. क्षेत्रीय सुरक्षा
- मिसाइल और ड्रोन हमलों से नागरिक ठिकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।
- हवाई क्षेत्र की सुरक्षा और वाणिज्यिक उड़ानों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना।
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3. अंतर्राष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार
- नागरिक ठिकानों पर हमलों के लिए जवाबदेही तय करना और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन सुनिश्चित करना।
- संघर्ष क्षेत्रों में मानवाधिकारों का उल्लंघन रोकना और पीड़ितों को न्याय दिलाना।
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4. मानवीय सहायता
- संघर्ष क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुँचाने में बाधाएँ और सुरक्षा चुनौतियाँ।
- लाखों विस्थापित लोगों और प्रभावित आबादी के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी।
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चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण
| मुद्दा | चिंता |
|---|---|
| यमन में गृहयुद्ध | यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बना हुआ है, जिससे सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देश प्रभावित हो रहे हैं। |
| नागरिक ठिकानों पर हमले | हवाई अड्डों जैसे नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है और इससे निर्दोष नागरिकों की जान को खतरा होता है। |
| संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम का उल्लंघन | यह दर्शाता है कि शांति प्रक्रियाएँ नाजुक हैं और संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक स्थायी राजनीतिक समाधान की आवश्यकता है। |
| क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र की सुरक्षा | मिसाइल हमलों की धमकियाँ वाणिज्यिक उड़ानों के लिए जोखिम पैदा करती हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ और अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रभावित होती है। |
| बढ़ता मानवीय संकट | यमन में संघर्ष ने एक गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है, जिससे लाखों लोगों को भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। |
आगे की राह
- संघर्ष के सभी पक्षों के बीच एक स्थायी और व्यापक युद्धविराम स्थापित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में वार्ता को फिर से शुरू करना।
- यमन में एक समावेशी राजनीतिक समाधान खोजने के लिए सभी हितधारकों को शामिल करना, जिसमें हूती विद्रोही और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार दोनों शामिल हों।
- नागरिक ठिकानों पर हमलों को रोकने और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सभी पक्षों पर दबाव डालना।
- यमन में मानवीय सहायता अभियानों के लिए सुरक्षित और अबाधित पहुँच सुनिश्चित करना, ताकि प्रभावित आबादी तक आवश्यक सहायता पहुँच सके।
- क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और मिसाइल तथा ड्रोन हमलों के जोखिम को कम करने के लिए सहयोग बढ़ाना।
- क्षेत्रीय शक्तियों को यमन संघर्ष में हस्तक्षेप कम करने और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करना।
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा यमन के पुनर्निर्माण और स्थिरता के लिए दीर्घकालिक सहायता प्रदान करना।
यूपीएससी मूल्य-संवर्धन
मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड
यमन संघर्ष · हूती विद्रोही · सऊदी अरब · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · क्षेत्रीय सुरक्षा · बैलिस्टिक मिसाइल · नागरिक ठिकानों पर हमला · संयुक्त राष्ट्र शांति प्रयास · मानवीय संकट · भू-राजनीतिक प्रभाव · मध्य पूर्व · आतंकवाद
अवधारणा प्रवाह
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच चल रहा संघर्ष। → हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के नागरिक ठिकानों (जैसे रियाद हवाई अड्डा) पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले। → सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा जवाबी सैन्य कार्रवाई, जिससे संघर्ष का बढ़ना। → संयुक्त राष्ट्र-मध्यस्थता वाले युद्धविराम का उल्लंघन, जिससे शांति प्रयासों में बाधा। → क्षेत्रीय अस्थिरता, हवाई क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएँ और मानवीय संकट का गहराना।
प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न
Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हूती विद्रोही यमन में एक शिया इस्लामी राजनीतिक और सैन्य संगठन हैं।
2. सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य हस्तक्षेप किया था।
3. बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है, जो वैश्विक शिपिंग के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।
उपरोक्त में से कितने कथन सही हैं?
- केवल एक
- केवल दो
- सभी तीन
- कोई नहीं
उत्तर: सभी तीन — कथन 1 सही है। हूती विद्रोही यमन में ज़ायदी शिया इस्लाम से संबंधित एक समूह हैं। कथन 2 सही है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में 2015 में हस्तक्षेप किया था। कथन 3 सही है। बाब अल-मंदेब एक रणनीतिक चोकपॉइंट है जो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा शिपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है।
Q2. अभिकथन (A): यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर मिसाइल हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
कारण (R): हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन करके राजनीतिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।
- A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सत्य हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सत्य है, लेकिन R असत्य है।
- A असत्य है, लेकिन R सत्य है।
उत्तर: A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है। — अभिकथन (A) सही है क्योंकि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को बाधित करते हैं और संघर्ष को बढ़ाते हैं। कारण (R) भी सही है क्योंकि हूती विद्रोही अक्सर ऐसे हमलों का उपयोग अपनी ताकत दिखाने और वार्ता में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए करते हैं। R, A की सही व्याख्या भी है क्योंकि ये हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा इसलिए हैं क्योंकि वे हूतियों के राजनीतिक उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किए जाते हैं।
मुख्य अभ्यास प्रश्न
✍ यमन संघर्ष की उत्पत्ति और इसके क्षेत्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। हाल ही में सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हुए हमलों के आलोक में इस संघर्ष के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन कीजिए। (15 Marks)
रूपरेखा: उत्तर में यमन संघर्ष की उत्पत्ति (2014 में हूतियों द्वारा सना पर कब्जा, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का 2015 में हस्तक्षेप) और इसमें शामिल प्रमुख पक्षों (हूती, यमन सरकार, सऊदी गठबंधन, ईरान का कथित समर्थन) का उल्लेख होना चाहिए। इसके क्षेत्रीय प्रभावों (सऊदी अरब पर हमले, शिपिंग मार्गों पर खतरा, पड़ोसी देशों में अस्थिरता) और अंतर्राष्ट्रीय प्रभावों (मानवीय संकट, वैश्विक तेल आपूर्ति पर प्रभाव, आतंकवाद का उदय) पर विस्तार से चर्चा करें। संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों (2022 का युद्धविराम, शांति वार्ता, मानवीय सहायता) का विवरण दें और हालिया हमलों के संदर्भ में उनकी प्रभावशीलता का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें, जिसमें चुनौतियों और सीमाओं पर प्रकाश डाला जाए।
स्रोत: orissapost.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।
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