दिल्ली प्रदूषण: GRAP स्टेज III प्रतिबंध और दिवाली से पहले जहरीली धुंध

दिल्ली प्रदूषण: GRAP स्टेज III प्रतिबंध और दिवाली से पहले जहरीली धुंध

दिल्ली प्रदूषण: GRAP स्टेज III प्रतिबंध और दिवाली से पहले जहरीली धुंध

प्रासंगिकता — UPSC & State PCS: Environment

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दिल्ली में प्रदूषण: GRAP स्टेज III और दिवाली से पहले की चुनौतियाँ

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दिल्ली एक बार फिर जहरीली धुंध की चपेट में है, जहाँ GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के स्टेज III प्रतिबंध दिवाली से ठीक पहले लागू हो गए हैं। यह स्थिति राजधानी में वायु गुणवत्ता के गंभीर स्तर को दर्शाती है, जहाँ निवासी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। GRAP का स्टेज III लागू होना इस बात का संकेत है कि स्थिति ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है, जिसके तहत निर्माण गतिविधियों पर रोक, ईंट भट्टों और हॉट मिक्स प्लांटों का संचालन बंद करना तथा कुछ वाहनों पर प्रतिबंध जैसे उपाय किए जाते हैं। यह हर साल दिवाली के आसपास एक recurring समस्या बन गई है, जो पराली जलाने, वाहनों के उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण जैसे कारकों के कारण और भी गंभीर हो जाती है।

यह विषय UPSC और राज्य PCS उम्मीदवारों के लिए पर्यावरण अनुभाग के तहत अत्यंत प्रासंगिक है। प्रारंभिक परीक्षा में वायु प्रदूषण के कारण, GRAP के विभिन्न चरण और उनके प्रावधानों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में, यह पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, आपदा प्रबंधन (वायु प्रदूषण को एक प्रकार की धीमी आपदा के रूप में देखा जा सकता है), और शासन के तहत नीतियों के कार्यान्वयन और उनकी प्रभावशीलता पर निबंध या विश्लेषणात्मक प्रश्नों का आधार बन सकता है। इसके अतिरिक्त, यह भारत में शहरीकरण की चुनौतियों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं पर भी प्रकाश डालता है।

इस स्थिति का विश्लेषण करते समय, हमें न केवल तात्कालिक उपायों, बल्कि दीर्घकालिक समाधानों पर भी ध्यान देना होगा। इसमें पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर पराली जलाने की समस्या का स्थायी समाधान, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देना, और औद्योगिक उत्सर्जन मानकों को कड़ाई से लागू करना शामिल है। यह मुद्दा केवल दिल्ली का नहीं, बल्कि पूरे उत्तरी भारत का है, जो वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण की मांग करता है। उम्मीदवारों को इस समस्या के बहुआयामी पहलुओं, इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का गहन अध्ययन करना चाहिए।

स्रोत: ndtv.com

अभ्यास प्रश्न

Q1. दिल्ली में वायु प्रदूषण के संदर्भ में, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण III के तहत निम्नलिखित में से कौन से प्रतिबंध लागू किए जाते हैं?

  1. केवल निजी वाहनों पर प्रतिबंध लगाना।
  2. निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना (कुछ विशिष्ट परियोजनाओं को छोड़कर)।
  3. स्कूलों और कॉलेजों को बंद करना।
  4. केवल औद्योगिक इकाइयों को बंद करना।
उत्तर

निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना (कुछ विशिष्ट परियोजनाओं को छोड़कर)। — ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण III के तहत, दिल्ली में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, हालांकि कुछ विशिष्ट परियोजनाओं को इससे छूट दी जा सकती है। यह वायु प्रदूषण के गंभीर स्तरों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है।

Q2. दिल्ली में ‘टॉक्सिक स्मॉग’ का मुख्य कारण क्या है, विशेषकर दिवाली से पहले के दिनों में?

  1. केवल औद्योगिक उत्सर्जन।
  2. पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना और वाहनों का उत्सर्जन।
  3. केवल वाहनों का उत्सर्जन।
  4. केवल निर्माण गतिविधियों से धूल।
उत्तर

पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना और वाहनों का उत्सर्जन। — दिल्ली में ‘टॉक्सिक स्मॉग’ का मुख्य कारण कई कारकों का संयोजन है, जिसमें पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना और वाहनों का उत्सर्जन प्रमुख हैं। दिवाली से पहले, पटाखों का धुआँ भी इस समस्या को बढ़ा देता है।


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