मुंबई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी क्यों? मध्य प्रदेश का क्या है संबंध?

मुंबई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी क्यों? मध्य प्रदेश का क्या है संबंध?

मुंबई में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी क्यों? मध्य प्रदेश का क्या है संबंध?

मुंबई में रिकॉर्ड हीटवेव के कारणमानसून शीघ्र वापसी3 अक्टूबरआकाश साफ होनासूर्य की सीधी किरणेंप्रतिचक्रवात प्रभावगर्म हवाएँअल नीनो सक्रियप्रशांत महासागरऊष्ण लहर घोषितIMD द्वारास्वास्थ्य जोखिम बढ़नालू, निर्जलीकरण
मुंबई में रिकॉर्ड हीटवेव के कारण

✎ मानसून की शीघ्र वापसी, मध्य प्रदेश-गुजरात पर प्रतिचक्रवात से शुष्क हवाएँ और देर से आती समुद्री समीर, साथ में शक्तिशाली अल नीनो मिलकर मुंबई में अक्टूबर की रिकॉर्ड ऊष्ण लहर का कारण बने; तटीय क्षेत्र में 37 डिग्री सेल्सियस की सीमा…

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विषय प्रासंगिकता — यह टॉपिक कहाँ आता है

  • GS Paper I — भूगोल (जलवायु विज्ञान और मौसम विज्ञान)  |  GS Paper III — आपदा प्रबंधन (ऊष्ण लहर एक अधिसूचित आपदा है)  |  GS Paper III — पर्यावरण (जलवायु परिवर्तन और चरम मौसमी घटनाएँ)
  • Prelims: अल नीनो (El Niño) और ENSO की अवधारणा, प्रतिचक्रवात (Anticyclone) और उसकी दिशा (उत्तरी गोलार्ध में घड़ी की सुई की दिशा में प्रवाह), दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी (मुंबई में सामान्य तिथि लगभग 10-11 अक्टूबर), भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) — ऊष्ण लहर की घोषणा के मानदंड, तटीय क्षेत्रों में ऊष्ण लहर की सीमा (37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान और सामान्य से वृद्धि), समुद्री समीर (Sea Breeze) और तटीय शहरों के तापमान पर उसका प्रभाव, पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी दिशा से आने वाली नम हवाएँ
  • Essay: बदलता मौसम चक्र और शहरी जोखिम: जब मानसून की वापसी और चरम तापमान एक साथ आते हैं, जलवायु परिवर्तन के दौर में तटीय महानगरों की ऊष्मा-सहनशीलता और आपदा तैयारी

त्वरित पुनरावृत्ति: मानसून की शीघ्र वापसी, मध्य प्रदेश-गुजरात पर प्रतिचक्रवात से शुष्क हवाएँ और देर से आती समुद्री समीर, साथ में शक्तिशाली अल नीनो मिलकर मुंबई में अक्टूबर की रिकॉर्ड ऊष्ण लहर का कारण बने; तटीय क्षेत्र में 37 डिग्री सेल्सियस की सीमा को ऊष्ण लहर का मानदंड माना जाता है।

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यह खबर चर्चा में क्यों?

अक्टूबर 2026 के पहले पखवाड़े में मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिन का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। 11 अक्टूबर को सांताक्रूज़ वेधशाला में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक था और 2015 के बाद अक्टूबर का सबसे गर्म दिन रहा। इसके बाद भी तापमान लगातार ऊँचा रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और पालघर को ऊष्ण लहर की श्रेणी में रखा। इस असामान्य गर्मी के पीछे कई कारक बताए गए हैं, जिनमें मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर बना प्रतिचक्रवात, मानसून की शीघ्र वापसी और अल नीनो की स्थिति प्रमुख हैं। इसलिए यह घटना स्थानीय पवन-प्रणाली, मानसूनी चक्र और वैश्विक जलवायु दशाओं के आपसी संबंध को समझने का उत्तम उदाहरण है।

पृष्ठभूमि

  • मुंबई में मानसून की वापसी इस वर्ष 3 अक्टूबर को हो गई, जबकि इसकी सामान्य तिथि लगभग 10-11 अक्टूबर मानी जाती है। मानसून की शीघ्र वापसी से आकाश साफ़ हुआ और सूर्य की किरणें अधिक सीधी पड़ने लगीं।
  • अक्टूबर में सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत तिरछी होती हैं, परंतु मानसून के बाद के महीनों में उनकी तीव्रता बढ़ जाती है। इसी कारण मानसून-पश्चात की उमस भरी गर्मी को अक्टूबर की गर्मी कहा जाता है।
  • मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर प्रतिचक्रवात के कारण उत्तर-पश्चिम और पश्चिम दिशा से शुष्क और गर्म हवाएँ आईं। इन हवाओं ने तटीय क्षेत्र की नम समुद्री हवा को आने से रोका।
  • अल नीनो (El Niño) प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भाग में समुद्री सतह के असामान्य रूप से गर्म होने की प्रक्रिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष का शक्तिशाली अल नीनो भी इस अक्टूबर की गर्मी में एक संभावित कारक रहा।
  • भारत में ऊष्ण लहर के प्रभाव को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत अधिसूचित आपदा के रूप में देखा जाता है, इसलिए राज्य और ज़िला स्तर पर चेतावनी और बचाव की व्यवस्था की जाती है।

ऊष्ण लहर और अक्टूबर की असामान्य गर्मी क्या है?

  • ऊष्ण लहर (Heatwave) वह स्थिति है जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान सामान्य से काफ़ी अधिक हो जाए। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मानदंडों के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर और तटीय स्टेशनों पर 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर, सामान्य से वृद्धि के साथ, ऊष्ण लहर घोषित की जाती है।
  • प्रतिचक्रवात (Anticyclone) उच्च वायुदाब का क्षेत्र है, जिसमें उत्तरी गोलार्ध में हवाएँ घड़ी की सुई की दिशा में बाहर की ओर चलती हैं। इससे आकाश प्रायः साफ़ रहता है और नमी वाली हवाएँ रुक जाती हैं।
  • दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी सामान्यतः सितंबर के मध्य में पश्चिमी राजस्थान से शुरू होती है और अक्टूबर तक पूरे देश से निकल जाती है। वापसी के समय वर्षा रुकती है, आकाश साफ़ होता है और तापमान बढ़ता है।
  • समुद्री समीर (Sea Breeze) दिन के समय समुद्र से स्थल की ओर चलने वाली ठंडी हवा है। यह तटीय शहरों के तापमान को नियंत्रित करती है। इसके देर से आने पर तटीय शहर अधिक गर्म अनुभव करते हैं।
  • अल नीनो (El Niño) ENSO (El Niño-Southern Oscillation) का एक चरण है, जिसमें प्रशांत महासागर की सतह असामान्य रूप से गर्म होती है। इसका प्रभाव भारतीय मानसून और मौसमी तापमान पर पड़ सकता है।
  • मुंबई के सांताक्रूज़ (उपनगरीय) और कोलाबा (द्वीपीय शहर) वेधशालाएँ शहर के अलग-अलग भागों का तापमान दर्ज करती हैं। इनके आँकड़े ऊष्ण लहर की घोषणा और तापमान के रिकॉर्ड के लिए आधार बनते हैं।
  • दक्षिण-पूर्वी दिशा से आने वाली नम हवाएँ और पश्चिमी विक्षोभ के बाद वर्षा से तापमान में गिरावट आती है, जैसा कि मुंबई में 17 अक्टूबर से होने वाली बारिश की संभावना में देखा गया।

मुख्य विशेषताएँ

Feature Significance
सांता क्रूज़ वेधशाला में 11 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस अधिक; 2015 के बाद अक्टूबर का सबसे गर्म दिन। 2015 में 17 अक्टूबर को 38.6 डिग्री दर्ज हुआ था
अक्टूबर के पहले सप्ताह में लगातार ऊँचा तापमान (विशेषकर उपनगरीय वेधशाला में 38.2 डिग्री) मुंबई ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। पिछले 11 वर्षों में 38 डिग्री का स्तर केवल 2015 और अक्टूबर 2018 में दर्ज हुआ है
दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात पर प्रतिचक्रवात (Anticyclone) का प्रभाव घड़ी की सुई की दिशा में (उत्तरी गोलार्द्ध में) चलने वाली शुष्क और गर्म पश्चिमोत्तर हवाएँ मुंबई तक पहुँचीं
3 अक्टूबर को मानसून की वापसी (सामान्य तिथि लगभग 10-11 अक्टूबर) मानसूनी बादलों के हटने से सूर्य की तीखी किरणें सीधे धरती तक पहुँचीं और ऊष्मा बढ़ी
समुद्री समीर (Sea Breeze) के आगमन में देरी और बादलों का अभाव शहर को ठंडक देने वाली हवा नहीं मिली, जिससे गर्मी सीधी और अधिक तीव्र महसूस हुई
प्रबल एल नीनो (El Niño) की संभावित भूमिका प्रशांत महासागर की सतही गर्मी से वायुमंडलीय परिसंचरण बदलता है। इसे मानसून की शीघ्र वापसी और असामान्य गर्मी से जोड़ा गया है

महत्व

मौसम विज्ञान और जलवायु

  • यह घटना दर्शाती है कि स्थानीय परिसंचरण (पवन दिशा, प्रतिचक्रवात) और वैश्विक जलवायु संकेतक (एल नीनो) मिलकर किसी एक शहर का तापमान कैसे बदल सकते हैं।
  • भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने मुंबई, ठाणे और पालघर को ऊष्ण लहर की श्रेणी में रखा, जिससे स्पष्ट होता है कि अक्टूबर में भी ऊष्ण लहर की घोषणा संभव है।
  • मानसून की वापसी की तिथि में बदलाव से मौसमी चक्र के पूर्वानुमान की चुनौती सामने आती है।

सार्वजनिक स्वास्थ्य

  • लगातार उच्च तापमान और आर्द्रता से लू, निर्जलीकरण और हृदय व श्वसन संबंधी रोगों का खतरा बढ़ता है, विशेषकर बुज़ुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मज़दूरों के लिए।
  • तटीय नगरों में आर्द्रता के कारण शरीर की पसीने से ठंडा होने की क्षमता घटती है, इसलिए तापमान सूचकांक के साथ आर्द्रता पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

शहरी प्रशासन और ऊर्जा माँग

  • बढ़ते तापमान से शीतलन (कूलिंग) के लिए बिजली की माँग बढ़ती है, जिससे विद्युत आपूर्ति और वितरण प्रणाली पर दबाव पड़ता है।
  • घनी आबादी वाले शहर में कंक्रीट और कम हरित आवरण ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) को बढ़ाते हैं।

आपदा प्रबंधन

  • आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत ऊष्ण लहर को राज्य-विशेष आपदा के रूप में अधिसूचित किया जा सकता है, जिससे राज्य और जिला स्तर पर तैयारी की जिम्मेदारी तय होती है।
  • चेतावनी प्रणाली (जैसे पीला अलर्ट) समय पर जारी होने से आम नागरिक और प्रशासन दोनों सावधानी बरत सकते हैं।

चुनौतियाँ

1. मौसम पूर्वानुमान की सटीकता

  • स्थानीय पवन दिशा, प्रतिचक्रवात और समुद्री समीर जैसे सूक्ष्म कारकों का पूर्वानुमान करना कठिन होता है।
  • एल नीनो जैसे वैश्विक संकेतक का स्थानीय तापमान पर प्रभाव सीधा और तुरंत नहीं दिखता, इसलिए पूर्वानुमान में अनिश्चितता रहती है।

2. मानसून की वापसी में परिवर्तन

  • इस वर्ष मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को हुई, जबकि मुंबई में सामान्य तिथि लगभग 10-11 अक्टूबर है।
  • मानसून की वापसी की तिथि बदलने से कृषि, जल भंडारण और शहरी जल आपूर्ति की योजना प्रभावित होती है।

3. शहरी ऊष्मा द्वीप और हरित आवरण की कमी

  • कंक्रीट, डामर और सघन निर्माण से दिन में अधिक ऊष्मा अवशोषित होती है और रात में धीरे-धीरे छोड़ी जाती है।
  • तटीय हवाओं के मार्ग में अवरोध आने से समुद्री समीर का शीतलन प्रभाव घट जाता है।

4. सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारी

  • गर्मी से होने वाले रोगों की निगरानी, अस्पतालों की तैयारी और जन-जागरूकता अभियान की आवश्यकता होती है।
  • दिहाड़ी और खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए विश्राम और छाया की व्यवस्था सीमित रहती है।

5. ऊर्जा माँग और आपूर्ति का दबाव

  • असामान्य गर्मी में शीतलन उपकरणों की माँग अचानक बढ़ती है और पीक लोड पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा की परिवर्तनशीलता के कारण पीक माँग का प्रबंधन जटिल हो जाता है।

चुनौतियाँ — यूपीएससी दृष्टिकोण

Issue Concern
पूर्वानुमान की अनिश्चितता स्थानीय और वैश्विक कारकों के संयोजन से अल्पकालिक पूर्वानुमान कठिन
मानसून की वापसी में बदलाव कृषि चक्र, जल भंडारण और शहरी जल आपूर्ति की योजना बिगड़ना
शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव कंक्रीट और हरित आवरण की कमी से रात में भी तापमान ऊँचा रहना
स्वास्थ्य जोखिम बुज़ुर्गों, बच्चों और श्रमिकों में लू और निर्जलीकरण के मामले बढ़ना
बिजली की पीक माँग शीतलन उपकरणों के कारण वितरण प्रणाली पर अचानक दबाव

आगे की राह

  • ऊष्ण लहर की चेतावनी को स्थानीय भाषा में, मोबाइल संदेश और सार्वजनिक प्रसारण के माध्यम से समय पर पहुँचाया जाए।
  • मुंबई जैसे तटीय महानगरों के लिए आर्द्रता-आधारित ऊष्मा सूचकांक (Heat Index) को चेतावनी प्रणाली में शामिल किया जाए।
  • शहरी नियोजन में हरित पट्टियों, छायादार सार्वजनिक स्थलों और शीतल छतों (Cool Roofs) को बढ़ावा दिया जाए।
  • तटीय हवाओं के प्रवाह मार्ग को ध्यान में रखकर भवन-निर्माण नियम तय किए जाएँ, ताकि समुद्री समीर का मार्ग अवरुद्ध न हो।
  • मानसून की वापसी और एल नीनो जैसे संकेतकों की निगरानी को अल्पकालिक पूर्वानुमान मॉडल में अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जाए।
  • अस्पतालों और आपातकालीन सेवाओं में गर्मी से संबंधित रोगों के लिए अलग प्रोटोकॉल और संसाधन सुनिश्चित किए जाएँ।
  • पीक माँग के समय बिजली आपूर्ति की योजना पहले से बनाई जाए और माँग-प्रबंधन उपायों को प्रोत्साहित किया जाए।
  • आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और नगर निकायों के बीच समन्वय तंत्र को मज़बूत किया जाए।

यूपीएससी मूल्य-संवर्धन

मुख्य परीक्षा उत्तर-लेखन हेतु कीवर्ड

ऊष्मा लहर (Heatwave) · एल नीनो (El Niño) · दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) · मानसून की वापसी (Monsoon Withdrawal) · प्रति-चक्रवात (Anticyclone) · समुद्री समीर (Sea Breeze) · शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) · भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) · राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) · ऊष्मा लहर पर राष्ट्रीय दिशानिर्देश (National Guidelines on Heat Wave) · राज्य ऊष्मा कार्य योजना (State Heat Action Plan) · जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

अवधारणा प्रवाह

एल नीनो जैसे वैश्विक संकेतक से प्रशांत महासागर का सतही तापमान और वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित होता है।  →  मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को, सामान्य तिथि से पहले, हो जाती है और आकाश साफ़ हो जाता है।  →  अरब सागर की ओर से आने वाली समुद्री समीर देर से पहुँचती है, क्योंकि प्रतिचक्रवात से शुष्क और गर्म पश्चिमोत्तर हवाएँ चलती हैं।  →  सूर्य की सीधी किरणों और शुष्क हवाओं से मुंबई का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है और सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक दर्ज होता है।  →  भारत मौसम विज्ञान विभाग ऊष्ण लहर की चेतावनी जारी करता है और स्वास्थ्य व आपदा प्रबंधन तंत्र सक्रिय होता है।  →  17 अक्टूबर से दक्षिण-पूर्वी दिशा से आने वाली नम हवाओं और वर्षा-गर्जन के साथ तापमान में गिरावट का अनुमान है।

प्रारंभिक अभ्यास प्रश्न

Q1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल नीनो की स्थिति में मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर की सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है।
2. प्रति-चक्रवात (Anticyclone) के केंद्र के चारों ओर उत्तरी गोलार्ध में हवाएँ घड़ी की सुई की दिशा में चलती हैं।
3. समुद्री समीर (Sea Breeze) रात में स्थल से समुद्र की ओर चलती है और दिन में समुद्र से स्थल की ओर।

उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?

  1. केवल एक
  2. केवल दो
  3. केवल तीन
  4. सभी

उत्तर: केवल दो — कथन 1 सही है: एल नीनो में पूर्वी और मध्य प्रशांत के सतही जल गर्म होते हैं। कथन 2 सही है: प्रति-चक्रवात में उत्तरी गोलार्ध में हवाएँ घड़ी की सुई की दिशा में चलती हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि दिन में समुद्री समीर समुद्र से स्थल की ओर और रात में स्थल से समुद्र की ओर चलती है।

Q2. प्रकथन (A): मुंबई में अक्टूबर के महीने में असामान्य ऊष्मा का अनुभव हुआ, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी सामान्य तिथि से पहले हो गई।
कारण (R): मानसून की वापसी के बाद आकाश मेघ-रहित होने से सूर्य की किरणें सीधे धरती तक पहुँचती हैं और दैनिक तापमान बढ़ता है।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए:

  1. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।
  2. (A) और (R) दोनों सही हैं, पर (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. (A) सही है, परंतु (R) गलत है।
  4. (A) गलत है, परंतु (R) सही है।

उत्तर: (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है। — मानसून की वापसी के बाद बादल कम होने से सूर्यातप (Insolation) बढ़ता है, जिससे तापमान ऊपर जाता है। समाचार के अनुसार मुंबई में मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को हुई, जबकि सामान्य तिथि 10-11 अक्टूबर के आसपास होती है, और इसी से ऊष्मा का प्रभाव सामने आया।

Q3. निम्नलिखित सुमेलों पर विचार कीजिए:

सूची I (अवधारणा)
1. एल नीनो
2. प्रति-चक्रवात
3. समुद्री समीर
4. पश्चिमी विक्षोभ

सूची II (विवरण)
A. उच्च दाब क्षेत्र, जिसमें हवाएँ नीचे उतरती हैं और प्रायः आकाश स्वच्छ रहता है
B. भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतही जल के तापमान में असामान्य वृद्धि
C. दिन में समुद्र से स्थल की ओर चलने वाली ठंडी और नम हवा
D. पश्चिमी पवनों में पूर्व की ओर बढ़ने वाले निम्न दाब तंत्र, जो उत्तर-पश्चिमी भारत में शीत-ऋतु की वर्षा लाते हैं

सही सुमेलन का चयन कीजिए:

  1. 1-A, 2-B, 3-C, 4-D
  2. 1-B, 2-C, 3-A, 4-D
  3. 1-B, 2-A, 3-C, 4-D
  4. 1-C, 2-A, 3-B, 4-D

उत्तर: 1-B, 2-A, 3-C, 4-D — एल नीनो (1) का संबंध प्रशांत महासागर के सतही जल के गर्म होने से है (B)। प्रति-चक्रवात (2) उच्च दाब क्षेत्र है, जिसमें अवतलन और स्वच्छ आकाश होता है (A)। समुद्री समीर (3) दिन में समुद्र से स्थल की ओर चलती है (C) और पश्चिमी विक्षोभ (4) पश्चिमी पवनों के निम्न दाब तंत्र हैं (D)।

मुख्य अभ्यास प्रश्न

✍ मुंबई में अक्टूबर की असामान्य ऊष्मा से स्पष्ट होता है कि किसी महानगर का तापमान केवल स्थानीय कारकों से नहीं, बल्कि दूरस्थ और वृहत् वायुमंडलीय प्रणालियों से भी तय होता है। इस घटना में प्रति-चक्रवात, मानसून की वापसी और एल नीनो की भूमिका की विवेचना कीजिए। साथ ही बताइए कि ऐसे शहरी ऊष्मा संकट से निपटने के लिए कौन-से संस्थागत और नीतिगत उपाय अपेक्षित हैं। (15 Marks)

रूपरेखा: उत्तर संरचना:
(1) परिचय: 11 अक्टूबर को सांताक्रूज़ वेधशाला में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान, जो सामान्य से 4.9 डिग्री अधिक था और 2015 के बाद का सबसे गर्म अक्टूबर दिन था (2015 में 17 अक्टूबर को 38.6 डिग्री); IMD द्वारा मुंबई, ठाणे और पालघर में ऊष्मा लहर घोषित करना।
(2) वायुमंडलीय कारक: (क) प्रति-चक्रवात: दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात पर स्थित प्रति-चक्रवात से घड़ी की सुई की दिशा में हवाएँ, जो राजस्थान की ओर से शुष्क और गर्म हवा लाती हैं; उत्तरी गोलार्ध में प्रति-चक्रवात की दिशा का सैद्धांतिक आधार। (ख) समुद्री समीर का विलंब: शुष्क हवा से ठंडक देने वाली समुद्री समीर का रुकना; स्कायमेट के महेश पलावत का मत। (ग) मानसून की वापसी: सामान्यतः राजस्थान से 17 सितंबर के आसपास शुरू होती है; मुंबई में सामान्य तिथि 10-11 अक्टूबर, जबकि इस वर्ष 3 अक्टूबर को हुई; मेघ-रहित आकाश से सीधी धूप।
(3) एल नीनो की भूमिका: ENSO चक्र; प्रशांत के सतही जल का गर्म होना; भारतीय मानसून पर प्रभाव और वापसी में असामान्यता; प्राकृतिक परिवर्तनशीलता बनाम मानवजनित जलवायु परिवर्तन; किसी एक घटना के लिए सीधे कारण-निर्धारण की सीमाएँ, और वैज्ञानिक सहमति कि तीव्र ऊष्मा घटनाएँ बढ़ रही हैं।
(4) शहरी आयाम: शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव; कंक्रीट और सीमित हरित आवरण; घनी आबादी; वेधशाला के आँकड़ों में स्थानीय विविधता (सांताक्रूज़ बनाम कोलाबा, 35 और 34 डिग्री का पूर्वानुमान)।
(5) नीतिगत उपाय: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ऊष्मा लहर पर राष्ट्रीय दिशानिर्देश (2016); राज्य ऊष्मा कार्य योजनाएँ, जिनमें अहमदाबाद की ऊष्मा कार्य योजना (2013) को भारत में अग्रणी उदाहरण माना जाता है; राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्य योजना (2008) का राष्ट्रीय सतत आवास मिशन; चेतावनी प्रणाली और शहरी हरित आवरण; आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत राज्य-विशिष्ट आपदा घोषित करने का प्रावधान।
(6) संतुलित निष्कर्ष: प्राकृतिक चक्रों और मानवीय योजना दोनों की भूमिका; पूर्वानुमान में सुधार और शहरी योजना को जोड़ने की आवश्यकता।

स्रोत: The Indian Express

Maharashtra PCS (MPSC) — राज्य PCS अभ्यास

Prelims: मुंबई में हाल ही में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने का प्रमुख कारण क्या है?

  1. मध्य प्रदेश से आने वाली गर्म हवाओं का प्रभाव
  2. मुंबई में बढ़ता प्रदूषण स्तर
  3. मुंबई में वनों की कटाई में वृद्धि
  4. मुंबई में मानसून की देरी

उत्तर: मध्य प्रदेश से आने वाली गर्म हवाओं का प्रभाव — मध्य प्रदेश से आने वाली गर्म हवाओं के कारण मुंबई में तापमान में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है।

Mains: मुंबई में हाल ही में देखे गए रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारणों का विश्लेषण करते हुए, मध्य प्रदेश से आने वाली गर्म हवाओं के प्रभाव की व्याख्या कीजिए। इसके अलावा, महाराष्ट्र सरकार द्वारा इस स्थिति से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का मूल्यांकन कीजिए।


शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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